शनिवार से 5जी सेवाएं (5G Mobile Services) शुरू हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (India Mobile Congress) का उद्घाटन किया और पहले चरण में 13 शहरों में 5-G सेवा शुरू की। जल्द ही इसका विस्तार किया जाएगा। ये 13 शहर हैं – अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, दिल्ली और मुंबई। इस मौके पर रिलायंस, एयरटेल समेत टेलिकॉम सेक्टर के दिग्गज मौजूद रहे। इसके साथ ही भारत उन 70 देशों में शामिल हो गया है, जहां 5G Mobile Services हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा इंटरनेट स्पीड को लेकर होगा। न केवल इंटरनेट स्पीड बढ़ जाएगी, बल्कि कवरेज बैंडविथ के साथ ही डेटा ट्रांसफर की स्पीड भी बढ़ जाएगी। एजुकेशन से लेकर हेल्थ, बिजनेस, कृषि समेत तमाम सेक्टर्स में इसका फायदा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IMC 2022 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, उन्होंने जियो पवेलियन में प्रदर्शित ट्रू 5जी उपकरणों को देखा और ‘जियो-ग्लास’ को खुद पहन कर उसका अनुभव किया। उन्होंने युवा Jio इंजीनियरों की एक टीम द्वारा एंड-टू-एंड 5G तकनीक के स्वदेशी विकास को भी समझा। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ दूरसंचार मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, दूरसंचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान, रिलायंस के चेयरमैन श्री मुकेश अंबानी और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी भी उपस्थित थे।
भारत में अब तक 4जी इंटरनेट सेवाएं हैं। 5जी लांचिंग के साथ ही भारत कोरिया, जापान, यूके, अमेरिका जैसे देशों में शामिल हो जाएंगा। भारत ने पांच साल पहले इस दिशा में कदम रखा था। रिलायंस जियो ने इस साल की 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में 88,000 करोड़ रुपये की सबसे अधिक की बोली लगाई है। कंपनी ने अगस्त में कहा था कि वह दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों में दिवाली तक अपने 5जी नेटवर्क पर हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू करेगी।
5-जी सर्विस पीएम मोदी ने लांच की
जीवन शैली में अधिक पानी के उपयोग पर आधारित बदलाव की आवश्यकता : मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश जल उपयोग के लिए पूर्णत: सजग है। वर्ष 2003 के बाद प्रदेश में पानी रोक कर सिंचाई क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़ कर 42 लाख हेक्टेय़र तक पहुँच गई है। हम कम पानी में अधिक और प्रभावी सिंचाई व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए केनाल सिस्टम के स्थान पर प्रेशर पाईप से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उद्देश्य अधिक से अधिक पानी बचाना है। मुख्यमंत्री चौहान मध्यप्रदेश राज्य जल नीति-2022 पर मंत्रालय में हुई जल विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों की संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
संगोष्ठी में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, अटल बिहारी वाजपेयी नीति विश्लेषण संस्थान के प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एस.एन. मिश्रा, वरिष्ठ अधिकारी, जल विशेषज्ञ तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल सरलता से उपलब्ध हो। इस उद्देश्य से जल जीवन मिशन गाँव-गाँव में क्रियान्वित किया जा रहा है। भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए जलाभिषेक अभियान में विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की गई। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप सभी जिले में बड़ी संख्या में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि क्रॉप पेटर्न अब बदल रहा है। खेती में तीसरी फसल लेने की व्यवस्था ने प्रवेश कर लिया है। यह फसल प्राय: गर्मी के दिनों में ली जा रही है, जो भू-जल पर आधारित है। इससे उत्पादन तो बढ़ रहा है पर भू-जल स्तर निरंतर नीचे जा रहा है। अधिक सिंचाई वाली फसलों के कारण नदियाँ भी दम तोड़ रही हैं। इन मुद्दों पर विचार आवश्यक है। उद्योगों में भी पानी की मांग निरंतर बढ़ रही हैं। भविष्य में पानी की उपलब्धता और मांग को देखते हुए रणनीति बनाना आवश्यक है। पीने का पानी आज भी बहुत से ग्रामों और बसाहटों में बड़ी समस्या है। भविष्य में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना बढ़ी चुनौती होगी। नदियों के पुनर्जीवन के लिए जन-सामान्य की संवेदनशीलता को जागृत करते हुए कार्य-योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन आवश्यक है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए अधिक पानी के उपयोग पर आधारित जीवन शैली में बदलाव की आवश्यकता है। पानी को रि-साईकल कर उसे उपयोग में लेने, कम पानी के उपयोग से गतिविधियाँ संचालित करने की पद्धतियों को रोजमर्ऱा के जीवन में अपनाना होगा। हमें आने वाली पीढ़ी के लिए धरती इस स्वरूप में छोड़ना है, जिससे भावी पीढ़ी भी धरती पर खुशहाल जीवन व्यतीत कर सके। हमें इन चिंताओं को ध्यान में रख कर जल नीति बनाना होगी। नीति ऐसी बने जिसे जनता के साथ मिल कर क्रियान्वित किया जा सके।
मुख्यमंत्री चौहान को सेंटर फॉर सस्टेनेबल गोल्स द्वारा प्रकाशित डॉ. अरविंद कुमार की पुस्तक “इंडिया एट 75 एण्ड बियोंड” भेंट की गई। संगोष्ठी में जल के सांस्कृतिक, आर्थिक एवं सामाजिक महत्व, सामुदायिक सहभागिता, वाटर लिट्रेसी, आज के परिप्रेक्ष्य में समाज की परंपरागत तकनीक और अनुशासन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल प्रहरी का महत्व, क्रॉपिंग पेटर्न और जीवन शैली, विभिन्न उपयोगों के लिए जल स्रोतों की प्राथमिकता, वाटर सिक्योरिटी प्लांट, वाटर ट्रेकिंग एप, जैव विविधिता संरक्षण, जल शुद्धिकरण और जल गुणवत्ता, तालाबों और नदियों का पुर्नजीवन विषय पर चर्चा हुई।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के साथ मुख्यमंत्री चौहान ने नारियल का पौधा लगाया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निवास परिसर में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ नारियल का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री सिंधिया का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान अपने संकल्प के क्रम में प्रतिदिन पौध-रोपण करते हैं।
आज लगाए गए नारियल को भारतीय सभ्यता में शुभ और मंगलकारी माना गया है। नारियल स्वास्थ्य की दृष्टि से भी उपयोगी और लाभप्रद है। नारियल को संस्कृत में ‘श्रीफल’ कहा जाता है।
सलकनपुर देवी धाम में मुख्यमंत्री चौहान ने माता विजयासन देवी की पूजा-अर्चना की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्नी साधना सिंह, पुत्र कार्तिकेय चौहान के साथ सलकनपुर देवी धाम पहुँचकर माता विजयासन देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने नागरिकों की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। गुरु प्रसाद शर्मा, रवि मालवीय, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह राजपूत तथा राजेश राजपूत सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश को राष्ट्रपति मुर्मू ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से किया सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश को 2 अवॉर्ड से सम्मानित किया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’और प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट एथनोग्राफिक फिल्म श्रेणी में ‘मांदल के बोल के लिए रजत कमल पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्राप्त किए। साथ ही फिल्म ‘मांदल के बोल’ के निर्देशक राजेंद्र जांगले को भी रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 22 जुलाई 2022 को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की थी।
मंत्री ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार मिलना प्रदेश के लिए सम्मान का पल है। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश की जनता का भी योगदान है, जिनके कला और कलाकारों के प्रति प्रेम ने प्रदेश को फिल्म फिल्मांकन के लिए अनुकूल बनाया है।
