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संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन

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देश के मशहूर शास्त्रीय संगीतकार और संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन हो गया है। 84 वर्षीय शर्मा बीते 6 महीनों से किडनी से जुड़ी समस्या से पीड़ित थे और डायलिसिस पर थे। मंगलवार को उनका कार्डिएक अरेस्ट के चलते निधन हो गया। शिवकुमार शर्मा को संतूर को एक लोकप्रिय वाद्ययंत्र के तौर पर स्थापित करने के लिए जाना जाता है। संतूर जम्मू-कश्मीर में प्रचलित वाद्ययंत्र था, जिसे शिव कुमार शर्मा ने दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया था। उनके निधन से शास्त्रीय संगीत की दुनिया का एक युग समाप्त हो गया है।

यह शिवकुमार शर्मा का संतूर वादन ही था कि इस वाद्य यंत्र को भी सितार और सरोद की श्रेणी में माना जाने लगा था। उन्होंने बांसुरी वादक पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ जोड़ी बनाई थी, जिसे संगीत प्रेमियों के बीच शिव-हरि के नाम से जाना जाता था। दोनों ने मिलकर सिलसिला, लम्हे, चांदनी जैसे कई लोकप्रिय फिल्मों के लिए संगीत दिया था। पंडित शिवकुमार शर्मा ने महज 13 साल की उम्र में ही संतूर का वादन शुरू कर दिया था। उन्होंने मुंबई में 1955 में पहली परफॉर्मेंस दी थी। उन्हें 1991 में पद्म श्री और फिर 2001 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक विरासत को बड़ा नुकसान

पीएम नरेंद्र मोदी ने शिवकुमार शर्मा के निधन पर शोक जताया है। ट्विटर पर श्रद्धांजलि देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘शिवकुमार शर्मा जी के निधन से हमारी सांस्कृतिक विरासत को बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने संतूर को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया था। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा। मैं उनके साथ अपनी मुलाकात को याद करता हूं। उनके परिवार और उन्हें चाहने वालों को ईश्वर यह दुख सहने की शक्ति दे। ओम शांति।’

तजिंदर बग्गा को बड़ी राहत, 5 जुलाई तक गिरफ्तारी से छूट

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पंजाब के मोहाली में पुलिस के खुफिया इकाई के मुख्यालय परिसर में सोमवार रात रॉकेट चालित ग्रेनेड से हमला किया गया, जिससे इमारत की एक मंजिल की खिड़की के शीशे टूट गए। इसके अलावा भीषण चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के तटों के करीब पहुंचने पर दोबारा उत्तर-उत्तरपूर्वी दिशा में मुड़ने और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं। पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहे ‘असानी’ के चलते प्रभावित इलाकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाए चलने के साथ ही भारी बारिश भी हो रही है।

सीहोरवाले पंडित प्रदीप मिश्रा पर देशद्रोह के मुकदमे की मांग

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मध्य प्रदेश के खंडवा में प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठी है। बहुजन समाज और संविधान को मानने वाले लोगों ने इसके लिए ज्ञापन दिया है। इन लोगों का आरोप है कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने भजन के दौरान संविधान बदलने की बात कही है, जो देशद्रोह का काम है। इसके मुताबिक उन्होंने खुले तौर पर हजारों लोगों की मौजूदगी में संविधान के विरोध में बात कही है। इसलिए उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

संविधान की आस्था पर चोट
गौरलतब है कि नर्मदापुरम में शिवपुराण कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि अब देश का संविधान बदलकर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए। इसी बात को लेकर अब बहुजन समाज ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए डीएम ऑफिस में ज्ञापन सौंपा गया है। बहुजन समाज ने अपने ज्ञापन में कहाकि पं. प्रदीप मिश्रा के बयान से संविधान में आस्था रखने वाले लोगों को चोट पहुंची है। उन्हें भविष्य में इस तरह से संविधान को लेकर कोई बयान नहीं देना चाहिए। बहुजन समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने साफ तौर पर संविधान को बदलने की बात कही है न कि संशोधन की। वैसे भी संविधान का संशोधन संसद में किया जाता है न कि किसी धर्मसभा में।

