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चित्रकूट में नानाजी की पुण्यतिथि में हुआ देश की नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रीय विचार

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चित्रकूट/सतना। भारत रत्न नानाजी देशमुख की 12 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान एवं महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संयोजन में दीनदयाल परिसर के विवेकानंद सभागार में नानाजी की दृष्टि में राष्ट्र निर्माण : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। जिसमें मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रदीप जोशी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और भारत में कृषि शिक्षा के सचिव डा. त्रिलोचन महापात्रा के साथ प्रदेश के अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपतियों सहित मध्य प्रदेश से बाहर के 12 राज्यों के कुलपतियों ने उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। हाईब्रिड मोड़ में प्रारंभ इस संगोष्ठी में प्रख्यात चिंतक एबीएम राजू, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं संयोजक राष्ट्रीय संगोष्ठी एनसी गौतम, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर भरत मिश्रा, दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन और संगठन सचिव अभय महाजन उपस्थित रहे।

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मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि नानाजी का शैक्षिक चिंतन उनके अन्य सामाजिक आयामों के चिंतन की तरह अति विशिष्ट था, नयापन लिए हुए था। देश में जिस महत्‍वाकांक्षी दस्तावेज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारत निर्माण के लिए आवश्यक शिक्षा का सपना देखा, उसे नाना जी ने चित्रकूट में वर्ष 1991 में सोच रखा था। यह जानकार सुखद अनुभूति होती है कि नाना जी के शैक्षिक चिंतन पर आधारित नवाचार और अभिनव प्रयोग चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ प्रारंभ हुए हैं। आज मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को पूरी तत्परता और समर्पण के साथ प्रतिबद्धता पूर्वक लागू करने वाले राज्यों में सबसे आगे है। नाना जी के चिंतन के विचार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समाहित हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधान प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो नाना का शैक्षिक चिंतन भी देश के कोने कोने में पहुंचेगा। अतः हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इसीलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समग्र रूप में लागू किए जाने की जो चुनौतियां सम्मुख हैं उन पर विचार विमर्श कर उन्हें एक रोडमैप, एक ब्लूप्रिंट बने यही इस संगोष्ठी का प्रमुख लक्ष्य है। देशभर से विद्वान जन आ चुके हैं मुझे विश्वास है कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से बड़े-बड़े शिक्षाविदों के तमाम मंथन के बाद जो अमृत निकलेगा वह निश्चित तौर पर शिक्षा क्षेत्र में एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा। शिक्षा नीति पर दो दिवसीय इस विचार संगोष्ठी में रविवार को भी मंत्रियों और वीआइपी शामिल रहेंगे जिसमें नानाजी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में रविवार को मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, प्रदेश के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. कुंवर विजय शाह, प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री ऊषा ठाकुर, प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार सतना पहुंचेंगे और यहां से चित्रकूट में कार्यक्रम में शामिल होंगे।

नानाजी का चिंतन सदैव समग्रता पर रहा: डा. त्रिलोचन महापात्रा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज जो शिक्षा के किसी भी आयाम पर देश सोच रहा है उसे नाना जी ने तीन दशकों पहले ही क्रियान्वित करना प्रारंभ कर दिया था, यह उनकी दूरदृष्टि थी। नाना जी का चिंतन सदैव समग्रता पर रहा और इसलिए उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय की परिकल्पना की। जिसमें ग्रामीण जीवन के बहुआयामी जीवन के समस्त पक्षों को प्रधानता मिल सके।

संगोष्ठी के निष्कर्ष पूरे देश को दिशा देने वाले होंगे: प्रदीप जोशी

संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने नानाजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मैं विविध सेवाओं के लिए चयन के लिए देश की सर्वोच्च संस्था के प्रतिनिधि के रूप में मंच में हूं, इसलिए इस देश के युवाओं की नौकरी के प्रति आकर्षण का प्रत्यक्ष गवाह हूं। भारत जैसे देश में चाह कर भी सभी को नौकरी देना संभव नहीं है और इस बात की आवश्यकता महसूस करते हुए नाना जी ने वर्षो पूर्व शिक्षा में नौकरी के बजाय स्वावलंबी बनने पर जोर दिया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सभी आत्मनिर्भर भारत का स्वर सबसे मुखर है मुझे विश्वास है कि संगोष्ठी के निष्कर्ष पूरे देश को दिशा देने वाले होंगे।

