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वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता

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वृश्चिक और कुंभ राशि की धन एवं वित्तीय अनुकूलता
वृश्चिक और कुंभ राशि वालों का धन के प्रति दृष्टिकोण और वित्तीय मामलों में प्राथमिकताएँ भिन्न होती हैं, जो उनके रिश्ते में एक मज़बूत या कमज़ोर पहलू साबित हो सकता है। इसलिए, उनके व्यवहार के तरीकों में समानता और अंतर का तुलनात्मक विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, ताकि एक स्वस्थ वित्तीय तालमेल स्थापित किया जा सके और उनकी साझेदारी सफल हो सके।

साझा लक्षण
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोगों के वित्तीय व्यवहार में कुछ महत्वपूर्ण समानताएं हैं, साथ ही कुछ अन्य अंतर भी हैं। दोनों ही व्यक्ति व्यक्तिगत हितैषी होते हैं और अपनी रणनीतिक योजनाओं के आधार पर निवेश और बचत संबंधी निर्णय ले सकते हैं। वे धन और उसकी सुरक्षा को महत्व देते हैं, हालांकि धन के अर्थ के बारे में उनकी धारणा थोड़ी भिन्न हो सकती है। दोनों ही दीर्घकालिक योजना बनाने के लिए तत्पर रहते हैं, हालांकि इसके कारण काफी भिन्न होते हैं – वृश्चिक राशि स्थिरता और सुरक्षा के लिए, जबकि कुंभ राशि वित्तीय मामलों में अपनी इच्छानुसार कार्य करने की स्वतंत्रता के लिए।

अलग-अलग दृष्टिकोण
इन दोनों में सबसे बड़ा अंतर इनके वित्तीय प्रबंधन के तरीके में है। बजट के मामले में, वृश्चिक राशि वाले अधिक संयमित होते हैं और जोखिम लेने या साहसिक कार्यों पर पैसा खर्च करने की संभावना कम रखते हैं। वे स्थिर आय देने वाली रूढ़िवादी बचत और निवेश को प्राथमिकता दे सकते हैं। दूसरी ओर, कुंभ राशि वाले धन प्रबंधन में अधिक नवोन्मेषी होते हैं और अधिक लाभ की संभावना के लिए जोखिम भरे कार्यों में शामिल होने से भी नहीं हिचकिचाते। वे अक्सर पारंपरिक वित्तीय प्रणालियों पर उतना ध्यान केंद्रित नहीं करते और नई तकनीक या निवेश के नए साधनों के प्रति अधिक खुले होते हैं।

इसे कारगर बनाना
रिश्ते में वित्तीय पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है। वृश्चिक राशि कुंभ राशि के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि इससे कुंभ राशि के जातकों को अपने विचारों और नए व्यावसायिक अवसरों के प्रति अधिक यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने में मदद मिलती है, वहीं कुंभ राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए वित्तीय दृष्टि से नए रास्ते खोल सकते हैं। वृश्चिक राशि के जातकों का नकारात्मक पहलू यह है कि वे अपने कार्यों में अत्यधिक सुरक्षात्मक और रूढ़िवादी हो सकते हैं, लेकिन यह एक मजबूत वित्तीय नींव बनाने में सहायक हो सकता है। कुंभ राशि के जातक बहुत रचनात्मक होते हैं और अक्सर उनके पास चीजों के प्रति नए विचार और दृष्टिकोण होते हैं। इन दृष्टिकोणों का उचित संयोजन संभव है, जो एक तर्कसंगत और प्रभावी वित्तीय रणनीति के लिए सहायक होगा। इसलिए, दंपतियों के लिए ऐसे साझा वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है जो उनकी मान्यताओं और लक्ष्यों के अनुरूप हों।