बताया दुस्साहस
बहुजन समाज के प्रेमलाल कोठारे ने बताया कि हम सभी बहुजन समाज के लोग आज यहां ज्ञापन सौंपने आए हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा नर्मदापुरम में एक कथा के दौरान उन्होंने संविधान को बदलने की बात कही थी। पं. प्रदीप मिश्रा को ज्ञात होना चाहिए कि वह संविधान के विरोध में या राष्ट्रीय प्रतीकों के विरोध में कोई बात कहते हैं तो यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। लेकिन उनके द्वारा यह दुस्साहस किया गया है जिससे संविधान को मानने वाले लोगों के मन में हताषा और विरोध है। ऐसे पंडित पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

भाजपा चुनावी मोड में

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भोपाल : चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा अब सत्ता और संगठन के तालमेल के जरिये संगठनात्मक कामों में तेजी लाने के साथ फील्ड में पदस्थ अफसरों के फीडबैक भी सरकार को देगी। इसकी शुरुआत सोमवार से हो गई है और 17-17 जिलों की जिला प्रबंध समितियों से एक-एक करके फीडबैक लेने का काम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लेना शुरू कर दिया है।

प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद की मौजूदगी में हो रही अलग-अलग दौर की बैठकों में सीधे तौर पर इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि किस जिले में कौन सा अधिकारी सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में हीलाहवाली कर रहा है और संगठनात्मक प्रतिनिधियों के साथ असहयोग कर रहा है।

माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर अगले छह माह में अधिकारियों की मैदानी जमावट की जाएगी। प्रदेश कार्यालय में हो रही बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे समय तक मौजूद रहकर जिलों की प्रबंध समितियों के फीडबैक को जानेंगे और सरकार के कामकाज में आनाकानी करने वाले अफसरों का फीडबैक अपने स्तर पर लेने के साथ संगठन से भी ले रहे हैं। चूंकि अब 18 माह बाद चुनाव होने हैं, इसलिए जिलों में दो साल से पदस्थ अधिकारियों का हटना भी तय है।

इस फीडबैक में कलेक्टर, एसपी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, एएसपी, एसडीओपी और टीआई स्तर के अधिकारी कर्मचारी खासतौर पर चर्चा में होंगे। इसलिए सत्ता और संगठन के फीडबैक के आधार पर अधिकारियों की पदस्थापना की जाना तय मानी जा रही है। सीएम पहले भी अफसरों को चेता चुके हैं कि जो अधिकारी सरकार की प्राथमिकता को नहीं मानेगा वह फील्ड में नहीं रहेगा। सूत्रों का कहना है कि जिलों की कोर कमेटी के रूप में काम कर रहीं जिला प्रबंध समिति को इसलिए बैठक में बुलाया गया है ताकि सभी के फीडबैक के आधार पर निर्णय लिया जा सके। कई बार जिला अध्यक्ष अधिकारी से पटरी नहीं बैठने पर गलत रिपोर्ट भी दे देते हैं। प्रबंध समिति से चर्चा में स्पष्ट रिपोर्ट आएगी।

दस प्रतिशत वोट बढ़ाने, सौंपे गए कामों की समीक्षा भी होगी
संगठन ने आगामी चुनाव में दस प्रतिशत अधिक वोट शेयर के लिए जो रणनीति तय की है और संगठनात्मक कामों की जो जिम्मेदारियां जिला प्रभारियों, जिला प्रबंध समितियों को सौंपी हैं, उनके क्रियान्वयन की समीक्षा भी बैठक में होना है। प्रदेश संगठन अन्य स्त्रोतों से मिली रिपोर्ट के आधार पर जिलों के संगठन पदाधिकारियों के कामों में हुई गड़बड़ी भी बताएगा और सुधार के लिए निर्देशित करेगा।

