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युवाओं को रोजगार और आधुनिक कौशल से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ नागरिकों को सुगम और प्रभावी सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की क्षमता और प्रतिभा को प्रदेश के विकास से जोड़ने के लिए कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों और रोजगार बाजार की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता के साथ मिले, इसके लिए सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा रहा है। तकनीक के बेहतर उपयोग से सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच आम नागरिकों तक तेजी से सुनिश्चित करने पर भी सरकार का फोकस है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार, कौशल विकास और सुगम नागरिक सेवाएं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं। सरकार युवाओं को अवसर देने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: अतिथि व्याख्याताओं की नीति में बदलाव, पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में शिक्षा, सिनेमा और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में अतिथि व्याख्याता नीति में संशोधन, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने से जुड़े निर्णय और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने के नियमों को मंजूरी दी गई।

अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में किए गए संशोधनों वाली नीति-2026 का कार्योत्तर अनुमोदन किया। संशोधित व्यवस्था के तहत मेरिट सूची में समान अंक प्राप्त करने वाले एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।

इसके अलावा अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों की व्यवस्था में राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 5 माह अध्यापन कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को भी 5 अंक देने का प्रावधान किया गया है। पहले राजकीय विश्वविद्यालय में अध्यापन अनुभव के लिए यह लाभ स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं था।

कैबिनेट ने राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उनके पूर्व कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का भी निर्णय लिया है। वहीं, मानदेय में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखंड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाएगी। अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े प्रावधान भी स्पष्ट किए गए हैं।

‘हनुमान अंश’ के टैक्स फ्री फैसले का अनुसमर्थन
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितंबर 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के अनुपालन में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया। इसके तहत फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश के लिए देय राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को की जाएगी।

पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण के नियम मंजूर
छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

अब इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तों, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

MP कैबिनेट के बड़े फैसले, दमोह-कटनी के बीच बनेगा विंध्य विकास पथ; सिंचाई और रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 29 सितंबर को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने दमोह-कटनी के बीच 105 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब ₹4,470 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग विंध्य विकास पथ का हिस्सा होगा और बुंदेलखंड तथा विंध्य-महाकौशल क्षेत्र के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया जाएगा।

चार सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। इनमें मां रतनगढ़-दतिया बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन परियोजना और बंडा वृहत सिंचाई परियोजना सहित परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण
कैबिनेट ने पांच वर्दीधारी विभागों की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला भी किया है। इसमें वन विभाग के आरक्षक, गृह विभाग के सामान्य आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आरक्षक पद शामिल हैं।

इसके अलावा स्कूल विद्यार्थियों की गणवेश के लिए DBT के माध्यम से ₹600 देने के लिए करीब ₹348 करोड़ की मंजूरी और स्वास्थ्य क्षेत्र में सिंगरौली में नए अस्पताल तथा छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट के इन फैसलों में सड़क और सिंचाई बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी जोर दिया गया है।

अमेरिका का Bharat को बड़ा फार्मा राहत पैकेज, कुछ विशेष दवाओं पर नहीं लगेगा 100% टैरिफ

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अमेरिका ने भारत समेत 20 देशों से आयात होने वाली कुछ विशेष श्रेणी की दवाओं और उनसे जुड़े फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का प्रावधान किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने कुछ पेटेंटेड फार्मास्युटिकल उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, जीरो-टैरिफ व्यवस्था में दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, न्यूक्लियर मेडिसिन, प्लाज्मा-आधारित उपचार, सेल और जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADC) तथा कुछ अन्य विशेष फार्मास्युटिकल उत्पाद शामिल हैं। इन दवाओं से जुड़े कुछ अवयव भी इस व्यवस्था के दायरे में आते हैं।

भारत के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए एक प्रमुख निर्यात बाजार है। हालांकि, यह छूट सभी भारतीय दवाओं पर लागू नहीं है। सामान्य जेनेरिक दवाओं और उनके संबंधित इंग्रीडिएंट्स को फिलहाल Section 232 के तहत लगाए गए फार्मास्युटिकल टैरिफ से अलग रखा गया है।

