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आईसीसी की टेस्ट टीम में रोहित, अश्विन और पंत शामिल, सबसे ज्यादा तीन खिलाड़ी भारत और पाकिस्तान के

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वनडे और टी-20 के बाद आईसीसी ने साल 2021 की टेस्ट टीम का भी एलान कर दिया है। टेस्ट टीम में भारत के तीन खिलाड़ियों को जगह दी गई है। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, विकेटकीपर ऋषभ पंत और ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन आईसीसी की टेस्ट टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। इस टीम में सबसे ज्यादा तीन-तीन खिलाड़ी भारत और पाकिस्तान के हैं। वहीं न्यूजीलैंड के केन विलियमसन को टीम की कमान सौंपी गई है।

आईसीसी की वनडे और टी-20 टीम में भारत के किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन टेस्ट टीम में तीन खिलाड़ियों ने जगह बनाई है। भारतीय टीम ने 2021 में बहुत कम वनडे मैच खेले थे और टी-20 वर्ल्डकप में टीम इंडिया का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा था। इसी वजह से इन दोनों टीम में भारत का कोई खिलाड़ी जगह नहीं बना पाया। हालांकि टेस्ट टीम में रोहित, अश्विन और पंत को शामिल किया गया है।

आईसीसी की टेस्ट टीम में सबसे ज्यादा तीन-तीन खिलाड़ी भारत और पाकिस्तान के हैं। वहीं 2021 में टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली न्यूजीलैंड टीम के कप्तान केन विलियमसन को टीम की कमान सौंपी गई है। उनके अलावा काइल जेमीसन टीम में दूसरे कीवी खिलाड़ी हैं। पाकिस्तान के हसन अली, फवाद आलम और शाहीन अफरीदी इस टीम में शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट और श्रीलंका के दिमुथ करुणारत्ने भी टीम का हिस्सा हैं।
आईसीसी पुरुष टेस्ट टीम ऑफ द ईयर
खिलाड़ी देश 2021 में मैच रन/विकेट
दिमुथ करुणारत्ने श्रीलंका 7 902 रन
रोहित शर्मा भारत 11 906 रन
मार्नस लाबुशेन ऑस्ट्रेलिया 5 526 रन
जो रूट इंग्लैंड 15 1708 रन
केन विलियमसन (कप्तान) न्यूजीलैंड 4 395 रन
फवाद आलम पाकिस्तान 9 571 रन
ऋषभ पंत भारत 12 748 रन
रविचंद्रन अश्विन भारत 9 355 रन, 54 विकेट
काइल जेमीसन न्यूजीलैंड 5 105 रन, 27 विकेट
हसन अली पाकिस्तान 8  41 विकेट
शाहीन अफरीदी पाकिस्तान 9 47 वि

सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के एक्टर Arun Verma का निधन

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बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, अक्षय कुमार के साथ स्क्रीन शेयर चुके अरुण वर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. भोपाल के रहने वाले अरुण वर्मा का पीपल्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था.  गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. अरुण वर्मा ने अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सलमान खान और संजय दत्त के अलावा कई बड़े सितारों के साथ काम किया था.

अरुण वर्मा के दोस्त ने दी निधन की जानकारी

कवि उदय दहिया ने फेसबुक अकाउंट पर अरुण वर्मा के निधन की जानकारी शेयर की है. उन्होंने लिखा- बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा  है कि मेरे मित्र अभिनेता अरुण वर्मा का आज सुबह भोपाल में निधन हो गया है. भगवान उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. ओम शांति शांति शांति…

अरुण वर्मा ने सलमान खान की फिल्म किक में काम किया था. थियेटर से अरुण वर्मा का काफी लगाव था, वे इसकी बारीकियों को सीखने मशहूर रंगकर्मी बव कारंत के पास गए थे. वे उनके शिष्य थे.

मध्‍य प्रदेश में कोरोना के रैपिड टेस्ट पर रोक, 150 रुपये में निजी लैब से आरटी-पीसीआर जांच कराएगी सरकार

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भोपाल,। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमितों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है। संक्रमण नियंत्रित करने की खातिर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अब रैपिड एंटीजन टेस्‍ट के बजाय आरटी-पीसीआर जांच पर ही फोकस कर रहा है। इसकी वजह यह है कि रैपिड जांच की सटीकता कम है। लिहाजा सरकार ने रैपिड एंटीजन टेस्ट पर रोक लगा दी है। अब प्रदेश सरकार आरटी-पीसीआर टेस्ट पर फोकस कर रही है। फीवर क्‍लीनिक के अलावा मोबाइल टेस्टिंग वैन से आरटी-पीसीआर की जांच होगी। संभवत: हफ्ते भर के भीतर यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर के जरिए आउटसोर्स लैब का चयन किया है। इसमें 150 रुपये प्रति सैंपल के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग की ओर से आउटसोर्स कंपनी को भुगतान किया जाएगा। ये मोबाइल आरटी-पीसीआर टेस्ट लैब जबलपुर, छतरपुर और शहडोल जैसे जिलों में तैनात की जाएंगी। स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाडे ने सभी जिलों के कलेक्टर, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को पत्र लिखकर आरटी-पीसीआर सैंपल का डेली टारगेट और मैप की गई लैब की सूची भेजी है। मालूम हो कि कोरोना संकट के शुरूआती दौर में प्रदेश में जांच की व्यवस्था न होने पर आउटसोर्स कंपनी से 1980 रुपये प्रति सैंपल के हिसाब से जांच करानी पड़ रही थी।

