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उत्‍तराखंड के 12वें सीएम बने पुष्‍कर सिंह धामी

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पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही वे राज्‍य के 12वें मुख्‍यमंत्री बन गए हैं। राज्‍यपाल लेज रिटा गुरमित सिंह ने उन्‍हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाई। धामी के साथ 8 मंत्रियों ने भी शपथ ली है। राज्यपाल ने सबसे पहले सतपाल महाराज को शपथ दिलाई। इसके बाद प्रेम चंद अग्रवाल को मंत्री पद की शपथ दिलाई। अग्रवाल ने संस्कृत में शपथ ली। अग्रवाल पिछली विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष थे। इसके बाद राज्यपाल ने गणेश जोशी को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने डा धन सिंह रावत को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

सतपाल महाराज, गणेश जोशी और धन सिंह रावत पिछली सरकार में भी मंत्री थे। राज्यपाल ने सुबोध उनियाल को शपथ दिलाई। राज्यपाल ने रेखा आर्य को मंत्री पद की शपथ दिलाई। सुबोध उनियाल और रेखा आर्य भी पिछली भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। राज्यपाल ने चंदन रामदास को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

रामदास पहली बार मंत्री बने हैं। देहरादून में मनोनीत सीएम पुष्कर सिंह धामी के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के सीएम, गोवा के मनोनीत सीएम प्रमोद सावंत और राजस्थान की भाजपा नेता वसुंधरा राजे भी मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सर्वसम्मति से उन्हें अपने विधायक दल के नेता के रूप में घोषित किया है। शपथ ग्रहण समारोह देहरादून के परेड ग्राउंड में हुआ।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय नेता पहुंचे। राज्य की 70 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें हासिल करने के बाद भाजपा ने उत्तराखंड में ऐतिहासिक दूसरा कार्यकाल जीता। हालांकि धामी अपनी खटीमा सीट हार गए थे। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार, धामी को 40,675 वोट मिले, जबकि कापड़ी को 47,626 वोट मिले हैं।

भोपाल में सीएम शिवराज ने12 से 14 साल तक के बच्चों को टीकाकरण किया शुभारंभ

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भोपाल। प्रदेश में आज से 12 से 14 साल के बच्‍चों को कोरोनारोधी टीका लगाने की शुरुआत हो गई है। भोपाल में 12 से 14 साल तक के बच्चों को बुधवार सुबह नौ बजे से टीका लगाया जाएगा। इसके लिए शहर में 166 स्कूलों के अलावा 12 अस्पतालों को केंद्र बनाया गया है। मंगलवार, शुक्रवार और छुट्टी का दिन छोड़कर सभी दिनों में टीका लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह अरेरा कालोनी स्‍थित शासकीय नवीन कन्‍या विद्यालय में पहुंचकर बच्‍चों के टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनके साथ चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री विश्‍वास सारंग और गोविंदपुरा क्षेत्र की विधायक कृष्‍णा गौर समेत स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारी भी मौजूूद थे।

बता दें कि भोपाल में 12-14 साल उम्र वर्ग के कुल 86 हजार बच्चे हैं। इसमें पहले दिन 30 हजार को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी दी गई है कि वह बच्चों को टीका लगवाने के लिए बुलाएं। हालांकि, बड़ी चुनौती यह है कि अभी स्कूल बंद हैं। ऐसे में बच्चों को बुलाना कठिन होगा।

जिला टीकाकरण अधिकारी डा. कमलेश अहिरवार ने बताया कि अभिभावकों को यह विकल्प भी दिया गया है कि वह पास के किसी भी स्कूल या अस्पताल में टीका लगवा सकते हैं। ऐसी बाध्यता नहीं है कि बच्चा जिस स्कूल में पढ़ता है वहीं टीका लगवाएं। उन्होंने बताया कि आनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी गई है। पहले दिन के लिए शहरी क्षेत्र में प्रति जन शिक्षा केंद्र एक हजार, बैरसिया में 300 और फंदा क्षेत्र में 500 आनलाइन स्लाट टीकाकरण के लिए खोले गए थे।

प्रदेश में पहले दिन आठ हजार केंद्रों पर लगेगा टीका

प्रदेश में पहले दिन आठ हजार केंद्रों पर आठ लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस उम्र वर्ग के कुल 30 लाख बच्चे हैं। इन्हें कार्बीवैक्स वैक्सीन की 0.5 एमएल डोज कंधे पर लगाई जाएगी। सभी जिलों में एक साथ टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

