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राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द ने भोपाल से दिया एक देश-एक स्वास्थ्य तंत्र का मंत्र

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भोपाल । राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने शनिवार को भोपाल से एक देश-एक स्वास्थ्य तंत्र का मंत्र दिया। आरोग्य मंथन का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, एलोपैथी के विशेषज्ञ चारों पद्धति को समानान्तर उपयोग में लाने की रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं, जो आरोग्य भारती की देखरेख में किया जा रहा है।

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आरोग्य भारती द्वारा आयोजित मंथन का विषय एक ‘देश-एक स्वास्थ्य तंत्र-वर्तमान समय की आवश्यकता” रहा। राष्ट्रपति ने आमजन से दैनिक दायित्वों के साथ प्रकृति के अनुरूप सरल जीवन शैली अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा इससे हमारा स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को किसी धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए। भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति ने विश्व का मार्गदर्शन किया है। योग, प्राणायाम, व्यायाम और आध्यात्मिक शक्ति का बोध कराया है। उन्होंने कहा कि योग से बचने के लिए बहाने ठीक नहीं हैं। योग को लेकर कुछ लोग भ्रांति फैलाते हैं, जबकि निरोग रहने के लिए कोई भेदभाव या भ्रांति आड़े नहीं आनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश की एक स्वास्थ्य सेवा के लिए वर्तमान सेवाओं को समझना होगा। दुनियाभर में महंगे इलाज के बीच भारत में सस्ते इलाज की व्यवस्था है। इसीलिए दिल्ली के अस्पतालों में देश के विभिन्न् हिस्सों के साथ विदेश के भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने आरोग्य भारती की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि देश में चिकित्सा पर्यटन बढ़ रहा है, पर यह भी सच है कि जरूरत के अनुसार उपचार व्यवस्था को मजबूत करना है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत सभी के आरोग्य की व्यवस्था का संकल्प है।

उन्होंने दो देशों की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां दो कार्यक्रमों में गए थे। वहां के प्रधानमंत्री एवं गवर्नर ने कहा कि भारत ने वैक्सीन नहीं दी होती, तो हमारी आधी आबादी नहीं बचती। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज पिज्जा और कोल्डड्रिंक का जमाना है। जबकि स्वस्थ रहने के लिए सात्विक भोजन जरूरी है। आरोग्य भारती के प्रयासों से चिकित्सा का खर्च कम होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आरोग्य भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमने कोरोना से मुकाबला तीनों पद्धतियों का उपयोग कर किया गया। काढ़ा बांटा और योग से निरोग अभियान चलाया। चारो पद्धति का अपना महत्व है। किसी की हड्डी टूट जाए, तो उसे चूरन नहीं दे सकते। उसकी तो सर्जरी करनी होगी। प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया।

लोगों में बढ़ी स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता

आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि कोरोना की वजह से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ गई है। देश में डाक्टर और जनसंख्या का अनुपात बहुत कम है। प्रयोग जैसे-जैसे होंगे चिकित्सा की लागत भी कम होगी। इससे पहले राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने शाल-श्रीफल और आंवले का पौधा देकर राष्ट्रपति का स्वागत किया।

संडे को आईपीएल फाइनल, गुजरात और राजस्‍थान में होगा खिताबी मुकाबला

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29 मई को आईपीएल 2022 का फाइनल मैच है। इस दिन तय हो जाएगा कि इस सीजन का नया विजेता कौन है। गुजरात टाइटंस आईपीएल 2022 के फाइनल में रविवार को अहमदाबाद (29 मई) के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर 2 मैच में, आरआर ने आरसीबी को 7 विकेट से हराकर 14 साल बाद फाइनल में प्रवेश किया है। गुजरात टाइटन्स और राजस्थान रॉयल्स – इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 के फाइनल में भिड़ेंगे। गुजरात टाइटंस अपने पहले आईपीएल सत्र में 14 मैचों के बाद 20 अंकों के साथ लीग तालिका में शीर्ष पर रही थी। हार्दिक पंड्या की अगुवाई वाली टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में क्वालीफायर 1 में आरआर को हराकर फाइनल में जगह बनाई।

