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ओम बिरला को आजमगढ़ लोकसभा सीट से अखिलेश यादव ने दिया इस्तीफ़ा

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से इस्तीफ़ा दे दिया है. हाल ही में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में वह करहल विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीते थे, जिसके बाद से अकटलें लगाई जा रही थीं कि वह विधायकी छोड़ेंगे या फिर सांसद पद से इस्तीफा देंगे. हालांकि अब यह संशय दूर हो गया है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव मंगलवार दोपहर लोकसभा पहुंचे, यहां उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया.

अखिलेश यादव के अलावा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने भी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. वह हालिया विधानसभा चुनाव में रामपुर सीट से निर्वाचित हुए थे. ऐसे में उन्होंने अपनी विधायकी बनाए रखने का फैसला किया. अखिलेश यादव और आजम खान द्वारा लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे के बाद इन दोनों सीटों पर अब छह महीने के अंदर उपचुनाव कराए जाएंगे.

अखिलेश यादव सांसदी छोड़ने के फैसले से पहले सोमवार को आजमगढ़ पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी. यहां आजमगढ़ या करहल की सीट के छोड़ने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि यह पार्टी नेताओं के साथ बैठक करके तय किया जाएगा.

मध्यप्रदेश का नौजवान स्टार्टअप्स के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार- सीएम शिवराज

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इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इंदौर से मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति का वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्‍होंने नीति के अंतर्गत स्टार्टअप्स को वर्चुअली वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए। प्रस्‍तुत हैं सीएम शिवराज के संबोधन की प्रमुख बातें-

    • प्रदेश सरकार द्वारा स्टार्टअप और उससे जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाने के लिए मध्यप्रदेश स्टार्टअप पोर्टल लॉन्च किया जा रहा है। इस पोर्टल को हमने भारत सरकार के स्टार्टअप पोर्टल से भी जोड़ने का काम किया है।
    • हमारे नौजवानों में जोश, जुनून, जज़्बा, टैलेंट, क्रिएटिविटी है। छोटे-छोटे शहरों से हमारे बेटा-बेटी नए-नए आइडिया लेकर आ रहे हैं।
    • एक आइडिया सचमुच में दुनिया बदल देता है। मैं यही कहना चाहता हूं कि स्टार्टअप्स के लिए हर जरूरी सुविधा हम उपलब्ध कराएंगे।
    • ये स्टार्टअप्स के इको सिस्टम का ही परिणाम है कि अब स्टार्टअप मध्यप्रदेश के केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के कौने-कौने से संचालित हो रहे हैं।
    • स्टार्टअप्स का पूरा इको सिस्टम हमने मध्यप्रदेश में तैयार किया है। अब मध्यप्रदेश का नौजवान स्टार्टअप्स के क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार है: CM
    • हमारे नौजवानों ने जो-जो सुझाव हमें दिए थे, हम अक्षरशः उनका पालन करते हुए ये स्टार्टअप की पॉलिसी लेकर आए हैं।

वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को मनाई जाती है पीपल पूर्णिमा

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पीपल का पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होता है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़  में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनों का वास होता है। लेकिन हम यहां धार्मिक पीपल के धार्मिक महत्व की बात नहीं बल्कि हेल्थ से जुड़ी बात करने वाले हैं। पीपल में औषधीय गुणों का खजाना छिपा होता है। पीपल के पत्तों से लेकर, फल, छाल और जड़ सब में औषधीय गुण भरे होते हैं।

वात, पित्त और कफ इन तीनों दोषों से कई तरह की बीमारियां होती है। जिसे पीपल की मदद से दूर किया जा सकता है। पीपल नीम की तरह खून साफ करने का काम भी करता है। इसकी पत्तियों की मदद से पेट भी साफ किया जा सकता है।

कब्ज और पाचन को ठीक करता है पीपल
अगर कब्ज, पाचन से जुड़ी कोई समस्या होती है तो पीपल के  पत्ते का जूस बनाकर पीने से ये ठीक हो जाता है। रात में सोने से पहले पीपल के पत्ते का रस निकालकर पानी में मिलाकर पीए। इससे सुबह आपका पेट साफ हो जाएगा।

