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अमिताभ की फिल्म ‘झुंड’ को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

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अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘झुंड’ की ओटीटी रिलीज को हरी झंडी मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की डिजिटल रिलीज को लेकर आदेश जारी कर दिया है। सिनेमाघरों मे रिलीज के बाद अब ये फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। 4 मार्च 2022 को यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। बिग बी की मोस्ट अवेटेड ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। लोग काफी लंबे वक्त से फिल्म का ओटीटी पर रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर 6 मई रिलीज होगी। दरअसल, झुंड के मेकर्स पर कॉपीराइट के आरोप लगे थे। जिसके बाद तेलंगाना हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थी और सुनवाई के लिए 9 जून की अगली तारीख निर्धारित की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी

मामला यह है कि ‘झुंड’ के मेकर्स पर कॉपीराइट के उल्लंघन के आरोप लगे थे, जिसके बाद तेलंगाना हाई कोर्ट ने फिल्म की ओटीटी रिलीज पर रोक लगा दी थी। इसके बाद फिल्म के मेकर्स ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया और फिल्म की ओटीटी रिलीज के लिए आदेश जारी कर दिया है। अब ये फिल्म 6 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम होगी। मालूम हो कि झुंड मार्च में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स से बहुत अच्छे रिव्यूज मिले हैं। ये फिल्म गैरसरकारी संगठन ‘स्लम सॉकर’ के संस्थापक विजय बरसे के जीवन पर आधारित है।

विजय बरसे के जीवन पर आधारित फिल्म

विजय बरसे ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को फुटबॉल टीम बनाने के लिए प्रेरित किया था। जिनका किरदार फिल्म में अमिताभ बच्चन ने निभाया है। इस फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित डायरेक्टर नागराज पोपटराव मंजुले ने किया है। इस मूवी में अमिताभ बच्चन के अलावा आकाश ठोसर, विक्की कादियान, रिंकू राजगुरू, गणेश देशमुख और किशोर कदम जैसे सितारों ने काम किया है।

परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जम्मू-कश्मीर नवंबर-दिसंबर में हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

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जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग ने विधानसभा सीटों के पुनर्निधाररण से संबंधित फाइनल रिपोर्ट जारी कर दी है। तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग ने अपना कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले अपनी अंतिम रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। यह पैनल मोदी सरकार ने मार्च 2020 में बनाया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही थीं। इसके अलावा चीफ इलेक्शन कमिश्नर सुशील चंद्रा और डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर चंदर भूषण कुमार इस आयोग में शामिल थे।

इनकी रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा क्षेत्र और 5 संसदीय क्षेत्र होंगे। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू रीजन में 6 और कश्मीर में 1 सीट बढ़ेगी। सभी पांचों संसदीय क्षेत्रों में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों की संख्या पहली बार बराबर-बराबर रखी गई है। हर लोकसभा सीट में विधानसभा की 18 सीटें होंगी, जिनमें से 47 सीटें कश्मीर संभाग में और 43 सीटें जम्मू संभाग में होंगी। इससे पहले तक कश्मीर में 46 और जम्मू में विधानसभा की 37 सीटें थीं। इसके अलावा पहली बार अनुसूचित जनजाति के लिए 9 सीटें और अनुसूचित जाति के लिए 7 सीटें आरक्षित होंगी।

केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव का रास्ता साफ हो गया है और संभावना जताई जा रही है कि इस साल नवंबर-दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी चुनाव कराए जा सकते हैं। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में जून 2018 से कोई चुनी हुई सरकार नहीं है। अब ये परिसीमन रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी और इसके बाद एक राजपत्रित अधिसूचना के माध्यम से आदेश जारी किया जाएगा। उसके बाद ही चुनाव का ऐलान होगा।

ममता बनर्जी ने CAA पर उठाये सवाल, अमित शाह ने दिया जबाव

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे के साथ ही टीएमसी और बीजेपी में बयानबाजी का दौर शुरु हो गया है। एक तरफ ममता बनर्जी ने गृहमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा हो, तो दूसरी तरफ अमति शाह सीधे सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साध रहे हैं। सिलीगुड़ी के रेलवे स्पोर्ट्स मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा कि हमने सोचा था कि ममता बनर्जी तीसरी बार जीती हैं तो शायद सुधर जाएंगी, लेकिन कुछ नहीं बदला। इसलिए बीजेपी उनके खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने सीएए के मुद्दे पर ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि CAA का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है और कोरोना महामारी के खत्म होते ही इसे लागू किया जाएगा।