विराट कोहली की खेल भावना ने जीता लाखों का दिल

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नई दिल्ली : रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्टार विराट कोहली भले ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में जल्दी आउट हो गए हों, लेकिन उन्होंने मैच के पहले ओवर के दौरान अपने ‘खेल भावना’ के लिए प्रशंसकों से वाहवाही बटोरी है। आरसीबी की पारी के पहले ओवर के दौरान कोहली ने स्क्वायर लेग की ओर शॉट मारा और तेजी से एर सिंगल चुराया। इस बीच जोस बटलर ने डाइव लगाकर स्टंप पर सीधा थ्रो करने का प्रयास किया, लेकिन कोहली क्रीज के अंदर पहुंच गए थे। गेंद स्टंप्स पर नहीं लगी, लेकिन कोहली के पैर से लगते हुए लांग ऑफ की ओर चली गई।  

हालांकि गेंद पैर पर लगने के बाद विराट कोहली ने अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये इशारा करने की कोशिश की वह ओवर थ्रो पर रन नहीं ले रहे हैं और ये भी माना कि गेंद उनसे लगकर गई है। भारतीय पूर्व कप्तान कोहली ने अपने द्वारा दिखाए गए इस खेल भावना से क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत लिया।  राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में विराट कोहली कोहली तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की आफ स्टम्प से बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ाकर विकेट के पीछे कैच दे बैठे। पिछले ढाई साल से शतक नहीं बना सके कोहली अपने सबसे खराब दौर से जूझ रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में 16 मैचों में 22.73 की औसत से 341 रन बनाये, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे। अधिकांश मैचों में उन्होंने पारी का आगाज किया।

अक्षय कुमार-स्टारर फिल्म पृथ्वीराज नाम दलकर ‘सम्राट पृथ्वीराज’ करा

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अक्षय कुमार-स्टारर पृथ्वीराज के निर्माताओं ने राजस्थान स्थित एक संगठन श्री राजपूत करणी सेना ( Shree Rajput Karni Sena) की आपत्ति के बाद पृथ्वीराज फिल्म का नाम बदलकर सम्राट पृथ्वीराज करने का फैसला किया है। अब फिल्म नए टाइटल के साथ  रिलीज की जाएगी। यशराज बैनर ने इस बदलाव के साथ ही फिल्म पर जारी विवाद को खत्म करने की कोशिश की है।

करणी सेना ने इससे पहले 2018 की फिल्म पद्मावत की रिलीज को बाधित कर दिया था। यशराज फिल्म्स ने शुक्रवार को कहा कि उनका किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है और उन्होंने फिल्म का नाम सम्राट पृथ्वीराज रखने का फैसला किया है।

करणी सेना ने दायर की पिटीशन
करणी सेना ( Karni Sena) ने हाल ही में एक जनहित याचिका दायर कर निर्माताओं से 12वीं सदी के शासक के कद का सम्मान करने के लिए फिल्म के टाइटल में पृथ्वीराज के नाम से पहले सम्राट जोड़ने की मांग की थी, वहीं मांग पूरी नहीं होने पर राजस्थान में फिल्म का बहिष्कार करने की धमकी दी थी। YRF ने शुक्रवार को करणी सेना द्वारा उन्हें भेजे गए एक पत्र का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि वे उनकी मांग से सहमत हैं।