कुशाभाऊ ठाकरे समारोह के साथ अन्य कार्यक्रमों पर फोकस
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल का कार्यकाल इसी माह पूरा हो रहा है। इसलिए प्रदेश संगठन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर तीस मई से प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन बैठकों में कुशाभाऊ ठाकरे शताब्दी समारोह समिति द्वारा तय कार्यक्रमों के साथ संगठन के द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य का फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही नई कार्ययोजना भी बताई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग अतिक्रमण पर याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

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नई दिल्ली – देश में जगह-जगह हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। हनुमान जयंती पर दिल्ली में जहांगीरपुरी में हुई हिंसा (Jahangirpuri violence) के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। अब म्यूनिसिपल कार्पोरेशन ऑफ दिल्ली(MCD) का बुलडोजर नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 (CAA)  और नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर(National Register of Citizens-NRC) के खिलाफ हुए आंदोलन के कारण चर्चाओं में आए शाहीन बाग तक पहुंच गया है। यह कार्रवाई अगले 5 दिनों तक चलेगी। हालांकि इसका विरोध भी हो रहा है। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके लिए MCD पहले ही नोटिस भेज चुकी थी। इस बीच MCD सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह ने बताया कि नोटिस के बाद 70 फीसदी इलाकों में लोगों ने खुद अतिक्रमण हटा लिए हैं। लोगों के विरोध के चलते दोपहर करीब 12.30 बजे MCD का बुलडोजर शाहीन बाग से लौट गया। अफसरों ने कहा कि फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकी गई है। भाजपा ने कांग्रेस और आप पर अतिक्रमण विरोधी मुहिम का साम्प्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। वहीं,  MCD ने मुहिम के खिलाफ शाहीन बाग पहुंचे ओखला के आप विधायक अमानतुल्ला खान पर खुद अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की
साउथ दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका खारिज की दी गई है। यह  याचिका भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी(CPIM) ने दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कह कि इस मामले में पीड़ितों को कोर्ट में आना चाहिए, राजनीति दल क्यों आ रहे हैं? सीनियर वकील पी सुरेंद्रनाथ ने तर्क दिया कि एक याचिका रेहड़ीवालों की एसोसिएशन की तरफ से भी लगाई गई है। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट में जाना चाहिए था। अगर रेहड़ी वाले भी नियम तोड़ रहे हैं, तो उन्हें भी हटाया जाएगा। जस्टिस एल नागेश्वर राव और बी आर गवई की बेंच ने कहा कि जहांगीरपुरी मामले में इसलिए दखल दिया गया, क्योंकि वहां परिस्थितियां अलग थीं। कोर्ट ने उदारता दिखाई इसका यह मतलब नहीं कि हर किसी को सुनते रहें, भले निर्माण अवैध ही क्यों न हो? जिसे याचिका दाखिल करनी है, वह पहले दिल्ली हाई कोर्ट जाए।

कांग्रेसियों ने किया हंगामा
अतिक्रमण हटाने पहुंचे बुलडोजर को
 रोकने कांग्रेसियों ने हंगामा कर दिया। वे बुलडोजर के सामने आकर बैठ गए। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई बीजेपी के इशारे पर हो रही है। हालांकि एसडीएमसी अधिकारी ने दो टूक कहा कि नगर पालिका अपना काम करेगा। वर्कर और अधिकारी तैयार हैं। तुगलकाबाद, संगम विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी या शाहीन बाग में जहां भी अतिक्रमण है, उन्हें हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान ने कहा कि एमसीडी बताए अतिक्रमण कहां है? इलाके में जो अतिक्रमण था, उसे पहले ही हटा दिया गया है।

