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हार्दिक पांड्या को झटका, ग्रेड-ए से ग्रेड-सी में डिमोट किए गए, रहाणे-पुजारा को भी बड़ा नुकसान

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टेस्ट टीम से बाहर किए गए अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा को एक और बड़ा झटका दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों ही सीनियर खिलाड़ियों के ग्रेड में बदलाव किए गए हैं और उन्हें डिमोट किया गया है। पुजारा और रहाणे को ग्रेड-ए से ग्रेड-बी में भेज दिया गया है।

वहीं, 2021 टी-20 विश्व कप के बाद से टीम से बाहर चल रहे ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को भी झटका लगा है। उन्हें ग्रेड-ए से सीधे ग्रेड-सी में डिमोट किया गया है। हार्दिक की जगह फिलहाल वेंकटेश अय्यर टीम इंडिया में ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व सिलेक्टर और भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अभय कुरुविला को बीसीसीआई का नया जनरल मैनेजर भी बनाया गया है।

ऋद्धिमान साहा को भी हुआ नुकसान
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को भी नुकसान हुआ है। साहा को ग्रेड-बी से ग्रेड-सी में भेज दिया गया है। साहा, पुजारा और रहाणे तीनों को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। पुजारा और रहाणे पिछले कुछ समय से फॉर्म में नहीं हैं। बोर्ड जनवरी से अप्रैल के बीच में हर साल सालाना केंद्रीय अनुबंध (बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट) की घोषणा करता है।
ग्रेड के मुताबिक मिलते हैं रुपये
बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में खिलाड़ियों को चार तरह के ग्रेड देता है। इसमें ए+, ए, बी और सी शामिल है। हर ग्रेड में एक तय सालाना सैलरी है। ए+ ग्रेड वालों को सालाना सात करोड़ रुपये, ए ग्रेड वालों को पांच करोड़ रुपये, बी ग्रेड वालों को तीन करोड़ रुपये और सी ग्रेड वालों को एक करोड़ रुपये की राशि मिलती है।
कौन चुनता है खिलाड़ियों को?
खिलाड़ियों के ग्रेड पर फैसला लेने के लिए बीसीसीआई ऑफिस के तीन अधिकारी, पांच सिलेक्टर्स और टीम इंडिया के हेड कोच मौजूद होते हैं।

शाहिद कपूर की बहन मयंक पाह्वा की दुल्हनिया बनेगी

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एक्ट्रेस सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) और पंकज कपूर (Pankaj Kapur) की बेटी सना कपूर (Sanah Kapur) जल्द ही सीमा पाहवा (Seema Pahwa) और मनोज पाहवा (Manoj Pahwa) के बेटे मयंक पाहवा (Mayank Pahwa) के संग शादी के बंधन में बंधने के लिए बिल्कुल तैयार हैं. बुधवार को महाबलेश्वर में ये ग्रैंड वेडिंग होने वाली है. वहीं मंगलवार को इस कपल के मेहंदी और हल्दी सेरेमनी का आयोजन हुआ था. सोशल मीडिया पर इस कपल के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की फोटो और वीडियो वायरल हो रही है.

वीडियो में देखने को मिल रहा है कि दूल्हा और दुल्हन का ढोल की थाप पर स्वागत किया जा रहा है. इस मौके पर सना (Sanah) गुलाबी पारंपरिक पोशाक में नजर आ रही हैं और मेहमानों को देख हाथ हिला रही हैं. वहीं मयंक (Mayank) उनका हाथ पकड़ खड़े दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर ये वीडियो खूब वायरल हो रही हैं. सना (Sanah) को जिस मेहंदी आर्टिस्ट ने मेहंदी लगाई है उन्होंने भी मेहंदी सेरेमनी की फोटो शेयर की है. इस फोटो में सना आर्टिस्ट के संग पोज देती हुई नजर आ रही हैं.