यूक्रेन की महिला सांसद ने उठाई बंदूक, बोलीं- रूस के खिलाफ जंग को तैयार

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज तीसरा दिन है। एक तरफ रूसी सैनिक धीरे-धीरे आगे बढ़कर यूक्रेन की धरती को नेस्तनाबूत कर कब्जा कर रहे हैं तो दूसरी ओर यूक्रेन घुटने टेकने को तैयार नहीं है। यूक्रेन का कहना है कि वह आखिरी दम तक लड़ता रहेगा। इस बीच यूक्रेन की सांसद किरा रुडिक ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की है। उन्होंने तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि यूक्रेन का हर पुरुष और महिला रूसी दमनकारियों के आगे हथियार उठाने के लिए तैयार है। उनकी तस्वीर अब दुनियाभर में वायरल हो रही है।

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। एक तरफ रूसी सैनिक धीरे-धीरे राजधानी कीव में आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर यूक्रेन की सरकार सरेंडर करने को तैयार नहीं दिख रही है। खबर है कि अमेरिका और पश्चिमी देश सीधे तौर पर लड़ाई में नहीं उतरे लेकिन यूक्रेन को हथियार देकर मदद कर रहे हैं। इस बीच यूक्रेन के युवा रूसी सैनिकों के खिलाफ लड़ाई में आगे आए हैं।

इन्हीं में एक हैं यूक्रेन की सांसद किरा रुडिक। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है कि यूक्रेन का हर पुरुष और महिला हथियार उठाने और हमलावर रूसी सेना के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है। कलाश्निकोव राइफल के साथ रूडिक की तस्वीर 25 फरवरी को पोस्ट करने के बाद ट्विटर पर वायरल हो गई है।

“हम युद्ध शुरू करने वाले नहीं हैं, हम एक शांतिपूर्ण देश हैं। फिर वे आते हैं और उनके कारण मेरे जैसे लोग जिन्हें हथियार नहीं उठाना चाहिए था, वे ऐसा कर रहे हैं। हम जो मानते हैं उसके लिए लड़ने के लिए तैयार हैं, न कि जीतने और दूसरों से कुछ हथियाने के लिए, लेकिन ये हमारी स्वतंत्रता, हमारे लोगों, हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए है।”

यूहर दिन ’15 खरब रुपये’ खर्च कर रहा रूस क्रेन से जंग में

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रूस के लिए यूक्रेन के खिलाफ जंग आसान नहीं होने वाली है। खुफिया सूत्रों ने दावा किया है कि यूक्रेन के साथ व्लादिमीर पुतिन का युद्ध क्रेमलिन के ‘अति आत्मविश्वास’ और ‘खराब सामरिक योजना’ की भेंट चढ़ जाएगा। इसके अलावा अपने देश के अस्तित्व के लिए लड़ने वाले यूक्रेनियन जवान रूस के आगे आसानी से घुटने टेकने को तैयार नहीं हैं।

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शनिवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें यूक्रेन की सेना ने कथिततौर पर राजधानी कीव पर कब्जा करने के लिए बढ़ रहे रूसी वाहनों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया। वीडियो में यूक्रेन के दक्षिण में खेरसॉन के पास जेड-चिह्न वाले तबाह हो चुके रूसी काफिले को दिखाया गया है।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अब तक रूस के लगभग 2,800 सैनिक, 80 टैंक, 516 बख्तरबंद वाहन और 10 हवाई जहाजों और सात हेलीकॉप्टर मार गिराए हैं।

भारत ने दूसरे टी20 मैच में श्रीलंका को 7 विकेट से हराया, सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाई

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भारत ने श्रीलंका को दूसरे टी20 मैच में 7 विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करते हुए सीरीज अपने नाम की। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 3 विकेट खोकर 17.1 ओवर में 186 रन बनाकर ये मैच जीता। भारत की ओर से श्रेयस अय्यर ने 41 गेंद में 70 रन की पारी खेली।

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भारत T20 वर्ल्ड कप 2021 में उपविजेता न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद से अब तक कोई मैच नहीं हारा है। रोहित की कप्तानी में टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से और वेस्टइंडीज के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप की है। वहीं, श्रीलंका के खिलाफ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम दूसरा मैच जीतकर सीरीज में 2-0 से आगे है। भारत ने शनिवार को ही टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी लगातार 11वीं जीत दर्ज की है। भारत ने इससे पहले, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में लगाातार 7 T20 मैच जीते थे।

