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कियारा और सिद्धार्थ जल्द ही करेंगे शादी

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बॉलीवुड में जल्द ही शहनाई बजने वाली है। खबरें आ रही हैं कि कियारा और सिद्धार्थ जल्द ही शादी करने वाले हैं। सिद्धार्थ और कियारा की जोड़ी काफी फेमस है। वे बॉलीवुड के स्टाइलिस्ट कपल में से एक माने जाते हैं। खबरों की मानें तो कियारा और सिद्धार्थ दिसंबर महीने के शुभ मुहूर्त में शादी करने जा रहे हैं। जिसके लिए शादी की तारीख और मुहूर्त भी तय हो चुका है। कपल वैसे भी काफी लाइमलाइट में रहता ही है। वहीं शादी की खबरों को लेकर अब वे एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। फिलहाल दोनों मीडिया से छिपकर शादी की तैयारियां कर रहे हैं।

दिल्ली में होगी शादी

कियारा और सिद्धार्थ दोनों का कनेक्शन दिल्ली से है। दोनों परिवार वालों और खास दोस्तों की मौजूदगी में दिल्ली में सात फेरे लेंगे। इनकी शादी पूरी तरह से पंजाबी रीति रिवाजों से होगी। शादी के बाद कपल ग्रैंड रिसेप्शन भी देगा जो कि मुंबई में होगा।

पराग अग्रवाल को नौकरी जाने के बाद मिलेंगे लगभग 345.72 करोड़ रुपये

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दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने माइक्रो
ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके साथ ही
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल और मुख्य वित्तीय अधिकारी
नेड सहगल समेत टॉप मैनेजमेंट की छुट्टी भी कर दी गई है। ट्विटर के सीईओ
पराग अग्रवाल और मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सहगल ने कंपनी का सैन
फ्रांसिस्को मुख्यालय को छोड़ दिया है। ट्विटर की कमान संभालने के बाद
एलन मस्क ने पहले ट्वीट में लिखा, ‘चिड़िया आजाद हो गई।’
नौकरी छीनने के बाद पराग अग्रवाल को मिलेंगे लगभग 345.72 करोड़ रुपये
ट्विटर की कमान संभालने के बाद से एलन मस्क एक्शन में हैं। सीईओ पराग
अग्रवाल समेत पूरे टॉप मैनेजमेंट को हटा दिया गया है। खबर यह है कि पराग
अग्रवाल की सेवाएं समाप्त करने के बदले एलन मस्क को भारी कीमत चुकाना
होगी। रिसर्च फर्म Equilar की रिपोर्ट के मुताबिक, Twitter डील के 12
महीने के अंदर पराग अग्रवाल को नौकरी से निकाला गया है,इसलिए शर्तों के
मुताबिक, उन्हें 4.2 करोड़ डॉलर (करीब 345.72 करोड़ रुपये) चुकाने होंगे।
यह राशि सीईओ के रूप में पराग अग्रवाल की बेस सैलरी और इक्विटी अवॉर्ड्स
के एक्सीलेरेटेड वेस्टिंग के आधार पर तय की गई है।
एलन मस्क ने अप्रैल में ट्विटर को खरीदने के लिए पहली बोली लगाई थी। अब
करीब 6 माह बाद गुरुवार को वो ट्विटर के मालिक बन गए हैं। वाशिंगटन पोस्ट
की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर के भारतीय सीईओ अग्रवाल और सहगल के अलावा,
कानूनी नीति, ट्रस्ट और सुरक्षा प्रमुख विजया गड्डे को भी निकाल दिया गया
है। मस्क ने पराग अग्रवाल और उनकी टीम पर फर्जी ट्विटर अकाउंड की संख्या
को लेकर उन्हें और ट्विटर निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था।

10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 51,380 रुपये, चांदी 58 हजार पार