सफलता की संभावना
वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग भले ही काफी अलग हों, लेकिन वे ऐसे व्यवसाय में अच्छे साझेदार बन सकते हैं जहाँ उन्हें पैसा कमाना हो और एक-दूसरे का सम्मान करना हो। वृश्चिक राशि वाले व्यक्ति बारीकियों पर ध्यान देंगे और अच्छी तरह से योजना बनाएंगे ताकि कुंभ राशि वाले व्यक्ति द्वारा अपनाए जाने वाले नए अवसरों से उन्हें भरपूर धन प्राप्त हो सके। वे आत्मनिर्भरता और भविष्य की योजना बनाने की क्षमता जैसे आपसी मूल्यों का लाभ उठाकर एक आर्थिक रूप से स्थिर संबंध स्थापित कर सकते हैं, जिससे एक-दूसरे की ताकत भी बढ़ेगी। वृश्चिक और कुंभ राशि के लोग यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके आर्थिक मतभेद उनके रिश्ते के लिए खतरा न बनें, बल्कि सीखने के अवसर बनें। यदि वे दोनों एक-दूसरे को और उनके अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझते हैं और अपने आर्थिक जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और सफलता जैसे समान वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो उनका रिश्ता अच्छा हो सकता है।

जानबूझकर लड़कियों की बाइक को टक्कर मारकर फॉलोअर बढ़ाता था यूट्यूबर

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जानबूझकर लड़कियों की बाइक को टक्कर मारकर फॉलोअर बढ़ाता था यूट्यूबर
दिल्ली पुलिस ने 32 साल के एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि वह जानबूझकर महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों से अपनी गाड़ी टकराता था, उनके रिएक्शन को चुपके से रिकॉर्ड करता था और फॉलोअर्स बढ़ाने और मॉनेटाइजेशन से पैसे कमाने के लिए उन वीडियोज को सोशल मीडिया पर अपलोड करता था. आरोपी की पहचान गुरमन सिंह के तौर पर हुई है, जो “रोड सेफ्टी वाला” नाम से सोशल मीडिया अकाउंट चलाता था. उसे शुक्रवार को पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर से गिरफ्तार किया गया. उस पर महिलाओं और लड़कियों को सड़क पर परेशान करने और बिना इजाजत उनकी रिकॉर्डिंग करने की कई शिकायतें थीं.

YouTube और Facebook पर किए अपलोड
यह मामला तब सामने आया जब राजा गार्डन के रहने वाले सनी अरोड़ा ने 2 जून को शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने जानबूझकर उनकी नाबालिग बेटियों की स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी, उनका पीछा किया और उन पर भद्दी टिप्पणियां कीं. बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि उनकी बेटियों के वीडियो उनकी मर्जी के बिना आरोपी के YouTube और Facebook अकाउंट पर अपलोड किए गए थे. पुलिस के मुताबिक, गुरमन सिंह कथित तौर पर सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ी चलाने वाली या पीछे बैठने वाली महिलाओं (जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं) को चुनता था और जान-बूझकर उनकी गाड़ियों से अपनी गाड़ी से टकरा देता था. शक से बचने के लिए, वह बड़ी आसानी से “सॉरी दीदी” कहकर माफी मांगता था और फिर पीड़ितों के रिएक्शन रिकॉर्ड करके उनकी बिना इजाजत के वीडियो ऑनलाइन अपलोड कर देता था.

दो लाख से ज्यादा हैं फॉलोअर्स
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (वेस्ट) हरेश्वर स्वामी ने बताया कि गुरमन सिंह @bikeronroad33 नाम का YouTube चैनल चलाता था. उसके लगभग 21,000 सब्सक्राइबर थे, और “Road Safety Wala” नाम का Facebook पेज भी चलाता था. इस पर भी उसके 2.1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे. पुलिस का कहना है कि ये वीडियो वायरल होने और पैसे कमाने (मॉनेटाइजेशन) के लिए बनाए गए थे. आरोपी के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के दौरान, जांचकर्ताओं को पता चला कि ज्यादातर कंटेंट में महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियां शामिल थीं. इसके बाद डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी निगरानी के जरिए विस्तृत जांच शुरू की गई.