ऋतुराज गायकवाड़ T20I सीरीज से बाहर , मयंक अग्रवाल टीम में शामिल

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भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ श्रीलंका के साथ जारी तीन मैचों की टी20 सीरीज से बाहर होने के बाद अब नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) जाएंगे, जहां वह अपनी चोट से उबरने पर काम करेंगे। बीसीसीआई ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। गायकवाड़ ने दाहिनी कलाई में दर्द की शिकायत थी, जिससे उनकी बल्लेबाजी प्रभावित हो रही थी। इस वजह से वह पहले टी20 के लिए चयन के लिए अनुपलब्ध थे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उनकी जांच करने के बाद पाया कि उन्हें एनसीए जाना होगा।

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BCCI की ऑल इंडिया सीनियर सेलेक्शन कमेटी ने टी20 सीरीज के बाकी बचे मैचों के लिए गायकवाड़ की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया है। मयंक धर्मशाला में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़ चुके हैं, जहां टीम को शनिवार को अपना दूसरा मैच खेलना है।

भारत के तीन खिलाड़ी हुए बाहर

सूर्यकुमार यादव और दीपक चाहर के बाहर होने के बाद ऋतुराज मौजूदा टीम से बाहर होने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। दोनों को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 मैच के दौरान चोट लग गई थी।

अतरंगी आउटफिट छोड़ उर्फी जावेद ने ग्रीन सूट में लूटा फैंस का दिल

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बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) फेम उर्फी जावेद (Urfi Javed) सुर्खियों का हिस्सा बनी रहती हैं. वह आए दिन अजीबो-गरीब आउटफिट्स में तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं जिसकी वजह से चर्चा का हिस्सा बन जाती हैं. वह अपने कपड़ों के साथ एक्सपेरिमेंट करती रहती हैं जिसकी वजह से ट्रोल्स के निशाने पर आ जाती हैं. उनके ड्रेसिंग स्टाइल की वजह से कई लोग उन्हें टोकते रहते हैं मगर उर्फी को किसी की बातों का फर्क नहीं पड़ता है. वह हमेशा अपने मन की करती हैं. अतरंगी कपड़े पहनने वाली उर्फी ने इस बार ट्रेडिशनल अवतार फैंस को दिखा दिया है. जिसे देखने के बाद फैंस उनपर अपना दिल हार बैठे हैं.

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उर्फी ने इस बार अतरंगी कपड़े छोड़ ग्रीन कलर के सूट में वीडियो शेयर की है. जिसमें वह अपना दुपट्टा संभालती नजर आ रही हैं. उर्फी सिंपल से लुक में बेहद खूबसूरत लग रही हैं. उनके इस लुक से कोई नजर नहीं हटा पा रहा है और उनकी ढेर सारी तारीफ कर रहे हैं.

फैंस हुए दीवाने

उर्फी ने पार्क में अपना ये वीडियो शूट करवाया है. उन्होंने ग्रीन सूट के साथ झुमके पहने हुए हैं. खुले बाल और सिंपल मेकअप. उर्फी के फैंस उनकी इस वीडियो पर खूब कमेंट कर रहे हैं. उर्फी के पोस्ट पर एक फैन ने लिखा- बहुत सुंदर लग रही हो.  वहीं दूसरे ने लिखा- हाय, साथ में फायर इमोजी पोस्ट की.

वर्कफ्रंट की बात करें उर्फी के हाल ही में कई म्यूजिक वीडियो रिलीज हुए हैं. उनके ये गाने रिलीज होते ही वायरल हो गए हैं. उर्फी के म्यूजिक वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वह काफी एक्टिव रहती हैं और अपने अतरंगी अंदाज में तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं. उर्फी को रील्स बनाने का काफी चौक है. वह आए दिन ट्रेंडिंग गानों पर डांस करते हुए वीडियो बनाती रहती हैं.

अमेरिका को चेताया, भारत पर गिर सकता है 500 टन का आइएसएस

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मास्को, प्रेट्र। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि मास्को पर लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आइएसएस) पर उनके सहयोग को समाप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिका से पूछा कि क्या वह भारत व चीन को खतरे में डालना चाहता है, क्योंकि उन पर आइएसएस का 500 टन वजनी ढांचा गिरने की आशंका पैदा हो सकती है। रूस व अमेरिका आइएसएस कार्यक्रम के प्रमुख भागीदार हैं, जबकि कनाडा, जापान, फ्रांस, इटली व स्पेन जैसे कई यूरोपीय देश भी इसमें शामिल हैं। आइएसएस में फिलहाल नासा के चार, रूस के दो व यूरोप का एक अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं।