इससे पहले ममता बनर्जी ने गृहमंत्री की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि CAA बिल लैप्स हो गया, लेकिन सरकार ने उसे संसद में पेश नहीं किया। उन्होंने कहा कि हम सबके साथ पूरी एकता से रहना है। लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं चाहती। ममता बनर्जी ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने बीएसएफ को हमारे राजनीतिक इलाकों में दखल देने का अधिकार दे दिया है।

अमित शाह ने दिया जबाव

ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अमित शाह ने कहा, “टीएमसी अफवाह फैलाती है कि सीएए (CAA) वास्तविकता में कभी लागू नहीं होगा। लेकिन कोरोना की लहर खत्म होते ही CAA को लागू किया जाएगा। टीएमसी वाले कान खोलकर सुन लें कि सीएए वास्तविकता है, था और रहेगा। हम बंगाल से घुसपैठ समाप्त करेंगे।”

अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि मैं बंगाल के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने विधानसभा में बीजेपी विधायकों की संख्या को तीन से बढ़ाकर 77 करने में मदद की। साथ ही उन्होंने गोरखा समुदाय के लोगों की समस्याओं को भी दूर करने का आश्वासन दिया।

जोधपुर में कर्फ्यू को 6 मई तक के लिए बढ़ाया गया

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जोधपुर : जोधपुर में सांप्रदायिक तनाव के चलते कर्फ्यू को 6 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने जोधपुर में तनाव को देखते हुए कर्फ्यू को 6 मई तक बढ़ाने का निर्देश दिया है। उनकी ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जोधपुर में 3 मई तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसे 6 मई तक के लिए बढ़ाया जाता है। रायकाबाग पैलेस बस स्टैंड और रायकाबाग रेलवे स्टेशन को कर्फ्यू क्षेत्र से बाहर रखा गया है। साथ ही छात्र और शिक्षक जो परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं उन्हें भी कर्फ्यू में छूट दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग, बैंक कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, मीडिया के लोगों को कर्फ्यू में छूट दी गई है। इसके अलावा अखबार बांटने वालों को भी छूट दी गई है। जिले में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

जोधपुर के डीएम हिमांशु गुप्ता ने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति का आंकलने करने के बाद इंटरनेट की सेवा को फिर से बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल शहर में स्थिति नियंत्रण में हैं, माहौल शांतिपूर्ण है। हिंसा में शामिल 140 लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है। ईद के दिन हुई हिंसा मामले में कुल 14 केस दर्ज किए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की गई है, फिलहाल उन लोगों ने अपना प्रदर्शन रद्द कर दिया गया है। गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहक्षेत्र में ईद के दिन तनाव बढ़ गया था, जिसके चलते प्रशासन को इंटरनेट सेवा को बंद करना पड़ा था और 10 पुलिस क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना पड़ा था।

दरअसल जलोरी गेट पर धार्मिक झंडा लगाने को लेकर जोधपुर में तनाव हो गया था, जिसके बाद पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की थी की वह शांति बनाए रखें। जोधपुर की घटना के बाद पुलिस ने किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा को प्रतिबंधित कर दिया था। बारी पुलिसबल को तैनात किया गया था जिससे कि तनाव आगे ना बढ़े। उपद्रवियों को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था।

मैं साधारण घर का बेटा और राहुल गांधी बड़े आदमी हैं – पीके

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नई दिल्ली : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से उनकी बात नहीं बननी को लेकर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बहुत बड़े आदमी हैं और मैं बहुत ही साधारण परिवार का बेटा हूं। अगर वो कहेंगे कि मुझसे बात करनी है तो मैं करूंगा और अगर वो मुझसे नहीं मिलना चाहेंगे तो मैं उनसे नहीं मिल सकता। पीके ने कांग्रेस पार्टी के बारे में कहा कि वो देश की बहुत बड़ी पार्टी है उनके यहां संविधान से काम होता है। पीके ने इस पर भी खुलकर बात कि उनकी कांग्रेस पार्टी में कहां बात नहीं बन पाई..