देश के इतिहास से परिचित कराना ही मुख्य उद्देश्य
पत्र में लिखा है, “हम फिल्म के मौजूदा टाइटल के संबंध में आपकी कंपलेंट करने और हमें पहले ही अलर्ट करने के  आपके प्रयास की पूरी ऑनेस्टी से सराहना करते हैं, इसके साथ ही हम आपको ये भी आश्वस्त करते हैं कि हमने किसी भी व्यक्ति (व्यक्तियों) या दिवंगत राजा और योद्धा, पृथ्वीराज चौहान का अनादर करने के बारे में नहीं सोचा है।  दरअसल, हम इस फिल्म के जरिए उनकी बहादुरी, उपलब्धियों और हमारे देश के इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को सामने लाना चाहते हैं।”

करणी सेना का जताया धन्यवाद
इसमें कहा गया है, “हमारे बीच कई दौर की चर्चाओं के मुताबिक, आपके द्वारा की गई शिकायत को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए, हम फिल्म का टाइटल सम्राट पृथ्वीराज करने पर सहमत हैं । हमारे बीच हुए आपसी समझौते की बहुत सराहना करते हैं कि आपने हमारी फिल्म के संबंध में कोई और आपत्ति नहीं है, आपके द्वारा पहले उठाए गए अन्य सभी पॉइन्ट अब हमारे बीच विवाद का विषय नहीं हैं।” यशराज फिल्मस ने  ने करणी सेना को उनके ‘अच्छे इरादों’ को समझने के लिए धन्यवाद दिया, इसके साथ ही उन्होंने  कहा कि वे फिल्म की रिलीज के लिए करणी सेना के पूर्ण समर्थन के लिए ‘आभारी’ हैं।

AAP ने पंजाब से राज्यसभा के लिए संत बलबीर सिंह और बिक्रमजीत के नाम की घोषणा

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नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल और उद्यमी-परोपकारी बिक्रमजीत सिंह साहनी को पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया। दोनों पद्मश्री पुरस्कार विजेता हैं। यह घोषणा पंजाब सीएम भगवंत मान की ओर से की गई है।

दरअसल, राज्यसभा की 57 सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है। जबकि 31 मई नामांकन की आखिरी तारीख है। विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं की दलीय स्थिति को देखते हुए भाजपा मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सीटें जीतने की स्थिति में है। जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा में नेता सदन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं।

इस बीच विपक्षी दलों की ओर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के नाम फाइनल किए जा रहे हैं। शनिवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने जानकारी दी कि पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल और उद्यमी-परोपकारी बिक्रमजीत सिंह साहनी को पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। दोनों पद्मश्री पुरस्कार विजेता हैं।

भाजपा-कांग्रेस राज्‍यसभा के लिए जल्द घोषित करेगी उम्मीदवारों के नाम

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भोपाल : राज्यसभा सदस्य एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा एक बार फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में जाएंगे। उनका कार्यकाल 29 जून को पूरा हो रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने आपसी सहमति के बाद उनके नाम पर मुहर लगा दी है। शाम तक या रविवार को उनकी उम्मीदवारी का औपचारिक ऐलान एआईसीसी से हो जाएगा। सोमवार को वे अपना नामांकन भरेंगे। इधर भाजपा में भी रविवार को राज्यसभा के उम्मीदवारों को ऐलान हो सकता है। प्रदेश में तीन सीटों पर राज्यसभा का चुनाव होना है, नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 31 मई हैं। विवेक तन्खा का एक बार फिर से राज्यसभा जाने का तय हो चुका है। कांग्रेस की राष्टÑीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस संबंध में पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से अलग-अलग चर्चा की थी। दोनों ने विवेक तन्खा के नाम पर अपनी सहमति जता दी है। इसके बाद यह तय हो गया कि विवेक तन्खा को फिर से राज्यसभा में भेजा जाएगा। वहीं भाजपा के खाते में दो सीटें जाएंगी।

