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अभिभावकों ने रील्स बनाने को लेकर डांटा तो यूपी से दो सहेलियां घर से भागीं

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भोपाल। उत्तरप्रदेश की दो किशोरियां अभिभावकों की डांट से इस कदर परेशान हुई कि घर से भाग गई। भोपाल की रेलवे चाइल्डलाइन ने 15 व 16 साल की दोनों किशोरियों को रेस्क्यू किया। काउंसलिंग के बाद दोनों किशोरियों को अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों के अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने कोरोना के समय अपनी बेटियों को आनलाइन कक्षा के लिए मोबाइल दिया था। अब वे मोबाइल पर दोस्तों से चैट करती हैं। पढ़ाई बिल्कुल नहीं करती हैं। उन्होंने रील्स बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डालना शुरू कर दिया है। अभिभावकों ने उन्हें रोक-टोक करते हुए फटकार लगाई तो तो गुस्से में दोनों सहेलियां बिना कुछ सोचे घर से निकल गई।
बाद में उन्हें डर लगा तो उन्होंने परिवार को इस बात की जानकारी दी कि वे कुशीनगर एक्सप्रेस में हैं। रेलवे चाइल्ड लाइन और आरपीएफ की टीम ने कुशीनगर ट्रेन में खोजा। इसके बाद किशोरियों को चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया। सीडब्ल्यूसी की सदस्य ब्रिज त्रिपाठी ने बताया कि दोनों किशोरियां यूपी के व्यवसायी परिवारों से हैं। उनकी काउंसलिंग करने के बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया है।
किशोरियों ने झूठी कहानी सुनाई
किशोरियों ने स्वजन को काल कर अपने अगवा होने की झूठी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रेन के बाथरूम में बांध के रखा गया है। हालांकि, जब भोपाल टीम ने खासी मशक्कत के बाद बच्चियों को ढूंढ निकाला तो वे आराम से ट्रेन में सफर करती मिली। किशोरियों ने बताया कि माता-पिता उन्हें मोबाइल को लेकर गुस्सा करते हैं। खासकर रील्स देखने और बनाने को लेकर बहुत डांट सुनना पड़ती थी। अभिभावकों ने बताया कि बच्चियों का पूरा ध्यान मोबाइल में रहता है। इसके चलते उन्हें डांटना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने सोचा भी नहीं था कि किशोरियां ऐसा कदम उठा सकती हैं।

शिवलिंग के ऊपर जल से भरा कलश धार जिले में अचानक घूमने लगा

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धामनोद। मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद नगर में बावड़ी मोहल्ले स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के ऊपर बंधा हुआ जल से भरा कलश अचानक तेज गति से घूमने लगा। इस अद्भुत घटना को देखने वाले भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। आज सूर्य ग्रहण है और सूतक से पहले पुजारी लक्ष्मणजी द्वारा रात 3 बजे पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गए थे। लेकिन प्रतिदिन दर्शन करने वाले भक्त मंदिर पहुंचे और पट बंद होने से शिखर के दर्शन किए। कुछ भक्तों की नजर भगवान के मंदिर में जाली से गर्भगृह में पड़ी तो शिवलिंग के ऊपर लगा जल से भरा कलश घूम रहा था।
उन्होंने नगर के दूसरे लोगों को इसकी जानकारी दी। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ यहां जमा हो गई। इंटरनेट मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। जानकारी के मुताबिक मां नर्मदा का जल शिवलिंग के ऊपर अभिषेक के लिए कलश में भरा जाता है। भक्त इस घटना को सूर्य ग्रहण से जोड़कर देख रहे हैं।

