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मध्‍य प्रदेश में पंचायत के बाद शुरू होगा नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन

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भोपाल । राज्य निर्वाचन आयोग के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के साथ नगरीय निकाय चुनाव कराना आसान नहीं था। दोनों की आचार संहिता लंबी न खिंचे, इसके लिए काफी मशक्कत की गई। कई बार चुनाव कार्यक्रम बनाए और फिर पंचायत चुनाव के बीच ही नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया करने का रास्ता निकाला गया। इसका जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने दी।

उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि चुनाव की आचार संहिता तीन माह तक चले। इसके लिए तय किया गया कि पंचायत चुनाव के लिए नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगरीय निकाय की अधिसूचना जारी की जाए। अधिसूचना जारी करने के बाद रिटर्निंग आफिसर के पास अधिक कार्य नहीं रहता है, इसलिए नामांकन की प्रक्रिया 11 जून से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। 25 जून को पंचायत के पहले चरण का चुनाव है।

इसके पहले नगरीय निकाय के अभ्यर्थियों को प्रतीक चिन्‍ह का आवंटन कर दिया जाएगा और वे प्रचार में जुट जाएंगे। एक जुलाई को पंचायत के दूसरे और आठ जुलाई को तीसरे चरण का मतदान होगा। इस बीच छह जुलाई को नगरीय निकाय के पहले चरण का मतदान कराया जाएगा। दूसरे चरण का मतदान पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के परिणाम की घोषणा से एक दिन पहले 13 जुलाई को करा लिया जाएगा। नगरीय निकाय के दूसरे चरण के परिणाम की घोषणा के साथ 18 जुलाई को आचार संहिता का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।

वसूली कांड माफी के बदले भरोसेमंद वाजे बना सरकारी गवाह

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 मुंबई :वूसली कांड में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को एक और बड़ा झटका लग गया है. इस मामले में पूर्व इंस्पेक्टर सचिन वाजे सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं. इसी वजह से सीबीआई कोर्ट ने उन्हें सशर्त माफी प्रदान कर दी है. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाजे को अब केस से जुड़ी हर जानकरी विस्तृत तरीके से बतानी होगी. जांच एजेंसी इस माफी का विरोध जरूर कर रही थी, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि ये मामला कोर्ट के दायरे में आता है और उन्होंने वाजे को सशर्त माफी देने का फैसला लिया है.

अब जानकारी के लिए बता दें कि अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. तब ये भी आरोप लगा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख ने मुंबई के कई बार से करीब 4.70 करोड़ रुपये इकट्ठा किए थे. ऐसे में उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगा था. लेकिन अब उसी मामले में सीबीआई कोर्ट ने सचिन वाजे को राहत दी है. शर्त सिर्फ इतनी है कि वाजे पूरे मामले में एक सरकारी गवाह बनेंगे और अदालत को सारा सच बताएंगे.

वैसे सचिन वाजे ने सीबीआई कोर्ट में खुद एक अर्जी दाखिल की थी. उन्होंने साफ कहा था कि उनके अहम बयान की वजह से ही वसूली कांड में जांच आगे बढ़ पाई थी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सीबीआई की जांच में उनकी तरफ से लगातार सहयोग किया गया. ऐसे में उन्होंने माफी की मांग की थी जिसे कोर्ट ने अब स्वीकार कर लिया है.

इस समय सचिन वाजे न्यायिक हिरासत में हैं. मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक रखने के साथ-साथ मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में वे आरोपी हैं. इस मामले में हाल ही में स्पेशल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था. कहा गया था कि वे एक प्रभावशाली शख्स हैं जो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. ऐसे में उस मामले में उन्हें कोई राहत नहीं दी गई लेकिन देशमुख केस में सरकारी गवाह बन उन्होंने पूर्व गृह मंत्री की चुनौती बढ़ा दी है.

54 विधानसभा क्षेत्रों में बनी बाल कांग्रेस कमेटी

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भोपाल : कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने के लिए 16 से 20 साल तक के किशोर और युवाओं को जोड़ने के लिए बनी बाल कांग्रेस को इंदौर और देवास जैसे जिलों में बेहतर रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है। हालांकि देवास से सटे शाजापुर जिले में सबसे अच्छा रिस्पांस मिला है। इस जिले की कई विधानसभा क्षेत्रों में बाल कांग्रेस की सदस्यता हजार के पार हो गई है।

बाल कांग्रेस के टीम पूरे प्रदेश में अपना नेटवर्क तैयार करने में लगी हुई है। पिछले 6 महीनों में इस टीम को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छा रिस्पांस मिला है। हजारों की संख्या में किशोर और युवा इसके सदस्य बने हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस जिले में अच्छा रिस्पांस नहीं आ रहा है, वहां पर बाल कांग्रेस की टीम पार्टी के बड़े नेताओं की मदद से अपने संगठन को मजबूत करेगी। इसमें सबसे पहला नाम इंदौर जिले का आया है।