ममता बनर्जी गुट और उनके समर्थकों में बढ़ता विवाद,ममता बनर्जी गुट ने रितब्रत पर फिर ठोका केस

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ममता बनर्जी गुट और उनके समर्थकों में बढ़ता विवाद,ममता बनर्जी गुट ने रितब्रत पर फिर ठोका केस
तृणमूल कांग्रेस में विवाद बढ़ता जा रहा है। ममता बनर्जी गुट ने रविवार को फिर से अपने बागी नेता रितब्रत बनर्जी और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

आरोप लगाया गया है कि वे पार्टी का नाम, चिन्ह और पदों का गलत इस्तेमाल करके कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भ्रमित कर रहे हैं। यह शिकायत टीएमसी की संयुक्त राष्ट्रीय सचिव डोला सेन ने की है।

इससे पहले शनिवार को पार्टी के कालीघाट गुट ने प्रगति मैदान और न्यू टाउन थाने में भी इसी तरह की शिकायतें दी थीं। पार्टी के अंदर यह झगड़ा पिछले एक महीने से चल रहा है और अब दोनों तरफ से कानूनी और संगठनात्मक हथियार इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

पार्टी टूटने के बाद बढ़ा विवाद
बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद टीएमसी दो टुकड़ों में बंट गई। रितब्रत बनर्जी गुट अलग रास्ता अपनाने लगा। ममता गुट इसे बर्दाश्त नहीं कर रहा।

दोनों पक्ष अब दावा कर रहे हैं कि असली पार्टी और उसका संगठन उनका ही है। डोला सेन ने कहा कि बागी लोग जानबूझकर पार्टी की ब्रांडिंग का दुरुपयोग कर रहे हैं।

इससे आम कार्यकर्ता कन्फ्यूज हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

रितब्रत गुट का क्या है दावा?
रितब्रत बनर्जी के समर्थक का दावा है कि पार्टी में लोकतंत्र की कमी हो गई है। वे पुरानी नीतियों में बदलाव चाहते हैं। लेकिन ममता गुट इसे साफ तौर पर बगावत मान रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों तरफ से अब और भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि यह लड़ाई सिर्फ नाम और चिन्ह की नहीं है। असल में यह पूरे संगठन पर कब्जे की जंग है। अगर जल्दी सुलझाया नहीं गया तो पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है।

सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल

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सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मसलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन जारी है. इसी बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार (28 जून) को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. यह जानकारी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी है.

अभिजीत दीपक ने एक्स पर लिखा, ”सोनम वांगचुक ने छात्रों को न्याय दिलाने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है.”

विरोध स्थल पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी हुए इकट्ठा
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जब अपना अनशन शुरू किया, तो विरोध स्थल पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी भी इकट्ठा हो गए. इनमें ज्यादातर छात्र और युवा शामिल थे. कुछ किसान नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए. अनशन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई.

भूख हड़ताल से पहले राजघाट भी गए वांगचुक और दीपके
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले, वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट भी गए. बता दें कि सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है, जिसमें एग्जाम सिस्म में कथित खामियों के लिए जवाबदेही और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास

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एक साथ 3 क्रिकेटर्स ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास
महिला टी20 विश्व कप के 10वें संस्करण (ICC Women’s T20 World Cup 2026) के ग्रुप बी की दोनों सेमीफाइनलिस्ट तय हो चुकी हैं. डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड का सफर समाप्त हो गया है. शनिवार को हुए मैच में इंग्लैंड से मिली शर्मनाक हार के बाद न्यूजीलैंड बाहर हो गई है. इस ग्रुप से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज टॉप-4 में पहुंची है.
3 खिलाड़ियों ने लिया संन्यास

इंग्लैंड के हाथों मिली इस हार के साथ न्यूजीलैंड की 3 दिग्गज खिलाड़ियों का इंटरनेशनल करियर समाप्त हुआ. सोफी डिवाइन, सूजी बेटस और ली ताहुहु ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. न्यूजीलैंड चाहती थी कि इन तीनों दिग्गजों को जीत के साथ विदाई दे, लेकिन इसके उलट टीम को एक शर्मनाक हार झेलनी पड़ी.