राज्य टीकाकरण अधिकारी डा. संतोष शुक्ला ने बताया कि जिन बच्चों का जन्म 15 मार्च 2010 या इसके पहले हुआ है वह टीकाकरण के लिए पात्र होंगे।

अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान

– बच्चों को कुछ खिला-पिलाकर ही टीका लगवाने के लिए भेजें।

– यह भी ध्यान रखें कि वह गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी से बीमार न हों।

– आनलाइन पंजीयन कराकर किसी भी केंद्र में टीका लगवाने के लिए जा सकते हैं।

– किसी केंद्र के लिए आनलाइन पंजीयन करा लिया है तो फिर टीका लगवाने के लिए वहीं पर जाएं।

– आयु के सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।

सीएम शिवराज के दो साल पूरे होने पर बीजेपी ने जश्‍न मनाया

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भोपाल । भारत हर विचार का सम्मान करने वाला देश है। यहां सभी धर्मों को माना जाता है। हमारे आचार्यों ने कई विचार दिए हैं। सामान्य वर्ग के कल्याण में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हमारा संकल्प है सामाजिक न्याय सामाजिक समरसता के साथ, इसलिए सामान्य वर्ग कल्याण आयोग बनाया। मैं सामान्य वर्ग के दर्द और पीड़ा को जानता हूं। गरीबी जाति देखकर नहीं आती है। यही वजह है कि सरकार ने छात्रवृत्ति से लेकर रोजगार उपलब्ध कराने की कई योजनाएं बनाई हैं। आयोग की कार्यशाला के जो निष्कर्ष सामने आएंगे, उन्हें लागू करके सामान्य वर्ग के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रशासन अकादमी में सामान्य वर्ग कल्याण आयोग की कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि आप सभी सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक हैं। हमने सामान्य वर्ग कल्याण आयोग बनाया था। इसके आधार पर हमने सामान्य वर्ग के गरीब बच्चें को छात्रवृत्ति दी। गोसंवर्धन का काम किया। आज की परिस्थितियों में आवश्यकता अनुरूप रोजगार और शिक्षा के लिए विचार करने की आवश्यकता है। सामान्य वर्ग के व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी मांगते नहीं हैं। कई बार संकोच में रह जाते हैं, पर हमको सबको साथ में लेकर आगे बढ़ते जाना है। अब समरसता छात्रावास प्रारंभ कर रहे हैं। इसमें सभी वर्गों के बच्चे रहेंगे और पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश को जातियों में बांटने का षड्यंत्र चल रहा है। कुछ को विदेशों से धन मिलता है। इंटरनेट मीडिया पर कई तरह की चीजें फैलाई जा रही है क्योंकि उनको लगता है कि ऐसे तो भारत को कमजोर नहीं किया जा सकता है, इसलिए जातियों में बांटो। हम सभी का दायित्व है कि इस दिशा में सोचें। कार्यशाला के जो निष्कर्ष निकलेंगे, उन्हें सरकार विचार करके लागू करेगा। इस कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष शिव कुमार चौबे सहित अन्य उपस्थित थे।

विधायक रामेश्‍वर शर्मा ने अनूठे अंदाज में मनाया सीएम शिवराज के दो साल पूरे होने का जश्‍न

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भोपाल, । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चौथी पारी के दो साल पूरे होने की खुशी में जगह-जगह कार्यक्रम हो रहे हैं। बुधवार सुबह से कार्यक्रम आयोजित करके भाजपा नेता व कार्यकर्ता खुशियां मना रहे हैं। इसी के तहत शहर की हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी अनूठा आयोजन किया। उन्होंने अपने मालवीय नगर स्‍थित आवास ‘युवा सदन’ के बाहर 15 बुलडोजर खड़े करवाए हैं। बड़ी संख्‍या में यहां भाजपा कार्यकर्ता जमा हुए और ढोल-ढमाके बजाकर मुख्यमंत्री के दो साल पूरे होने का जश्‍न मनाया है।

कुछ देर पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके आवास पर पहुंचे। मुख्‍यमंत्री को अपने बीच पाकर भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्‍साह चरम पर पहुंच गया और उन्‍होंने ‘बुलडोजर मामा जिंदाबाद’ के नारे लगाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मां, बहन, बेटियों पर जो भी गलत नजर रखेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के मकान जमींदोज कर दिए जाएंगे। कानून अलग सजा देगा, लेकिन उनके मकान पहले जमींदोज किए जाएंगे।

