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भोपाल में Shweta Tiwari ने दिया विवादित बयान

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भोपाल । श्वेता तिवारी ने भोपाल में एक वेब सीरीज के प्रमोशन के दौरान भगवान को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है जो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल इसी वेब सीरीज में काम करने वाले सौरभ राज जैन फैशन डिजाइनर की भूमिका में हैं, इसके पहले वे भगवान का किरदार निभाते थे। प्रेस वार्ता के दौरान एंकर ने कहा कि पहले भगवान का किरदार और अब फैशन डिजाइनर, तो श्वेता तिवारी ने तपाक से अंत:वस्त्र और भगवान को लेकर आपत्तिजनक बयान दे दिया। हांलाकि यह कहने के बाद वे जोर से हंसी और वक्तव्य को मजाक में तब्दील करने की कोशिश की गई, लेकिन इस बयान पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि महिलाओं के अंतर वस्त्रों और फैशन इंडस्ट्री की विषय वस्तु से जुड़ी इस वेब सीरीज की शूटिंग भोपाल में हुई है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल कमिश्नर को इस मामले की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

ओटीटी प्लेटफार्म पर सेंसर न होने से ऐसे ऐसे विषयों पर कंटेंट तैयार हो रहे हैं, जिनकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। इसी क्रम में अब एक वेब सीरीज बन रही है शो स्टॉपर: मीट द ब्रा शेटर। भोपाल में शूट हुई इस वेब सीरीज की लांचिंग की घोषणा मंगलवार को श्यामला हिल्स स्थित एक होटल में की गई थी। इस मौके पर प्रोजेक्ट की स्टार कास्ट भी मौजूद रही। इसके डायरेक्टर मनीष हरिशंकर हैं। वेब सीरीज में श्वेता तिवारी के अलावा रोहित राय, कवलजीत सिंह और दीगांगना सूर्यवंशी हैं। प्रोजेक्ट के रिलीज की तैयारी हो चुकी है, लेकिन इसमें भोपाल के जिन कलाकारों और तकनीशियन ने काम किया है उन्होंने मेहनताना न मिलने के आरोप भी निर्माता पर लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रोडक्शन हाउस ने हमसे काम लेकर भुगतान नहीं किया और दूसरे लोगों की सेवाएं ले लीं।

गृह मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

इधर, गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा ने फिल्म कलाकार श्वेता तिवारी के विवादित बयान को संज्ञान में लिया है। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि श्वेता तिवारी का बयान मैंने सुना है, देखा है। बयान की निंदा करता हूं। भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि जांच करें, उसके बाद करवाई की जाएगी। टीवी कलाकार श्वेता तिवारी ने भोपाल में वेब सीरीज के प्रमोशन के दौरान भगवान और अंडर गारमेंटस को जोड़कर विवादित बयान दिया है।

श्वेता तिवारी बोली, महिलाओं को अंत: वस्त्रों को लेकर संकोच की भावना

इस दौरान वेब सीरीज की विषय वस्तु पर बात करते हुए अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने कहा कि महिलाओं में अपने अंत: वस्त्रों को लेकर अभी भी संकोच की भावना है। वे इस पर खुलकर चर्चा नहीं कर पाती हैं। किसी पुरुष दुकानदार को अपने वस्त्रों का साइज नहीं बता पाती हैं। इस वेब सीरीज के माध्यम से हमने इस विषय पर चर्चा शुरू की है। मुझे लगता है कि इस वेब सीरीज का कैरेक्टर मुझसे काफी मिलता जुलता है। आज भी हमारे दुकानदार महिलाओं को नेपकिन काली पन्नी में रखकर देते हैं। मासिक धर्म के बारे में चर्चा करना शर्म की बात मानी जाती है। यह रूढ़ीवादी परंपरा बदलनी चाहिए। अब हमारी नई पीढ़ी आनलाइन माध्यमों से सीख भी रही है। हमारी इस वेब सीरीज के माध्यम से यही बताने की कोशिश की गई है।

पीएम नरेंद्र मोदी भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। वर्चुअल सम्मेलन में शामिल होने वाले नेता क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के कदमों पर चर्चा करेंगे। इस सम्मेलन में पांच देशों के राष्ट्रपति हिस्सा लेंगे। इनमें कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोटाएव, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमली रहमान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्डिमोहम्मद और किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर जापारोव शामिल हैं।