मुकाबले के बाद न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के प्लेयर्स ने संन्यास ले चुकी तीनों प्लेयर्स को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान सोफी डिवाइन, सूजी बेटस और ली ताहुहु की आंखे नम थी. तीनों महान प्लेयर्स भावुक थीं.

आज भारत के लिए ‘करो या मरो’ वाला मैच
ग्रुप B से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंच गई है, लेकिन ग्रुप B का फैसला आज होगा. आज दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत मैच है. ऑस्ट्रेलिया के 8 अंक हैं, भारत और दक्षिण अफ्रीका के 6-6 अंक हैं.

दुनियाभर में ‘वेलकम टू द जंगल’ का कब्जा

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दुनियाभर में ‘वेलकम टू द जंगल’ का कब्जा
अहमद खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की. इसे दर्शकों और क्रिटिक्स की ओर से अच्छा खासा रिस्पांस मिला. शनिवार को फिल्म की ऑक्यूपेंसी भी 33% दर्ज की गई. वहीं, फिल्म ने वर्ल्डवाइड भी रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन किया है. चलिए बताते हैं फिल्म के वर्ल्डवाइड कलेक्शन के बारे में.

‘वेलकम टू द जंगल’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन
इसके साथ ही फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने दूसरे दिन वर्ल्डवाइड छप्परफाड़ कमाई की. ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 59.40 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म के ओवरसीज बिजनेस की बात की जाए तो मूवी ने जहां पहले दिन 4.70 करोड़ रुपये कमाए वहीं, दूसरे दिन शनिवार को 7 करोड़ का कलेक्शन किया.

‘वेलकम टू द जंगल’ का डे 2 इंडिया नेट कलेक्शन
अब अगर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के इंडिया नेट कलेक्शन के बारे में बात की जाए तो ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने इंडिया में पहले दिन 19.40 करोड़ और दूसरे दिन शनिवार को 21.02 करोड़ का कलेक्शन किया था, जिसके बाद इसका कुल इंडिया नेट कलेक्शन 40.42 करोड़ हो चुका है.

सेशेल्स ने PM मोदी को दिया ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड

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सेशेल्स ने PM मोदी को दिया ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स सरकार ने ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड से सम्मानित किया है. यह सेशेल्स का एक बड़ा सम्मान है, जो पर्यावरण संरक्षण, जलवायु बदलाव से लड़ाई और टिकाऊ विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) में बेहतरीन नेतृत्व के लिए दिया जाता है. यह सम्मान पीएम मोदी के उन प्रयासों को मान्यता देता है, जिनके जरिए उन्होंने क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन ग्रोथ और पर्यावरण सुरक्षा को लगातार बढ़ावा दिया है.

यह अवॉर्ड पीएम मोदी की लंबे समय से चली आ रही उस सोच को दर्शाता है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा को भी बराबर महत्व दिया गया है. इस सम्मान के तहत ब्लू इकॉनमी, समुद्री संसाधनों के सही उपयोग और प्रकृति संरक्षण के लिए उनके योगदान को विशेष तौर पर सराहा गया है. प्रेसिडेंशियल साइटेशन में छोटे द्वीपीय देशों के समर्थन, जलवायु संकट से निपटने की क्षमता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए पीएम मोदी की भूमिका को भी अहम बताया गया है. साथ ही भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते संबंधों को भी इसमें रेखांकित किया गया है.

पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि ‘गार्डियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ अवॉर्ड पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने यह सम्मान भारत के लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि यह देश के हर नागरिक की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और योगदान का प्रतीक है. पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि भारत पर्यावरण की रक्षा, टिकाऊ विकास और हरित भविष्य के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह सम्मान पीएम मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि है. इससे पहले मई 2026 में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ने उन्हें एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था. यह सम्मान खाद्य सुरक्षा मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था.