कल भोपाल आएंगे विवेक तन्खा
तन्खा रविवार की सुबह भोपाल आ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होने वाली लीगल सेल की बैठक में कमलनाथ के साथ शामिल होंगे।  दिनभर मेल-मुलाकातों का दौर चलेगा। सोमवार को वे विधानसभा जाकर नामांकन दाखिल करेंगे। उनके नाम का प्रस्ताव करने के लिए दो दर्जन विधायकों को भोपाल बुलाया गया है। ये सभी रविवार को भोपाल में ही रहेंगे और सोमवार को नामांकन दाखिल करवाने के लिए तन्खा के साथ जाएंगे। कांग्रेस इसके लिए दो सेट तैयार करवाएगी। इधर यह भी बताया जा रहा है कि आज दिल्ली में विवेक तन्खा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की भी मुलाकात होना है।

कांग्रेस एससी विभाग के अध्यक्ष ने लिया चार्ज
प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के नए अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आज अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्हें सुरेंद्र चौधरी की जगह पर इस विभाग की कमान दी गई है। प्रदीप अहिरवार पहले बसपा में थे। वर्ष 2018 में वे बसपा छोड़कर कांग्रेस शामिल हो गए थे। बताया जाता है कि उन्होंने बसपा के कई नेताओं को कांग्रेस में शामिल करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं आज बंजारा समाज का भी राज्य स्तरीय सम्मेलन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुआ।

भाजपा में पीयूष गोयल की चर्चा
भाजपा की ओर से कई नाम चर्चा में हैं। इसमें इसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ ही अन्य नामों की भी चर्चा चल रही है। इधर, पीयूष गोयल का नाम उत्तराखंड से भी सामने आ रहा है। यह भी बताया जाता है कि एक सीट से आदिवासी नेता को  राज्यसभा में भेजा जा सकता है। इसमें एक नाम चौकाने वाला भी सामने आने की संभावना बताई जा रही है। भाजपा की ओर से भी रविवार को उम्मीदवारों का ऐलान किया जा सकता है।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पांच जिलों में एक चरण में होगा चुनाव

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भोपाल । प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है। तीन चरणों में चुनाव करवाए जाएंगे। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, नरसिंहपुर और हरदा जिले में पंचायत चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। यहां पहले चरण यानी 25 जून को मतदान हो जाएगा। इसी तरह आठ जिले जबलपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, देवास, निवाड़ी, पन्ना, उमरिया और दतिया में मतदान पहले और दूसरे चरण में पूरा होगा। शेष 39 जिलों में चुनाव तीनों चरण में संपन्न कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने बताया कि जिन जिलों में नगरीय निकाय अधिक हैं या वहां जनपद पंचायत सदस्य का निर्वाचन क्षेत्र दो विकासखंड में आता है, उनके चुनाव एक ही चरण में कराने का निर्णय लिया है।

किस विकासखंड का किस चरण में होगा चुनाव

जिला – प्रथम चरण- द्वितीय चरण- तृतीय चरण

भोपाल- फंदा, बैरसिया

राजगढ़- ब्यावरा, राजगढ़- जीरापुर, खिलचीपुर- नरसिंहगढ़, सारंगपुर

रायेसन- सिलवानी, बाड़ी- उदयपुरा, गैरतगंज, बेगमगंज- औबेदुल्लागंज

सीहोर- सीहोर- भैरूंदा, इछावर-आष्टा, बुदनी

विदिशा- बासोदा, विदिशा- सिरोंज, नटेरन- कुरवाई, ग्यारसपुर, लटेरी

इंदौर- इंदौर, महू, सांवेर, देपालपुर

खरगोन- भगवानपुरा, झिरन्या, सेगांव- महेश्वर, बड़वाह- भीकनगांव, कसरावद, गोगांवा, खरगोन

खंडवा- खंडवा, हरूसद, बलड़ी (किल्लोद)- खालवा, पुनासा- पंधाना, छैगांवमाखन

धार- निसरपुर, कुक्षी, बाग, डही, बदनावद- गंधवानी, उमरबन, धरमपुरी, मनावर- सरदारपुर, नालछा, धार, तिरला

