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भयंकर भूकंप के बाद फिर कांपी इंडोनेशिया की धरती, 6.8 तीव्रता के झटके से मची अफरातफरी

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इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दूसरी बार शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरी सुमात्रा में आए इस भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई जा रही है। इससे पहले पूर्वी इंडोनेशिया के पास 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत और व्यापक नुकसान की खबर सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी सुमात्रा में आए ताजा भूकंप की गहराई करीब 158 किलोमीटर थी। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने इसकी तीव्रता 6.4 दर्ज की, जबकि अन्य रिपोर्टों में इसे 6.8 बताया गया है।

इससे पहले शनिवार को फ्लोरेस द्वीप के पास 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। भूकंप के बाद कुछ इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इस घटना में इमारतों को नुकसान पहुंचा, भूस्खलन हुआ और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

लगातार आए इन शक्तिशाली भूकंपों के बाद इंडोनेशिया में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा ले रही हैं। अधिकारियों की ओर से आगे आने वाले झटकों को लेकर भी निगरानी जारी है।

स्वतंत्रता दिवस पर CM डॉ. यादव का संदेश, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं; विकास पर जोर

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स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों और महापुरुषों को नमन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश के लिए त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। आजादी के महानायकों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की प्रगति के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सुशासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अधोसंरचना के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में किसान, युवा, महिलाएं और श्रमिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रदेश की उन्नति और समृद्धि के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लेने की अपील की।

रायपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह, CM साय ने किया वीर सपूतों को नमन; विकास का लिया संकल्प

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान सपूतों को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। देश के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं का उल्लेख किया।

सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण, सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना और छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों से देश और राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में आकर्षक परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न विभागों की झांकियां भी प्रमुख आकर्षण रहीं। समारोह में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों से एकजुट होकर विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।

यूपी में स्वतंत्रता दिवस की धूम, CM योगी ने शहीद परिवारों को किया सम्मानित

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में देश के वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर सपूतों के योगदान को याद किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्श और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर शहीदों के परिवारों का सम्मान किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका आभार जताया और कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों का सम्मान करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों के परिजनों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों को याद करने का भी दिन है।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, देशवासियों को किया संबोधित

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देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र के नाम संबोधन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता अनगिनत देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। राष्ट्र हमेशा उनके योगदान को श्रद्धा के साथ याद करता रहेगा।

लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता की झलक देखने को मिली। समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, अधिकारी और आमंत्रित नागरिक मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत निरंतर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देशभर में लाइव प्रसारित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में भी ध्वजारोहण और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धि, 152 पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान

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स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा कर दी है। छत्तीसगढ़ के कुल 152 पुलिस अधिकारी और जवानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इनमें 141 को वीरता पदक, एक अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 10 को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा।

नक्सल विरोधी अभियानों में साहस का सम्मान
छत्तीसगढ़ को इस बार देशभर में सबसे अधिक 141 वीरता पदक मिले हैं। इनमें बड़ी संख्या उन पुलिस अधिकारियों और जवानों की है, जिन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।

IPS एमएल कोटवानी को विशिष्ट सेवा पदक
विशिष्ट सेवाओं के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं 10 अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें कमांडेंट गायत्री सिंह, ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. अर्चना झा और एएसपी दीपमाला कश्यप समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी उपलब्धि
पुलिस पदकों की यह घोषणा छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास तौर पर नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों के योगदान और साहस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। पदक पाने वाले अधिकारियों और जवानों को उनके असाधारण साहस, कर्तव्यपरायणता और सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा।

14 अगस्त को लेकर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- विभाजन से लाखों लोग हुए बेघर

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 1947 के भारत विभाजन को लेकर तत्कालीन नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश को यह याद रखना जरूरी है कि आजादी के पीछे सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि लाखों लोगों का दर्द, विस्थापन और हिंसा की भयावह त्रासदी भी छिपी थी।

नेहरू पर साधा निशाना
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विभाजन का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन की स्थिति बनने के बावजूद उनके पुनर्वास और सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों को अपना घर, जमीन और संपत्ति छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा।

‘आजादी के पीछे छिपा दर्द याद रखना जरूरी’
विजयवर्गीय ने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि देश की आजादी के पीछे कितना दर्द, पीड़ा और चीत्कार छिपी हुई थी। उन्होंने विभाजन के दौरान हुई हिंसा और जनहानि का जिक्र करते हुए कहा कि इस त्रासदी को इतिहास से मिटाया नहीं जाना चाहिए।

इतिहास से सबक लेने की अपील
मंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की त्रासदी से परिचित कराने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास से सबक लेकर देश को एकता, विकास और राष्ट्रहित की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी, ताकि विभाजन के दौरान पीड़ित लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को याद रखा जा सके।

राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने सराहना की, बोले- उनके विचार देश को नई दिशा देने वाले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संबोधन की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के विचारों को देश की सामूहिक प्रगति और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन में देश की उपलब्धियों, भविष्य की संभावनाओं और नागरिकों की जिम्मेदारियों पर महत्वपूर्ण बातें रखी गईं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने देशवासियों को उन महान बलिदानों की याद दिलाई, जिनकी बदौलत भारत ने स्वतंत्रता हासिल की।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से संभव है। उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के संबोधन को विचारोत्तेजक बताते हुए कहा कि इसमें भारत की सामूहिक प्रगति और भविष्य के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश नागरिकों को देश के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।

रक्षाबंधन पर लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा

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अगस्त 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने के बाद अब 28 अगस्त 2026 को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। खास बात यह है कि इस दिन देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण
साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, शुक्रवार को पड़ेगा। यह ग्रहण रक्षाबंधन के दिन होगा। खगोलीय गणना के मुताबिक ग्रहण की विभिन्न अवस्थाएं भारतीय समयानुसार सुबह से दोपहर तक रहेंगी।

भारत में दिखाई नहीं देगा ग्रहण
इस चंद्र ग्रहण को लेकर भारत में लोगों के लिए राहत की बात है। ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का कोई धार्मिक व्यवधान नहीं रहेगा।

राखी बांधने पर नहीं पड़ेगा असर
ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होने के कारण बहनें रक्षाबंधन के दिन सामान्य तरीके से भाइयों को राखी बांध सकेंगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण से जुड़े सूतक और अन्य नियम मुख्य रूप से उन स्थानों पर लागू माने जाते हैं जहां ग्रहण दिखाई देता है।

अगस्त में दो ग्रहण
अगस्त 2026 में कुल दो ग्रहण पड़ रहे हैं। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण और इसके करीब 16 दिन बाद 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होगा। दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे।

इसलिए भारत में रहने वाले लोगों के लिए रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण को लेकर किसी तरह की विशेष चिंता की जरूरत नहीं है। हालांकि, पूजा-पाठ और शुभ मुहूर्त से जुड़े निर्णय के लिए स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य की सलाह ली जा सकती है।

वनडे फॉर्मेट को बचाने के लिए ICC कर रहा बड़ी प्लानिंग

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वनडे फॉर्मेट को बचाने के लिए ICC कर रहा बड़ी प्लानिंग
टी20 क्रिकेट का आगाज हुए लगभग दो दशक का समय होने वाला है और इसकी लोकप्रियता पूरे वर्ल्ड में देखने को मिलती है। इसी वजह से मौजूदा दौर में लगभग हर क्रिकेट खेलने वाले बड़े देश में फ्रेंचाइजी टी20 लीग भी देखने को मिलती है। इसके चलते वनडे और टेस्ट फॉर्मेट पर इसका बुरा असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है जिसमें फैंस इनको लेकर अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में अब आईसीसी टेस्ट और वनडे के भविष्य को लेकर बड़ी प्लानिंग कर रहा है जिसको लेकर आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना मतलब के खेले जाने वाली टी20 सीरीज का कोई फ्यूचर नहीं है और ये जल्द ही बंद हो जाएगी।

वनडे की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है
आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए अपने बयान में कहा कि बिना किसी उद्देश्य और संदर्भ के आयोजित की जाने वाली द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीजों का दौर अब खत्म होना चाहिए। ऐसे में वनडे क्रिकेट केवल अस्तित्व बनाए रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी काफी मजबूत हो सकता है। क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में वनडे की अपनी स्पष्ट और महत्वपूर्ण भूमिका है, जो मेंस और महिला आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप से खासतौर पर जुड़ी हुई है। बता दें कि सूत्रों के अनुसार आईसीसी टेस्ट फॉर्मेट की तरह वनडे के लिए भी अगले वर्ल्ड कप से पहले एक अलग विंडो तैयार करने पर विचार कर रहा है ताकि इस फॉर्मेट को भी अहमियत मिल सके।
विंबलडन और गोल्फ जैसे खेलों से सीखना चाहिए

ICC सीईओ संजोग गुप्ता ने अपने बयान में आगे कहा कि क्रिकेट को टेनिस के विंबलडन और गोल्फ के द मास्टर्स जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आयोजन से सीखना चाहिए, जिन्होंने बदलाव के इस दौर में अपने खेल की सालों पुरानी परंपरा को बनाए रखा हुआ है, जिसमें फैंस अभी भी इन टूर्नामेंट के लिए दिलचस्पी रखते हैं। ग्लोबल लेवल पर क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी माध्यम फिलहाल टी20 क्रिकेट है, लेकिन इसके यह मायने नहीं कि वनडे और टेस्ट क्रिकेट के विकास की उपेक्षा की जाए। कुछ देशों में टेस्ट क्रिकेट के प्रशंसकों का वर्ग बेहद मजबूत है लेकिन जरूरत इस बात की है कि सदस्य देशों को भी ऐसे अवसर मिलें, जिनसे उनके यहां टेस्ट मैच बड़े और महत्वपूर्ण आयोजनों के रूप में स्थापित हो सकें।