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यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को नए प्रतिबंधों का एलान करते हुए कहा था कि रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रम सहित उसके एयरोस्पेस उद्योग को हतोत्साहित किया जाएगा। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के महानिदेशक दिमित्री रोगोजिन ने शुक्रवार को कहा कि आइएसएस की कक्षा और अंतरिक्ष की लोकेशन रूसी इंजनों द्वारा नियंत्रित होते हैं। रोगोजिन ने रूसी भाषा में ट्वीट किया, ‘यदि आप हमारे साथ सहयोग को बाधित करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) को अनियंत्रित होकर कक्षा से बाहर जाने और अमेरिका या यूरोप में गिरने से कौन बचाएगा? आशंका है कि यह ढांचा भारत या चीन पर गिर जाए। क्या आप उन्हें ऐसे खतरे में डालना चाहते हैं? आइएसएस रूस के ऊपर से उड़ान नहीं भरता, इसलिए सारे खतरे आपके हैं। क्या आप उनके लिए तैयार हैं?’ उन्होंने कहा है कि आइएसएस का रूसी सेगमेंट पूरे कांप्लेक्स के मार्गदर्शन, नेविगेशन व नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है।

सीएनएन ने शुक्रवार की अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने रोगोजिन की टिप्पणियों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि आइएसएस के संचालन के लिए वह रोस्कोस्मोस और कनाडा, यूरोप व जापान स्थित अपने अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम जारी रखेगा।

संयुक्त अंतरिक्ष परियोजना से अमेरिका को बाहर करेगा रूस

रोगोजिन ने शनिवार को कहा कि अमेरिका अब संयुक्त अंतरिक्ष परियोजना वेनेरा-डी का हिस्सा नहीं रहेगा। इस परियोजना को रूस अकेला अथवा चीन की साझेदारी के साथ पूरा करेगा। वेनेरा-डी शुक्र ग्रह के बारे में जानकारियां जुटाने वाली रोस्कोस्मोस व नासा की संयुक्त परियोजना है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टास ने रोगोजिन के हवाले से कहा, ‘प्रतिबंधों के कारण अमेरिका का इस परियोजना में शामिल रहना असंभव हो गया है।’ उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ही सभी शोध मिशन के संबंध में चीन के साथ बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

रूस-यूक्रेन की लड़ाई से इस सप्ताह टूटे शेयर बाजार

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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से यह सप्ताह शेयर बाजार के लिए काफी निराशाजनक रहा. संकट गहराने के साथ सेंसेक्स और निफ्टी सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट का रुख देखने को मिला. BSE का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक Sensex 18 फरवरी को 57,832.97 अंक के स्तर पर बंद हुआ था. सेंसेक्स 25 फरवरी को 55,858.52 अंक के स्तर पर बंद हुआ. इस तरह सेक्स पिछले पांच सत्र में कुल 1,974.45 अंक लुढ़क गया. इसी तरह, NSE Nifty इस अवधि में 617.90 अंक टूटकर 16,658.40 अंक के स्तर पर बंद हुआ.

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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना सिरदर्द

Russia-Ukraine War का असर कई प्रकार से इकोनॉमी पर देखने को मिल है. इस लड़ाई के चलते कच्चे तेल की कीमतें गुरुवार को 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. इससे तेल आयात करने वाले भारत जैसे देशों में महंगाई के और अधिक बढ़ जाने की आशंका पैदा हो गई. इस वजह से भी सेंटिमेंट पर असर पड़ा. हालांकि, सप्ताह के आखिरी दिन भारी लिवाली से गिरावट एक स्तर तक सीमित रही.

अधिकतर शेयरों में गिरावट 

Nifty इंडेक्स की 46 कंपनियां इस सप्ताह लाल निशान में रहीं. Bharat Petroleum के शेयर इस सप्ताह सबसे ज्यादा 9.92 फीसदी लुढ़क गए. इसके अलावा यूपीएल (UPL), एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life Insurance), ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries), एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance), हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation), Tata Motors और भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के शेयर भी छह फीसद से ज्यादा लुढ़क गए.

पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात की

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पीएमओ ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात की. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन में जारी संघर्ष की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने जारी संघर्ष के कारण जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की.