झाबुआ- पेटलावद, थांदला- झाबुआ, मेघनगर, रानापुर, रामा

बुरहानपुर- बुरहानपुर- खकनार

आलीराजपुर- भावरा, कठ्ठिवाड़ा- आलीराजपुर,जोबट- सोंडवा, उदयगढ़

बड़वानी- सेंधवा, पानसेमल- ठीकरी, राजपुर, निवाली- पाटी, बड़वानी

ग्वालियर- मुरार, भितरवार, घाटीगांव, डबरा

गुना- गुना, बामोरी- राघौगढ़, चाचौड़ा- आरोन

शिवपुरी- खनियाधाना, बदरवास- पिछोर, नरवर, कोलारस- पोहरी, करेरा, शिवपुरी

अशोकनगर- अशोकनगर- ईसागढ़- मुंगावली, चंदेरी

दतिया- दतिया- सेवड़ा, भांडेर- निरंक

जबलपुर- सिहोरा, कुंडम, पनागर, बरगी- मझौली, पाटन, शाहपुरा- निरंक

छिंदवाड़ा- छिंदवाड़ा, तामिया, हर्रई, अमरवाड़ा- सौंसर, पांढुर्ना, परासिया, बिछुआ- मोहखेड़ा, जुन्नारदेव, चौरई

सिवनी- सिवनी, बरघाट- लखनादौन,घंसौर, धनोरा- केवलारी, छपारा, कुरई

बालाघाट- बैहर, परसवाड़ा,वारासिवनी, खैरलांजी- लांजी, किरनापुर, कटंगी- बालाघाट, लालबर्रा, बिरसा

मंडला- बिछिया, मवई, नैनपुर- घुघरी, मोहगांव, मंडला- नारायणगंज, निवास, बीजाडोडी

डिंडौरी- शहपुरा, मेंहदवानी- डिंडौरी, अमरपुर- समनापुर, बजाग, कुरंजिया

नरसिंहपुर- नरसिंहपुर, गोटेगांव, करेली, चावरपाठा, बाबई चीचली, साईंखेड़ा

कटनी- विजयराघवगढ़, ढीमरखेड़ा- बड़वारा, कटनी- बहोरीबंद, रीठी

उज्जैन- बड़नगर, उज्जैन- खाचरौद, घटिया- महिदपुर, तराना

नीमच- नीमच- जावद- मनासा

रतलाम- आलोट- बाजना, सैलाना- रतलाम, जावरा, पिपलोदा

शाजापुर- शाजापुर- मोमन बड़ोदिया- शुजालपुर,कालापीपल

आगर मालवा- बड़ौद- आगर- सुसनेर, नलखेड़ा

मंदसौर- मंदसौर- सीतामऊ, भानपुरा- गरोठ, मल्हारगढ़

देवास- बागली, कन्‍नौद, खातेगांव- देवास, टोंकखुद, सोनकच्छ

सागर- सागर, रेहली, केसली- मालथौन, बंडा, देवरी, बीना- राहतगढ़, खुरई, शाहगढ़, जैसीगगर