कपड़े का मास्क नहीं चलेगा, क्लीनिकल मास्क लगाइए पूर्व मंत्री से बाेेले सिंधिया

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ग्वालियर। एक दिवसीय प्रवास पर गुस्र्वार दोपहर ग्वालियर आए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व मंत्री और लघु उद्योग विकास निगम की अध्यक्ष इमरती देवी को क्लीनिकल मास्क लगाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा- कपड़े का मास्क पहनने से कोरोना वायरस नहीं स्र्कता। इसलिए आपको क्लीनिकल मास्क लगाना चाहिए। सिंधिया की हिदायत सुनने के बाद इमरती देवी ने कान पकड़कर कहा- गलती हो गई महाराज।

वाकया कुछ ऐसा कि मोतीमहल स्थित मान सभागार में कोविड समीक्षा बैठक लेने के बाद सिंधिया बाहर निकले तो उन्होंने देखा इमरती देवी भगवा रंग के कपड़े का मास्क लगाए हुए थीं। उन्होंने सभी के सामने उन्हें टोका और कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। कपड़े के मास्क से वायरस से बचाव संभव नहीं है। इसलिए आप क्लीनिकल मास्क लगाओ । उल्लेखनीय है सिंधिया अकसर सार्वजनिक कार्यक्रमों में कई राजनेताओं को सही तरीके से मास्क लगाने की हिदायत देते रहे हैं। वे स्वयं ही कई बार राजनेताओं के मास्क ठीक करते हुए देखे गए हैं। यहां बता दें कि पिछले सप्ताह दतिया में आप कार्यकर्ता एक चौराहे पर मास्क बांट रहे थे। उन्होंने देखा कि पूर्व मंत्री इमरती देवी बिना मास्क के जा रही हैं। उन्होंने उनकी गाड़ी रोकी और एक मास्क बढ़ा दिया। गाड़ी आगे बड़ी तो आप कार्यकर्ताओं ने देखा कि उनका दिया हुआ मास्क इमरती देवी ने कार की खिड़की से बाहर फेंक दिया। यह देखकर आप कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की।

भोपाल के जेपी और हमीदिया अस्पताल में 76 से ज्यादा डाक्टर-नर्स कोरोना संक्रमित

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भोपाल । सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से मरीजों के इलाज में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। राजधानी के जेपी अस्पताल के डॉक्टर, नर्स मिलाकर 26 लोग पॉजिटिव हैं। इनके संक्रमित होने की वजह से ओपीडी, वार्ड, फीवर क्लीनिक, इमरजेंसी समेत हर जगह इलाज में दिक्कत आ रही है। जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव जी संक्रमित हो गए हैं। उन्हें 10 जनवरी को सतर्कता डोज लगी थी। हालाकि, उन्हें कोई लक्षण नहीं है। वह पिछले साल भी संक्रमित हुए थे।

जेपी अस्पताल में 15 दिन के भीतर डॉक्टर नर्स, वार्डबॉय, टेक्नीशियन समेत 46 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल संक्रमित मरीजों में 5 डॉक्टर और 16 नर्स शामिल हैं। कोरोना का संक्रमण शुरू होने के बाद पहली बार है जब अस्पताल में इतने स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव आए हैं। जेपी अस्पताल में इस समय हर दिन 2000 से 2700 के बीच मरीज ओपीडी और इमरजेंसी में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इनमें करीब 500 मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार वाले होते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत फीवर क्लीनिक में हो रही है। यहां पर 400 से ज्यादा कोरोना संदिग्ध हर दिन इलाज और जांच कराने के लिए पहुंचते हैं लेकिन जांच के लिए सिर्फ एक खिड़की है। इस कारण संदिग्धों को जांच कराने में एक से डेढ़ घंटे लग रहे हैं। यही स्थिति पर्चा बनवाने में है। इसके लिए भी सिर्फ एक खिड़की है। इस कारण जांच के लिए पर्चा बनवाने में आधे घंटे लगते हैं। इनमें कई मरीज बुखार वाले भी रहते हैं, जिनके लिए 2 घंटे खड़ा रहना बेहद कठिन होता है।

हमीदिया अस्पताल के 15 कंसल्‍टेंट और 30 नर्स कोरोना संक्रमित

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के डीन डा अरविंद राय ने बताया कि कॉलेज के 15 कंसलटेंट (बड़े डॉक्टर) फिलहाल संकलित हैं। इसके अलावा जूनियर डॉक्टर और सीनियर रेसिडेंट को भी शामिल कर लिया जाए तो संक्रमित चिकित्सकों का आंकड़ा 50 से ऊपर है। इनके अलावा 30 नर्स भी कोरोना से संक्रमित हैं। कंसल्टेंट के नहीं होने की वजह से ओपीडी और ऑपरेशन में मरीजों को दिक्कत हो रही है।