मिशन बिहार की घोषणा कर चुके प्रशांत किशोर ने ऐलान किया है कि वो अक्टूबर महीने में बिहार में 3000 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। जहां उनका फोकस लगभग हर गांव और कस्बे में जाने पर होगा। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव में उतरने की बात से इनकार करते हुए पीके बोलते हैं कि अभी चुनाव कहीं दूर दूर तक नहीं तो मकसद सिर्फ जनता की आवाज को सुनना है।  पीके ने लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के कार्यकाल का जिक्र किया। कहा कि लालू जी के समय में निचले वर्ग के उत्थान पर जोर मिला तो नीतीश जी सरकार में उद्योगों को बढ़ावा दिया गया, फिर भी आज बिहार देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है। इसलिए उनका मकसद लोगों से मिलना है। आम लोगों से बातचीत करके बिहार के उत्थान की रूपरेखा तैयार की जाए।

पर्दे के पीछे से काम करने वाले पीके अब फ्रंटफुट पर काम करने को तैयार हैं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उनका यह कहना कि वे अपना अलग करने के मूड में है। इससे संकेत मिलता है कि वो अलग पार्टी बनाने जा रहे हैं। उन्होंने बातों ही बातों में यह कहा कि बिहार में पैदल यात्रा से पहले यह बात (अपनी पार्टी) भी साफ हो जाएगी।

कांग्रेस में संभावना नहीं
कांग्रेस पार्टी से बात नहीं बनने को लेकर पीके ने कहा कि मीडिया में जो बातें चल रही थी कि मैं ही पूरे फैसले लेने का इच्छुक था वो गलत हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वो ही सब फैसले लेंगे। लेकिन मैं पार्टी में ऐसी जिम्मेदारी चाहता था जिसमें अलग विंग हो। लेकिन कांग्रेस पार्टी देश की बड़ी पार्टी है। वहां संविधान से काम होता है। वहां लंबे समय तक इस बात की संभावना नहीं है कि वो पार्टी के अंदर ही अलग विंग बनाकर काम कर सके। इसलिए मैंने खुद ही अपने पैर पीछे ले लिए।

राहुल गांधी बड़े आदमी
राहुल गांधी को लेकर पीके ने कहा कि वो बड़े आदमी हैं और मैं एक साधारण परिवार का बेटा हूं। उनसे मुझे कोई परेशानी नहीं हो सकती। उन्होंने मुझसे कहा कि बात करनी है तो मैंने उनके पास जाकर बात की। अब वो अगर कहते हैं कि वो मुझसे बात नहीं करेंगे तो मैं उनसे नहीं मिल सकता। वहीं, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पीके से बातचीत को लेकर संशय में थे और उन्हें पहले दिन से पता था कि प्रशांत किशोर पार्टी में शामिल नहीं होंगे।

सीएम डैशबोर्ड मे केंद्र व राज्य की 18 फ्लैगशिप योजनाएं शामिल

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भोपाल : सामाजिक समरसता को आधार बनाकर काम कर रही शिवराज सरकार ने केंद्र व राज्य सरकार की उन योजनाओं को फ्लैगशिप घोषित किया है जिसका सीधा आम आदमी से सरोकार है। राज्य सरकार के बजट में घोषित फ्लैगशिप योजनाओं से इतर ये फ्लैगशिप योजनाएं सीएम डैशबोर्ड में बाकायदा मानीटर की जा रही हैं। इसके लिए अफसरों की टीम योजनाओं के आधार पर तत्काल अपडेट देने का काम करने में जुटी है ताकि उसे जनता तक भी पहुंचाया जा सके।

शिवराज सरकार प्रदेश के गांव, गरीब, किसान और बेटियों को फोकस कर आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। इसके लिए सीएम डैशबोर्ड पर केंद्र और राज्य सरकार की उन सभी योजनाओं को फ्लैगशिप योजनाओं के दायरे में शामिल किया गया है जो इनके रोटी, कपड़ा और मकान की जरूरतों को पूरा करने से सीधा वास्ता रखती हैं।

सीएम डैशबोर्ड के जरिये इन फ्लैगशिप योजनाओं की मानीटरिंग करने का काम किया जा रहा है और सीएम सचिवालय हर हफ्ते इन योजनाओं के अपडेट्स से सीएम शिवराज सिंह चौहान को अवगत करा रहा है। इन फ्लैगशिप योजनाओं में इस बात को खासतौर पर मानीटर किया जा  रहा है कि किस योजना में कितने लोगों को लाभ पहुंचाया और कितनी राशि खर्च की गई है ताकि इसे जनसभाओं के दौरान जनता को बताया जा सके।