सर्दी-खांसी में मिलती है राहत
पीपल के पत्ते को पानी में उबालकर पीने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है।  इतना ही नहीं हार्ट से जुड़ी बीमारियों को भी पीपल का पत्ता ठीक करता है। पीपल की 10-15 पत्तियों को 1 गिलास पानी में अच्छी तरह उबाले फिर छानकर इसके पानी को दिन में 2 से 3 बार पीए। इससे काफी फायदा मिलता है।

खून साफ करने में करने में करता है हेल्प
शरीर पर दाद या खुजली हो रहा है तो पीपल के पत्ते का रस पीने से ये ठीक हो जाता है। पीपल के पत्तों का रस खून साफ (Blood cleanse) करने में मदद करता है। शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ और गंदगी को बाहर निकाल देता है। जिसकी वजह से खुजली की समस्या दूर हो जाती है।

नकारात्मक उर्जा सकारात्मक में तब्दील हो जाता है
पीपल सबसे ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है। इसके नीचे बैठने से शरीर को भरपूर ऑक्सीजन मिलता है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ के नीचे लेटने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक उर्जा में बदल

पैट कमिंस चोट के चलते IPL टूर्नामेंट से बाहर

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मुंबई : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2022 सीजन में प्लेऑफ की रेस से बाहर होने की कगार पर पहुंच चुकी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को एक बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार प्लेयर पैट कमिंस चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के कप्तान कमिंस जल्द घर लौटेंगे.

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट वेबसाइट cricket.com.au ने इस बात की जानकारी दी. माइनर हिप इंजुरी के चलते पैट कमिंस ने IPL से आराम ले लिया है. उनकी यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं है, ऐसे में वह जल्द रिकवर हो जाएंगे. उनके अगले श्रीलंका दौरे से पहले ठीक होने की उम्मीद है.

KKR ने कमिंस को 7.25 करोड़ रुपये में खरीदा

पैट कमिंस इस आईपीएल सीजन में काफी देरी से भी अपनी टीम से जुड़े थे. वह इससे पहले पाकिस्तान दौरे पर थे. वहां से लौटकर कमिंस ने आईपीएल जॉइन किया था. पैट कमिंस ने इस सीजन में सिर्फ 5 ही मैच खेले, जिसमें 7 विकेट झटके हैं. इस दौरान कमिंस ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और एक फिफ्टी लगाते हुए कुल 63 रन बनाए. कमिंस को कोलकाता फ्रेंचाइजी ने मेगा ऑक्शन में 7.25 करोड़ रुपये में खरीदा था.

श्रीलंका दौरे पर जाएगी ऑस्ट्रेलिया टीम

ऑस्ट्रेलियाई टीम को मई के आखिर में श्रीलंका दौरे पर जाना है. यह दौरा करीब 6 हफ्ते लंबे वक्त तक चलेगा. ऑस्ट्रेलियाई टीम को श्रीलंका दौरे पर 3 टी20, 5 वनडे और 2 टेस्ट की सीरीज खेलना है. दौरे का आगाज 7 जून को श्रीलंका-ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 मुकाबले से होगा. ऑस्ट्रेलियाई टीम को श्रीलंका दौरे पर आखिरी टेस्ट मैच 8 जुलाई से खेलना है. पैट कमिंस श्रीलंका दौरे पर शुरुआती टी20 सीरीज नहीं खेलेंगे.

कोलकाता लगभग बाहर होने की दहलीज पर

वहीं, कोलकाता टीम इस समय प्लेऑफ की रेस से बाहर होने की कगार पर खड़ी है. टीम ने अब तक 12 में से सिर्फ 5 मैच जीते और उसके 10 पॉइंट्स हैं. केकेआर को अब दो मुकाबले खेलने हैं. यदि कोलकाता टीम अपने बाकी बचे दोनों मैच जीत भी लेती है, तब भी उसके सिर्फ 14 पॉइंट्स होंगे. ऐसे में केकेआर को बाकी टीमों के सभी मैच हारने और नेटरन रेट में पिछड़ने की दुआ करनी होगी. ऐसा होना नामुमकिन सा है.