दीपावली का शानदार जश्न व्हाइट हाउस में

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अमेरिका में भारतीयों के बढ़ते दबदबे की बीच इस बार व्हाइट हाउस में भी दीपावली का जश्न शानदार अंदाज में मनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन ने अपने सरकारी निवास व्हाइट हाउस में भारतीय-अमेरिकियों के साथ दिवाली का जश्न धूमधाम से मनाया। इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ बड़ी तादाद में भारतवंशी भी पहुंचे। इस कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी की भारतवंशी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी पहुंची थी। दिवाली के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने संबोधन में दिवाली की शुभकामनाएं दीं और साथ ही दीपावली पर जारी अपने संदेश में हथियार समर्थकों को कड़ा संदेश भी दिया। बाइडेन ने कहा कि इससे पहले कि मैं जाऊं (कार्यकाल खत्म करके), हम असॉल्ट हथियारों पर प्रतिबंध लगाएंगे। हमने पहले भी किया था, हम फिर करेंगे। हिंसक उग्रवाद एक खतरा है। इस देश में नफरत का कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं हो सकता।
कमला हैरिस ने भी दी दीपावली की बधाई
इसके अलावा उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने आज रात हम दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों के साथ मिलकर दिया जलाएंगे और बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अंधेरे पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाएंगे। कमला हैरिस ने कहा कि कई संस्कृतियों की तरह दिवाली हमें याद दिलाती है कि हम दुनिया में एक दूसरे में और अपने आप में रोशनी देखें।
बाइडेन ने ऋषि सुनक का भी किया जिक्र
अमेरिका की राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने संबोधन में ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने जा रहे भारतीय मूल के सांसद ऋषि सुनक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऋषि सुनक अब यूके के पीएम होंगे। जल्द ही वे बिट्रेन के राजा से मिलने जाने वाले हैं। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है, एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह काफी मायने रखता है।
व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह के दौरान बॉलीवुड गीतों पर नृत्य प्रस्तुति भी दी गई। इस बीच जिल बाइडन ने कहा कि एशिया के लोगों खासकर भारतीयों के चलते ही अमेरिका तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिल बाइडेन ने कहा कि मैं आभारी हूं कि आज इस दिवाली के कारण दृढ़ता और विश्वास के साथ, प्यार के साथ आपको इस घर तक लाया गया है।

लिंगायत संत बसवलिंगा स्वामी मठ में मृत पाए गये, कमरे से मिला दो पेज का सुसाइड नोट

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कर्नाटक के रामनगर में श्री कंचुगल बंदेमठ के एक लिंगायत संत बसवलिंगा स्वामी सोमवार को अपने आश्रम में मृत पाए गए। पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय बसवलिंगा स्वामीजी का शव मठ में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुदुर पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच की जा रही है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और छानबीन शुरु कर दी है।
जब कंचुगल बंदेमठ के प्रधान पुजारी 44 वर्षीय बसवलिंगा स्वामी ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला और भक्तों के फोन कॉल भी नहीं उठाए, तब भक्तों ने सोमवार सुबह उनके कमरे का दरवाजा तोड़ा। कमरे के भीतर संत का शव फंदे से लटका पड़ा था। साथ की कमरे में स्वामी द्वारा लिखा गया दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला। नोट में कथित तौर पर कहा गया है कि मठ के प्रधान पुजारी को कुछ लोगों द्वारा मानहानि की धमकी देकर परेशान किया जा रहा था।
बंदेमठ 400 से अधिक वर्षों से अस्तित्व में है और पिछले 25 वर्षों से बसवालिंगा स्वामी मठ के पुजारी थे. रामनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज होने के बाद साधु की मौत की जांच शुरू कर दी है. बता दें कि पिछले महीने बेलगावी जिले के बैलाहोंगला तालुक के नेगीनाहला गांव में श्री गुरु मदीवालेश्वर मठ के पुजारी बसवासिद्दालिंगा स्वामीजी मृत पाए गए थे।