इनके रोजगार और स्वास्थ्य की चिंता
कोरोना के दौर में उपचार की कमी से होने वाली मौतों को देखते हुए सरकार ने आयुष्मान योजना पर भी खासा फोकस किया है और सीएम शिवराज के भाषण में भी जब तब इसकी झलक दिखती है। प्रदेश में 4.70 करोड़ पात्र हितग्राही में से 2.69 करोड़ को कार्ड जारी किए जा चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है। 2090 करोड़ रुपए सरकार इस योजना में 14.67 लाख लोगों के उपचार पर खर्च कर चुकी है। इसके साथ ही पीएम स्वनिधि योजना में 5.10 लाख लोगों को 583 करोड़ रुपए की सहायता स्वरोजगार के लिए दी जा चुकी है। सरकार रोज ये आंकड़े भी अपडेट कर रही है कि कितनी फसल गेहंू, चना, मसूर, सरसों उपार्जित की गई और कितने किसानों को कितना पेमेंट कर दिया गया है।

एक हफ्ते से 15 दिन में मानीटरिंग
राज्य सरकार केंद्र और राज्य सरकार की जिन योजनाओं के जरिये आम आदमी, गरीब, किसानों पर सीधे नजर रखकर उन्हें मिलने वाले योजनाओं के लाभ की रिपोर्ट ले रही है, उसमें पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, पीएम फसल बीमा योजना, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, पीएम आवास शहरी और ग्रामीण, संबल योजना श्रमिक/प्रसूति, पात्रता पर्ची, लाड़ली लक्ष्मी, गेहूं, सरसों, मसूर, चना का खाद्यान्न उपार्जन, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान भारत शामिल हैं।

किसानों से संबंधित सरकार के फोकस वाली स्कीम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में प्रदेश के पंजीकृत किसान 83.78 लाख हैं और इन्हें 13441 करोड़ रुपए सम्मान निधि के रूप में दिए जा चुके हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में इतने ही किसानों को 4569 करोड़ रुपए शिवराज सरकार दे चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पाने वाले किसानों की संख्या डैशबोर्ड में 83.44 लाख है जिन्हें पिछले माह तक 7077 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम दिया गया है। स्वामित्व योजना में 43 हजार गांवों को शामिल कर 22381 गांवों का ड्रोन सर्वे कराया जा चुका है और 2.71 लाख को स्वामित्व कार्ड दिए जा चुके हैं। जिन गावों में सौ फीसदी कार्ड जारी किए जा चुके हैं, उनकी संख्या 5999 है।

गांव और गरीब से संबंधित योजनाएं
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 89519 किमी सड़क स्वीकृत की गई है जिसमें से 84687 किमी का काम पूर्णता की ओर है। इसी तरह जल जीवन मिशन में 90.27 लाख घरेलू कनेक्शन 29180 गांवों में दिया जाने का लक्ष्य तय है। अब तक 49.26 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। पीएम आवास योजना ग्रामीण में 30.44 लाख आवास का टारगेट है और 24.47 लाख पूरे हो चुके हैं। एक माह में चार लाख आवास बनाने का टारगेट पंचायत और ग्रामीण विकास ने तय किया है। पीएम आवास शहरी में 9.39 लाख का टारगेट है और 4.87 लाख पूर्ण हुए हैं। इस माह 15 हजार आवास बनाने की तैयारी है। पात्रता पर्ची को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इसे आंकड़ों से समझा जा सकता है। एक करोड़ 17 लाख 93 हजार पात्रता पर्ची के जरिये 397.51 करोड़ रुपए का राशन मुफ्त बांटा जा रहा है।

तबादले के छह माह बाद भी अफसरों ने नहीं किया ज्वाइन, GAD ने किया एकतरफा रिलीव

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भोपाल : राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर सरकार के आदेशों को तवज्जो नहीं दे रहे है। छह माह पहले किए गए तबादले आदेश का पालन अब तक अफसरों ने नहीं किया है। पिछले साल अक्टूबर से लेकर फरवरी 2022 में किए गए तबादलों के बाद अफसरों ने जब अपने नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइन नहीं किया तो सामान्य प्रशासन विभाग ने पांच मई को दोपहर से इन सभी को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल से एकतरफा रिलीव करने का फरमान जारी करते हुए रिलीव कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र नाथ पांडेय को इंदौर विकास प्राधिकरण में भू-अर्जन अधिकारी के पद से तत्काल संयुक्त कलेक्टर जिला शाजापुर के पद पर ज्वाइन करने के लिए रिलीव किया गया है। रतलाम में संयुक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ राजेश कुमार शुक्ला को सिंगरौली में संयुक्त कलेक्टर के पद पर ज्वाइन करने को कहा गया है। सीहोर में संयुक्त कलेक्टर के पद पर काम कर रही प्रगति वर्मा को शहडोल में संयुक्त कलेक्टर के पद पर काम संभालने को कहा गया है।नीलेश कुमार शर्मा को सिंगरौली में डिप्टी कलेक्टर के पद से सीधी डिप्टी कलेक्टर के पद पर भेजा गया है।पराग जैन को डिप्टी कलेक्टर इंदौर से भिंड में डिप्टी कलेक्टर भेजा गाय है। रवि वर्मा को सीहोर डिप्टी कलेक्टर से इंदौर में डिप्टी कलेक्टर की जिम्मेदारी संभालने के लिए रिलीव कर दिया गया है।टीकमगढ़ में काम कर रहे हर्षल चौधरी को तत्काल विदिशा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यभार संभालने का फरमान जारी किया गया है।