सुप्रिया पाठक ने अपनी बहन रत्ना शाह पाठक (Ratna Pathak Shah) के संग माथे ते चमक गीत पर शानदार डांस कर रही हैं. इस मौके पर ढोलक की थापों पर महिलाओं ने खूब मस्ती की. वहीं भाभी मीरा (Mira Kapoor) भी मेहंदी सेरेमनी के लिए बेहद ही खूबसूरत अंदाज में तैयार हुई थीं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर कई तस्वीरें शेयर की हैं. मालूम हो सना कपूर ने भाई शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और पिता पंकज कपूर के संग साल 2015 में विकास बहल की फिल्म शानदार से बॉलीवुड में कदम रखा था. इस फिल्म में आलिया भट्ट (Alia Bhatt) अहम भूमिका में नजर आई थीं.

वाराणसी में ममता बनर्जी का विरोध

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को वाराणसी में विरोध का सामना करना पड़ा है. वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी का काफिला रोकने की कोशिश की और नारेबाजी की. इस दौरान काले झंडे भी दिखाए गए हैं. विरोध के बाद सीएम ममता बनर्जी ने भी कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं, न ही भागने वाली हैं.

दरअसल, समाजवादी पार्टी (सपा) के पक्ष में रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काशी पहुंची हैं. गुरुवार को होने वाली रैली से पहले ममता बनर्जी आज गंगा घाट जा रही थीं. ममता का काफिला बीच सड़क पर रोककर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने हाई वोल्टेज ड्रामा किया और काला झंडा दिखाया.

बजट सत्र में हो सकता है मध्‍य प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव

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भोपाल। दो साल से मध्य प्रदेश विधानसभा में उपाध्यक्ष का पद रिक्त पड़ा है। कमल नाथ सरकार गिरने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया नहीं हो पाई है। दरअसल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी उपाध्यक्ष पद को लेकर दुविधा में हैं। पहले परंपरा रही थी कि आमतौर पर उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिया जाता रहा है। लेकिन 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद कमल नाथ सरकार ने यह परंपरा तोड़ दी थी। जिसके चलते अब भाजपा भी विपक्ष को यह पद देना नहीं चाहती है। इधर कांग्रेस को उम्मीद है कि सरकार विपक्ष को यह पद देकर परंपरा निभाएगी।

उपाध्यक्ष पद को लेकर विवाद की शुरूआत 2019 में तब हुई थी, जब भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विजय शाह को खड़ा कर चुनाव कराया था। इसी कारण कांग्रेस ने उपाध्यक्ष पद परंपरा अनुसार मुख्य विपक्षी दल भाजपा को न देते हुए पार्टी की हिना कांवरे को उपाध्यक्ष बनाया था। परिस्थितियां बदलीं और भाजपा सत्ता में आ गई।

कांग्रेस की ओर से उपाध्यक्ष का पद प्रतिपक्ष को देने की मांग भी रखी गई पर इसको लेकर निर्णय नहीं लिया गया। उधर, भाजपा सात मार्च से प्रारंभ होने वाले सत्र में उपाध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी में है। संसदीय कार्यमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने साफ किया कि कांग्रेस ने जो परंपरा शुरू की थी, उसे हम निभाएंगे।

उपाध्यक्ष का पद हमारे पास ही रहेगा। उधर, विधानसभा सचिवालय ने शासन को प्रस्ताव दिया है कि जब तक उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता है तब तक उपाध्यक्ष को मिलने वाले स्वेच्छानुदान का उपयोग करने का अधिकार अध्यक्ष को दे दिया जाए। उपाध्यक्ष को प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये की स्वेच्छानुदान निधि मिलती है। कांग्रेस मुख्य सचेतक डा गोविंद सिंह का कहना है कि विधायक दल की बैठक में हम उपाध्यक्ष पद क ेलिए अपनी रणनीति तय करेंगे। जरूरत पड़ी तो प्रत्याशी भी ख्ाड़ा कर सकते हैं।