‘बिल्ला’की स्क्रीनिंग के दौरान लगी आग

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‘बिल्ला’की स्क्रीनिंग के दौरान लगी आग
बाहुबली बन लोगों के दिलों पर राज करने वाले टॉलीवुड के सुपरस्टार प्रभास आज अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने पसंदीदा सितारे के जन्मदिन के मौके पर फैंस भी काफी खुश हैं और धूमधाम से जश्न मना रहे हैं। इसी खुशी में आंध्र प्रदेश के एक थिएटर में प्रभास की फिल्म ‘बिल्ला’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी। लेकिन थिएटर में उस समय आग लग गई, जब स्क्रीनिंग के दौरान फैंस ने पटाखे फोड़ दिए।
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम कस्बे के एक थिएटर में रविवार को प्रभास के जन्मदिन के मौके पर उनकी फिल्म ‘बिल्ला’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी। लेकिन अभिनेता के फैंस ने अति उत्साह का प्रदर्शन करते हुए वेंकटरमण थिएटर में स्क्रीनिंग के दौरान पटाखे फोड़ दिए, जिसकी वजह से थिएटर की सीटों में आग लग गई।
आग की लपटें तेजी से थिएटर में फैलते देख दर्शक में दहशत का माहौल बन गया और वे सभी हॉल से बाहर भाग गए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और थिएटर के कर्मचारियों ने फिल्म देख रहे कुछ लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने से थिएटर को नुकसान जरूर पहुंचा है।

ISRO के बाहुबली रॉकेट LVM3 M2 से लॉन्च होंगे 36 सैटेलाइट

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भारतीय स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (ISRO) एक बड़ी कामयाबी के मुहाने पर है। 22 तारीख की आधी रात को ये अपने सबसे भारी और शक्तिशाली रॉकेट ‘एलवीएम-3’ (लॉन्च व्हीकल-3) मार्क 2 के जरिए से एक साथ 36 सैटेलाइट्स को प्रक्षेपित करेगा। इस मिशन का 24 घंटे का काउंटडाउन रात 12 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगा। इस मिशन में ब्रिटिश स्टार्टअप वनवेब के 36 उपग्रहों को लॉन्च किया जाएगा। इस लॉन्च की कामयाबी से इसरो, ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च सर्विस मार्केट में अपनी शानदार एंट्री दर्ज करा सकता है।
क्यों अहम है ये मिशन?
स्पेस डिपार्टमेंट के अंतर्गत हाल ही में शुरू NSIL (New Space India Ltd) ने लंदन में मौजूद वनवेब के साथ दो LVM 3 के जरिए LEO (Low Earth Orbit) सेटेलाइट्स के लॉन्च सर्विस का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह स्पेस डिपार्टमेंट के अंर्तगत इसरो के कमर्शियल लेग की तरह काम करता है। इस तरह NSIL के साथ यह पहला कमर्शियल एलवीएम3 लॉन्च होगा। यह पहली बार होगा, जब लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (GSLV मार्क 3) के जरिए कोई कमर्शियल लांच किया जा रहा है। अगर ये मिशन कामयाब रहा, तो इसरो के लिए कॉमर्शियल लॉन्चिंग की राह आसान हो जाएगा। वहीं इस बाहुबली के कमर्शियल मार्केट में उतरने से इसरो और NSIL के लिए, इस फील्ड में तमाम दरवाजे खुल जाएंगे।
क्या है इसकी खासियत?
लॉन्च व्हीकल मार्क 3 इसरो का सबसे भारी भरकम 640 किलो वजनी रॉकेट है, जो अपने साथ करीब 4 टन पेलोड जियो सिंक्रोनस ऑर्बिट (GSO) में और 8 तो वजनी पेलोड लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में ले जाने में सक्षम है। इससे पहले इसरो, कमर्शियल लॉन्च के लिए पीएसएलवी का इस्तेमाल करता था। यह तीन स्टेज का रॉकेट है, जिसमे दो सॉलिड मोटर स्टेप्स ऑन और एक लिक्विड प्रोपोलेंट कर स्टेज है और बीच में क्रायोजेनिक स्टेज है। इसके भारी भरकम रूप के कारण इसे इसरो का बाहुबली भी कहा जाता है।