कब-कब हुए थे तबादले
सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले साल 28 अक्टूबर को और इस साल 18 फरवरी को इन अफसरों के तबादले आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी एक भी अफसर ने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसीलिए अब इन्हें एकतफा रिलीव किया गया है।

पुरानी पदस्थापना स्थल ने निकला वेतन तो कार्रवाई
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिला कोषालय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि उनके जिले से एकपक्षीय कार्यमुक्त राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी का वेतन पांच मई 2022 के बाद आहरित न किया जाए। यदि इनका वेतन पुराने पदस्थापना स्थल से निकलता है तो इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व जिला कोषालय अधिकारी का होगा। यह जानकारी पदोन्नति, विभागीय जांच, गोपनीय चरित्रावली, पेंशन पटल के लिए भी उपयोग की जाएगी। सभी विभागों के  अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी इन अफसरों के बारे में निर्देश दिए गए है।

राजनीति में कदम रखने के लिए तैयार हैं सौरभ गांगुली

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे के लिए गुरुवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे। अमित शाह के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। शाह का यह बंगाल दौरा पार्टी नेताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए हैं। अमित शाह के दौरे को लेकर कयास यह भी लगाया जा रहा है कि वो शुक्रवार को टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई चीफ सौरभ गांगुली से मुलाकात कर सकते हैं।

अमित शाह और सौरभ गांगुली की मुलाकात बीसीसीआई अध्यक्ष के कोलकाता निवास पर होने की संभावना है। दोनों नेताओं के बीच कल शाम में करीब 7 के आसपास मुलाकात होने की संभावना है। इससे पहले शाम करीब 6 बजे अमित शाह विक्टोरिया मेमोरियल के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे जहां गांगुली की पत्नी डोना गांगुली प्रस्तुति देंगी।

इस कार्यक्रम के बाद सौरभ गांगुली से मिलने के लिए डोना गांगुली के साथ अमित शाह का उनके घर पर जाने की संभावना है। माना यह भी जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री कल सौरव गांगुली के घर पर डिनर भी कर सकते हैं।

2019 में बीसीसीआई अध्यक्ष बने गांगुली

सौरभ गांगुलt अक्टूबर 2019 में बीसीसीआई अध्यक्ष बने। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। गांगुली के साथ दो और व्यक्तियों को निर्विरोध चुना गया था। अमित शाह के बेटे जय शाह को बीसीसीआई सचिव बनाया गया है। बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले ही यह कयास लगाया जा रहा था कि सौरभ गांगुली बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब बीजेपी की नजर साल 2024 के लोकसभा चुनाव पर भी है।

राज्यों को सौंपे जाएंगे कोविड अस्पताल

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नई दिल्ली। : केंद्र ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान केंद्रीय एजेंसियों द्वारा बनाए गए कोविड अस्पतालों को राज्यों को सौंपने का फैसला किया है। इस संदर्भ में जल्द ही केंद्रीय एजेंसियों एवं राज्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। निशुल्क मिलने वाले इन संसाधनों का इस्तेमाल राज्य अपनी जरूरत के हिसाब से कर सकेंगे। ऐसे अस्पतालों में सामान्य बीमारियों के साथ जरूरत पड़ी तो कोरोना के इलाज में भी हो सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि पिछले साल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, ईएसआईसी, रेलवे तथा अनेक एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों पर अस्पतालों की स्थापना की थी। उनमें वेंटीलेटर एवं अन्य उपकरण थे। ये अस्पताल अभी उसी स्वरूप में हैं पर इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। बड़े राज्य में एक या एक से अधिक ऐसे अस्पताल हैं। मंत्रालय की मानें तो तीसरी लहर के दौरान भी इनके इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ी। चौथी लहर का खतरा है। लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को जो फीडबैक मिला है, उसके अनुसार चौथी लहर की आशंका बेहद कम है।