शहडोल की शैलजा ने 15 हजार फीट ऊंचाई पर फहराया 280 फीट का तिरंगा

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जिले के छोटे से गांव कटकोनी की पर्वतारोही शैलजा तिवारी ने गणतंत्र दिवस की 75 वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है। 19 वर्षीय शैलजा तिवारी ने हिमाचल प्रदेश की रोराग पीक पर 280 फीट का तिरंगा ध्वज फहराया है। 26 जनवरी की सुबह 4:00 बजे उन्होंने चढ़ाई शुरू की और सुबह 11 बजे वहां तिरंगा लहरा दिया । इनके साथ इनकी टीम के 25 साथी भी साथ में रहे।

केदार कंठा पर की है चढ़ाई

शैलजा तिवारी हाल में ही केदारकंठा ट्रेनिंग ट्रैकिंग कर वापस लौटी हैं। अब उन्‍होंने मनाली की 15 हजार फीट की रोराग पीक को फतेह कर लिया है। यह एक ऐसी माऊंटेनरिंग पीक है जो चारों ओर बर्फ से ढंकी है। यहां पर बर्फबारी भी हो रही थी ।इस सबके बीच बाधाओं को पार करते हुए शैलजा तिवारी अपनी टीम के सदस्यों के साथ अपनी चढ़ाई पूरी करते हुए पीक पर पहुंची और तिरंगा फहरा दिया । इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे भी गूंजे।

यह एक बड़ा अभियान था

शैलजा के टीम लीडर और इस पीक के मार्गदर्शक पर्वतारोही रोहित झा ने बताया कि हमारी टीम ने 15 हजार फीट के इस फासले को मात्र 7 घण्टे में फतह किया। यह एक बहुत ही रोमांच पैदा करने वाला बड़ा अभियान था।

30 को होगी शैलजा की वापसी

शैलजा तिवारी ने नईदुनिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी 25 सदस्य वाली टीम के साथ इस सफर को पूरा किया और वे गर्व का अनुभव कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हमने 7 घंटे में सबसे तेज इस चोटी पर पहुंचकर 280 फीट का तिरंगा फहराया है और यह अपने आप में एक रिकार्ड बना है। उन्होंने बताया कि यह पूरा अभियान इंडियन एडवेंचर फाउंडेशन के तत्वाधान में हुआ है । शैलजा ने बताया कि 30 जनवरी को उनकी शहडोल वापसी होगी।

शैलजा के कोच ने कहा मुझे गर्व है

पर्वतारोही शैलजा तिवारी के कोच एवं भगत सिंह यूथ फाउंडेशन के संयोजक डॉ पंकज शर्मा का कहना है कि उनकी इस सफलता ने मुझे गर्व का अनुभव कराया है और मुझे शैलजा तिवारी पर पूरा विश्वास है कि अब वह माउंट एवरेस्ट को भी फतह कर लेंगी।

गूगल के CEO सुंदर पिचाई के खिलाफ FIR दर्ज, कॉपीराइट के उल्लंघन का मामला

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मुंबई पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के खिलाफ FIR दर्ज किया है और जांच शुरु कर दी है। ये मामला कॉपी राइट (Copy Right) के उल्लंघन से जुड़ा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुंदर पिचाई के अलावा यूट्यूब के एमडी गौतम आनंद और गूगल के 4 अन्य अधिकारियों के खिलाफ कॉपीराइट की धाराओं 51, 63 और 69 के तहत मामला दर्ज किया है। आपको बता दें कि एक दिन पहले ही सुंदर पिचाई को भारत सरकार ने पद्म भूषण देने का ऐलान किया था। इसके अगले ही दिन उन्हें पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिली है।

क्यों दर्ज हुआ मामला?