मीन संक्रांति 15 मार्च को, इस दिन दान करने से सुख-समुद्धि में होती है वृद्धि

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ग्वालियर। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के कारण सूर्य के प्रभाव से बृहस्पति की सक्रियता कम हो जाती है। इसलिए इस समय को खरमास या मलमास के नाम से जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि खरमास व मलमास साल में दो बार आते हैं, जब सूर्य धनु में प्रवेश करता है और मीन में राशि परिवर्तन करता है। इस समय को खरमास या मलमास कहते हैं। सूर्य मीन राशि मे 14 व 15 मार्च में मध्य रात्रि 12:15 बजे प्रवेश करेगा, जिससे इस दिन मीन संक्रांति रहेगी। मीन संक्रांति हिंदुओं का एक प्रमुख त्याैहार माना जाता है। मीन संक्रांति को साल के आखिरी माह की संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह साल का आखिरी माह होता है।

मीन संक्रांति का महत्वः मीन संक्रांति का शास्त्रों में बड़ा महत्व बताया जाता है। इस दिन को धार्मिक दृष्टि से भी पवित्र और शुभ माना जाता है, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी उत्तम माना जाता है। मीन संक्रांति से सूरज की गति उत्तरायण की तरफ बढ़ रही होती है। उत्तरायण काल में सूरज उत्तर दिशा की ओर उदय होता दिखाई देता है। उसमें दिन का समय बढ़ जाता है और रातें छोटी हो जाती हैं। इसके साथ ही प्रकृति में नया जीवन शुरू हो जाता है। इस समय वातावरण और हवा भी शुद्ध हो जाती है। ऐसे में देव उपासना, योग, ध्यान, पूजा, तन, मन और बुद्धि को पुष्ट करते हैं। इस समय रातें छोटी होने के कारण नकारात्मक शक्तियों में भी कमी आ जाती है और दिन में ऊर्जा प्राप्त होती है।

मीन संक्रांति पर दान व पूजा का महत्वः मीन संक्रांति के शुभ दिन पर विशेष चीजों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। ज्यादातर इस दिन को दिव्य आशीर्वाद को ग्रहण करने का दिन माना जाता है। मीन संक्रांति के दिन दान पुण्य करने के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है। मीन संक्रांति के दिन ब्राह्मण और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र आदि का दान दिया जाता है। मीन संक्रांति के दिन भूमि का दान करने से अत्यंत सुख समृद्धि व वृद्धि होती है।

मीन संक्रांति के दिन दान का महत्वः

-मीन संक्रांति के दिन आराध्य देवी देवता की पूजा की जाती है।

-इस दिन सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाता है।

-मीन संक्रांति के दिन तिल, वस्त्र और अनाज का दान किया जाता है।

-मीन संक्रांति के दिन गाय को चारा खिलाना शुभ माना जाता है।

राष्ट्रपति पुतिन से पीएम मोदी ने एक बार फिर बात की, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा

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यूक्रेन में रुस के तेज होते हमलों के बीच आज प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। ये बातचीत यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित निकालने को लेकर हुई है।दरअसल यूक्रेन के बड़े शहरों पर रूस का हमला तेज हो चुका है और आम नागरिक ठिकानों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में भारत सरकार इन शहरों में फंसे भारतीय नागरिकों को एक सेफ पैसेज दिलवाने की कोशिश कर रही है। इस बैठक के बाद पीएम मोदी भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं।

भारतीयों को खारकीव खाली करने का निर्देश

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के लिए दिन-ब-दिन खतरा बढ़ता जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहां फंसे भारतीय छात्रों के लिए ताजा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें छात्रों से कहा गया है कि खारकीव से जितनी जल्दी हो सके, निकल जाएं। उन्हें किसी भी सूरत में शाम 6 बजे तक (यूक्रेन के समयानुसार) Pisochyn, Bezlyudovka & Babaye के सेट्लमेंट में पहुंचने को कहा गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ये एडवाइजरी रुस से मिली जानकारी के आधार पर जारी की गई है। यानी रुस जल्द ही खारकीव में अंतिम और बड़ा हमला करने वाला है।