अप्रैल में शाहीन बाग का सर्वे कराया गया था
दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग सहित कई इलाकों में अप्रैल के आखिरी हफ्ते में मेयर मुकेश सूर्यन ने खुद अधिकारियों के साथ जाकर अवैध निर्माण का सर्वे कराया था। दिल्ली के कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए तीनों नगर निगम(MCD) ने ब्लू प्रिंट तैयार किया है। पिछले दिनों दिल्ली के भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और विरोधी आसामाजिक तत्वों द्वारा इलाकों में अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए नगर निगमों को पत्र लिखा था। यह कार्रवाई इसी पत्र के बाद शुरू हुई है।  हालांकि इधर, दक्षिण दिल्ली में ओखला, शाहीन बाग में अवैध बस्तियों को हटाने के आदेश के खिलाफ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) मार्क्सवादी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है।

अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्ती में आया है निगम
साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कार्पोरेशन( South Delhi Municipal Corporation-SDMC) के मेयर मुकेश सुर्यान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शाहीन बाग, ओखला, तिलक नगर वेस्ट सहित कई वार्ड को चिह्नित किया गया है। मदनपुर खादर में भी अतिक्रमण है। सड़क पर जो भी अतिक्रमण है, उसे हटाया जाएगा। जिन जगहों पर अतिक्रमण करके बिल्डिंग खड़ी हुई हैं, वहां के लिए प्लान तैयार किया गया है। पिछले दिनों एसडीएमसी के सेंट्रल जोन के अस‍िस्‍टेंट कम‍िश्‍नर ने डीसीपी साउथ ईस्‍ट द‍िल्‍ली को पत्र ल‍िखकर कहा था कि 4  से 13 मई तक अत‍िक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनाए रखने के ल‍िए एमसीडी स्‍टॉफ को पर्याप्‍त पुल‍िस बल मांगा जा चुका है। सेंट्रल जोन के तहत शाहीन बाग के अलावा संगम व‍िहार, अमर कालोनी, न्‍यू फ्रेंडस कालोनी, लोधी कालोनी और काल‍िंदी कुंज के अलग-अलग इलाकों में अतिक्रमण चिह्रित किए गए हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे ने आर्थिक संकट और झड़पों के बीच दिया इस्तीफा

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श्रीलंका में आजादी के बाद से अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट के बीच प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे का पत्र स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर चन्ना जयासुमना ने राष्ट्रपति को सौंप दिया है। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने यह इस्तीफा दिया है, जबकि कई बार उनके भाई और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे उनसे पद छोड़ने को कह चुके हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने श्रीलंका के आर्थिक हालात को लेकर हुई बैठक में उसने अपना पद छोड़ने को कहा था। उन्होंने कहा था कि देश में जारी राजनीतिक संकट के बीच उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

श्रीलंका में आर्थिक हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग भुखमरी की कगार पर हैं। खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। मजदूर और व्यापारिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल कर दी है। पिछले हफ्ते छात्रों ने सरकार के खिलाफ श्रीलंका की संसद में घुसने की कोशिश की थी।

इन्हें रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार करनी पड़ी थी। लोगों में सरकार के खिलाफ जबर्रदस्त गुस्सा और आक्रोश है। लोग प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ श्रीलंका सरकार के सभी मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। सरकार ने विपक्षी नेताओं से अपील की थी कि वो मंत्री बनकर सरकार चलाने में मदद करें लेकिन विपक्ष ने भी हाथ खड़े कर लिए थे।

मेडिकल छात्रों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, नीट पीजी परीक्षा टालने की कर रहे मांग

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देश भर में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पीजी यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट को स्थगित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में रविवार आठ मई को आईएनआई- सीईटी (INI-CET) की परीक्षा खत्म होते ही मेडिकल छात्र राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पहुंचे और नीट पीजी परीक्षा टालने की मांग को लेकर विरोध- प्रदर्शन किया। नीट पीजी प्रवेश परीक्षा 21 मई, 2022 को प्रस्तावित है।