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” पीएमओ की ओर से बताया गया कि PM मोदी ने हिंसा की तत्काल समाप्ति और बातचीत के लिए अपने आह्वान को दोहराया और शांति प्रयासों के लिए हर तरह से योगदान करने की भारत की इच्छा व्यक्त की. साथ ही प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में मौजूद छात्रों सहित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत की गहरी चिंता से भी उन्हें(यूक्रेन के राष्ट्रपति) अवगत कराया. उन्होंने भारतीय नागरिकों को तेजी से सुरक्षित निकालने के लिए यूक्रेन के अधिकारियों द्वारा सुविधा प्रदान करने की मांग भी की.

सीएस की परीक्षा में इंदौर की श्रुति नागर आल इंडिया टापर

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इंदौर,। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आइसीएसआइ) की दिसंबर 2021 में हुई मुख्य परीक्षाओं का परिणाम शुक्रवार को घोषित हुआ, जिसमें श्रुति नागर का पहला स्थान प्राप्त हुआ है। कंपनी सेक्रेटरी संस्था की इंदौर शाखा से परीक्षा देने वाले तीन अन्य छात्र-छात्राओं ने टाप बीस में जगह बनाई है। ये सभी विद्यार्थी कंपनी सेक्रेटरी प्रोफेशनल की परीक्षा में शामिल हुए थे। संस्थान के मुताबिक इंदौर से तीन से चार हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। प्रोफेशनल के अलावा कंपनी सेक्रेटरी एग्जीक्यूटिव की परीक्षा में भी विद्यार्थियों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।

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सीएस एग्जीक्यूटिव एव प्रोफेशनल का शुक्रवार को आइसीएसआइ की वेबसाइट (www.icsi.edu) पर दोपहर 12 बजे परीणाम घोषित किया, जिसमें विद्यार्थियों के विषयवार, ब्रेकअप और मार्क्स स्टेटमेंट दिए गए हैं।प्रोफेशनल परीक्षा में बीकाम की छात्रा श्रुति अव्वल रही है। साथ ही आकांक्षा गुप्ता (चौथे), प्रियम गोयल (12वें) और प्रिंसी त्रिवेदी (18वें) स्थान पर रही है। सीएस इंदौर शाखा के प्रशासनिक अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सीएस एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल परीक्षा हुई, जिसमें ओल्ड और न्यू सिलेबस हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। दिसंबर में देशभर के 140 सेंटर से परीक्षा दी गई। वे बताते है कि परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 24 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सभी विषयों की बराबर की तैयारी

पहला स्थान प्राप्त करने वाली श्रुति नागर बीकाम की छात्रा है। वाणिज्य की पढ़ाई करने के साथ ही श्रुति ने सीएस की तैयारी की है। श्रुति का कहना है कि दिसंबर की परीक्षा के लिए तीन महीने सिर्फ सेल्फ स्टडी की है। इस दौरान टेस्ट सीरिज को हल किया और प्रत्येक विषयों की बराबर तैयारियां की। रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई की है। वे बताती है कि विषय में दिक्कतें आने पर शिक्षकों की मदद ली। कोरोना की वजह से आनलाइन टीचर्स से मार्गदर्शन लिया।

जीएसटी-आइटी की देखी वेबसाइट

चौथा स्थान हासिल करने वाली आकांक्षा गुप्ता ने बीकाम से स्नातक किया है। वे बताती है कि मार्च से अक्टूबर के बीच आनलाइन क्लासेस अटैंड की। इसके बाद सेबी, इनकाम टैक्स और जीएसटी की वेबसाइट रोजाना कई बार देखती थी। नियमों में संशोधन के बारे में तुरंत पता लगता था। इस तरह से तैयारी करने में काफी आसानी हुई। प्रतिदिन सारे विषय की तैयारी की और चुनिंदा टापिक पर शिक्षकों से मार्गदर्शन लिया।

ला-सीएस की साथ-साथ की पढ़ाई

12वां स्थान हासिल करने वाले प्रियम गोयल विधि संकाय के भी छात्र है। निजी कालेज से बीबीएएलएलबी (पांच वर्षीय) पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे है। अंतिम वर्ष में होने के चलते प्रियम ने ला और सीएस की पढ़ाई साथ-साथ की है। वे बताते है कि कोरोना की वजह से सीएस की कक्षाएं आनलाइन लगती थी।अलग-अलग विषय के लिए तीन संस्थानों के शिक्षक पढ़ाते थे। टेस्ट सीरीज के अलावा शिक्षकों ने बेसिक कंसेप्ट क्लीयर कर दिए थे।