पीएम मोदी को मिल चुके कई अन्य आवार्ड
इसके अलावा साल 2018 में पीएम मोदी को सियोल पीस प्राइज से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें टिकाऊ आर्थिक विकास, वैश्विक सहयोग और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए मिला था. इसी साल UN ने उन्हें ‘चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया था, जो संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान माना जाता है. यह सम्मान उन्हें जलवायु कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सहयोग में नेतृत्व के लिए दिया गया था. सेशेल्स से मिला यह नया सम्मान दिखाता है कि पीएम मोदी की पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई और टिकाऊ विकास को लेकर नीतियों को वैश्विक स्तर पर लगातार सराहना मिल रही है. यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पर्यावरण के क्षेत्र में उसकी मजबूत पहचान को भी दर्शाता है.

एसआईटी की जांच में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे

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एसआईटी की जांच में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है. सूत्रों के मुताबिक SIT की जांच में कई संदिग्धों की आर्थिक हैसियत में भारी बढ़ोतरी की बात सामने आई है. किसी की हैसियत 50 गुना तो किसी की 100 गुना तक बढ़ने की जांच की जा रही है. जमीन, प्लॉट, होटल जैसे निर्माण और संदिग्ध संपत्तियां अब जांच के दायरे में हैं.

रकम के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद में खुला खेल- सूत्र
सूत्रों की मानें तो टिन्नू यादव और उससे जुड़े नेटवर्क के 30 से अधिक लोग पुलिस और SIT के रडार पर बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रकम के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद के बाद यह पूरा खेल खुलने लगा है.

ट्रस्ट से जुड़े बड़े नामों को अभी क्लीन चिट नहीं- सूत्र
एसआईटी की जांच में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं. कंट्रोल रूम प्रभारी, सुरक्षा कर्मियों, PAC और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. SIT की विस्तृत जांच के बाद विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है. ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है. सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट से जुड़े बड़े नामों को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है.

नालंदा यूनिवर्सिटी में फिर से शुरू हुई ‘शास्त्रार्थ’ परंपरा

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नालंदा यूनिवर्सिटी में फिर से शुरू हुई ‘शास्त्रार्थ’ परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नालंदा यूनिवर्सिटी में ‘शास्त्रार्थ’ की प्राचीन भारतीय परंपरा को फिर से शुरू करने की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ये संस्थान भारत की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी के साथ सफलतापूर्वक जोड़ रहा है.

‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी में पीएम मोदी ने 2 साल पहले नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस के उद्घाटन को याद किया और तर्कपूर्ण बहस की पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करने के लिए संस्थान की जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा, “दो साल पहले मुझे नालंदा यूनिवर्सिटी के कैंपस का उद्घाटन करने का मौका मिला था. नालंदा यूनिवर्सिटी ने हमारी ‘शास्त्रार्थ’ की प्राचीन परंपरा को फिर से जीवित किया है. शास्त्रार्थ सिर्फ अपनी बात रखने का जरिया नहीं है बल्कि ये बहस बातचीत और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है.”

पीएम मोदी ने कहा कि शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा प्रतिभागियों को तर्क और तथ्यों के साथ अपनी बात रखना सिखाती है और साथ ही विरोधी विचारों को धैर्यपूर्वक सुनने और समझने की सीख भी देती है. प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि नालंदा यूनिवर्सिटी ने अपने दीक्षांत समारोह में ‘शास्त्रार्थ’ को शामिल किया है. उन्होंने कहा कि इसमें हिस्सा लेने वाले लगभग आधे छात्र दूसरे देशों से आए थे.

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से भी अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल के लिए यूनिवर्सिटी को बधाई दी और देश भर के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों से भी ऐसी ही परंपराओं को अपनाने पर विचार करने की अपील की. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रही तरक्की का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन को अपनाते हुए इंसानी रचनात्मकता को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम कुकरू में ग्रामीणों के साथ सुना “मन की बात” कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम कुकरू में ग्रामीणों के साथ सुना “मन की बात” कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायक महेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में ब्यावरा में चल रहे ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अभियान को ‘जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन’ और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।