दरअसल, भारतीय फिल्ममेकर और डायरेक्टर सुनील दर्शन ने कोर्ट में शिकायत की थी कि उनकी बनाई फिल्म को, बिना उनकी जानकारी के यूट्यूब पर अपलोड किया गया है। डायरेक्टर सुनील दर्शन ने बताया कि उनकी फ़िल्म ‘एक हसीना थी एक दीवाना था’ का कॉपीराइट उन्होंने किसी को नहीं दिया है। इसके बावजूद कई लोगों ने इस फिल्म के गाने और वीडियो गूगल और यूट्यूब पर अपलोड किए। उन्होंने कहा कि जब ये फिल्म के गाने और वीडियो अपलोड हो रहे थे, तब यूट्यूब और गूगल ने इसे अपलोड करने की इजाज़त भी दी। जिसकी वजह से उन लोगों ने करोड़ों रुपये कमाये और उनका (फिल्ममेकर का) करोड़ों रुपये का नुकसान कराया।

फिल्म मेकर सुनील दर्शन का कहना है कि उन्होंने इस बारे में गूगल से लगातार रिक्वेस्ट की और उनसे इसे अपने प्लेटफॉर्म से हटा लेने का आग्रह किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। आखिरकार उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने इस कॉपीराइट मामले में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और पांच अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। MIDC पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 51, 63 और 69 के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

मध्‍य प्रदेश में अगले साल से मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ाई हिंदी में, एक लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी: CM शिवराज

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इंदौर। मध्‍य प्रदेश में अगले साल से मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ाई हिंदी में करायी जाएगी। अगले साल तक 1 लाख युवाओं को शासकीय सेवा में लिया जाएगा,लेकिन सभी को शासकीय नौकरियां नहीं दी जा सकती,इसलिए हम प्राइवेट सेक्टर में भी अवसर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि हमने फैसला किया है सीएम राइज स्कूल खोलने का,18 से 26 करोड़ तक के भवन बनेंगे।हर एक बच्चे में प्रतिभा होती है। अवसर मिल जाए तो गरीब,सामान्य परिवार के बच्चे असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हैं।

उन्‍होंने कहा कि हमने पिछले 1 साल में सरकारी नौकरियों में 44 हजार सरकारी नौकरियों में हमने भर्तियां की हैं।

हमने तय किया था एक लाख रोजगार हर माह देंगे, मुझे प्रसन्नता है कि 2 महीने में ही हमने 5 लाख 26 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए अलग-अलग योजनाओं से ऋण दिलवाकर उनकी आजीविका की गाड़ी पटरी पर लेकर आए थे। 25 फरवरी के दिन फिर रोजगार दिवस मनाया जाएगा।

सीएम ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हमारी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हों इसके प्रयास लगातार जारी हैं। अलग-अलग चीजों का निर्माण करके रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसी साल मप्र में 38 हजार करोड़ का निवेश आया है। औद्योगिक ​हब के रूप में मप्र उभर रहा है। समाज के हर वर्ग का कल्याण हो ये हमारा संकल्प है। चिन्हित ब्लॉकों में राशन आपके द्वार योजना प्रारंभ कर दी गई है।

उन्‍होंने कहा कि 16 फरवरी संत रविदास जी की जयंती से 14 अप्रैल बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती तक अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि सरकार के खजाने पर सबका हक है। मेरे बहनों और भाइयों सस्ता राशन देने की योजना,मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, 16 हजार करोड़ एक साल में हमने गरीबों को राशन देने पर खर्च किया। 7 तारीख का दिन अन्नोत्सव का होता है। गरीब को राशन प्रदान किया जाता है।

पिछले 24 घंटे में केरल में करीब 50 हजार नये मामले दर्ज, दिल्ली में फिर बढ़े केस

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देश में कोरोना की रफ्तार थोड़ी कम जरुर हुई है, लेकिन कई राज्यों में इसके आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 49,771 नए मामले सामने आए हैं और 63 लोगों की मृत्यु हुई है। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 3,00,556 पहुंच गई है। वहीं कोरोना से मरनेवालों का आंकड़ा 52,281 पहुंच गया है। राज्य में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 50 प्रतिशत के करीब हो गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार दैनिक मामलों में इजाफा हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि केरल में ओमिक्रॉन वेरिएंट का सामुदायिक प्रसार (Community transmission) हो चुका है, इसी वजह से मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अन्य राज्यों से तुलना करें तो महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 19.66%, कर्नाटक में 26.70%, तमिलनाडु में 20.4% और दिल्ली में 10.56 % है। इस हिसाब से देखें तो देश में सबसे अधिक संक्रमण दर केरल में ही है।

