Home Blog Page 98

केंद्र की आपत्ति के बाद मध्‍यप्रदेश के अफसर पैसा खर्च करने के रास्ते निकालने में जुटे

0

भोपाल : केंद्र सरकार की आपत्ति के बाद डीएमएफ फंड का पैसा जिलों को लौटाने को मजबूर राज्य सरकार अब जिलों में जमा करोड़ों की रकम खर्च करने के लिए नए रास्ते तलाश रही है। इसको लेकर खनिज साधन विभाग ने एक नया प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है और जल्द ही सरकार इसे मंजूरी देगी। इस नई प्रस्तावित व्यवस्था में सरकार सीधे तौर पर जिलों को पैसा न भेज पाने की स्थिति में नीति के जरिये कलेक्टरों को एक जिले से दूसरे जिले में डीएमएफ फंड ट्रांसफर करने के निर्देश देगी और कलेक्टरों को शसन क आदेश मानकर राशि भेजना होगा। इसको लेकर एक नया प्रस्ताव खनिज साधन विभाग ने तैयार कर शासन को भेजा है जो अभी मंत्रालय में है।

ऐसे समझें प्रस्तावित पालिसी
डीएमएफ की राशि खर्च करने को लेकर जो पालिसी राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित है, उसे इस तरह से समझा जा सकता है। माना कि सबसे अधिक कमाई वाले सिंगरौली जिले में मौजूद फंड की राशि का उपयोग दूसरे माइनिंग वाले जिले सीहोर या छिंदवाड़ा में करना है तो सरकार की प्रस्तावित नीति के अनुसार उन जिलों से खनिज फंड से राशि खर्च करने का स्टीमेट मंगाकर राज्य सरकार उसका अनुमोदन करेगी और इसके बाद सिंगरौली के कलेक्टर को सीहोर या छिंदवाड़ा के लिए अपेक्षित राशि ट्रांसफर करने के लिए कहेगी। ऐसे में जिला खनिज प्रतिष्ठान का पैसा जिले में ही खर्च होगा और केंद्र की पालिसी के अनुसार होगा लेकिन राज्य सरकार के खाते में ट्रांसफर नहीं होने से केंद्र के निर्देश क उल्लंघन भी नहीं होगा।

सीएम की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
इसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाना प्रस्तावित है जो प्रदेश के खनिज बाहुल्य जिलों के हिसाब से निर्णय लेगी। यह निर्णय प्रदेश के सभी जिलों के लिए लागू किया जा सकेगा। जिलों में जमा राशि का उपयोग इसके माध्यम से समान रूप से बाकी जिलों में भी किया जा सकेगा।

प्रभारी मंत्री कर रहे विरोध
केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिलों में डीएमएफ की कमेटी के अध्यक्ष अभी प्रभारी मंत्री हैं तो उन्हें बदला जाए। नए निर्देश के आधार पर कलेक्टरों को डीएमएफ के अध्यक्ष बनाए जाने के लिए कहा गया है ताकि वे खुद जिले के समग्र विकास के लिए राशि खर्च करने का निर्णय ले सके। सूत्रों का कहना है कि जिलों में प्रभारी मंत्री अपने पावर कट नहीं होने देना चाहते, इसलिए खनिज विभाग के प्रस्ताव के बाद भी अब तक यह लागू नहीं हो सका है।

ऐसे बदलती रही स्थिति
केंद्र सरकार द्वारा 2016 से लागू की गई डीएमएफ पालिसी में साफ निर्देश हैं कि जिले का पैसा जिले में ही खर्च होगा। पिछले सालों में अपने स्तर पर फैसला लेते हुए सरकार ने कलेक्टरों से डीएमएफ की राशि राज्य सरकार के खाते में जमा करा ली थी। इसके बाद 2021 में केंद्र सरकार ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा था कि डीएमएफ का पैसा सरकार के खाते में नहीं जमा किया जा सकता। इसलिए अब सरकार इसके दूसरे विकल्पों पर काम कर रही है।