उज्जैन के ‘श्री महाकाल लोक’का नाम बदलकर ‘श्री महाकाल महालोक’किया

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उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर परिसर का नवविस्तारित क्षेत्र ‘श्री महाकाल लोक’ अब ‘श्री महाकाल महालोक’ ही कहलाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ये जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर साझा की है। लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीष, स्नेह हमेशा मध्य प्रदेश के साथ रहा है। जब वे उज्जैन आए थे उन्होंने इस भव्य, दिव्य, अलौकिक स्थान को देखकर विचार व्यक्त किया था कि महाकाल महालोक बहुत अद्भुत है। उनकी भावनाओं के अनुरूप अब नवनिर्मित परिसर श्री महाकाल महालोक ही कहलाएगा’।
मालूम हो कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र के 11 अक्टूबर को हुए लोकार्पण से पहले परिसर के नामकरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। कई लोगों ने महाकाल पथ, महाकालेश्वर धाम जैसे अनेक नामों का सुझाव दिया था। 27 सितंबर को उज्जैन में पहली बार हुई मध्यप्रदेश केबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने पहला निर्णय महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र का नाम ‘श्री महाकाल लोक’ करने का लिया था। निर्णय के बाद इसी नाम से परिसर की ब्रांडिंग की गई। लोकार्पण समारोह का लाइव प्रसारण 40 देशों में किया गया था। इसका असर यह हुआ कि लोकार्पण समारोह मंग एक लाख से अधिक लोग जुटे और लोकार्पण के बाद परिसर को देखने के लिए भी रोज हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
दीपावली पर एक लाख दीपकों से जगमगाएगा ‘श्री महाकाल महालोक’
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक’ इस दीपावली पर एक लाख दीपमालाओं से जगमाएगा। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों द्धारा शाम 6.30 बजे से 7 बजे के बीच एक साथ सारे दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मंदिर प्रशासक संदीपकुमार सोनी ने कहा है कि इस समय दृश्य अद्भुत, अलौकिक देखने लायक होगा।
मालूम हो कि पांच दिन पहले 18 अक्टूबर को उज्जैन आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के लिए बनाई उपसमिति के सदस्यों और आमजन से अपील की थी कि इस साल दीपावली पर श्री महाकाल महालोक में एक दीपक अवश्य जलाएं, ताकि क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा जाएं। इसके पालन में मंदिर समिति ने पहल कर एक लाख दीये प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की है। इसी क्रम में शनिवार को मंदिर प्रशासक ने समिति सदस्यों के साथ बैठक की। श्री महाकाल महालोक को सात सेक्टर में बांटकर दीप प्रज्ज्वलन करने का निर्णय लिया। कहा कि दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी सुबह से ही करें। कतार बद्ध दीप लगाएं। प्रमुख स्थान पर रंगोली सजाएं। काम इस तरह हों कि देखने वाले देखते रह जाएं।