MP Start-Up Policy प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च की

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का नौजवान, स्टार्टअप के क्षेत्र में उड़ान भरने तैयार है। मध्यप्रदेश में स्टार्टअप का एक नया इकोसिस्टम हमने तैयार किया है। मध्यप्रदेश में ईज आॅफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में भी काफी काम हमने किया है। जनवरी से अब तक 700 करोड़ की फंडिंग अब तक स्टार्टअप के लिए मध्यप्रदेश में आ चुकी है। इंदौर जब कुछ तय करता है, तो उसे कर दिखाता है। एक आईडिया सचमुच में दुनिया बदल देता है जितनी भी सुविधाएं हैं, हम वह सब उपलब्ध कराएंगे। नई स्टार्टअप नीति शुक्रवार को प्रधानमंत्री के हाथों लांच हुई है। हमारे पास क्षमता है, प्रतिभा है, योग्यता है, हमारे पास इनोवेटिव आइडियाज हैं, अगर उनको ठीक दिशा और सहयोग मिल जाए तो मेरा विश्वास है कि स्टार्टअप के क्षेत्र में हम बेंगलुरू और हैदराबाद को भी पीछे छोड़ देंगे।

उन्होंने कहा कि हमने स्टार्टअप्स का संवाद प्रारंभ किया था। हमारे नौजवानों ने जो-जो सुझाव हमको दिए थे, उसका अक्षरश: पालन करते हुए हम यह स्टार्टअप पॉलिसी लेकर आए हैं। पॉलिसी में जो हमने वादे किए हैं, उन को लागू करवाने के लिए मामा भी तुम्हारे साथ है। दिल्ली में जितनी स्टाम्प ड्यूटी लगती है, उससे कम ही मध्यप्रदेश में लगेगी। सीएम चौहान ने कहा कि आज मैं कह रहा हूँ मेरे बेटा बेटियो, आप मुझे आइडिया दें, मैं आपको अवसर दूंगा। जैसे हमने गेंहूँ उत्पादन में पंजाब को पीछे छोड़ा है, वैसे ही हम बेंगलुरु और हैदराबाद को स्टार्टअप में पीछे छोड़ेंगे। हमारे युवाओं ने जो-जो सुझाव दिए थे उन सुझावों को लेकर हम स्टार्टअप पॉलिसी लेकर आए हैं। हमारा प्रदेश कभी बीमारू राज्य कहा जाता था सड़क, नहीं,बिजली नहीं,पानी नहीं। गड्ढों में सड़क थी कि सड़क में गड्डा था, आज के युवाओं ने देखा ही नहीं। हमारा एक संकल्प हैं रोजगार और मध्यप्रदेश में हम हर महीने रोजगार दिवस के रूप में मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी ग्रोथ रेट लगातार बढ़ रही है। हमारी जीडीपी लगातार बढ़ रही है, हमने सफलता के नए आयाम हासिल किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई स्टार्टअप पॉलिसी वर्चुअली लांच की। इसके पहले इंदौर को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर स्टार्टअप एक्सपो में नई प्रवृत्तियों और नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें स्टार्टअप स्पेस के लिए समाधान बताए गए हैं। यहां हुए कॉन्क्लेव में स्पीड मेंटरिंग सत्र में स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्टार्टअप स्पेस के प्रमुख लीडर्स के साथ मिले और खुला संवाद हुआ। दिन भर चले सत्र में स्टार्टअप और संभावित उद्यमी टियर-1  और टियर-2 शहरों में फंडिंग के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2022 में सरकारी और निजी क्षेत्र के नीति निमार्ता, इनोवेटर्स, केंद्र और राज्य के प्रशासक, स्टार्टअप्स संभावित उद्यमी, स्टार्टअप इको – सिस्टम के सभी स्तंभ और जन-प्रतिनिधि शामिल हुए।