कुल जमा राशि का डेढ़ गुना ही खर्च कर सकेंगे जिले में
डीएमएफ की राशि खर्च करने को लेकर जो निर्देश खनिज साधन विभाग ने कलेक्टरों को दिए हैं, उसमें कहा गया है कि कोई भी जिला इस फंड की कुल जमा राशि का डेढ़ गुना ही एक साल में खर्च कर सकेगा। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि जिस सेक्टर के लिए राशि खर्च करने की खातिर जितना प्रावधान तय किया गया है उतनी ही राशि खर्च की जा सकेगी। इससे अधिक राशि नहीं खर्च कर सकेंगे। इस तरह जमा राशि बचने की स्थिति में सरकार उसका उपयोग कर सकेगी। दूसरी ओर एक अन्य निर्देश में  विभाग द्वारा इसको लेकर जिलों से पिछले माह तक प्रस्ताव मांगे गए थे। कई जिलों ने सीधे शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इस पर नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि संचालनालय के माध्यम से ही प्रस्ताव भेजे जाएं और शासन के अनुमोदन के बाद ही काम कराए जाएं।

किसानों के लिए कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर मुहर, खेती के लिए आठ घंटे बिजली

0

भोपाल : मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री किसान उर्जा  सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान कुसुम योजना सी के घटक फीडर सोलराईजेशन के अंतर्गत सभी कृषि फीडर्स को सौर उर्जा से उर्जीकृत(सोलराइजेशन) किया जाएगा। इस योजना से  किसानों को  कृषि फीडर्स पर  दिन में आठ घंटे तक कृषि आवश्यकताओं के लिए बिजली मिल सकेगी। इसके अलावा किसानों को बिना ब्याज के कर्ज आगे भी लगातार मिलता रहेगा। इन दोनो प्रस्तावों पर आज कैबिनेट बैठक में चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में  कुसुम योजना के तीसरे चरण को लागू करने पर विचार किया गया। इस योजा के तहत प्रदेश के सात हजार 996 कृषि फीडरों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जाएगा।इसके लिए एक हजार 250 मेगावाट क्षमता के सौर उर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। इससे ढाई लाख से ज्यादा किसानों के खेतों में पंप से सिचाई हो सकेगी। इससे प्रदेश को एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की बचत होगी। राज्य सरकार किसानों को हर साल सस्ती बिजली देने के लिए  14 हजार 800 करोड़ रुपए का अनुदान देती है।

इसमें कमी आएगी और किसानों को दिन में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। नवीन एवं नवकरणीय उर्जा की क्षमता प्रदेश में पांच हजार 100 मेगावाट हो गई है। इसमें और वृद्धि होंने की संभावना है। इसे देखते हुए ही राज्य सरकार कुसुम योजना का विस्तार करने जा रही है। कृषि फीडर पर एक हजार 250 मेगावाट क्षमता के सौर उर्जा संसंत्र स्थापित किए जाएंगे। ये स्वयं, लीज या शासकीय भूमि पर स्थापित किए जाएंगे।  सौर संयंत्र की क्षमता एक  उप केद्र से जुड़े कृषि फीडर पर कुल वार्षिक विद्युत खपत के आधार पर तय होगी। इसके लिए संयंत्र से विद्युत उपकेद्र तक पारेषण लाईन की स्थापना एजेंसी स्वयं करेगी। विद्युत वितरण कंपनी की सेवा सशुल्क ली जाएगी। सौर उर्जा संयंत्रों से उत्पादित बिजली सरकार 25 साल तक खरीदेगी।

विद्युत बिलों में राहत योजना
मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना के तहत कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के निम्न आय वर्ग वाले घरेलु उपभोक्ताओं को बिजली भुगतान में आ रही कठिनाई को देखते हुए उनके बिलों की बकाया राशि का निराकरण कर उहें यिमित बिल भुगतान के लिए प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत योजना लागू करने पर भी विचार किया गया।एक अप्रैल 2022 के बाद जारी किए जाने वाले बिलों में यह छूट दी जाएगी। इसमें एक किलोवाट तक के संयोजित भार वाले सभी घरेंलु उपभोक्ताओं को जिनकी 31 अगस्त 2020 की स्थिति मे बकाया मूल राशि और अधिभार की वसूली स्थगित की जाएगी। योजना में बकाया संपूर्ण राशि मूल एवं अधिभार माफ किया जाएगा। यह राशि राज्य सरकार और बिजली कंपनी आधा-आधा वहन करेगी।

किसानो को बिना ब्याज के कर्ज जारी रहेगा-किसानो को बिना ब्याज के कर्ज जारी रखने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा  जबलपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट150 से बढ़ाकर 250 पर भी विचार किया गया  वन ग्राम को राजस्व ग्राम में  बदले  के प्रस्ताव परभी विचार किया गया।

नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को मिली बेल

0

महाराष्ट्र की सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को स्पेशल कोर्ट ने बेल दे दी है। सीएम उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के ऐलान के चलते उन्हें जेल भेजा गया था।अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा की बेल पर अदालत ने 2 मई को सुनवाई की थी, लेकिन फैसला न लिखे जाने के चलते इसे सुरक्षित रख लिया गया था। अदालत ने आज नवनीत राणा और उनके पति को बेल दिए जाने का आदेश देते हुए कुछ शर्तें भी रखीं।

कोर्ट ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर बेल देते हुए शर्त रखी कि वे इस मुद्दे पर जेल से बाहर आने पर मीडिया से बात नहीं कर सकते। इसके अलावा यदि दंपति की ओर से गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो भी उनकी जमानत को रद्द किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि राणा कपल को जांच के दौरान एजेंसियों को पूरा सहयोग करना होगा। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद नवनीत राणा और रवि राणा आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं।

इन शर्तों पर मिली राणा कपल को जमानत

दंपति के वकील रिजवान मर्चेंट ने जानकारी दी है कि दोनों नेताओं को आज शाम तक रिहा किया जा सकता है। कोर्ट ने राणा दंपति को शर्तों के साथ जमानत दी है। मर्चेंट ने बताया कि दंपति को जांच के दौरान सहयोग करने के लिए कहा गया है। साथ ही वे सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने मीडिया में किसी तरह का इंटरव्यू देने की अनुमति भी नहीं मिली है।

उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का किया था ऐलान

दरअसल नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने 23 अप्रैल को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी। इसे लेकर विवाद छिड़ गया था कि और बड़ी संख्या में शिव सैनिक राणा दंपति के घर के बाहर पहुंचे थे और प्रदर्शन किया था। इसके इसके बाद मुंबई पुलिस ने राणा दंपति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में उसमें राजद्रोह का आरोप भी जोड़ दिया गया। यही नहीं 24 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था और राणा दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

भोपाल के गुफा मंदिर में 21 फीट ऊंची परशुराम प्रतिमा का अनावरण

0

भोपाल : परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान परशुराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिरों की जमीन के संरक्षण, पुजारियों की आजीविका और संस्कृत पढ़ने वाले ब्राह्मण बच्चों को स्कॉलरशिप देने समेत कई घोषणाएं कीं। दूसरी ओर ईद की धूम रही। भोपाल के ईदगाह हिल्स पर हजारों धर्मावलंबियों ने अमन की नमाज अदा की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर ब्राह्मण समाज के लिए मंगलवार को आधा दर्जन घोषणाएँ की। मुख्यमंत्री चौहान ने ऐलान किया कि  मठ मंदिरों की जमीन नीलाम नहीं की जाएगी। इसकी नीलामी में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होग। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत की पढ़ाई करने वाले बच्चों को स्कालरशिप दी जाएगी। स्कूलों में संस्कृत के शिक्षकों की भर्ती का काम तब तक चलेगा जब तक कि सभी पद भर न जाएं। इस बीच इन रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकेंगे। भगवान परशुराम का जीवन चरित्र स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिरों के पुजारियों को पांच हजार रुपए मानदेय भी सरकार देगी।

मंदिरों की जमीन सुरक्षित रखने के लिए बनेगी कमेटी
भोपाल के गुफा मंदिर परिसर में परशुराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण के बाद सीएम सिंह चौहान ने कहा कि मंदिरों की जमीन में सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी, उसकी व्यवस्था का अधिकार पुजारियों को मिलेगा लेकिन ध्यान रखना होगा कि मंदिर की भूमि बिकनी नहीं चाहिए। कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें जमीन खुर्द बुर्द हुई है। लोग अपने माता पिता परिजनों की याद में जमीन देते हैं तो उसे बेचा नहीं जाना चाहिए। जिन मंदिरों के पास जमीन है, उसकी सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बने जो जमीन न बिकने देने का सुझाव दे। मंदिरों की व्यवस्था पुजारियों को ही करने का अधिकार दिया जाएगा।   जिन मंदिरों के पास जमीन नहीं है, वहां के पुजारियों को सरकार पांच हजार रुपए महीना मानदेय देगी। जहां जमीन है, वहां पुजारियों के मानदेय की व्यवस्था वहां से होने वाली आय के आधार पर की जाएगी।