अमेरिका के इस फैसले से भारतीय दवा उद्योग को विशेष श्रेणी के उत्पादों के निर्यात में संभावित राहत मिलेगी। वहीं, पेटेंटेड दवाओं पर अमेरिकी टैरिफ नीति के व्यापक प्रभावों पर भारतीय फार्मा उद्योग की नजर बनी हुई है।

बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर

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दिल्ली में लंबे समय से प्रतीक्षित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का मंगलवार, 29 सितंबर को उद्घाटन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कॉरिडोर समेत दिल्ली की चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब ₹1,941 करोड़ बताई गई है।

बारापुला फेज-3 कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। यह मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़कर पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली और आगे AIIMS की ओर आवागमन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। पूरे बारापुला नेटवर्क की संयुक्त एलिवेटेड लंबाई करीब 9 से 10 किलोमीटर बताई गई है।

करीब ₹1,635 करोड़ की संशोधित लागत वाले इस प्रोजेक्ट में यमुना फ्लडप्लेन पर विशेष पुल, साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी शामिल हैं। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें कई वर्षों की देरी हुई।

कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क में सुधार की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, AIIMS की ओर यात्रा में लगने वाला समय भी कम हो सकता है, हालांकि वास्तविक समय बचत ट्रैफिक की स्थिति पर निर्भर करेगी।

UPI पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR को रोकने से इनकार

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UPI से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) को फिलहाल रोकने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI से जवाब मांगा है।

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार, UPI के अधिकांश लेनदेन इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। ₹2,000 तक के निर्दिष्ट व्यापारी भुगतान पर MDR लागू नहीं होगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के कुछ P2M लेनदेन इसके दायरे में आएंगे।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में इस व्यवस्था के कानूनी और तकनीकी आधार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की आगे की सुनवाई में MDR व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि खेती-किसानी का काम बेहतर तरीके से हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दिन में बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और वे अपनी फसलों की सिंचाई सुविधाजनक तरीके से कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ बिजली की उपलब्धता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक और बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराकर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

अशोक सिंघल ने श्रीराम मंदिर आंदोलन को जन-जन से जोड़ा, योगदान सदैव स्मरणीय: CM साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल के योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में जागरूकता पैदा करने में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रमुख प्रतीक हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय रहा है। इस दिशा में लंबे समय तक किए गए प्रयासों और सामाजिक सहभागिता ने मंदिर निर्माण की राह को मजबूत किया।

सीएम साय ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में समर्पित किया। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी स्मरण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आज देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर ने उठाए अहम मुद्दे, आतंकवाद पर भारत का रुख किया स्पष्ट

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति, आतंकवाद, युद्ध, समुद्री सुरक्षा और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते संघर्षों का असर केवल युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।

जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद को सामान्य नहीं किया जा सकता और आतंकवाद को समर्थन देने वाली सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार पर भी जोर दिया।

विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए व्यावसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा तथा ऊर्जा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया। यूक्रेन युद्ध को लेकर भी भारत ने शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया।

जयशंकर ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के समर्थन को भी दोहराया। साथ ही उन्होंने ग्लोबल साउथ के सामने खाद्य, ईंधन, उर्वरक और वित्त से जुड़ी चुनौतियों तथा वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत को रेखांकित किया।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी कहा कि प्रत्येक देश को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना AI इकोसिस्टम विकसित करने का अधिकार होना चाहिए। भारत ने AI को ग्लोबल साउथ के साथ अपनी साझेदारी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रखा है।

मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों को मिलेगी रफ्तार, सालाना 1 लाख पदों पर नियुक्ति का लक्ष्य

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मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोजगार को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हर साल करीब 1 लाख सरकारी पदों पर नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है। सितंबर में उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा चुकी है।

सरकार के अनुसार पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और परिवहन सहित विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति दी जा रही है। इसके साथ ही पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

हाल के दिनों में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से भी विभिन्न भर्तियों की प्रक्रिया जारी है। इनमें पुलिस कांस्टेबल के 7,500 पदों की भर्ती शामिल है।

मुख्यमंत्री के अनुसार सरकारी भर्ती के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अन्य अवसरों पर भी सरकार का फोकस है। रोजगार से जुड़े विभागों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।