जंतर मंतर के पास एकत्र हुए नीट पीजी उम्मीदवारों ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) से स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली नीट पीजी परीक्षा को स्थगित करने का आग्रह किया।

नीट पीजी उम्मीदवारों ने इसके लिए नीट पीजी 2021 की काउंसलिंग अभी तक जारी रहने और तिथियों में टकराव होने का हवाला भी दिया। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें काउंसलिंग राउंड के लिए उपस्थित होने और नीट पीजी 2022 की परीक्षा में उपस्थित होने के बीच में से एक का चयन करना पड़ रहा है, जोकि नाइंसाफी है।

पीएमओ से मांग समय

डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि 15,000 से अधिक छात्रों ने हाथ मिलाया और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर अपनी चिंताओं को साझा करने के लिए समय मांगा है। वहीं, 20 से अधिक सांसदों और कई चिकित्सा संघों ने हमारे पक्ष में सरकार को लिखा है। वे हमारी दलील को समझते हैं, लेकिन अभी तक सरकार या एनबीई की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
गौरतलब है कि अखिल भारतीय मेडिकल छात्र संघ (AIMSA) द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा को स्थगित करने के लिए बुधवार, चार मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इससे पहले नीट पीजी परीक्षा टालने की मांग को लेकर को मेडिकल छात्रों के दो अन्य संगठन FAIMA और UDFA भी लगातार आवाज उठा रहे हैं और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को पत्र लिखकर राहत देने की मांग कर चुके हैं।
सोशल मीडिया से लेकर मंत्रालय तक गुजारिश
सोशल मीडिया पर भी नीट पीजी 2022 को टालने की मांग को लेकर मामला ट्रेंडिंग में है। उम्मीदवारों और डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से नीट पीजी प्रवेश परीक्षा को टालने की मांग को लेकर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, प्रधानमंत्री कार्यालय से भी संपर्क किया जा रहा है। FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन और UDFA यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट एसोसिएशन की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखे गए हैं।

जिल बाइडन और कनाडा के प्रधानमंत्री ने अचानक यूक्रेन का दौरा किया

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन रविवार को अचानक पश्चिमी यूक्रेन पहुंचीं। यहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की पत्नी ओलेना जेलेंस्की से मुलाकात की। जिल ने ओलेना से कहा कि मैं मदर्स डे पर यहां आना चाहती थी। मुझे लगा कि यूक्रेन के लोगों को यह दिखाना चाहिए कि अमेरिका के लोग उनके साथ खड़े हैं। दोनों की मुलाकात यूक्रेन सीमा से लगे स्लोवाकिया के गांव में स्थित एक स्कूल में हुई। दोनों ने एक छोटी सी कक्षा में बैठकर एक दूसरे से बात की। जिल दो घंटे तक यूक्रेन में रहीं।

ओलेना ने इस साहसिक कदम के लिए जिल का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम समझ सकते हैं कि युद्ध के दौरान अमेरिका की प्रथम महिला के यहां आने का क्या महत्व है। वह ऐसे समय में यहां आई हैं, जब रोजाना सैन्य हमले हो रहे हैं।

इससे पहले मार्च में पोलैंड की यात्रा के दौरान जो बाइडन ने कहा था कि वह इस बात को लेकर निराश हैं कि वह अपनी आंखों से हालात देखने के लिये यूक्रेन नहीं जा सकते क्योंकि सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें इसकी इजाजत नहीं है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने कहा था कि राष्ट्रपति यूक्रेन जाना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल इसकी कोई योजना नहीं हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो युद्ध के बीच अचानक यूक्रेन पहुंचे
वहीं, बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के यूक्रेन पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने तबाह हो चुके शहर इरपिन का दौरा किया। यूक्रेन के मीडिया संस्थान और इरपिन के मेयर ओलेक्जेंद्र मार्कुशिन ने यह जानकारी दी है। हालांकि, कनाडा के अधिकारियों ने ट्रूडो की यात्रा के बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। यूक्रेन के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए पश्चिमी देशों के नेताओं के दौरे के तहत ट्रूडो इस यात्रा पर आए हैं।

मैच से पहले अस्पताल में भर्ती हुए पृथ्वी शॉ

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का हिस्सा पृथ्वी शॉ को बुखार हुआ है. रविवार को पृथ्वी शॉ ने अस्पताल से अपनी फोटो शेयर की है. पृथ्वी शॉ ने जानकारी दी है कि वह बुखार से रिकवर हो रहे हैं.