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दीपावली का पर्व निकल जाने के बाद अब बाजार में सोने व चांदी की कीमतें
स्थिर हैं। इनमें कोई इजाफा नहीं हुआ और ना ही कोई गिरावट आई। कल से 100
रुपये की तेजी के बाद देश में 28 अक्टूबर को दस ग्राम 24-कैरेट सोने की
कीमत 51,380 रुपये थी। एक किलोग्राम चांदी 58,300 रुपये के भाव पर बिक
रही है। कल के बिक्री भाव से कोई बदलाव नहीं आया है। भारत में कल से 100
रुपये की तेजी के बाद दस ग्राम 24-कैरेट सोने की कीमत आज, 28 अक्टूबर को
51,380 रुपये है। एक किलोग्राम चांदी 58,300 रुपये के भाव पर बिक रही है,
जिसमें कल के बिक्री भाव से कोई बदलाव नहीं हुआ है। राज्य कर, उत्पाद
शुल्क और मेकिंग चार्ज सहित कई कारकों के कारण पीली धातु की दर प्रतिदिन
बदलती है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के आंकड़ों से पता चलता है
कि सोना वायदा – जो 5 दिसंबर 2022 को परिपक्व होने के लिए निर्धारित है –
0.03 प्रतिशत बढ़कर 50,751.00 रुपये हो गया। चांदी वायदा, जो इस साल 5
दिसंबर को भी परिपक्व होगी, 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 58,426.00
रुपये पर पहुंच गई।
महानगरों में सोने की कीमतें
गुड रिटर्न्स वेबसाइट के मुताबिक, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम 22
कैरेट सोना 47,100 रुपये में खरीदा और बेचा जा रहा है। इतनी ही कीमती
धातु नई दिल्ली में 47,250 रुपये में मिल रही है। चेन्नई में इसे 47,450
रुपये में रीटेल किया जा रहा है। 24 कैरेट सोने के भाव को देखें तो मुंबई
और कोलकाता में 10 ग्राम आकर्षक धातु का कारोबार 51,380 रुपये पर हो रहा
है। इतनी ही 24 कैरेट शुद्धता की मात्रा चेन्नई में 51,760 रुपये है।
राष्ट्रीय राजधानी में इसे 51,530 रुपये में खरीदा जा रहा है।

रविंद्र जडेजा की भरपाई के लिए अक्षर पटेल को किया जा रहा तैयार

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ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप में टीम इंडिया का जबरदस्त
प्रदर्शन जारी है। रोहित शर्मा की टीम ने पहले मैच में पाकिस्तान को और
दूसरे मुकाबले में नीदरलैंड को मात दी। अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के
साथ है। टीम मैनेजमेंट अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में जुटा है। ताजा
खबर अक्षर पटेल की तरफ से आ रही है। ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने खुलासा किया
है कि टीम प्रबंधन ने उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर खेलने के लिए तैयार
रहने को कहा है। दरअसल, टीम को रविंद्र जडेजा की कमी खल रही है।
बल्लेबाजी क्रम में लेफ्ट हैंडर का भी होना जरूरी है ताकि गेंदबाजों की
लय बिगाड़ी जा सके। अब जडेजा की गैरमौजूदगी में गुजरात के ऑलराउंडर अक्षर
पटेल को तैयार किया जा रहा है। अक्षर को साफ कहा जा चुका है कि जब भी
जरूरत होगी, उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा जाएगा।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में टीम ने यह प्रयोग किया था, लेकिन दुर्भाग्य
से उस मैच में अक्षर रन आउट हो गए थे। नीदरलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन
करने वाले अक्षर ने कहा, पाकिस्तान के पास बाएं हाथ के स्पिनर नवाज और
लेग स्पिनर शादाब थे, इसलिए बाएं हाथ के बल्लेबाज को भेजना महत्वपूर्ण था
और मुझे जाने के लिए कहा गया।
बकौल अक्षर पटेल, हमारे टॉप छह बल्लेबाज राइट हैंडर हैं, इसलिए मुझे
प्रबंधन द्वारा कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो मुझे बीच के ओवरों में
प्रमोट किया जाएगा और मुझे इसके लिए तैयार रहना चाहिए। यह भूमिका पहले ही
सौंपी जा चुकी है और मैंने अभ्यास खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है।
ऋषभ पंत के लिए बुरी खबर
अक्षर पटेल को बल्लेबाजी में भी तवज्जो मिलन ऋषभ पंत और उनके फैन्स के
लिए बुरी खबर है। वैसे भी पंत टीम से बाहर चल रहे हैं और अब अक्षर पटेल
को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का मैनेजमेंट का फैसला उनकी राह मुश्किल
करेगा। जहां तक विकेटकीपिंग का सवाल है, दिनेश कार्तिक टीम की जरूरतों पर
खरे उतर रहे हैं।

आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होगा खग्रास चंद्र ग्रहण

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उज्जैन। कार्तिक पूर्णिमा पर आठ नवंबर मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। उज्जैन में शाम 5.43 से शाम 6.19 बजे तक कुल 36 मिनट ग्रहण रहेगा। धर्मशास्त्र की मान्यता के अनुसार पूर्णिमा के दिन होने वाला ग्रहण शुभ है। ग्रहण के शुभ प्रभाव से व्याधियों के उपचार की औषधि का अनुसंधान सफल होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण की जद में छह ग्रह रहेंगे। इससे अलग-अलग राशियों पर ग्रहण का भिन्न प्रभाव रहेगा। कार्तिक अमावस्या के ठीक 15 दिन बाद पूर्णिमा पर दूसरा ग्रहण होने जा रहा है।
धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार देखें तो कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर ग्रहण का होना शुभकारी इसलिए भी बताया गया है कि इस दौरान चंद्रमा के अंश बढ़ेंगे। ग्रहण के दौरान यदि अंश कला विकला की गणना से देखें तो चंद्रमा भरणी नक्षत्र के तीसरे चरण तथा 22 अंश व 28 कला पर अवस्थितरहेगा। वहीं राहु 18 अंश 51 कला भरणी नक्षत्र के दूसरे चरण में रहेगा। इस दृष्टि ये यह ग्रहण की श्रेणी में तो आएगा, किंतु इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मेष राशि व भरणी नक्षत्र पर रहेगा ग्रहण
कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाला चंद्र ग्रहण मेष राशि तथा भरणी नक्षत्र पर होगा। मेष राशि का स्वामी मंगल है। वहीं भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र तथा उप स्वामी बुध रहेगा। इस दृष्टि से मेष राशि वाले जातकों तथा भरणी नक्षत्र के जातकों को सावधानी बरतनी होगी। साथ ही दक्षिण पूर्व दिशा के राष्ट्र व राज्यों के लिए भी यह समय संभलने का रहेगा।
छह ग्रह रहेंगे ग्रहण की जद में
नवग्रहों में छह ग्रह का केंद्र योग तथा केंद्र संबंध व दृष्टि संबंध रहेगा। इन ग्रहों में क्रमशः चंद्र राहु का युति संबंध मेष राशि पर तथा तुला राशि पर सूर्य, केतु, शुक्र व बुध चार ग्रह रहेंगे। इस दृष्टि से समसप्तक दृष्टि संबंध बनेगा। चुकी ग्रहण के समय मेष लग्न का प्रभाव रहेगा, जिसके अलग-अलग प्रकार सामने आएंगे।

‘वन नेशन, वन पुलिस यूनिफॉर्म’ की पीएम मोदी ने की वकालत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित दो दिवसीय
चिंतन शिविर को संबोधित किया। महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, तटीय सुरक्षा
जैसे मुद्दों पर आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने
की। गुरुवार को राज्यों के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र
पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों के महानिदेशकों ने हिस्सा लिया। इस
मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कानून व्यवस्था को बनाए रखना, एक 24*7
वाला काम है, लेकिन किसी भी काम में ये भी आवश्यक है कि हम निरंतर
प्रक्रियाओं में सुधार करते चलें, उन्हें आधुनिक बनाते चलें। पीएम मोदी
ने वन नेशन, वन पुलिस यूनिफॉर्म ( One Nation, One Police Uniform) की भी
वकालत की।
पीएम मोदी ने कहा, आज कल देश में उत्सव का माहौल है। ओणम, दशहरा,
दुर्गापूजा और दीपावली सहित अनेक उत्सव शांति और सौहार्द के साथ
देशवासियों ने मनाएं हैं। अभी छठ पूजा सहित कई अन्य त्योहार भी हैं।
विभिन्न चुनौतियों के बीच इन त्योहारों में देश की एकता का सशक्त होना,
आपकी तैयारियों का भी प्रतिबिंब है।
आजादी का अमृतकाल हमारे सामने हैं। आने वाले 25 वर्ष देश में एक अमृत
पीढ़ी के निर्माण के हैं। ये अमृत पीढ़ी ‘पंच प्राणों’ के संकल्पों को
धारण करके निर्मित होगी। संविधान में भले कानून और व्यवस्था राज्यों का
दायित्व है, लेकिन ये देश की एकता-अखंडता के साथ भी उतने ही जुड़े हुए
हैं, हर एक राज्य एक दूसरे से सीखें, एक दूसरे से प्रेरणा लें।
जब देश का सामर्थ्य बढ़ेगा तो देश के हर नागरिक, हर परिवार का सामर्थ्य
बढ़ेगा। यही तो सुशासन है, जिसका लाभ देश के हर राज्य को समाज की आखिरी
पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसमें आप सभी की बहुत बड़ी
भूमिका है। कई बार केंद्रीय एजेंसियों को कई राज्यों में एक साथ जांच
करनी पड़ती है, दूसरे देशों में भी जाना पड़ता है, इसलिए हर राज्य का
दायित्व है कि चाहे राज्य की एजेंसी हो, चाहे केंद्र की एजेंसी हो, सभी
एजेंसियों को एक-दूसरे को पूरा सहयोग देना चाहिए।