परमाणु हमले का खतरा

उधर, रूस ने एक बार फिर परमाणु युद्ध की चेतावनी दी है। रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध महाविनाशकारी होगा. उन्होंने कहा कि तीसरा विश्व युद्ध परमाणु हमले वाला होगा। रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का इंतजार करेगा।उधर रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर रॉकेट और मिसाइलों से हमला किया। आज रूसी सेना ने खारकीव मिलिट्री अकादमी को निशाना बनाया। ताजा जानकारी के मुताबिक खारकीव में हुए रुसी हमलों में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 घायल हो गये हैं। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि जंग के पिछले छह दिनों में यूक्रेनी सेना ने रूस के 6 हजार जवानों को मार गिराया है।

भारतीयों को निकालने का अभियान जारी

भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है। ऑपरेशन गंगा के तहत नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचे हुए हैं और छात्रों की सुरक्षित वापसी की निगरानी कर रहे हैं। आज बुखारेस्ट में हेनरी कोंडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्होंने भारतीय छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और भारत वापस लाया जाएगा।

तिरंगे ने बचाई जान

यूक्रेन से रोमानिया के बुखारेस्ट शहर आए कई भारतीय छात्रों ने बताया कि चेकपॉइंट्स से सुरक्षित निकलने में तिरंगे ने उनकी काफी मदद की। जिन गाड़ियों पर तिरंगा लगा था, उन्हें बिल्कुल भी रोका नहीं जा रहा है। यहां तक कि कुछ पाकिस्तानी और तुर्की के छात्रों ने तिरंगे की मदद ली। आपको बता दें ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय छात्रों को यूक्रेन से बाहर निकाला जा रहा है। इन छात्रों के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देश रोमानिया, स्लोविया और पोलैंड से विशेष फ्लाइट्स उड़ाई जा रही हैं। इस काम में एयर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो के विमान भी लगे हुए हैं। इनका सारा खर्च भारत सरकार उठा रही है।

मध्य प्रदेश में इसलिये आबाद हैं बाघ, पेंगोलिन और कछुए

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भोपाल। मध्य प्रदेश यूं ही नहीं बाघ व तेंदुए की सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश बना है। यह परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले श‍िकारी व तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने से प्राप्त हुआ है। जिसके लिए बीते 11 वर्षों से स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार मेहनत कर रही है। चीन, नेपाल, ताइवान व म्यांमार समेत नौ देश और 14 राज्यों में श‍िकारियों के नेटवर्क में अब तक 1093 आरोपितों की पहचान कर अपराध दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 75 प्रतिशत गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। गिरफ्तार तस्करों में ताइवान, म्यांमार के दो नागरिक भी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में 2018 की गणना में 526 बाघ थे। 2022 के प्रचलित आकलन के अनुसार यह संख्या 700 तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य मेंं 2014 में 1517 तेंदुए थे, जिनकी संख्या अब 3421 है। दरअसल प्रदेश में 2006 में 300 बाघ थे, जो देश में सर्वाधिक थे।

भरपूर जंगल क्षेत्र होने के कारण तेंदुए, पेंगोलिन और जलीय तंत्र ठीक होने के कारण कछुओं की संख्या भी अच्छी खासी थी। जिन पर तस्करों की नजर पड़ी। तभी से तस्करों ने स्थानीय लोगों को मोहरा बनाया। रुपयों का लालच दिया और बाघ, तेंदुए, पेंगोलिन, कछुए समेत अन्य वन्यप्राणियों का शिकार कराया।

मामूली दामों पर इनके अंग मप्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, सिक्किम, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व ओडिशा के तस्करों ने खरीदे। यहां से बाघ के अंग नेपाल, चीन, तिब्बत, पेंगोलिन के अंग चीन, म्यांमार, तिब्बत, नेपाल, कछुए के अंग चीन, म्यांमार, थाईलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, हांगकांग और तेंदुए के अंग नेपाल तक भेजे गए थे।