पृथ्वी शॉ पिछला मैच नहीं खेल पाए थे और ग्राउंड में नहीं पहुंचे थे. अब जब टीम का चेन्नई सुपर किंग्स से रविवार को ही मुकाबला है, तब पृथ्वी शॉ अस्पताल में भर्ती हो गए हैं.

पृथ्वी शॉ ने इंस्टाग्राम पर जो फोटो पोस्ट की है, उसमें वह अस्पताल के बेड पर लेटे हुए हैं. पृथ्वी ने कैप्शन लिखा है कि वह बुखार से रिकवर हो रहे हैं और अस्पताल में भर्ती हो गए हैं. वह जल्द ही वापसी करेंगे, सभी का दुआओं के लिए शुक्रिया.

‘रॉकी भाई’ ने RRR को पछाड़ा, वर्ल्डवाइड कलेक्शन में नंबर तीन पर पहुंची ‘केजीएफ 2’

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नई दिल्ली । ‘केजीएफ चैप्टर 2’ को रिलीज हुए 24 दिन हो चुके है पर फिर भी बॉक्स ऑफिस पर इसने अभी भी गदर मचाया हुआ है। पिछले कई रिकॉर्ड्स को ध्वस्त करने वाली केजीएफ 2 ने टिकट खिड़की पर किसी भी और फिल्म को जमने ही नहीं दिया। नतीजा ये हुए कि यश स्टारर इस मूवी के रिलीज के बाद आई सारी फिल्में लाइन से फ्लॉप रहीं। कमाई की बात करें तो अपने चौथे शनिवार को भी इसने 5.50 करोड़ का बिजनेस कर ही लिया। इसके साथ ही केजीएफ हिन्दी बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ के पार पहुंच गई है।

डायरेक्टर प्रशांत नील की फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने वर्ल्डवाइड 1100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। साथ ही फिल्म आमिर खान की दंगल और एसएस राजामौली की दोनों ‘बाहुबली’ के बाद ऐसा करने वाली वह चौथी भारतीय फिल्म बन गई है।  दुनियाभर में कमाई के मामले में अभी तक आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ 2070 करोड़ का बिजनेस करके टॉप पर बनी हुई है। इसके बाद नंबर दो पर 1788 करोड़ कमाने वाली फिल्म ‘बाहुबली 2’ का नंबर है। इसके बाद तीसरे नंबर पर 1112 करोड़ कमाकर शुक्रवार तक ‘आरआरआर’ का कब्जा था, जिसे हटाकर अब ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने शनिवार को ये स्थान हासिल कर लिया है।

फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ ने अपनी रिलीज के 24वें दिन यानी चौथे हफ्ते के शनिवार सारी भाषाओं के संस्करणो को मिलाकर 12.70 करोड़ रुपए का ग्रॉस और करीब 11 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है। हालांकि शुक्रवार को इसे ‘डॉक्टर स्ट्रेंज इन द मैडनेस ऑफ मल्टीवर्स’ से कड़ी टक्कर मिली थी। पर केजीएफ 2 ने शनिवार को फिर मैदान मार लिया और ‘डाक्टर 2’ मुंह ताकती रह गई।यश की इस फिल्म ने 24वें दिन यानी रिलीज के चौथे शनिवार को कन्नड़ में 3 करोड़, तेलुगु में 1 करोड़, तमिल में 2.20 करोड़ और मलयालम में करीब 30 लाख रुपए के करीब कमाए हैं।