रोज होगी 75 हजार सैंपलों की जांच
आदेश के मुताबिक प्रदेश में रोज 75 हजार सैंपल की आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। इसके लिए जिलों को रोज के टारगेट के साथ ही सरकारी मेडिकल कालेज की लैब और आउटसोर्स लैब को मैप किया गया है। तीन आउटसोर्स लैब को जांच का काम सौंपा गया है। मेडिकल कालेज की लैब से मैप जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन जिलों के सैंपल डायरेक्ट आउटसोर्स लैब में जांचने के लिए भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री के पास किसानों और पूर्व सीएम से मिलने का समय नहीं है, मैं धरने पर बैठूंगा-दिग्विजय सिंह

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भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को एक दिन पहले मुलाकात का समय देने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मिलने से इन्कार कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मुलाकात का दिन शुक्रवार को सवा 11बजे तय किया गया था लेकिन अब बताया गया है कि मुख्यमंत्री की अन्य व्यवस्थाओं के कारण भी मुलाकात नहीं कर पाएंगे। इसको लेकर दिग्विजय सिंह ने नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि वह शुक्रवार को निर्धारित समय पर मुख्यमंत्री आवास जाएंगे यदि मुलाकात नहीं की तो वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे।

वीडियो संदेश में दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास किसानों से मिलने के लिए समय नहीं है, वह पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य से भी नहीं मिलना चाहते हैं। हम उनसे टेम और सुठालिया परियोजना के अंतर्गत डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों की समस्याओं के संबंध में मिलना चाहते हैं। किसानों को बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है या उनके साथ अन्याय है। मैं 21 जनवरी को निर्धारित समय पर मुख्यमंत्री आवास जाऊंगा। यदि वे नहीं मिले तो मुझे कोई एतराज नहीं है। मैं वही बैठूंगा गिरफ्तार करना है तो गिरफ्तार कर लीजिए लेकिन इस तरह का बर्ताव महंगा पड़ेगा।

मध्य प्रदेश जेल विभाग में भी दिया जाएगा उच्च पदों का प्रभार

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भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 से पदोन्नति बंद होने के कारण उच्च पद पर पहुंचे बिना सेवानिवृत्त होते जा रहे अधिकारियों-कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था बनाई गई है। गृह के बाद इसे अब जेल विभाग में भी लागू किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने मध्य प्रदेश जेल नियम 1986 में नई धारा जोड़ी है। अन्य विभागों में भी इस संबंध में कार्यवाही चल रही है। अपर मुख्य सचिव जेल डा.राजेश राजौरा ने बताया कि अधिसूचना जारी करके नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब रिक्त पदों को भरने के लिए सहायक और उप अधीक्षक को प्रभारी बनाया जा सकेगा। इसी तरह प्रहरी को प्रभारी मुख्य प्रहरी, मुख्य प्रहरी को प्रभारी प्रमुख मुख्य प्रहरी और प्रमुख मुख्य प्रहरी को सहायक अधीक्षक जेल के रूप में काम करने के लिए आदेश दिए जा सकेंगे।

उच्च पद के प्रभार पर कार्य करने के दौरान वह न सिर्फ उच्चतर पद श्रेणी की वर्दी धारण कर सकेगा बल्कि अन्य अधिकारों का भी उपयोग करेगा। उच्च पद के प्रभार पर कार्य करने के दौरान कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। इससे संबंधित वह कोई दावा भी नहीं कर सकेगा।

राष्ट्र से ही हमारा अस्तित्व, आजादी के अमृत महोत्सव में अहिल्याबाई से लेकर रानी चेन्नम्मा को किया याद -पीएम

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देश में आज (गुरुवार) से ‘आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि यह कार्यक्रम स्वर्णिम भारत के लिए भावना और साधना है। उन्होंने कहा, ‘इसमें देश के लिए प्रेरणा और ब्रह्मकुमारियों के प्रयास भी हैं।’