पुरोहित-पुजारी आयोग गठन की मांग
महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और परशुराम प्रतिमा अनावरण समिति की जिम्मेदारी निभा रहे आलोक शर्मा की मौजूदगी में सीएम ने कहा कि अन्य वर्ग के बच्चों की तरह सरकार संस्कृत की पढ़ाई करने वाले ब्राह्मण परिवार के बच्चों को भी छात्रवृत्ति देगी। इसके पहले पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने सीएम से पुरोहित-पुजारी आयोग का गठन करने, जनेऊ संस्कार के लिए नीले राशनकार्ड धारी ब्राह्मणों को साल भर में दस हजार रुपए देने, मंदिरों की जमीन की नीलामी रोकने, दान की जमीन को लेकर कमेटी और नीति बनाने, भगवान परशुराम का जीवन दर्शन पाठ्यक्रम में शामिल करने और संस्कृत के शिक्षकों की भर्ती किए जाने की मांग सीएम शिवराज से की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी समाज के लिए काम करते हैं। वे आज सीएम को पंडित शिवराज सिंह चौहान कहकर बुला रहे हैं क्योंकि आज वे ब्राह्मणों के लिए भिक्षा के रूप में सुविधाएं देने आए हैं। उन्होंने भिक्षां देहि का नारा भी जनसमूह से लगवाया।

जर्मनी में बीजेपी को मिला चुनावी जीत का नया नारा

0

बर्लिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी दौरे पर सोमवार को बर्लिन के पॉट्सडैमर प्लाज थिएटर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। अपनी स्पीच में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज को गिनाया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोग भारत माता की जय, मोदी-मोदी, मोदी है तो मुमकिन है, 2024, मोदी वन्स मोर के नारे लगाते रहे। इन नारों से पूरा थिएटर गूंज उठा। लेकिन जिस नारे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया, वह नारा था, ट्वेंटी-ट्वेंटी फोर, मोदी वंस मोर। इसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में इस नारे के साथ उतरने जा रही है।

जैसा कि सभी को मालूम है कि चुनावों में जीत को लेकर भाजपा हमेशा से ही मिशन मोड में रहती है। भाजपा की जीत के लिए उनकी टीम द्वारा कई रोचक चुनावी नारे गढ़े जाते हैं जिसकी काट कई बार विपक्षी दलों के पास नहीं होती। याद दिला दें कि नरेंद्र मोदी जब लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे थे तब ‘अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा खूब चर्चित हुआ था। इस नारे ने हर जुबान पर अपनी जगह बना ली थी। कहना न होगा कि इस नारे की मदद भाजपा ने लगभग हर घर में अपनी जगह बना ली। खूब लोकप्रिय हुआ था यह नारा बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा का नारा, ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ गढ़ा गया था, जिसकी खूब चर्चा भी हुई थी। इस नारे के दम पर भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं में खूब जोश भरा और सत्ता दोबारा अपने नाम करने में सफल हुई।

अब जब आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर दो साल से भी कम का वक्त बचा है, भाजपा फिर से इसी मिशन पर लग चुकी है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा इस नारे को भुना सकती है। विपक्ष पर भी कसा तंज आपको बता दें कि करीब एक घंटे के भाषण में पीएम मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज गिनाए। इस दौरान उन्होंने इशारों ही इशारों में विपक्ष पर खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाईश नहीं है। बिना किसी बिचौलिए के, बिना किसी कट मनी के लोगों के खाते में सीधे पैसा पहुंचता है। अब किसी प्रधानमंत्री को यह कहना नहीं पड़ेगा कि एक रुपया भेजता हूं तो 15 पैसा पहुंचता है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भ्रष्टाचार ने निराश होकर कहा था कि यदि केंद्र सरकार लोगों को 1 रुपया भेजती है तो आम लोगों तक बस 15 पैसा ही पहुंच पाता है। 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। पीएम ने कहा कि लोग भी वही है, फाइल भी वही है, सरकारी मशीनरी भी वही है लेकिन देश बदल गया है।

आज से चारधाम यात्रा शुरू साथ ही गंगोत्री धाम के कपाट भी खुले

0

नई दिल्ली : अक्षय तृतीया पर्व आते ही आज से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट आज मंगलवार को खुल गए हैं। चारधाम यात्रा आज उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ शुरू होगी। मिली जानकारी के मुताबिक केदारनाथ के कपाट 6 मई को खुलेंगे वहीं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 8 मई को खोले जाएंगे। इससे पहले आज अक्षय तृतीया पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट सुबह 11:15 बजे खोल दिए गए। उद्घाटन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर की गई है। जिसमें मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भी दोपहर 12:15 बजे खोल दिए जाएंगे।