इस अवसर पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बेटियों के आरोपितों के घरों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बुलडोजर चल रहा है। श्योपुर के बाद रायसेन के सिलवानी में भी गरीबों पर जुल्‍म करने वाले आरोपितों के घर तोड़े गए हैं। रतलाम में ऐसी ही कार्रवाई की गई है। प्रदेश भर में निरंतर दुराचारियों के आरोपितों के घर तोड़ जा रहे हैं। आगामी दिनों में भी तोड़े जाएंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटियों व महिलाओं से दुराचार करने वाले आरोपितों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। एक सौम्‍य, मृदु नेता के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को जाना जाता है, लेकिन अब उनकी आक्रमण वाली छवि दिखने लगी है। वो अब तक कई सभाओं में कह चुके हैं, जो गलत काम करेगा, उन आरोपितों के मकान जमींदोज करेंगे। श्‍योपुर में आरोपितों के मकान तोड़ने के बाद दो दिन पहले विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के होर्डिंग लगाए थे, जिसमें लिखा था कि आरोपितों के मकानों पर मामा शिवराज का बुलडोजर चलेगा।

इस उपक्रम को देखकर यही लगता है कि जिस तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि बुलडोजर बाबा के नाम से बन गई है। उसी तर्ज पर अब मध्‍य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि बुलडोजर मामा के नाम से गढ़ी जा रही है।

30 हजार फुट से नीचे गिरा चीनी विमान क्रैश हुआ

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चीन में 132 यात्रियों को ले जा रहा विमान गुआंगशी छुआंग में क्रैश हो गया। इस हादसे में किसी के बचने की संभावना बहुत कम है, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी मौत की पुष्टि नहीं की गई है। चीन के सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि बोइंग 737 एयरक्राफ्ट कुनमिंग से गुआनझो जा रहा था., जहां उसका वुझो शहर के ऊपर संपर्क टूट गया। विमान में सवार 132 लोगों में 123 यात्री और 9 चालक दल के सदस्य थे। इस दुर्घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें धुआं और आग की लपटें नजर आ रही हैं। स्थानीय मीडिया ने बताया कि चाइना ईस्टर्न की फ्लाइट MU5735 कुनमिंग से 1 बजे के कुछ देर बाद टेकऑफ हुई लेकिन वह अपनी मंजिल गुआनझो नहीं पहुंची। चाइना ईस्टर्न, चीन की तीन प्रमुख विमानन कंपनियों में से एक है।

चाइना एविएशन रिव्यू की ओर से एक वीडियो भी ट्वीट किया गया है, जिसमें “विमान के अंतिम पलों” के बारे में बताया गया है। दावा किया गया है कि विमान तेजी से नीचे की ओर आया और पहाड़ियों में क्रैश हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना एक स्थानीय माइनिंग कंपनी के सिक्योरिटी कैमरे में कैद हो गई।

फ्लाइट ट्रैकर फ्लाइट-रडार24 के मुताबिक एमयू5735 के बारे में 2 बजकर 22 मिनट (स्थानीय समय) के बाद ज्यादा डेटा नहीं मिला। इसके मुताबिक फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रुकने से पहले प्लेन 2.15 मिनट के भीतर 29,100 फीट की ऊंचाई से गिरकर 9,075 फीट तक आ गया। और अगले 20 सेकंड में यह 3,225 फीट तक पहुंच गया। जबकि क्रूजिंग से लेकर लैंडिंग तक की इस गिरावट में आमतौर पर लगभग 30 मिनट लगते हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि प्लेन के गिरने से आसपास का जंगली इलाका आग से तबाह हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, बचावकर्मियों को किसी के जिंदा होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

राष्‍ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह, CDS बिपिन रावत को मरणोपरांत मिला पद्म विभूषण

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दिल्ली | राष्ट्रपति भवन में आज पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां देश के पहले सीडीएस जनरल स्‍व. बिपिन रावत को पद्म विभूषण पुरस्कार (मरणोपरांत) मिला, जिसे उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी को प्रदान किया गया। इसके अलावा समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने सार्वजनिक मामलों के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त किया। पैरालंपिक रजत पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया को पद्म भूषण मिला। SII के एमडी साइरस पूनावाला ने व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में पद्म भूषण प्राप्त किया।

गुरमीत बावा की बेटी ने कला के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार (मरणोपरांत) प्राप्त किया। भारतीय निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी को सिनेमा में उनके काम के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म श्री पुरस्कार मिला। राधे श्याम खेमका (मरणोपरांत) के पुत्र को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म विभूषण मिला।