सीएम शिवराज सिंह ने कोरोना काल में अनाथ बच्चों के साथ मनाई दीपावली

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भोपाल। प्रदेश में प्रतिवर्ष भोपाल में बाल सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों को जोड़ा जाएगा और गीत-संगीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। स्वजन के साथ या बाल ग्राम जैसी संस्थाओं में रह रहे बच्चों को प्रतियोगिता से जोड़ा जाएगा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में कोरोना के चलते अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों व अन्य अनाथ बच्चों के साथ दीपावली मनाते हुए की। उन्होंने बच्चों के ऊपर पुष्प की वर्षा की, दीप जलाए और बच्चों के साथ नाच-गाना किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से बच्चों को भोजन कराया और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में हर महीने पांच हजार रुपये की सहायता और स्पान्सरशिप के तहत बच्चों को हर महीने चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास पर मस्ती की पाठशाला लगी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा, मामा का घर मस्ती करने का है, मस्ती करो बच्चों, हम दिवाली मानने आए हैं, खुश रहो। हम छू लेंगे आसमां, आगे बढ़ेंगे। ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स कर रही पावना ने ‘है दीपावली” बोल के साथ गीत सुनाया। इसके बाद संजना और मिस्टी ने भी एक गीत ‘हम कहां रहेंगे, हम कैसे जिएंगे गाया”। प्रीति पूनम ने बुंदेली बोली में गीत की एक सुंदर प्रस्तुति दी।
परेशान होने की जरूरत नहीं मामा तुम्हारे साथ है
मुख्यमंत्री ने मंच पर रहमान और दीया को बुलाकर भरोसा दिलाया कि मामा तुम्हारे साथ है, मामा बच्चों का ध्यान रखेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत नर्मदापुरम की बाल हितग्राही मोनिका, अग्नेय यादव, राजगढ़ की निकिता कुशवाह, सीहोर की शिखा बागवान और विदिशा की वैष्णवी नामदेव को चेक और आयुर्वेद दिवस पर विंध्य हर्बल की किट दी। इस कार्यक्रम में कोविड बाल सेवा योजना और बाल अशीर्वाद योजना के कुल 450 बच्चे शामिल हुए।
शिवराज ने बच्चों से की ठिठोली, पूछा- कैसा लगा मामा का फटा गला
मुख्यमंत्री ने बच्चे मन के सच्चे सारी दुनिया के आंख के तारे गीत गया। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पूछा कि कैसा लगा मामा का फटा गला। मेरी आवाज अच्छी नहीं है और गला फटा हुआ है फिर भी मैं बच्चों के लिए गीत गाऊंगा। फिर उन्होंने नदिया चले, चले रे धारा तुझको चलना होगा… गीत गया। इस गाने पर मुख्यमंत्री बच्चों के साथ झूमने लगे। बालिका शहायना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लिखी हुई कविता ‘आओ मिलकर दिया जलाएं” सुनाई। इसे सुनकर शिवराज इतना खुश हुए कि उन्होंने शेहायना को गोद में बैठा लिया।
कालेज की पढ़ाई कराएगी सरकार, अनाथ बच्चों का बनेगा एप
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी। डाक्टर, इंजीनियर या और कोई पढ़ाई करनी हो तो करो, कालेज की पढ़ाई का सारा खर्च मामा उठाएगा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना से माता-पिता को खो चुके बच्चों का अलग से एक वाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। इसमें इन सभी बच्चों को जोड़ें और जब इनका मन करे, मुझे सूचना दें मैं इनसे मिलूंगा।
साधना सिंह ने बच्चियों को खिलाए गोलगप्पे
मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह ने बच्चियों को अपने पास बुलाया और उनका हालचाल जाना। उनसे पूछा कि गोल-गप्पे खाओगी। बच्चियों ने हां कहा तो उन्होंने अपने हाथ से बच्चियों को गोल-गप्पे और फिर रसगुल्ले खिलाए।