कभी खत्म हो चुके थे बायसन, एक प्रोजेक्ट की वजह से अब हैं 140

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कभी खत्म हो चुके बायसन (जंगली भैंसा) एक बार फिर इसे गुलजार कर रहे हैं। यह सफलता ‘इंट्रोडक्शन आफ गौर इन बांधवगढ़” नाम के प्रयास से मिली। 12 साल पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट इन दिनों अपनी सफलता के चरम पर है। इसकी शुरुआत में 49 बायसन कान्हा टाइगर रिजर्व से यहां लाए गए थे, अब इनकी संख्या 140 से ज्यादा हो चुकी है।

प्रामोशन का किसको अधिकार दें, तीन साल में तय नहीं कर पाई मध्‍य प्रदेश सरकार

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भोपाल( । स्कूल शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की सुविधाभोगी सोच ने उन 80 हजार शिक्षकों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है, जिन्हें वर्ष 2018 में अध्यापक से शिक्षक संवर्ग में लाया गया है। जिम्मेदार अधिकारी अपना काम कनिष्ठ से कराना चाहते हैं, इसलिए तीन साल से शिक्षकों को क्रमोन्नति नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं, इस कारण सेवा पुस्तिका अपडेट नहीं हो रही हैं और उन्हें छठवें-सातवें वेतनमान का एरियर नहीं मिल पा रहा है। क्रमोन्नति की नोटशीट पिछले तीन साल से लोक शिक्षण संचालनालय, सचिवालय, विभाग के मंत्री एवं वित्त विभाग के बीच घूम रही है।

सामान्य प्रशासन विभाग के नियम अनुसार किसी भी कर्मचारी को नियोक्ता (नियुक्त करने वाला अधिकारी) ही क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान का लाभ दे सकता है। यह व्यवस्था सभी विभागों में लागू है पर वर्ष 2014 में स्कूल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने क्रमोन्नति को लेकर होने वाली कानूनी झंझट से बचने के लिए अपने अधिकार कनिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिए थे।

यही निर्णय आज 80 हजार शिक्षकों को भारी पड़ रहा है। वर्तमान अधिकारी भी चाहते हैं कि वर्ष 2014 की ही व्यवस्था लागू रहे और शासन इसके लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए तीन साल से नोटशीट घूम रही है।

स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार की प्रशासकीय मंजूरी के बाद नोटशीट करीब दो माह पहले फिर से वित्त विभाग को भेजी गई है, जो अभी नहीं लौटी है। उल्लेखनीय है कि शिक्षकों को 12, 24 और 30 साल में क्रमोन्नति दी जाती है। वर्ष 2006 में नियुक्त शिक्षक वर्ष 2018 में पहली क्रमोन्नति के लिए पात्र हो चुके हैं।

यह है शासन की व्यवस्था

स्कूल शिक्षा विभाग में पुराने संवर्ग के व्याख्याता की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण, उच्च श्रेणी शिक्षक की संभागीय संयुक्त संचालक व सहायक शिक्षक की जिला शिक्षा अधिकारी ने की है। यही फार्मूला क्रमोन्नति पर लागू होता है, पर काम के बोझ के मारे अधिकारियों ने वर्ष 2014 में इस व्यवस्था को ही पलट दिया।

आयुक्त ने अपने अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक और संभागीय संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए। यानी नियुक्ति भले ही आयुक्त ने की हो, पर व्याख्याता संवर्ग को अन्य लाभ देने की जिम्मेदारी संभागीय संयुक्त संचालक निभाएंगे और उच्च श्रेणी शिक्षक व सहायक शिक्षक की नियुक्ति की जिला शिक्षा अधिकारी।

जनजातीय विभाग में मिल रहा लाभ

करीब 55 हजार शिक्षकों की नियुक्त जनजातीय कार्य विभाग में भी हुई है, पर वहां ऐसी स्थिति नहीं है। इसलिए नियोक्ता कर्मचारियों को तय समय पर क्रमोन्न्ति का लाभ दे चुके हैं।