सच्चिदानंद स्वामी को साहित्य और शिक्षा में उनके काम के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म भूषण पुरस्कार मिला। हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म श्री पुरस्कार मिला। पैरा-शूटर अवनि लेखारा को खेल श्रेणी में पद्म श्री पुरस्कार मिला

भस्म आरती में फूलों के रंग से होली खेलेंगे भगवान महाकाल

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उज्जैन । महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर मंगलवार को रंगोत्सव मनाया जाएगा। राजाधिराज भगवान महाकाल तड़के चार बजे भस्म आरती में टेसू के फूलों से बने रंग से होली खेलेंगे। मंदिर में रंगपर्व की तैयारी शुरू हो गई है।

सोमवार को पुजारियों ने तीन क्विंटल टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग बनाया। ज्योतिर्लिंग की परंपरा अनुसार रंगपंचमी का त्योहार सबसे पहले भगवान महाकाल के आंगन में मनाया जागा। भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ फूलों के रंग से होली खेलेंगे। इसके बाद भक्तों को रंग लगाया जाएगा। पुजारियों ने तीन क्विंटल टेसू के फूलों से करीब 200 लीटर प्राकृतिक रंग तैयार किया है।

महाकाल में होली उत्सव के बाद दिन में शहरवासी रंगपर्व मनाएंगे। शहर में कई स्थानों पर सामूहिक होली उत्सव के आयोजन होंगे। यहां रंग तरंग की मस्ती में युवा रंग व गुलाल से होली खेलेंगे। शाम को महाकाल मंदिर, सिंहपुरी, कार्तिक चौक तथा भागसीपुरा से पारंपरिक गेर निकाली जाएगी। श्रद्धालु बैंड बाजे व ढोल ढमाकों के साथ शौर्य व विजय के प्रीतक ध्वज निशान लेकर निकलेंगे।

शिवराज सरकार ने मांगे जनता से सुझाव ताकि सरकारी योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन

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भोपाल । सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली परेशानियों को दूर करने और उन्हें प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता से सुझाव मांगे हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास के लिए सस्ती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराने के लिए कई व्यक्तियों ने सुझाव दिए हैं। रेत के डिपो खोलने, खदान क्षेत्रों में निश्शुल्क रेत उपलब्ध कराने, जनपद स्तर पर रेत का प्रबंध करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के लिए निर्धारित राशि एक लाख बीस हजार रुपये बढ़ाने का सुझाव दिया है। 25 मार्च तक प्राप्त होने वाले सुझावों पर मंत्री समूह विचार करके तय करेगा कि किस तरह सस्ती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराई जा सकती है। नई व्यवस्था अप्रैल से लागू की जा सकती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के निर्णयों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न् योजनाओं को लेकर सुझाव मांगे हैं। प्रदेश में रेत खदानें ठेके पर दी जा चुकी हैं। एक प्रधानमंत्री आवास बनाने में दो से तीन ट्राली रेत लगती है। यह 15 से 20 हजार रुपये में मिलती है। काफी समय से रेत को सस्ती दर पर आसानी से उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।

इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने मंत्री समूह का गठन किया है, जो जनता से प्राप्त होने वाले सुझावों का परीक्षण करने के बाद अनुशंसा करेगा। अभी तक मुख्यमंत्री सचिवालय को जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उसमें ग्राम पंचायत में मौजूद नदी व नालों की रेत निश्शुल्क देने, आवास हितग्राही को दो ट्राली रेत उत्खनन करने की अनुमति देने का सुझाव प्रमुख है।

जितेंद्र ओझा ने एक आवास में लगने वाली रेत की दर तय करके हितग्राही को राशि की प्रतिपूर्ति करने और जनपद या जिला पंचायत के माध्यम से हितग्राही को उचित मूल्य पर रेत देने की व्यवस्था बनाने की बात रखी है। बृजेंद्र सिंह कुशवाहा ने स्थानीय निकाय की सहमति से उपभोक्ता को कम रायल्टी लेकर रेत देने, रविशंकर कुशवाहा ने रेत के साथ-साथ लोहा की दर तय करने का सुझाव दिया है। ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की राशि में वृद्धि की जाए।

अश्विन चंदेल ने रेत की दर तय करने और संजय मीना ने रेत की लागत का भुगतान हितग्राहियों को करने का सुझाव दिया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार विचार कर रही है कि हितग्राहियों को रेत के लिए एक निश्चित राशि का भुगतान कर दिया जाए। इस पर 26 और 27 मार्च को पचमढ़ी में होेने वाले मंत्रिमंडल के दो दिवसीय चिंतन में विचार करके निर्णय लिया जाएगा।