ब्रिटेन में भारतीयता को मिली नई संजीवनी

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भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के चरम पर पहुंचने के बाद वर्ष 1932 में ऐसा
महसूस किया जा रहा था कि भारत को गुलाम बनाने वाली ब्रिटिश सरकार को
भारतीय स्वाधीनता सेनानियों से समझौता करना पड़ेगा। तब ब्रिटिश संसद में
एक समिति गठित की गई थी, जिसे भारत में संवैधानिक सुधारों को लागू करना
था। उसके सम्मुख प्रस्तुति के लिए तब के एक ब्रिटिश सांसद ने छह पृष्ठों
का एक दस्तावेज तैयार किया था, जिसमें उन्होंने भारत और भारतीयों के बारे
में लिखा था, ‘वे जानवर जैसे लोग हैं और उनका धर्म भी पशुओं जैसा है।’
उन्होंने तब भारत के बारे में कहा था कि भारत न एक देश है या राष्ट्र है,
यह एक महाद्वीप है, जिसमें कई देश बसे हुए हैं।’
अपने इन तर्कों के जरिए भारत के प्रति अपनी घृणा को जाहिर करने वाले नेता
थे विंस्टल चर्चिल, जो बाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी बने। भारत और
भारतीयों पर जाहिर इन विचारों ने 90 वर्षों की यात्रा पूरी कर ली है। इस
बीच समय चक्र लगभग पूरी तरह घूम चुका है। चर्चिल के इन विचारों का जवाब
कहेंगे या फिर संयोग, उनकी ही टोरी पार्टी को अपनी अगुआई के लिए उसी
भारतीय रक्त पर विश्वास करना पड़ा है, जिसे लेकर उसके ही एक पूर्वज में
गहरे तक घृणा बैठी हुई थी।
ऋषि सुनक के दादा अविभाजित भारत के गुजरांवाला के निवासी थे
आर्थिक बवंडर के दरिया में हिचकोले खा रही ब्रिटिश नौका को खेने और उसे
पूरी सुरक्षा के साथ किनारे लगाने को लेकर जिस व्यक्ति पर ब्रिटिश टोरी
पार्टी को विश्वास जताना पड़ा है, उसकी रगों में वही भारतीय रक्त स्पंदित
हो रहा है, जिसे विंस्टन चर्चिल देखना तक पसंद नहीं करते थे। ऋषि सुनक के
दादा अविभाजित भारत के गुजरांवाला के निवासी थे। जिस समय विंस्टन चर्चिल
भारत के बारे में अपनी कुख्यात राय जाहिर कर रहे थे, उसके ठीक तीन साल
बाद ऋषि के दादा बदहाल भारतीय धरती को छोड़ रोजी-रोटी की तलाश में
अफ्रीकी देश कीनिया पहुंच गए थे। बाद में वे ब्रिटेन आए और यहां के
साउथम्प्टन शहर में डेरा जमाया और गृहस्थी खड़ी की।गुलाम भारत से दरबदर
हुए इस परिवार ने शायद ही सोचा होगा कि उसके चिराग से रोशनी की उम्मीद वह
ब्रिटेन लगा बैठेगा, जिसके राज में कभी सूरज नहीं डूबता था।