इंदौर में स्टार्टअप कॉन्क्लेव में नवाचारों की प्रदर्शनी का उद्घाटन
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुए स्टार्टअप कॉन्क्लेव में स्टार्टअप एक्सपो में नई प्रवृतियों और नवाचारों की प्रदर्शनी का शुभारंभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने किया। सांसद  शंकर लालवानी, सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम  पी. नरहरि, संचालक विशेष गढ़पाले भी उपस्थित थे। प्रदर्शनी में नए स्टार्टअप द्वारा अपने इनोवेशन और उद्यम को प्रदर्शित किया गया हैं। मंत्री  सखलेचा और अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्टार्टअप्स से चर्चा की और उनकी पहल को सराहा। स्टार्टअप कॉन्क्लेव शुक्रवार सुबह उत्साह और उमंग के साथ शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न सत्रों में चचार्ओं का दौर जारी है।

नहीं टलेगी नीट पीजी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

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सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट पीजी) 2022 को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीट पीजी 2022 को स्थगित करने के अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों के करियर पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि मरीजों की देखभाल सर्वोपरि है। अब नीट पीजी परीक्षा निर्धारित तिथि 21 मई को ही आयोजित होगी। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद आज इसके एडमिट कार्ड ( NEET PG Admit Card ) जारी किए जा सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि नीट पीजी की तिथि आगे बढ़ाने से जनवरी 2016 में अदालत द्वारा निर्धारित एडमिशन शेड्यूल पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इस शेड्यूल के मुताबिक नीट पीजी 2022 परीक्षा की प्रक्रिया पहले ही चार माह देरी से चल रही है। केंद्र ने कहा कि नीट पीजी 2023-24 परीक्षा जनवरी 2023 में तय की गई है। सरकार का प्रयास है कि पिछले 2 वर्षों के दौरान कोविड -19 के कारण पटरी से उतरा एडमिशन शेड्यूल वापस पटरी पर लाया जाए।

अदालत ने केंद्र के इस तर्क को स्वीकार किया कि अस्पतालों में पहले से ही रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी है क्योंकि इस साल पीजी डॉक्टरों के 2 बैच थे। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राहत से मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा। यह उन 2.06 लाख डॉक्टरों के करियर को भी प्रभावित करेगा जिन्होंने इस साल नीट-पीजी 2022 के लिए पंजीकरण कराया है।

सुप्रीम कोर्ट डॉक्टरों के एक समूह द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें नीट पीजी परीक्षा को स्थगित करने की मांग की गई थी। याचिककर्ता डॉक्टरों का कहना था कि नीट पीजी 2022 की परीक्षा के दौरान ही नीट पीजी 2021 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग भी होगी, ऐसे में नीट पीजी 2022 को स्थगित करना चाहिए।

पिछले सप्ताह वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश खन्ना ने याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट इस पर राजी हो गया था। अधिवक्ता आशुतोष दुबे और अभिषेक चौहान के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता चिकित्सक हैं जो देश के विभिन्न अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे 21 मई को निर्धारित नीट-पीजी परीक्षा 2022 में शामिल होना चाहते हैं। इसमें मांग की गई थी कि नीट-पीजी 2022 परीक्षा 21 मई को आयोजित करने संबंधी आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की चार फरवरी को जारी अधिसूचना रद्द की जाए और अथवा परीक्षा का कार्यक्रम टाल दिया जाए।

शिवराज कैबिनेट: नक्सल क्षेत्रों में 5 साल के लिए विशेष दस्ते गठित, 25 हजार मानदेय

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भोपाल : राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अपना सूचनातंत्र मजबूत करने के लिए क्षेत्र के मूल निवासियों से मध्यप्रदेश विशेष सहयोगी दस्ता गठित करेगी। इसमें डेढ़ सौ पदों पर पांच साल के लिए तैनाती होगी और पच्चीस हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय भी दिया जाएगा। पांच साल तक अच्छा काम करने वाले सहयोगी को राज्य सरकार आरक्षक के पद पर विशेष नियुक्ति भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

