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बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर

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दिल्ली में लंबे समय से प्रतीक्षित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का मंगलवार, 29 सितंबर को उद्घाटन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कॉरिडोर समेत दिल्ली की चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब ₹1,941 करोड़ बताई गई है।

बारापुला फेज-3 कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। यह मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़कर पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली और आगे AIIMS की ओर आवागमन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। पूरे बारापुला नेटवर्क की संयुक्त एलिवेटेड लंबाई करीब 9 से 10 किलोमीटर बताई गई है।

करीब ₹1,635 करोड़ की संशोधित लागत वाले इस प्रोजेक्ट में यमुना फ्लडप्लेन पर विशेष पुल, साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी शामिल हैं। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें कई वर्षों की देरी हुई।

कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क में सुधार की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, AIIMS की ओर यात्रा में लगने वाला समय भी कम हो सकता है, हालांकि वास्तविक समय बचत ट्रैफिक की स्थिति पर निर्भर करेगी।

UPI पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR को रोकने से इनकार

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UPI से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) को फिलहाल रोकने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI से जवाब मांगा है।

केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार, UPI के अधिकांश लेनदेन इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे। ₹2,000 तक के निर्दिष्ट व्यापारी भुगतान पर MDR लागू नहीं होगा, जबकि ₹2,000 से अधिक के कुछ P2M लेनदेन इसके दायरे में आएंगे।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में इस व्यवस्था के कानूनी और तकनीकी आधार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की आगे की सुनवाई में MDR व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।

किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली मिलेगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि खेती-किसानी का काम बेहतर तरीके से हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दिन में बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और वे अपनी फसलों की सिंचाई सुविधाजनक तरीके से कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ बिजली की उपलब्धता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक और बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराकर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

अशोक सिंघल ने श्रीराम मंदिर आंदोलन को जन-जन से जोड़ा, योगदान सदैव स्मरणीय: CM साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल के योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में जागरूकता पैदा करने में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रमुख प्रतीक हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय रहा है। इस दिशा में लंबे समय तक किए गए प्रयासों और सामाजिक सहभागिता ने मंदिर निर्माण की राह को मजबूत किया।

सीएम साय ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में समर्पित किया। उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी स्मरण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आज देश की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर ने उठाए अहम मुद्दे, आतंकवाद पर भारत का रुख किया स्पष्ट

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति, आतंकवाद, युद्ध, समुद्री सुरक्षा और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते संघर्षों का असर केवल युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।

जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद को सामान्य नहीं किया जा सकता और आतंकवाद को समर्थन देने वाली सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार पर भी जोर दिया।

विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए व्यावसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा तथा ऊर्जा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया। यूक्रेन युद्ध को लेकर भी भारत ने शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया।

जयशंकर ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के समर्थन को भी दोहराया। साथ ही उन्होंने ग्लोबल साउथ के सामने खाद्य, ईंधन, उर्वरक और वित्त से जुड़ी चुनौतियों तथा वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत को रेखांकित किया।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी कहा कि प्रत्येक देश को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना AI इकोसिस्टम विकसित करने का अधिकार होना चाहिए। भारत ने AI को ग्लोबल साउथ के साथ अपनी साझेदारी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रखा है।

मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों को मिलेगी रफ्तार, सालाना 1 लाख पदों पर नियुक्ति का लक्ष्य

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मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोजगार को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हर साल करीब 1 लाख सरकारी पदों पर नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है। सितंबर में उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा चुकी है।

सरकार के अनुसार पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और परिवहन सहित विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति दी जा रही है। इसके साथ ही पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

हाल के दिनों में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से भी विभिन्न भर्तियों की प्रक्रिया जारी है। इनमें पुलिस कांस्टेबल के 7,500 पदों की भर्ती शामिल है।

मुख्यमंत्री के अनुसार सरकारी भर्ती के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अन्य अवसरों पर भी सरकार का फोकस है। रोजगार से जुड़े विभागों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंहस्थ की तैयारियों के बीच CM यादव का बड़ा कदम, पैतृक मकान का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए दिया

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उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क चौड़ीकरण के लिए खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर अनूठी मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर सहयोग का संदेश दिया।

सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में सड़क चौड़ीकरण के लिए कई स्थानों पर आवश्यक निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने पैतृक मकान के हिस्से को भी इस कार्य के लिए उपलब्ध कराते हुए स्वयं गेती चलाकर कार्य की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री की इस पहल को सिंहस्थ की तैयारियों और शहर के व्यापक विकास के लिए महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के लिए उज्जैन को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था के विस्तार से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से सिंहस्थ से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को मिली नई गति, CM साय बोले- खुल रहे समृद्धि के द्वार

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का नया दौर शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हिंसा और अशांति से प्रभावित रहे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ विकास और समृद्धि के नए द्वार खुल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस इन क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर है। विकास योजनाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ उनके घर के करीब मिल रहा है।

विष्णुदेव साय ने कहा कि शांति स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए वहां के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों का विश्वास मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शांति के वातावरण में अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज करने के अवसर बढ़े हैं।

बाढ़ में फंसी 18 जिंदगियां सुरक्षित, वायुसेना के MI-17 ने किया रेस्क्यू

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छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। डोंगाघाट इलाके में बाढ़ के बीच फंसे 18 लोगों को भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बाढ़ की सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने डोंगाघाट पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासन और स्थानीय राहत दल भी सक्रिय रहे।

प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। बस्तर में बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

‘मन की बात’ में PM मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का किया उल्लेख

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को दुनिया के सामने एक नए तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने इसे आतंकी हमलों के कारण भारत द्वारा लंबे समय से झेली जा रही पीड़ा के खिलाफ निर्णायक प्रतिक्रिया के रूप में बताया।

PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान 13 सितंबर 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है।