ऑक्सीजन संयंत्रों का संचालन जारी रखें
केंद्र सरकार ने राज्यों से यह भी कहा है कि कोरोना काल में लगाए गए ऑक्सीजन के पीएसए संयंत्रों का संचालन जारी रखें। दरअसल, तब करीब-करीब हर जिले में पीएसए संयंत्र लगाने की कवायद शुरू की गई थी और बड़े पैमाने पर चालू भी हो गए थे। अब ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होने के कारण इनके संचालन में कठिनाई आ रही है। केंद्र ने कहा कि यदि ऑक्सीजन की जरूरत न भी हो तो भी इन्हें महीने में कुछ दिन चलाते रहे ताकि जरूरत पड़ने पर फिर से इन्हें इस्तेमाल किया जा सके।

दतिया में रथ पर निकलीं मां पीतांबरा

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दतिया : दतिया गाैरव दिवस के माैके पर बुधवार काे एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तर्ज पर शाम को दतिया में मां पीतांबरा चांदी के रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलीं। यात्रा पीतांबरा पीठ से नगर के विभिन्न रास्तों से होकर स्टेडियम ग्राउंड पर समाप्त होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पीतांबरा एवं पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सबसे पहले रथ की रस्सी को खींचा। श्रद्धालुओं ने केवल माई के रथ की रस्सी को स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उत्सव को लेकर पूरे नगर को सजाया गया है।

चांदी के रथ पर मां विराजमान
माता का यह रथ राजस्थान में बनकर तैयार हुआ है। इस रथ में चांदी पीतल और लकड़ी का उपयोग किया गया है। रथ की अनुमानित कीमत 17 लाख रुपए है। इस रथ पर माता का मुकुट और छायाचित्र विराजमान था। इसी के साथ स्वामी जी महाराज का रथ भी साथ चला। इसमें स्वामी जी महाराज की चरण पादुका और फोटो को रखा है।

सीएम ने कहा- माई की कृपा से बदला दतिया

सीएम शिवराज ने कहा कि माई की कृपा से एक नया इतिहास रच रही है। माई के उत्सव का कार्यक्रम आज प्रारंभ होगा, यह अब लगातार जारी रहेगा। यह उत्सव ऐसा बनेगा की पूरी दुनिया देखने आएगी। पहले का दतिया और अब का दतिया, किसी ने सोचा था कि कभी मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज खुलेगा। 400 करोड़ का मोटर ड्राइविंग कॉलेज भी आपको समर्पित है। कुछ दिन बाद तो दतिया में बड़े-बड़े विमान उतरेंगे। दतिया बदला है कि नहीं, माई की कृपा से यह बदला है। नरोत्तम मिश्रा के प्रयास से हो रहा है। दतिया में माई के रथ के साथ विकास का रथ चलेगा। संस्कृति का अध्ययन करने वालों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। शासन के मंदिरों में सभी पुजारियों को 5 हजार रुपए मानदेह दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के गरीब भाईयों को बीपीएल की सुविधा दी जाएगी। माई की कृपा से ही सरकार चल रही है। दतिया का ऐसा विकास होगा कि देश देखेगा। स्वच्छता में हमें चौथे नहीं नंबर पर आना है।

नरोत्तम बोले-हर साल निकलेगी यात्रा
गृहमंत्री ने कहा – खूब बांधो बंदन वारे, माई पहुंच रहीं हैं द्वारे। मां के स्वागत को पूरा दतिया आतुर है। हर घर में ऐसा लग रहा है जैसे वैवाहिक कार्यक्रम हो रहा हो। दतिया वालों ने बताया है कि सज्जन और सपूत से दतिया में भेंट होती है। दतिया में एक पंरपरा की शुरुआत हुई है। हम रहें न रहें, यह यात्रा हर साल निकलती रहेगी। यही माई के भक्ता और स्वामीजी के शिष्यों ने तय किया है। माई की कृपा दतिया में बनी है।

रथ यात्रा में शामिल वीआईपी
रथ यात्रा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री माया सिंह, पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र मामा, प्रभारी मंत्री सुरेश राठखेड़ा, भिंड दतिया सांसद संध्या राय, उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से सांसद रवि शर्मा, के साथ कई राजनेता शामिल हुए।