छतरपुर- छतरपुर, राजनगर- बड़ामलहरा, बकस्वाहा, बारीगढ़- नौगांव, लवकुशनगर, बिजावर

दमोह- दमोह, पथरिया- जवेरा, हटा, तेंदूखेड़ा, बटियांगढ़, पटेरा

टीकमगढ़- बलदेवगढ़-टीकमगढ़, पलेरा-जतारा

निवाड़ी-निवाड़ी-पृथ्वीपुर

पन्ना- पन्‍ना, अजयगढ़, गुन्‍नौर, पवई, शाहनगर

रीवा- हनुमना, मऊगंज,नईगढ़ी- रीवा, रायपुर कुर्चलियान, गांगेव-सिरमौर, जवा, त्यौंथर

सिंगरौली- बैढ़न- देवसर- चितरंगी

सीधी- सिंहावल, कुसमी- रामपुर नैकिन, मझौली- सीधी

सतना- चित्रकूट- सुहावल, उचहेरा- नागौद, अमरपाटन, रामनगर- रामपुर बघेलान, मैहर

नर्मदापुरम- सोहागपुर, केसला- सिवनी मालवा, पिपरिया- नर्मदापुरम, माखन नगर, बनखेड़ी

बैतूल- बैतूल, आमला, शाहपुर- मुलताई, आठनेर, चिचोली- प्रभातपट्टन,भैंसदेही, भीमपुर

हरदा- हरदा, टिमरनी, खिरकिया

शहडोल- सोहागपुर- ब्योहारी, जयसिंहनगर- पाली- बुढ़ार

उमरिया- उमरिया करकेली, पाली नंबर दो- मानपुर

अनूपपुर- पुष्पराजगढ़- जैतहारी, अनूपपुर, कोतमा

भिंड- मिहोना, लहार- अटेर, भिंड- मेहगांव, गोहद

श्योपुर-श्योपुरकलां- कराहल- विजयपुर

मुरैना- अंबाह, पोरसा, मुरैना, जौरा- सबलगढ़- कैलारस, पहाड़गढ़

कंगना रनौत ने अपनी नयी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की तैयारी शुरू की

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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी नयी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ की शूटिंग जुलाई से शुरू हो जाएगी। कंगना इस फिल्म में इंदिरा गांधी के किरदार को महिला सशक्तिकरण से जोड़कर पेश करेंगी। इस फिल्म को रितेश शाह लिख रहें हैं। कंगना इस फिल्म को निर्देशित करेंगी। वह इस फिल्म में एक्टिंग करने के साथ इसे प्रोड्यूस भी करेंगी। कंगना रनौत ने बताया, ह्लहमने काफी रिसर्च की है। इमरजेंसी का जो मुद्दा है, वह तब मीडिया सेंसरिंग में दबा दिया गया था। तो हमारी फिल्म उस पर आधारित है। इमरजेंसी का फेज राजनीतिक घटनाक्रम के लिहाज से बेहद एक्साइटिंग माना जाएगा। वह इसलिए कि तब एक महिला प्रधानमंत्री थी। वक्त के हिसाब से अच्छाई और बुराई का आइडिया भी बदलता है। पर एक चीज तो हम डिनाय नहीं कर सकते कि वो सबसे पावरफुल राजनीतिक हस्ती तो थीं। उस इंसान ने इस धरती पर जन्म लिया और तीन बार पीएम रहीं। वो भी इमरजेंसी के बाद तो वो क्या हस्ती थीं, वह हम दिखाएंगे। उनके पावर के साथ-साथ कैसे तब देश में इमरजेंसी की घटना हुई, वह सब भी हम हमारी फिल्म में देखने को मिलेगा।

लद्दाख में सेना का वाहन नदी में गिरा, 7 जवानों की मौत

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श्रीनगर : लद्दाख में श्योक नदी के पास शुक्रवार को सेना के एक वाहन के सड़क से फिसलकर खाई में गिरने से सात जवानों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 सैनिकों का एक दल परतापुर पारगमन शिविर से लेह जिले के तुरतुक से आगे जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों को ले जाने वाला वाहन सड़क से फिसल कर खाई में गिर गया जिससे सभी जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान तेजी से चलाया गया और सभी सैनिकों को परतापुर के स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में से सात जवानों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कईं अन्य कर्मियों को भी गंभीर चोटें आयीं हैं और उनका इलाज चल रहा है।

दुर्घटना लद्दाख के थोइस से करीब 25 किलोमीटर दूर हुई, जहां सेना का वाहन श्योक नदी में गिर गया। गाड़ीं में सवार 26 में से सात जवानों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं, बाकी 19 घायलों में कई की हालत गंभीर है। घायलों को परतापुर के 403 फील्ड अस्पताल में ले जाया गया और लेह से सर्जिकल टीमों को परतापुर भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, जवानों की बस शुक्रवार सुबह 9 बजे ट्रांजिट कैंप से सब सेक्टर हनीफ की ओर जा रही थी जब वाहन असंतुलित होकर सड़क से करीब 50-60 फीट नीचे श्योक नदी में गिर गया।