विशेष सहयोगी दस्ता गठित किए जाने के लिए दस्यू उन्मूलन क्षेत्रों के लिए स्वीकृत  एवं रिक्त एक हजार पदों में से डेढ़ सौ पद समर्पित किए जाएंगे। इन पदों पर बालाघाट जिले के बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांझी, किरनापुर, मंडला जिले के बिछिया, मवई और डिंडोरी जिले के बजाग, धमनापुर के कुल दस नक्सल प्रभावित विकासखंडों में स्थानीय युवाओं को 25 हजार रुपए प्रतिमाह की अनुबंध राशि पर पांच वर्ष के अनुबंध पर नियुक्त किया जाएगा। जो युवा पांच वर्षो की अनुबंध अवधि में संतोषप्रद सेवाएं देंगे उन्हें क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर पुलिस महानिदेशक द्वारा आरक्षक के पद पर विशेष नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

विशेष पुलिस अधिकारी के पावर
विशेष सहयोगी दस्ते में शामिल युवाओं को अनुबंध अवधि में विशेष पुलिस अधिकारी के रुप में पुलिस अधिनियम 1861 की धारा 18 के अंतर्गत शक्तियां प्रदान की जाएंगी। दस्ते में शामिल युवाओं से नक्सलाईट प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती दल, कानून व्यवस्था , थाना रिजर्व  बल, गार्ड ड्यूटी, आसूचना आंकलन आदि सेवाओं में उपयोग किया जाएगा।

इस पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना में वधू को दी जाने वाली सामग्री के लिए भंडार क्रय नियमों और सेवा उपार्जन नियमों को शिथिल करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है।

राज्यपाल सचिवालय में 85 अस्थाई कर्मचारियों की तैनाती 2026 तक
राज्यपाल सचिवालय स्थापना में स्वीकृत अस्थाई पदों के लिए स्वीकृत कुल 85 अस्थाई पदों को एक मार्च 21 से 28 फरवरी 2026 तक निरंतर रखे जाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

पृथ्वी शॉ को हुआ ‘टाइफाइड’

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नई दिल्ली : आईपीएल 2022 अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में पृथ्वी शॉ के बीमार होने से दिल्ली कैपिटल्स की टीम को काफी नुकसान हो रहा है। हाल ही में पृथ्वी शॉ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा था कि तेज बुखार के चलते वह अस्पताल में भर्ती है। मगर अब टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने उनकी बीमारी के बारे में बताया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हुए 58वें आईपीएल मुकाबले के बाद पंत ने इस बारे में बताया है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मुकाबले में संजू सैमसन की राजस्थान रॉयल्स पर 8 विकेट से बड़ी जीत दर्ज कर प्लेऑफ की दौड़ में खुद को बरकरार रखा है।

मैच के बाद ऋषभ पंत ने पृथ्वी शॉ के बारे में कहा “हमें उनकी बहुत कमी खल रही है, हम चीजों पर नियंत्रण नहीं रख सकते क्योंकि उसे टाइफाइड या फिर ऐसा ही कुछ हुआ है जो डॉक्टर ने मुझे बताया। उम्मीद करते हैं वो वापस आएगा, मगर यह नहीं पता कि कब।”

वहीं टीम की परफॉर्मेंस के बारे में पंत ने कहा “एक आदर्श खेल के बहुत करीब। हमेशा विश्वास करें कि सुधार की गुंजाइश है। जब आप जानते हैं कि विकेट टर्न होने वाला है, थोड़ा ज्यादा नहीं, पहले गेंदबाजी करने या पहले बल्लेबाजी करने का अवसर है। टॉस में मैंने कहा कि 140-160 के आसपास कुछ भी हमारे लिए अच्छा होगा, और हमें 160 मिले। भाग्य हमेशा आपके हाथ में होता है, आप 100 प्रतिशत देना चाह सकते हैं। फील्डिंग के हिसाब से हम बेहतर हो सकते हैं।”

‘दुनिया में सबसे बड़ा है हमारा टीकाकरण कार्यक्रम’ – पीएम नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरे ग्लोबल कोविड शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। कहा कि हमने अपने वार्षिक स्वास्थ्य देखभाल बजट में अबतक का सबसे अधिक आवंटन किया है। हमारा वैक्सीनेशन कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना महामारी जीवन को बाधित करती है। आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित और खुले समाज के लचीलेपन का परीक्षण करती है।’ हमने महामारी के खिलाफ एक जन-केंद्रित रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि हमारा टीकाकरण कार्यक्रम सबसे बड़ा है। हमने लगभग 90 फीसदी वयस्क आबादी और 50 मिलियन से अधिक बच्चों को टीका लगाया है।