प्रमुख सचिव शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की फिल्म नीति में फिल्मकारों को अनुदान, लोक सेवा गारंटी में समय-सीमा में अनुमति प्रदाय, सिंगल विंडो सिस्टम आदि आकर्षक पहलुओं को शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य और आकर्षक लोकेशन से फिल्मकारों को अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पुरस्कार हमारे लिए फिल्मकारों को और अधिक सुविधा और सहायता देने के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।
मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड पाने वाले मध्यप्रदेश में अब तक 350 से ज्यादा फिल्म, सीरियल, वेब सीरिज सहित अन्य परियोजनाओं की शूटिंग हो चुकी हैं। वर्तमान में 7 फिल्म प्रोजेक्ट पिंच, तिवारी, चंदेरी हैंडलूम द वोवेन मोटिफ्स, महल, द मास्टर स्क्वॉड, करतम भुगतम, पराक्रम की शूटिंग चल रही है।
भाजपा का महाकोशल और विंध्य में रहा दबदबा
विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे नगरीय निकाय के चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। भाजपा और कांग्रेस के नेता इस हिसाब से ही चुनाव प्रचार में जुटे थे। 46 निकायों के परिणाम शुक्रवार को घोषित हुए। महाकोशल और विंध्य क्षेत्र में भाजपा का दबदबा रहा है। मालवा और निमाड़ में भी भाजपा आगे रही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो परिणाम भाजपा के पक्ष में और कांग्रेस को सतर्क करने वाले हैं।
महाकोशल और विंध्य क्षेत्र के 19 नगरीय निकायों के परिणाम घोषित हुए। इनमें 17 निकाय अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों के हैं। इनमें 12 में भाजपा आगे रही। डिंडौरी और बिजुरी नगर पालिका में कांग्रेस और भाजपा ने बराबर सीटें जीती हैं।
वहीं, कोतमा, नैनपुर, बिछिया और जयसिंहनगर में कांग्रेस के पार्षद भाजपा की तुलना में अधिक जीते हैं। जबकि, सिंगरौली की सरई नगर परिषद में सर्वाधिक छह निर्दलीय और पांच गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पार्षद चुनाव जीते हैं। यहां भाजपा और कांग्रेस के दो-दो स्थान मिले हैं। उधर, आम आदमी पार्टी ने सिंगरौली जिले की बरगवां नगर परिषद में पांच और बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका में एक सीट जीती है।
टी20 विश्वकप 2022 के लिए टीमों के प्राइज मनी का ऐलान
ICC ने टी20 विश्वकप 2022 के लिए टीमों को मिलनेवाले प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है। इसी महीने ऑस्ट्रेलिया में इस टूर्नामेंट का आयोजन होना है। इस बार विश्वकप को जीतने वाली टीम को करोड़ों रुपये मिलने वाले हैं। हारने वाली टीम के लिए भी करोड़ों की राशि जीतने का मौका होगा। ICC ने ट्वीट कर बताया कि इस बार T20 वर्ल्ड कप विजेता टीम को 1.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर दिए जाएंगे। भारतीय करेंसी में ये करीब 13 करोड़ रुपये हैं। वहीं फाइनल में हारने वाली टीम को भी इसका आधा यानी करीब 6.52 करोड़ रुपये मिलेंगे।
टी20 विश्वकप के सेमीफाइनल में हारनेवाली टीम को 4 लाख डॉलर यानी करीब 3.26 करोड़ रुपये मिलेंगे, वहीं सुपर 12 राउंड से एग्जिट करनेवाली आठ टीमों को इनाम के तौर पर 70 हजार डॉलर यानी करीब 56 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं पिछले टी20 वर्ल्ड कप की तरह इस बार भी सुपर 12 के मैच में हर जीत पर 40 हजार डॉलर यानी 32 लाख रुपये मिलेंगे।
सुपर 12 चरण में सीधे जगह बनाने वाली आठ टीमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका हैं। अन्य आठ टीमें – ग्रुप ए में नामीबिया, श्रीलंका, नीदरलैंड, यूएई और ग्रुप बी में वेस्टइंडीज, स्कॉटलैंड, आयरलैंड और जिम्बाब्वे, चार-;ej के दो समूहों में विभाजित हैं और पहले दौर में खेलेंगे। पहले दौर में किसी भी जीत के लिए, $40,000 ( 32 लाख रुपये) की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, जिसमें 12 मैचों की राशि $480,000 होगी। पहले दौर में बाहर हुई चारों टीमों को प्रत्येक को 40,000 डॉलर मिलेंगे।
बिग बॉस’ की ये कंटेस्टेंट सबसे हॉटेस्ट हसीनाएं मानी जाती हैं
सलमान खान का धमाकेदार और दमदार रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 16’ टीवी पर दस्तक देने के लिए तैयार है। हर साल शो दर्शकों का खूब मनोरंजन करता है, साथ ही स्टार्स के असली व्यवहार से भी लोगों को रूबरू करवाता है। इस साल ‘बिग बॉस 16’ (Bigg Boss 16) से कुछ हसीनाएं भी जुड़ने वाली हैं, जिसमें निया शर्मा से लेकर जन्नत जुबैर तक का नाम शामिल है। लेकिन बता दें कि इससे पहले भी कई बोल्ड एंड ब्यूटीफुल हसीनाएं सलमान खान (Salman Khan) के ‘बिग बॉस’ का हिस्सा रह चुकी हैं। अपने अंदाज को लेकर उन्होंने भी लोगों का ध्यान खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