19 जवानों की हालत गंभीर: आसपास के लोगों, पुलिस और सेना के जवानों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और नदी में गिरे सभी जवानों को निकाला गया। गंभीर रूप से घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर वेस्टर्न कमांड भेजा जा रहा है। मृत जवानों और घायलों के नाम और पते की जानकारी अभी नहीं मिली है। राहत और बचाव कार्य में वायु सेना के हेलीकाप्टर की भी मदद ली जा रही है। इस घटना को लेकर सेना की तरफ से भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फ़िहलाल, इस हादसे के बारे में विस्तृत जानकारी की अभी प्रतीक्षा है।

सभी जख्मी 26 जवानों को निकालकर परतापुर के 403 फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेह से सर्जिकल टीम को परतापुर अस्पताल भेजा गया. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक सात सैनिकों को मृत घोषित कर दिया गया है. बाकी घायल बचे 19 सैनिकों को वायुसेना की मदद से वेस्टर्न कमांड के अस्पताल चंडीमंदिर शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि उनको बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकें.

भारत 2030 तक  ‘ड्रोन हब’ बन जाएगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली : दिल्ली के प्रगति मैदान में देश के सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत ड्रोन महोत्सव 2022 का उद्घाटन किया। इस दौरान PM ने कहा- पिछली सरकारों में तकनीक को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको गरीब विरोधी साबित करने की कोशिशें हुईं।

इस वजह से 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का माहौल रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब, वंचितों, मिडिल क्लास को हुआ। मैंने केदारनाथ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर ड्रोन से नजर रखी। अब यही तकनीक लाखों किसानों की मददगार बनेगी।

इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वे अद्भुत है. जो ऊर्जा नज़र आ रही है, वह भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है. यह भारत में रोजगार के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती हैं. पीएम मोदी ने खेती के दौरान ड्रोन का क्या महत्व है, इसपर भी बात की और कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी कैसे एक बड़ी क्रांति का आधार बन रही है, इसका एक उदाहरण पीएम स्वामित्व योजना भी है. इस योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है, डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं.

ये  Make in India है
मोदी ने कहा-आप सभी को भारत ड्रोन महोत्सव के आयोजन के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज इस ड्रोन प्रदर्शनी से मैं काफी प्रभावित हुआ हूं। मेरे लिए आज बहुत सुखद अनुभव रहा। जिन-जिन स्टॉल में मैं आज गया, वहां सभी लोग बहुत गर्व से कहते थे कि ये Make in India है। ड्रोन टेक्नॉलॉजी को लेकर भारत में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वो अद्भुत है। ये जो ऊर्जा नजर आ रही है, वो भारत में ड्रोन सर्विस और ड्रोन आधारित इंडस्ट्री की लंबी छलांग का प्रतिबिंब है।

उभरते बड़े सेक्टर की संभावनाएं
ये भारत में Employment Generation के एक उभरते हुए बड़े सेक्टर की संभावनाएं दिखाती है। Minimum government, maximum governance के रास्ते पर चलते हुए, ease of living, ease of doing business को हमने प्राथमिकता बनाया। ये उत्सव सिर्फ एक तकनीक का नहीं है, बल्कि नए भारत की नई गर्वनेंस का, नए प्रयोगों के प्रति अभूतपूर्व सकारात्मकता का भी उत्सव है। 8 वर्ष पहले यही वो समय था, जब भारत में हमने सुशासन के नए मंत्रों को लागू करने की शुरुआत की थी।