रिकॉर्ड संख्या में आ सकते है श्रद्धालु
बीते 2 साल कोरोना संक्रमण के कारण सख्त गाइडलाइन लागू थी, लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण कम होने के बाद छूट मिलने के कारण रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। उत्तराखंड सरकार ने चारों धामों में रोज दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या तय की है। मिली जानकारी के मुताबिक बद्रीनाथ में 15,000 तीर्थ यात्री, केदारनाथ में 12,000, गंगोत्री में 7,000 और यमुनोत्री में 4,000 तीर्थयात्री रोज दर्शन करने जा सकते हैं। यह व्यवस्था आगानी 45 दिनों के लिए है।

कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं
इस साल चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट लाना अनिवार्य नहीं है। तीर्थ यात्रा के लिए रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराना होगा। यमुनोत्री धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया जारी है। उद्घाटन के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को फूलों से सजाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 3 मई को हर्षिल हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार से गंगोत्री धाम पहुंचे और उद्घाटन में शामिल हुए।

नेपाल के नाइटक्लब में ‘पार्टी’ करते दिखे राहुल गांधी

0

भारतीय जनता पार्टी के I-T प्रभारी ने राहुल गांधी का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कथिततौर पर एक नाइटक्लब में पार्टी करते नजर आ रहे हैं। भाजपा के I-T प्रभारी अमित मालवीय के अलावा कई अन्य भाजपा नेताओं ने भी राहुल के इस वीडियो को शेयर किया है। बीजेपी सोशल मीडिया इंचार्ज मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि जब मुंबई पर हमला हुआ था, तब भी राहुल गांधी नाइटक्लब में थे।

बिना तारीख वाले वीडियो में राहुल गांधी एक दोस्त के साथ डिम लाइट वाले नाइटक्लब में दिख रहे हैं, जिसके बैकग्राउंड में लोग लाउड म्यूजिक पर डांस कर रहे हैं। लाइव हिंदुस्तान इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। इंडिया टुडे के मुताबिक, वीडियो काठमांडू के एक लोकप्रिय नाइट क्लब में शूट किया गया था। राहुल गांधी सोमवार को नेपाल की राजधानी में अपनी पत्रकार मित्र सुम्निमा उदासी की शादी में शामिल होने के लिए मैरियट होटल में थे।

राहुल इन दिनों नेपाल के निजी दौरे पर हैं। यह वीडियो इसी दौरे का बताया जा रहा है। वीडियो में वे कथिततौर पर काठमांडु में फेमस नाइटक्लब Lord of the Drinks में नजर आ रहे हैं। क्लिप वायरल होने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला है।

वीडियो पर तंज कसते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “राहुल गांधी क्या कर रहे हैं, यह उनका निजी मामला है। लेकिन जब राजस्थान के जोधपुर में हिंसा हो रही है, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है, राजस्थान जल रहा है। इस पर चिंता व्यक्त करने के बजाय राहुल गांधी नेपाल में नाइटक्लब में पार्टी करते नजर आ रहे हैं।”

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल और कांग्रेस पर तंज कसा। रिजिजू ने राहुल गांधी का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि वेकेशन, पार्टी, हॉलिडे, प्लेजर ट्रिप, प्राइवेट फॉरेन विजिट आदि अब देश के लिए कोई नई बात नहीं है।

जोधपुर में फिर बवाल! ईद के दौरान दो पक्षों में पत्थरबाजी

0

जोधपुर में लाउडस्पीकर पर हुआ बवाल अभी थमा नहीं है। अब एक बार फिर वहां दो पक्षों के बीच हिंसा हुई है। बताया जा रहा है कि ईद की नमाज के दौरान यह हंगामा बरपा। पुलिस ने इस हंगामे को शांत करने के लिए एक बार फिर लाठीचार्ज किया है। हंगामा कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की तरफ से आंसूगैस के गोले भी छोड़े गये हैं।

यहां पुलिस ने एक बार फ्लैग मार्च शुरू किया है। जानकारी के मुताबिक, आज ईद की नमाज के दौरान वहां भीड़ थी तब ही यह बवाल हुआ है। हंगामा कर रहे लोगों ने करीब एक दर्जन गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। इन गाड़ियों के कांच टूटे हैं। पुलिस की चार गाड़ियों में भी तोड़फोड़ हुई है। फिलहाल स्थिति कंट्रोल में बताई जा रही है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा विधायक सूर्यकांता व्यास,सहित भाजपा के कई नेताओं ने वहां धरना भी दिया है।