नवरात्रि के नौ दिनों में कन्या पूजन में उपहार में दे ये पांच चीजें
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा आराधना की जाती है। महा अष्टमी और महानवमी के दिन कन्याओं की पूजा की जाती है। देवी मां को प्रसन्न करने के लिए छोटी-छोटी कन्याओं की पूजा की जाती है। साथ ही उन्हें उपहार भी दिया जाता है। ये परंपरा काफी समय से चली आ रही है। जिसका पालन ज्यादातर घरों में किया जाता है। नवरात्रि में कलश स्थापना और पूजा के साथ ही कन्याओं को भोजन जरूर कराया जाता है। कन्याओं को उपहार में इन पांच चीजों को देने से माता रानी प्रसन्न होती हैं। आइए जानते हैं कि वे पांच चीजें कौन सी हैं।
लाल वस्त्र
कन्याओं का पूजन करने के साथ ही उन्हें लाल वस्त्र उपहार स्वरूप देने चाहिए। माता रानी को लाल वस्त्र काफी पसंद है। अगर आप लाल वस्त्र देने में असमर्थ हैं तो लाल रंग की चुनरी हर कन्या को ओढ़ाएं। इससे भी देवी मां का आशीर्वाद मिलेगा।
फल
कन्याओं को भोजन कराने में एक फल जरूर दें। माना जाता है कि फल उपहार में देने से आपके अच्छे कर्मों का फल कई गुना वापस होकर आता है। केला और नारियल को सबसे शुभ फल माना गया है। केला विष्णु भगवान का प्रिय है तो वहीं नारियल देवी मां को पसंद है। इसलिए इन दोनों को ही दान में देना चाहिए। वहीं कन्याओं को उपहार में दें।
मिष्ठान्न
प्रसाद स्वरूप कन्याओं को किसी एक तरह का मिष्ठान्न जरूर खिलाना चाहिए। आप कन्याओं के भोजन में सूजी का हलवा, आटे का हलवा माता रानी को भोग लगाने के बाद दे सकती हैं। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है।
श्रृंगार सामग्री
नवरात्रि में कन्या भोजन के बाद सारी कन्याओं को उपहार में श्रृंगार की सामग्री देनी चाहिए सबसे पहले श्रृंगार की सामग्री को देवी मां को चढ़ा देना चाहिए। उसके बाद उन श्रृंगार की सामग्री को कन्याओं में बांट देना चाहिए। माना जाता है कि कन्याओं की ग्रहण की गई श्रृंगार की सामग्री सीधे देवी मां स्वीकार कर लेती हैं।
चावल या जीरा
परंपरा के अनुसार घर से जब बेटियां विदा होती हैं तो उन्हें चावल उपहार में दिया जाता है। उसी तरह से कन्याओं को भोज कराने के बाद विदाई में चावल देना चाहिए। चावल के साथ जीरा भी देना चाहिए
कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में खड़गे का नाम आते ही बाहर हुए दिग्विजय
कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम आते ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह दौड़ से बाहर हो गए। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ को सुबह साढ़े आठ बजे फोन कर बताया कि वे अब नामांकन पत्र दाखिल नहीं करेंगे। मैं उनका साथ दूंगा। दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र लिया था।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कमल नाथ ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने मुझे बताया कि खड़गे नामांकन भर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता है और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता हैं इसलिए मैं नामांकन पत्र नहीं भरूंगा। प्रदेश से विधायकों को प्रस्तावक के लिए भेजने पर कहा कि मुझसे उन्होंने (दिग्विजय सिंह) प्रस्तावक भेजने के लिए कहा था तो मैंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा.गोविन्द सिंह को कह दिया था। उन्होंने नाम चुनकर सूची दी थी और वे सभी पहुंच गए थे। खड़गे का नाम अचानक नहीं आया।
उनके नाम की चर्चा तो पहले से थी। वे वरिष्ठ नेता हैं। दक्षिण से आते हैं और दक्षिण को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। जहां तक मेरे वोट का प्रश्न है तो वह खड़गे को जाएगा। जहां तक दिग्विजय सिंह का प्रश्न है तो वे मध्य प्रदेश के दस साल मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। उनको पूरे प्रदेश के बारे में जानकारी है।