राष्ट्र की प्रगति हमारी प्रगति

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति में ही हमारी प्रगति है। हमसे ही राष्ट्र का अस्तित्व है और राष्ट्र से ही हमारा अस्तित्व है। उन्होंने कहा, ‘ये भाव और बोध नए भारत के निर्माण में हम भारतवासियों की सबसे बड़ी ताकत बन रहा है।’ देश जो कुछ कर रहा है उसमें सबका प्रयास शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं, जिसमें भेदभाव की कोई जगह न हो। हम एक ऐसे भारत को उभरते देख रहे हैं, जिसकी सोच और अप्रोच नई है। जिसके निर्णय प्रगतिशील हैं।

मीराबाई और पन्नाधाय जैसी महान नारियां हुई

पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया जब अंधकार के गहरे दौर में थी।’ महिलाओं को लेकर पुरानी सोच में जकड़ी थी, तब भारत मातृशक्ति की पूजा, देवी के रूप में करता था। हमारे यहां गार्गी, मैत्रेयी, अनुसूया, अरुंधति और मदालसा जैसी विदुषियां समाज को ज्ञान देती थीं। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों से भरे मध्यकाल में भी इस देश में पन्नाधाय और मीराबाई जैसी महान नारियां हुईं। अमृत महोत्सव में भारत जिस स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को याद कर रहा है। उसमें भी कितनी ही महिलाओं ने अपने बलिदान दिए हैं।

देवियों ने भारत की पहचान बनाए रखी

उन्होंने कहा कि कित्तूर की रानी चेन्नम्मा, मतंगिनी हाजरा, रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, अहिल्याबाई होल्कर और सावित्रीबाई फुले तक, इन देवियों ने भारत की पहचान बनाए रखी। आज देश लाखों स्वाधीनता सेनानियों के साथ नारी शक्ति के योगदान को याद कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, अमृत काल का ये समय हमारे ज्ञान, शोध और इनोवेशन का समय है। हमें ऐसा भारत बनाना है जिसकी जड़ें प्रचीन परंपराओं और विरासत से जुड़ी होगी। जिसका विस्तार आधुनिकता के आकाश में अनंत तक होगा।

CM योगी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद

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यूपी के चुनावी समर में भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देने उतर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सदर से विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। गुरुवार को आजाद समाज पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से गुरुवार को ट्वीट कर इसका ऐलान किया गया। इस सीट पर उनका सीधा मुकाबला यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगा। इससे पहले भी नोएडा में हुई एक प्रेस कॉफ्रेंस में उन्होंने संकेत दिया था कि अगर उनकी पार्टी कहेगी तो वे मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं।

पार्टी के ट्वीट पर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद ने ट्वीट किया, “बहुत-बहुत आभार साधुवाद। पिछले 5 साल भी लड़ा हूं। अब भी लड़ूंगा। जय भीम, जय मण्डल। बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय।” इससे पहले इनकी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बात चल रही थी। लेकिन अखिलेश यादव ने इन्हें उतनी सीटें नहीं दीं, जितनी ये मांग रहे थे। इस बात से नाराज आजाद समाज पार्टी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। वहीं अगर समाजवादी पार्टी अब उसे 100 सीट भी देगी, तब भी वह उसके साथ गठबंधन नहीं करेगी।

आपको बता दें कि गोरखपुर आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है और यह बीजेपी के सबसे पुराने गढ़ में से एक है। बीजेपी ने 16 जनवरी को घोषणा की थी कि आदित्यनाथ गोरखपुर शहरी सीट से आगामी चुनाव लड़ेंगे। गोरखपुर शहरी सीट पर छठे चरण का मतदान 3 मार्च को होगा। जबकि वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। यूपी चुनाव के लिए सात चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा और यह 7 मार्च तक चलेगा।

हम ऐसा माहौल बनाएं कि अपराधी, माफिया नेस्तनाबूद हो जाएं- सीएम शिवराज

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भोपाल। । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज कलेक्टर-कमिश्नर, आइजी-एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सीएस, डीजीपी,एसीएस होम,एसीएस जीएडी एक्चुअल और कमिश्नर्स/कलेक्टर्स/ पुलिस महानिरीक्षक /पुलिस अधीक्षक वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए। गत बैठक 29 नवंबर ,2021 को हुई थी।