इससे पहले जोधपुर के जालोरी गेट चोराहे पर सोमवार की देर रात लाउडस्पीकर व झंडे हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच पथराव हो गया था। दोबारा फिर इसी जगह पर हंगामा शुरू हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक समुदाय के लोग स्वतंत्रता सेनानी बाल मुकुंद बिस्सा की मूर्ति पर लगे झंडे को लेकर और जालोरी इलाके में ईद को लेकर टांगे गए बैनर को लेकर नारे लगाने लगे।

बीएसएनएल ने 200 रुपये से कम में 6 धांसू रिचार्ज शुरू किये

0

जहां रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया भले ही ग्राहकों को कई किफायती प्लान ऑफर करती हों, लेकिन बीएसएनएल भी इन्हें कड़ी टक्कर देती है। बीएसएनएल के पास कई ऐसे प्रीपेड प्लान हैं, जो बाकी किसी कंपनी के पास नहीं। यहां हम आपको बीएसएनएल के 200 रुपये से सस्ते प्रीपेड प्लान्स के बारे में बता रहे हैं।

BSNL के 200 रुपये से सस्ते प्लान
इस लिस्ट में पहला प्लान 49 रुपये का है। इसमें आपको 24 दिनों के लिए 100 फ्री वॉइस कॉलिंग मिनट और 2 जीबी डेटा मिलता है। जो दूसरा प्लान है उसकी कीमत 99 रुपये है। इसमें आपको सिर्फ 22 दिन की वैलिडिटी मिलेगी, जिसके साथ अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग की सुविधा दी जाती है। वहीं, 135 रुपये के प्लान में 24 दिनों के लिए 1440 वॉइस कॉलिंग मिनट दी जाती हैं।

आगे बढ़ते हैं और जो अगला प्लान है उसकी कीमत 118 रुपये है। इस प्लान में 26 दिनों के लिए अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और रोज 0.5 जीबी डेटा दिया जाता है। यानी कुल 13 जीबी डेटा आपको मिलेगा। इसी तरह का प्लान 147 रुपये का है, जिसमें आपको पूरे 30 दिनों के लिए अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और 10 जीबी डेटा मिलता है। इसमें बीएसएनएल ट्यून्स की सुविधा भी दी गई है।

अब हमारे पास दो प्लान और बचते हैं जिनकी कीमत 185 रुपये और 187 रुपये है। 185 रुपये में आपको अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग के साथ रोज 1 जीबी डेटा और 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसी तरह 187 रुपये के प्लान में आपको अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, रोज 2 जीबी डेटा और 100 SMS प्रतिदिन दिए जाते हैं। इस प्लान की वैलिडिटी भी 28 दिनों की है। यानी कुल 56GB डेटा आपको मिलेगा।

जेल से ही अखिलेश यादव पर आजम खान ने साधा निशाना

0

समाजवादी पार्टी (सपा) से नाराज चल रहे दिग्गज नेता आजम खान ने चुप्पी तोड़ते हुए इशारों में अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। करीब ढाई साल से सीतापुर जेल में बंद आजम खान अपनी उपेक्षा से नाराज हैं और उनके समर्थक खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन आजम खान ने पहली बार इस पर कुछ कहा है। बेटे अब्दुल्ला आजम ने अपने ट्विटर हैंडल से आजम खान के हवाले से यह ट्वीट किया है।

आजम खान ने ईद की मुबारकबाद के साथ कहा, ”तू छोड़ रहा है, तो खता इसमें तेरी क्या, हर शख्स मेरा साथ, निभा भी नहीं सकता। वैसे तो एक आंसू ही बहा के मुझे ले जाए। ऐसे कोई तूफान हिला भी नहीं सकता। ईद मुबारक।” माना जा रहा है कि आजम खान का इशारा अखिलेश यादव की तरफ है। आजम के करीबी लगातार इस बात को कहते रहे हैं कि अखिलेश यादव को आजम के जेल में होने का कोई गम नहीं है और उनकी रिहाई के लिए कुछ नहीं किया गया।

इस बीच एक अन्य ट्वीट में अब्दुल्ला आजम ने पिता के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि यह पिता के बिना पहली ईद है और ऐसा मौका दोबारा ना आए। उन्होंने लिखा, ”वो जो ख्वाब था मेरे जहन में, न मैं कह सका न मैं लिख सका, की जबान मिली तो कटी हुई , की कलम मिला तो बिका हुआ। आपके बिना पहली ईद है अल्लाह पाक कभी दोबारा ऐसा मौका ना लाए।”