दूसरी ओर दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 7,498 न‌ए मामले आए और संक्रमण की वजह से 29 मरीजों की मौत हुई। 25 जनवरी को 6,028 न‌ए मामले आए थे, और 26 जनवरी को तकरीबन डेढ़ हजार ज्यादा मामले दर्ज हुए। संक्रमण दर भी 10.55 फीसदी से बढ़कर 10.59 पहुंच गई है। हालांकि मौत का आंकड़ा घटा है। 26 जनवरी को 29 मरीजों की मौत हुई जबकि मंगलवार को 31 मरीजों की मौत हुई थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कोरोना के कुल एक्टिव मामले 38,315 हैं, जिनमें से 28,733 होम आइसोलेशन में और 1887 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

दिल्ली में जल्द खुलनेवाले हैं स्कूल, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने दिये संकेत

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राजधानी दिल्ली में जल्द ही सभी स्कूल खोले जा सकते हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने खुद इसे जरुरी बताया है। दरअसल बुधवार को लोक नीति विशेषज्ञ चंद्रकांत लहरिया के नेतृत्व में अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की और स्कूलों को जल्द खोलने का अनुरोध किया। इस बारे में ट्वीट करते हुए सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली के बच्चों के अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए 1600 से अधिक अभिभावकों के हस्ताक्षरों वाला एक ज्ञापन मुझे सौंपा। मैं उनकी मांगों से सहमत हूं। अगर हमने स्कूल अभी नहीं खोले, तो बच्चों की एक पूरी पीढ़ी पीछे रह जाएगी।”

इसी मुद्दे पर ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि हमने स्कूल उस समय बंद कर दिया था, जब यह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं था। लेकिन अत्यधिक सावधानी अब हमारे बच्चों को नुकसान पहुंचा रही है। वैसे आपको बता दें कि दिल्ली में कुछ समय के लिए स्कूल फिर से खोले गए थे, लेकिन पिछले साल 28 दिसंबर को कोविड-19 की तीसरी लहर के कारण उन्हें फिर से बंद कर दिया गया था।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने गुरुवार को कोविड-19 की स्थिति में सुधार के मद्देनजर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार-विमर्श के लिए एक बैठक बुलाई है। इस बैठक के एजेंडे में स्कूलों को फिर से खोलने का मुद्दा भी शामिल है। माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार कल इस बारे में कोई ठोस फैसला लेगी और स्कूलों को खोलने की तिथि का ऐलान कर देगी। अगर दूसरे राज्यों की बात करें तो दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में 1 फरवरी से स्कूल खोले जा रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र में 24 जनवरी से ही सभी स्कूल खुल गये हैं।

चुनाव में ‘मुफ्त’ की घोषणाओं पर SC ने जताई चिंता, केंद्र और ECI को जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली. चुनाव (Election) में जनता को मुफ्त चीजें देने का वादा करने का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस भेजा है. याचिका में सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर मुफ्त चीजें देने का वादा करने वाली पार्टियों के चुनाव चिह्न जब्त करने और दलों को गैर-पंजीकृत करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.

बार एंड बेंच के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इसे लेकर केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग भी की है. भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली ने याचिका पर सुनवाई की. पीठ ने कहा कि याचिका में गंभीर मुद्दा उठाया गया है. हालांकि, बेंच ने इस ओर भी इशारा किया कि याचिकाकर्ता की तरफ से चुनिंदा पार्टियों के नामों का ही जिक्र किया गया है.

सीजेआई ने कहा, ‘यह एक गंभीर मुद्दा है और मुफ्त वितरण का बजट नियमित बजट से अलग होता है. भले ही यह भ्रष्ट काम नहीं है, लेकिन यह मैदान में असमानता तैयार करता है.’ इसके अलावा सीजेआई ने कहा, ‘आपने हलफनामे में केवल दो नाम शामिल किए हैं.’ याचिका में पंजाब विधानसभा चुनाव में हुई घोषणाओं का हवाला दिया गया है. इनमें आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस का नाम शामिल है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि मुफ्त की घोषणाएं चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई हैं. उपाध्याय ने यह घोषणा करने की भी प्रार्थना की है कि चुनाव से पहले सार्वजनिक धन के जरिए मतदाताओं को लुभाने के लिए मुफ्त की चीजों का वादा या वितरण करना संविधान के अनुच्छेद 14, 162, 266(3) और 282 का उल्लंघन है.

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कुछ राज्य हैं, जिन पर प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये के कर्ज का बोझ है और इसके बाद भी मुफ्त की घोषणाएं की जा रही हैं. बेंच की तरफ से मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है. वहीं, अगली सुनवाई 4 हफ्तों के बाद होगी.