200 मिलियन खुराक की सप्लाई

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित चार वैक्सीन का निर्माण करता है। इस साल पांच बिलियन डोज का उत्पादन करने की क्षमता रखता है। पीएम ने कहा, ‘हमने 98 देशों को 200 मिलियन कोविड वैक्सीन की खुराक सप्लाई की है।’ भारत ने परीक्षण, उपचार और डेटा प्रबंधन के लिए कम लागत वाली कोविड शमन तकनीक विकसित की है। हमने अन्य देशों को भी इन क्षमताओं की पेशकश की है।

वैश्विक डेटाबेस में दिया योगदान

उन्होंने कहा कि हमें एक लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाा का निर्माण करना चाहिए। वहीं टीकों और दवाओं को तक समान पहुंच को सक्षम बनाना चाहिए। विश्व व्यापार संगठन के नियमों को और अधिक लचीला बनाने की जरूरत है। पीएम ने कहा, पिछले माह हमने इस सदियों पुराने ज्ञान को दुनिया को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देश में डब्ल्यूएचओ सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की नींव रखी। यह स्पष्ट है कि भविष्ट की स्वास्थ्य इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत के जीनोमिक्स कंसोर्टियम ने वायरस के वैश्विक डेटाबेस में योगदान दिया है।

बजा चुनावी बिगुल, मध्‍य प्रदेश में मतपत्रों से तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव

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भोपाल । सुप्रीम कोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण के ही चुनाव करवाने के आदेश के बाद त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम, जनपद और जिला) और नगरीय निकाय (नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगम) के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुट गया है। इस बार पंचायत चुनाव मतपत्र से तीन चरणों में कराए जाएंगे। नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से दो चरणों में होंगे। दोनों चुनाव एक साथ कराए जाने हैं, इसलिए तैयारी भी उसी हिसाब से रहे।

ये निर्देश राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्टरों को वीडियो कांफ्रेंस से हुई बैठक में दिए। उन्होंने कलेक्टरों से पूछा कि आपने सुप्रीम कोर्ट का आदेश पढ़ा या नहीं? इसके अनुरूप ही व्यवस्था रखें। जल्द ही चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। आयोग ने चुनाव की मैदानी स्तर पर तैयारियों को लेकर कलेक्टरों के साथ पहली बैठक की। इसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त ने साफ कर दिया कि कोई संशय न रखें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्पष्ट हैं और हमें उसका पालन करना है। पिछली बार जिला और जनपद पंचायत के सदस्यों का चुनाव ईवीएम से करवाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उनकी सीमित उपलब्धता को देखते हुए इस बार त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव मतपत्र से कराए जाएंगे।

हालांकि नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में बदला जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से जल्द ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कलेक्टरों से यह भी कहा

    • दोनों चुनाव साथ में कराना है, इसलिए ऐसी तैयारी करें कि कोई परेशानी न हो।
    • मतदान केंद्रों का सत्यापन कराएं
    • संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की समीक्षा कर जानकारी आयोग को दें
    • इस बार पार्षदों को भी निर्वाचन व्यय लेखा देना है, इसके लिए तैयारी कर लें
    • आरक्षित ईवीएम को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों पर ही रखवाएं
    • मतपत्र मुद्रण की तैयारी अभी से करके रख लें और मतपेटियों की जांच करवा लें
    • रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति करें
    • जिला, नगरीय निकाय एवं ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर का चयन करें

पुलिस महानिदेशक के साथ की बैठक

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के साथ भी बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था और चुनाव के लिए बल की उपलब्धता पर चर्चा की गई। आयोग की ओर से बताया गया कि दोनों चुनाव एक साथ होंगे, इसलिए पुलिस बल भी अधिक लगेगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि कोई समस्या न आए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (गृह) डा. राजेश राजौरा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार भी मौजूद थे।