इंदौर में महालक्ष्मी को पीले चावल देकर आमंत्रित करते हैं भक्त

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इंदौर। होलकरकालीन राजवाड़ा स्थित महालक्षमी मंदिर भक्तों के बीच आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष दीपावली पर पीले चावल देकर माता को सुख-समृद्धि की कामना से आमंत्रित करने के लिए 50 हजार से अधिक भक्त आते हैं। आमंत्रण देने के बाद उनके साथ होने के भाव लेकर घर पहुंचकर घर के मुख्यद्वार से कुम-कुम के पदचिन्ह बनाकर घर में प्रवेश कराया जाता है। यह परंपरा 200 साल से चली आ रही है।
इस वर्ष दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्यग्रहण होने से मंदिर के पट भक्तों के लिए 24 की रात 3 बजे ही बंद हो जाएंगे। माता को आमंत्रित करने का क्रम 1833 में मंदिर के निर्माण के साथ ही शुरू हो गया था।यहां हर साल दीपावली पर महिला-पुरुषों की एक किलोमीटर लंबी कतार सुबह से देर रात तक लगी रहती है।
माता की सेवा कर रहे पांचवी पीढ़ी के पुजारी पंडित भानुप्रकाश दुबे बताते हैं कि मंदिर के निर्माण के बाद से यह पहला मौका है जब दीपावली के अगले दिन मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए बंद रहेंगे। दीपावली के बाद दूसरे दिन भी माता के दर्शन के लिए 40-50 हजार भक्त आते हैं। इस बार अगले दिन या मध्यरात्रि को पूजन के बाद आने वाले भक्त भी माता के दर्शन के लिए दीपावली के दिन ही आएंगे। इसके इस बार दीपावली पर दर्शानार्थियों की संख्या दुगनी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
माता को अर्पित चावल भक्त बरकत के रूप में होते वितरित
दीपावली पर माता को भक्त आमंत्रण करने के लिए चावल अर्पित करते हैं वह 50 किलो से अधिक हो जाते हैं। इन चावल को बरकत के रूप में भक्त ले जाते हैं। इन चावल को कई व्यापारी अपनी तिजोरी में रखने के लिए ले जाते हैं। शेष बचे चावल जरूरतमंदों को बांट दिए जाते हैं।
राजा हरिराव होलकर ने कराया था निर्माण
यह मंदिर होलकर रियासत की श्रद्धा का प्रतीक है।इस मंदिर पर इंदौर वासियों की विशेष आस्था है।मंदिर का निर्माण राजा हरिराव होलकर ने कराया था। उस समय तीन मंजिला मंदिर था जो आगे से जर्जर हो गया था।1942 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया।अब मंदिर ने नवीन स्वरूप ले लिया है।
दुनियाभर में माता के भक्त, वीडियों कांफ्रेंसिंग से दर्शन
इंदौर से देश-विदेश में जाकर बसे भक्त जब भी इंदौर आते हैं तो माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।शहर से बाहर जाकर बसे ऐसे लोगों की संख्या दीपावली पर सैकड़ों में होती है।इसके अतिरिक्त हर दिन ऐसे कई भक्तों के फोन आते है जो वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए माता के दर्शन करते हैं। इसके लिए वे अपने किसी नाते-रिश्तेदार और परिचित को भेजते हैं। माता के भक्त अमेरिका, दुबई, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका में बसे हैं।

एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की हिंदी पुस्तकें तैयार करने का काम शुरू

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भोपाल । एमबीबीएस प्रथम वर्ष की तीन किताबों के विमोचन के बाद द्वितीय वर्ष में पढ़ाई जाने वाली तीन पुस्तकों को हिंदी में तैयार करने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में विभिन्न् लेखकों की जिन पुस्तकों को पढ़ाया जाना है, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। अब इनका हिंदी में रूपांतरण किया जाएगा। इसके लिए समिति भी बना दी गई है। इन पुस्तकों की आवश्यकता अगले साल मई से पड़ेगी इसलिए अप्रैल तक पुस्तकें तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम वर्ष की तरह द्वितीय वर्ष की पुस्तकों में भी तकनीकी शब्द अंग्रेजी में स्पेलिंग के साथ लिखे जाएंगे।
समिति में शामिल प्राध्यापकों ने बताया कि प्रथम वर्ष की पुस्तकें तैयार करने में कई चुनौतियां थीं। अब अनुभव होने के बाद यह काम आसान हो गया है। द्वितीय वर्ष में माइक्रोबायोलाजी, पैथोलाजी और फार्माकोलाजी विषय पढ़ाया जाएगा। इस साल ज्यादा समय पुस्तकें चिह्नित करने, कापीराइट संबंधी वैधानिक चुनौतियों से निपटने और पुस्तक की सरल भाषा का चयन करने में लग गया था।
इसके लिए एक मुख्य समिति के अलावा अलग-अलग समितियां भी बनाई गई थीं। द्वितीय वर्ष में केवल पुस्तकें तैयार करने का काम ही करना होगा। अच्छी बात यह है कि एमबीबीएस में अलग-अलग वर्ष में लगने वाली पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद के लिए खुद लेखक आगे आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश के सभी 13 सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। 16 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल के लाल परेड मैदान से इसका शुभारंभ किया था। इस साल प्रथम वर्ष में पढ़ रहे विद्यार्थी अगले वर्ष अप्रैल-मई में द्वितीय वर्ष में पहुंच जाएंगे। हिंदी में भी एमबीबीएस की पढ़ाई कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। कालेजों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब पांच प्रतिशत है।