यूक्रेन मे करीब 17,000 भारतीय नागरिकों ने छोड़ा, 3500 से अधिक वापस लौटे

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भारत सरकार युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए हरसंभव उपाय कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बुधवार को सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन पर रूसी हमला होने के बाद से अभी तक लगभग 17,000 भारतीयों ने यूक्रेन छोड़ दिया है। वहीं अब तक 15 उड़ानों में 3,352 लोग भारत लौट भी चुके हैं। अरिंदम बागची ने कहा कि भारतीय वायु सेना के विमान बुखारेस्ट (रोमानिया) से पहली सी-17 उड़ान के साथ ऑपरेशन गंगा में शामिल हो गए हैं। अरिंदम बागची ने बताया मंत्रालय ने कहा कि हम वहां फंसे नागरिकों को निकालने में सहायता के लिए पूर्वी यूक्रेन पहुंचने के विकल्प तलाश रहे हैं। हम देख रहे हैं कि क्या हमारी टीमें वहां पहुंच सकती हैं, यह आसान नहीं है क्योंकि रास्ता हर समय खुला नहीं रहता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि कीव स्थित दूतावास को भारतीयों द्वारा सीमा पार करने की सुविधा के लिए ल्वीव (Lviv) में एक अस्थायी कार्यालय स्थापित करने के लिए कहा गया था। इस उद्देश्य के लिए हमारी दूतावास टीम का एक बड़ा हिस्सा अब Lviv में है।

भारतीय छात्रों की हरसंभव मदद

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जिन लोगों ने अपना भारतीय पासपोर्ट खो दिया है, उन्हें आपातकालीन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए एक क्रियाविधि स्थापित की गई है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इससे कई भारतीय छात्रों को भी मदद मिलेगी।

यूक्रेन में एक और छात्र की मौत

विदेश मंत्रालय ने कि यूक्रेन में रहने वाले भारतीय नागरिक चंदन जिंदल का बुधवार को स्वाभाविक कारणों से निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में थे। उनका परिवार भी यूक्रेन में ही रहता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उच्च स्तरीय बैठक, विदेशी नेताओं से भी की बातचीत

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूक्रेन-रूस संकट पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। यूक्रेन पर जारी हमलों के बीच करीब 18 हजार भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं। इन्हीं भारतीय छात्रों को स्वदेश वापसी को लेकर मोदी सरकार हर एक प्रयास कर रही है। इसी को लेकर पीएम मोदी आज एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंरकर समेत कई शीर्ष अधिकारी इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। यूक्रेन संकट को लेकर पीएम मोदी की यह चौथी बैठक है। युद्धग्रस्त देश में खार्किव में गोलाबारी के दौरान एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है। यूक्रेन में भारतीय छात्र की मौत को लेकर विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गंभीर दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खार्किव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई। मंत्रालय उनके परिवार के संपर्क में है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। केंद्र सरकार ने युद्धग्रस्त यूक्रेन से फंसे छात्रों और भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए आपरेशन गंगा शुरू किया है। ऑपरेशन गंगा मिशन के तहत एयर इंडिया द्वारा विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

इन विदेशी नेताओं ने की बात

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की। चार्ल्स मिशेल ने ट्वीट किया, निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अंधाधुंध रूसी हमलों के कारण आज खार्किव में एक भारतीय छात्र की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज टेलीफोन पर बातचीत हुई।

आपरेशन गंगा में अब भारतीय वायु सेना भी जुटेगी

‘आपरेशन गंगा’ के तहत चल रहे निकासी प्रयासों को बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने मंगलवार को भारतीय वायु सेना को निकासी प्रयासों में शामिल होने के लिए कहा है। सूत्रों ने कहा कि वायु सेना की क्षमताओं का लाभ उठाने से यह सुनिश्चित होगा कि कम समय में अधिक लोगों को निकाला जा सके। साथ ही कहा कि यह मानवीय सहायता को अधिक कुशलता से वितरित करने में भी मदद करेगा। भारतीय वायु सेना आज से ‘आपरेशन गंगा’ के तहत कई सी-17 विमान तैनात कर सकती है।