समांथा फिल्म यशोदा में निभाएंगी सरोगेट मदर का किरदार

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यशोदा की कहानी सरोगेसी से जुड़ी है. समांथा ने सरोगेट मदर का किरदार निभाया है जो गंभीर मेडिकल अपराध के रहस्यों को साहस के साथ उजागर करती है. ट्रेलर में आपको समांथा का एक्शन अवतार देखने को मिलेगा।

महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए इस महाउपाय को करने से दूर हो जाएगी आपकी दरिद्रता

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हमारे प्राचीन वेदों और शास्त्रों मे अनमोल खजाना है। आवश्यकता है उसे ढूंढने कर प्रयोग मे लाने की। आज हम आपको एक ऐसा ही महाप्रयोग बता रहें हैं जो जन्मों की दरिद्रता को जड़ से समाप्त कर देगा। इस प्रयोग को आप स्वयं करने मे अक्षम हों तो किसी के द्वारा करवा भी सकते हैं। सर्वप्रथम दरिद्रता तभी होगी जब दुर्भाग्य होगा इसलिए दरिद्रता दूर करने के लिए सबसे पहले दुर्भाग्य को दूर करना आवश्यक है। यह महाप्रयोग दरिद्रता के साथ कम से इस जन्म के दुर्भाग्य को तो हरा ही देगा। यह उपाय आपको रात्रि 9 बजे सोमवार से आरम्भ करना है।
उपाय की यह है विधि
-सर्वप्रथम एक लाल रंग का आसन लें। इसे बिछाकर इसके ऊपर 1 कुषा का आसन बिछा दें।
-अपने पास एक पारे की शिव जी की प्रतिमा स्थापित करें
-अब मिटटी का एक ऐसा बर्तन ले लेना है जिसमे कम से कम 250 ग्राम घी आ जाए अब इसे रुई की बाती से दीप प्रज्ज्वलित कर देना है और 1 चन्दन की धूप भी जला देनी है ।
– अब 1 जल के कटोरे मे 11 काले हकीक, 1 अष्टधातु का श्री यंत्र और 11 गोमती चक्र रखने हैं अब इस जल मे रोली मिला देनी है।
इन मंत्रों का करें जाप
अब सबसे पहले गणेश जी को प्रणाम करना है अब अपनी कुलदेवी को नमन करना इसके पश्चात अपने ईष्ट को नमन करना है अब 1 माला गुरु मंत्र की करनी है यदि गुरु मन्त्र नही हे तो ॐ नम: शिवाय मन्त्र का जप कर सकतें है। अब रुद्राक्ष की माला से 11 माला इस मन्त्र से कर लें। नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोस्तुते।। फिर इसके बाद 9 माला इस मन्त्र की करें। नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते।। फिर इस मंत्र की करनी हैं अब 5 माला करें। सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि। सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते।। अब 3 माला इस मंत्र से करें। सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि। मंत्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते । अब 1 माला इस मंत्र से करें। अतीतः पंथानं तव च महिमा वाङ्मनसयोः। अतद्व्यावृत्त्या यं चकितमभिधत्ते श्रुतिरपि।। स कस्य स्तोत्रव्यः कतिविधगुणः कस्य विषयः। पदे त्वर्वाचीने पतति न मनः कस्य न वचः।। पूजन के उपरान्त 1 गुलाब का पुष्प महादेव शिव को अर्पित करें और मां लक्ष्मी को भी प्रणाम करें। यह नियम लगातार 11 दिन तक करें और पूजन के पश्चात 11 पुष्प और जो सामग्री आपने जल मे रखी थी उसे ऐसे ही (बिना धोये ) 1 लाल रंग के वस्त्र मे बांधकर अपने धन रखने के स्थान पर रख दें। अधिक से अधिक 6 माह मे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आना आरम्भ हो जाएगा और धीरे धीरे आपकी स्थिति इतनी सुधर जाएगी कि आप स्वयं इसकी शक्ति अनुभव कर लेंगे। यह साधना कठोर अवश्य है किन्तु महा धन प्रदायक भी है और यदि ये कठोर जप साधना स्वमं ना कर सको तो किसी योग्य ब्राह्मण से करवा लेना सही रहेगा।