हमारे यहां मान लिया गया था कि तकनीक सिर्फ अमीरों की है
हमारे वहां ये मान लिया गया था कि तकनीक सिर्फ अमीर लोगों का कारोबार है, सामान्य लोगों की जिंदगी में इसका कोई स्थान नहीं है। इस पूरी मानसिकता को बदलकर हमने तकनीक को सर्वजन के लिए सुलभ करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं और आगे भी उठाने वाले हैं। पहले की सरकारों के समय टेक्नॉलॉजी को समस्या का हिस्सा समझा गया, उसको anti-poor साबित करने की कोशिशें हुईं। इस कारण 2014 से पहले गवर्नेंस में टेक्नॉलॉजी के उपयोग को लेकर उदासीनता का वातावरण रहा। इसका सबसे अधिक नुकसान देश के गरीब को हुआ, वंचित को हुआ, मिडिल क्लास को हुआ।

पहले के समय में घंटों लाइन लगती थीं
पहले के समय में लोगों को घंटों तक अनाज, कैरोसीन, चीनी के लिए लाइन लगानी होती थी।  लोगों को डर रहता था कि उनके हिस्से का सामान उन्हें मिल भी पाएगा या नहीं। आज तकनीक की मदद से हमने इस डर को समाप्त कर दिया है। अब लोगों को भरोसा है कि उनके हिस्से का उन्हें मिलेगा ही मिलेगा। टेक्नोलॉजी ने last mile delivery को सुनिश्चित करने में, saturation के विजन को आगे बढ़ाने में बहुत मदद की है। मैं जानता हूं कि हम इसी गति से आगे बढ़कर अंत्योदय के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

21वी सदी का नया भारत
21वीं सदी के नए भारत में, युवा भारत में, हमने देश को नई strength देने के लिए, स्पीड और स्केल देने के लिए तकनीक को अहम माध्यम बनाया है। आज देश ने जो Robust, UPI फ्रेमवर्क डवलप किया है, उसकी मदद से लाखों करोड़ रुपए गरीब के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर हो रहे हैं। महिलाओं को, किसानों को, विद्यार्थियों को अब सीधे सरकार से मदद मिल रही है। एम स्वामित्व योजना के तहत पहली बार देश के गांवों की हर प्रॉपर्टी की डिजिटल मैपिंग की जा रही है। डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड लोगों को दिए जा रहे हैं। इससे भेदभाव की गुंजाइश खत्म हुई है। इसमें बड़ी भूमिका ड्रोन की रही है। ड्रोन तकनीक हमारे कृषि सेक्टर को अब दूसरे स्तर पर ले जाने वाली है। स्मार्ट तकनीक आधारित ड्रोन इसमें बहुत काम आ सकते हैं। बीते 8 साल में जो प्रयास हुए हैं, उसने किसानों का तकनीक के प्रति भरोसा बहुत बढ़ा दिया है। आज देश का किसान तकनीक के साथ कहीं ज्यादा सहज है, उसे ज्यादा से ज्यादा अपना रहा है। पहले के समय में टेक्नोलॉजी और उससे हुए Invention, Elite Class के लिए माने जाते थे। आज हम टेक्नोलॉजी को सबसे पहले Masses को उपलब्ध करा रहे हैं। ड्रोन तकनीक भी इसका उदाहरण है। हमने बहुत कम समय में ड्रोन पर लगने वाले Restriction को हटा दिया है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा
महोत्सव के शुभारंभ पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया( Union Civil Aviation minister Jyotiraditya M. Scindia) ने कहा-अनुमान है कि वर्ष 2026 तक ड्रोन उद्योग 15,000 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच जाएगा। आज, भारत में 270 ड्रोन स्टार्टअप हैं। ड्रोन एक ऐसा विचार है जिसका भारत में समय आ गया है। प्रौद्योगिकी पहले, लेकिन अधिक महत्वपूर्ण है लोग पहले, पीएम कहते हैं। हालांकि, एक ड्रोन सुरक्षा बलों को सुरक्षा बनाए रखने में मदद कर सकता है, यह किसानों की भी मदद कर सकता है। हमने नए ड्रोन नियम लाए हैं और एक ड्रोन स्पेस मैप जारी किया है।