बैठक के दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि यह कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस जनता को सुशासन देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विकास, जनकल्याण, योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, बिना परेशानी सबको सेवा का लाभ मिले। मप्र शान्ति का टापू रहे। हम ऐसा माहौल बनाएं कि अपराधी, माफिया नेस्तनाबूद हो जाएं। हमने तय किया है कि 29 दिन कार्य करें और एक दिन उसकी समीक्षा करें। जो अच्छा काम करते हैं, मुझे और प्रदेश की जनता को खुशी होती है। गड़बड़ करना अक्षम्य अपराध है। हमारा परफॉर्मेंस लोगों के कल्याण से संबंधित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का माध्यम है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि वातावरण बिगाड़ने वाले एनजीओ को चिन्हित कर कार्रवाई करें। डकैतों को बिल्कुल न पनपने दें। शुरू में ही उन पर कड़ी कार्रवाई करें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अनेक जिलों में अपराधों पर नियंत्रण करने की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर बधाई दी है। उन्‍होंने कहा कि कड़ी कार्रवाई से ही हम अपराध शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपराधियों को सजा दिलवाने में बेहतर कार्य करने वाले रायसेन, दतिया, भिंड, शहडोल जिले को बधाई दी। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि सभी जिलों में चिन्हित अपराध के संबंध में हर माह समीक्षा बैठक का आयोजन हो। अपराधियों को सजा दिलाने सभी सक्षम प्रयास करें। तभी ऐसी समीक्षा सार्थक होगी।

मुख्यमंत्री ने मुस्‍कान अभियान के तहत गुम बालक-बालिकाओं की बरामदगी के संबंध में बेहतर कार्रवाई करने पर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, धार, सागर, बैतूल, देवास, अलीराजपुर, अशोकनगर और आगर मालवा जिले को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऑपरेशन मुस्कान चलता रहे, उसकी समीक्षा भी लगातार करते रहें। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को महिला अपराध रोकने के संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी कीमत पर महिला अपराध रोकना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भू- माफियाओं, बदमाशों और कब्जा करने वाले तत्वों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की और कहा कि हम किसी को भी आतंक का पर्याय नहीं बनने देंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने भू-माफियाओं पर कार्रवाई करने वाले अव्वल 5 जिलों शाजापुर, गुना, सीहोर,आगर और ग्वालियर को बधाई दी है। इन जिलों में भू माफियाओं से कुल 347 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है। गुना में सर्वाधिक 123 एकड़ भूमि मुक्त की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने छतरपुर, टीकमगढ़, जबलपुर, खरगोन और रतलाम जिले में अवैध रेत जप्त करने की प्रभावी कार्रवाईयों पर संतोष व्यक्त किया। मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने में ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, भिंड, सतना, आगर, दतिया, मुरैना, खरगोन, कटनी, शिवपुरी, भिंड, धार, बुराहनपुर, श्योपुर जिले में बेहतर कार्य हुआ है। सीएम ने कहा कि जनता में विश्वास का भाव लाना है कि इस दिशा में हम बेहतर कार्य कर रहे।

तमिलनाडु के पूर्व मंत्री केपी अंबलगन से जुड़े 57 ठिकानों पर चल रही छापेमारी

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चेन्नई : तमिलाडु में डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी करप्शन के अधिकारी अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। यह छापेमारी 57 ठिकानों पर चल रही है। रिपोर्ट के अनुसार विजिलेंस और एंटी करप्शन के अधिकारी यह छापेमारी तमिलनाडु के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री और एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता केपी अंबलगन के ठिकानों पर चल रही है। गौर करने वाली बात है कि केपी अंबलग के खिलाफ 11.32 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति का केस चल रहा है, माना जा रहा है कि यह छापेमारी इसी केस जुड़ी है।

भारत ने सुपरसोनिक ब्रह्मोस के नए संस्करण का किया परीक्षण, नई प्रौद्यागिकी से लैस प्रक्षेपास्त्र कामयाब रहा

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भारत ने गुरुवार को सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया। ओडिशा के बालासोर तट से इस मिसाइल को दागा गया।

इस ब्रह्मोस मिसाइल में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है। नियंत्रण प्रणाली सहित नई अतिरिक्त तकनीकों के साथ सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) लॉन्च पैड तृतीय से सुबह करीब 10.45 बजे परीक्षण किया गया। परीक्षण के विस्तृत आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।

इससे पहले 11 जनवरी को भारतीय नौसेना के आईएनएस विशाखापत्तनम युद्धपोत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था।

‘ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ के उन्नत समुद्र से समुद्र में वार करने वाले संस्करण का आज आईएनएस विशाखापत्तनम से परीक्षण किया गया। मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया।’ ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भारत और रूस के बीच एक संयुक्त उद्यम के तहत किया जा रहा है। इस संयुक्त उद्यम में डीआरडीओ भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व करता है। मिसाइल का परीक्षण आईएनएस विशाखापत्तनम से किया गया था, यह हाल ही में शामिल भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत है।

ब्रह्मोस भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की मुख्य हथियार प्रणाली है और इसे इसके लगभग सभी सतह प्लेटफार्मों पर तैनात किया गया है। इसका एक पानी के नीचे का संस्करण भी विकसित किया जा रहा है। ब्रह्मोस का उपयोग न केवल भारत की पनडुब्बियों द्वारा किया जाएगा, बल्कि मित्र देशों को निर्यात के लिए भी पेश किया जाएगा।