रेलवे 144 स्पेशल ट्रेन छठ पूजा के लिए चलाएगा

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दीपावली के बाद छठ पूजा का महापर्व मनाया जाता है। इस साल छठ पूजा का महापर्व 30 अक्टूबर को है। चूंकि छठ पूजा का त्योहार बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, इसलिए अधिकांश लोग इस दौरान अपने घर के लिए रवाना होते हैं और ट्रेनों में काफी भीड़ होती है। ऐसे में भारतीय रेलवे ने छठ महापर्व के लिए 144 स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। यदि आप भी उत्तर प्रदेश, बिहार या झारखंड जाने की योजना बना रहे हैं तो यहां भारतीय रेलवे की ओर से जारी पूरी लिस्ट देख सकते हैं। ये सभी स्पेशल ट्रेन त्योहारी सीजन के लिए ही चलाई गई हैं।
यहां देखें स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट
गाड़ी संख्या 01411 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-दानापुर अनारक्षित सुपर फास्ट पूजा स्पेशल का परिचालन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से 26 और 29 अक्टूबर को 11.55 बजे खुलकर अगले दिन 17.00 बजे दानापुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 01412 दानापुर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस अनारक्षित सुपर फास्ट पूजा स्पेशल का परिचालन दानापुर से 27 और 30 अक्टूबर को 19.55 बजे खुलकर अगले दिन 23.50 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 01415 पुणे-दानापुर अनारक्षित सुपर फास्ट पूजा स्पेशल पुणे से 28 अक्टूबर को 00.10 बजे खुलकर अगले दिन 08.00 बजे दानापुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 01416 दानापुर-पुणे अनारक्षित सुपर फास्ट पूजा स्पेशल दानापुर से 29 अक्टूबर को 11.00 बजे खुलकर अगले दिन 16.30 बजे पुणे पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 01417 पुणे-दानापुर सुपर फास्ट पूजा स्पेशल पुणे से 29 अक्टूबर एवं 01 नवंबर को 00.10 बजे खुलकर अगले दिन 08.00 बजे दानापुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 01418 दानापुर-पुणे सुपर फास्ट पूजा स्पेशल दानापुर से 30 अक्टूबर एवं 02 नवंबर को 11.00 बजे खुलकर अगले दिन 16.30 बजे पुणे पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 04050 नई दिल्ली-भागलपुर सुपर फास्ट पूजा स्पेशल नई दिल्ली से 27 अक्टूबर को 23.00 बजे खुलकर अगले दिन 14.50 बजे पटना रूकते हुए 20.30 बजे भागलपुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09031 उधना-दानापुर सुपर फास्ट पूजा स्पेशल उधना से 26 अक्टूबर को 20.30 बजे खुलकर अगले दिन 23.30 बजे दानापुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09032 दानापुर-उधना सुपर फास्ट पूजा स्पेशल दानापुर से 28 अक्टूबर को 02.30 बजे खुलकर अगले दिन 05.10 बजे उधना पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09036 दानापुर-उधना सुपर फास्ट पूजा स्पेशल दानापुर से 27 अक्टूबर को 14.30 बजे खुलकर अगले दिन 19.05 बजे उधना पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09035 उधना-दानापुर सुपर फास्ट पूजा स्पेशल उधना से 26 अक्टूबर को 08.35 बजे खुलकर अगले दिन 11.30 बजे दानापुर पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09467 अहमदाबाद-पटना सुपर फास्ट पूजा स्पेशल अहमदाबाद से 28 अक्टूबर को 16.25 बजे खुलकर अगले दिन 21.15 बजे पटना पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 09468 पटना-नाडियाड सुपर फास्ट पूजा स्पेशल पटना से 30 अक्टूबर को 06.00 बजे खुलकर अगले दिन 10.15 बजे नाडियाड पहुंचेगी.
गाड़ी संख्या 02351 दानापुर-आनंद विहार सुपर फास्ट पूजा स्पेशल दानापुर से 02 नवंबर को 22.45 बजे खुलकर अगले दिन 15.15 बजे आनंद विहार पहुंचेगी.