कन्यादान योजना की गड़बड़ी रोकें

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए ग्राम स्तर पर शिक्षक को शामिल करते हुए समिति बनाने, चयन में पारदर्शिता बढ़ाने और सहयोग राशि सीधे खाते में अंतरित करने की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की शुरुआत बस से करने, जन अभियान परिषद को योजना से जोड़ने और अमरनाथ यात्रा को शामिल करने का सुझाव भी दिया गया है। प्रवीण चौहान ने राशन में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए अधिकारियों को भेजकर जांच कराने और एपीएल कार्ड पर राशन देने की व्यवस्था फिर शुरू करने का सुझाव दिया है।

पुष्कर सिंह धामी फिर से बनेंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

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उत्तराखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फिर से सत्ता संभालते हुए उत्तराखंड के 12 वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। सोमवार शाम को प्रदेश मुख्यालय में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में धामी को फिर से विधायक दल का नेता चुना गया। उत्तराखंड बनने के 21 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बावजूद किसी नेता को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। बीजेपी आलाकमान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मीनाक्षी लेखी और राज्य के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी को विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। आखिरकार विधायक दल की बैठक में 11 दिनों के सस्पेंस के बाद मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति साफ हो पाई।

भाजपा ने चुनाव से पहले ही घोषणा कर दी थी कि सत्ता में आने की स्थिति में धामी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। पार्टी ने उनके नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव में जीत भी दर्ज की। पुष्कर सिंह धामी तीसरी व चौथी विधानसभा में ऊधमसिंह नगर जिले की खटीमा सीट से विधायक रहे, लेकिन इस बार यहीं से कांग्रेस के भुवन कापड़ी के हाथों वह सीट गंवा बैठे। यह पहली बार हुआ कि जब उत्तराखंड में किसी दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का अवसर मिला। धामी उत्तराखंड में अब तक के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री हैं। धामी पिछले वर्ष चार जुलाई को तीरथ सिंह रावत के स्थान पर उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री बने थे। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले धामी को मुख्यमंत्री के रूप में छह महीने का कार्यकाल मिला था। यह उनकी बड़ी उपलब्धि रही कि पांच साल की एंटी इनकंबेंसी को दरकिनार कर वह भाजपा को लगातार दूसरी बार सत्ता में लाने में सफल रहे।

सोमवार शाम पांच बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम पर मुहर लगी। वैसे, नए मुख्यमंत्री को लेकर समर्थक अपने-अपने नेताओं के नाम के कयास लगा रहे थे। लेकिन धामी के नाम पर रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी विधायक दल की बैठक में उपस्थित रहे। उत्तराखंड चुनाव प्रभारी रहे केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, लोकसभा सदस्य अजय टम्टा, महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह, तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल भी इस अवसर पर मौजूद थे।

गोवा के अगले मुख्यमंत्री होंगे प्रमोद सावंत

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गोवा में मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है। सोमवार को हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में प्रमोद सावंत को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव विश्वजीत राणे ने रखा और बाकी सदस्यों ने सहमति जताई। आपको बता दें कि प्रमोद सावंत लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनेवाले हैं। इस बैठक में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर, एल मुरुगन और गोवा चुनाव के प्रभारी देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने सभी विधायकों से एक-एक कर मुलाकात की, जिसमें तमाम विधायकों ने सावंत पर भरोसा जताया। अब वे राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। पार्टी के केन्द्रीय पर्यवेक्षक नरेन्द्र तोमर में मीडिया को विधायकों के फैसले की जानकारी दी।

इससे पहले चर्चा थी कि प्रमोद सावंत के अलावा मुख्यमंत्री की रेस में बीजेपी विधायक और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे और गोवा के रहने वाले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के नामों पर भी विचार हो सकता है। लेकिन माना जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान ने प्रमोद सावंत को दुबारा सत्ता सौंपने का फैसला कर लिया था और विधायकों की बैठक में इसी पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश हुई।

गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 40 सीटों में से 20 पर जीत दर्ज की है। यहां सरकार बनाने के लिए 21 सीटों की जरूरत होती है। महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों और तीन निर्दलियों ने बीजेपी को समर्थन देने का एलान किया है। ऐसे में बीजेपी के लिए गोवा में सरकार बनाने का रास्ता आसान हो गया है. राज्य में कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटें मिली हैं।