इंदौर जिले में कांग्रेस के तीन विधायक हैं। इनमें से एक विधायक शहर के हैं, जबकि दो विधायक ग्रामीण क्षेत्र के हैं। अब इन तीनों विधायकों सहित यहां के अन्य नेताओं की मदद लेकर बाल कांग्रेस यहां पर अपनी टीम को मजबूत बनाने के लिए काम करेगी। इसी तरह देवास शहर में तो बाल कांग्रेस को ठीक-ठाक रिस्पांस मिला लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभाओं में इसके रिस्पांस से बाल कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी चिंतित हैं। यहां पर भी कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक की मदद ली जाएगी।

बाल कांग्रेस की 54 विधानसभाओं में कमेटी बन चुकी है। बाकी के विधानसभा क्षेत्रों में आने वाले दो महीने में टीम बनाने का टारगेट रखा गया है। ऐसा बताया जाता है कि इस महीने ही अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में कमेटी बनाई जाएंगी।

शाहपुरा इलाके में रिकंस्ट्रक्शन के दौरान मकान गिरा, 6 मजदूर मलबे में दबे

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भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार शाम एक तीन मंजिला मकान भर-भराकर गिर पड़ा. इस हादसे में 6 मजदूर मलबे में फंस गए. रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 5 लोगों को अंदर से निकाल लिया गया है जबकि एक अभी भी अंदर फंसा हुआ है. नगर निगम और पुलिस अमला मौके पर बचाव कार्य में जुटा है.

भोपाल के शाहपुरा सेक्टर-A में तीन मंजिला मकान के रिकंस्ट्रक्शन (पुनर्निर्माण) का काम चल रहा था. इस बीच आज मकान के एक हिस्से को तोड़ा जा रहा था, तभी अचानक पूरा का पूरा घर ही भरभराकर ढह गया और 6 मजदूर मलबे में बुरी तरह फंस गए. यह देख आसपास के लोगों ने अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की और स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई.

सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस समेत नगर निगम का अमला पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. इसमें बचाव कार्य के दौरान मकान के मलबे में फंसे 6 मजदूरों को निकाल लिया गया, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं. जबकि एक को निकालने के प्रयास खबर लिखे जाने तक जारी हैं.

हादसे की सूचना मिलते ही भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह भी मौके पर पहुंच गईं. सांसद ने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया, साथ ही घायलों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए रवाया करवाया.

अंदेशा जताया जा रहा है कि अवैज्ञानिक ढंग से मकान के ढांचे का तोड़ा फोड़ा जा रहा था, इसी के चलते यह हादसा हो गया. फिलहाल, पुलिस प्रशासन हादसे के कारणों को जानने में जुट गया है.

छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को मतदान दल में नहीं किया जाएगा शामिल

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भोपाल : पंचायत चुनाव में ऐसे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मतदान दल में नहीं रखा जाएगा, जो छह माह के भीतर सेवानिवृत्त हो रहे हों। पंचायत चुनाव के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार मतदान अधिकारी नियुक्त होंगे। मतदान दल का गठन और किसकी कहां ड्यूटी लगेगी, यह साफ्टवेयर के माध्यम से तय किया जाएगा। पंचायत चुनाव सवा चार लाख अधिकारी-कर्मचारी संपन्न् कराएंगे।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। पहले चरण का मतदान 25 जून को होना है। इस बार जिला और जनपद पंचायत के सदस्य का चुनाव भी मतपत्र से कराने का निर्णय लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह ने कलेक्टरों को मतदान दल के गठन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक विकासखंड में 10 प्रतिशत अधिक मतदान दल गठित किए जाएंगे, ताकि अप्रिय स्थिति बनी तो तत्काल कर्मचारी को पहुंचाया जा सके।

प्रत्येक मतदान दल में एक पीठासीन और तीन या चार मतदान अधिकारी रखे जाएंगे। एक मतदान अधिकारी मतदाता सूची और अमिट स्याही का प्रभारी होगा। जबकि, एक मतदान अधिकारी पंच एवं सरपंच के मतपत्र, एक जनपद और जिला पंचायत के मतपत्र और एक मतपेटी का प्रभारी रहेगा। जिनकी सेवानिवृत्ति में छह माह या उससे कम समय बाकी है, उनका उपयोग निर्वाचन संबंधी अन्य कार्यों में किया जा सकता है।

बैंक, एलआइसी के कर्मचारियों का ली जा सकती हैं सेवाएं

आयोग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि यदि मतदान दल के लिए कर्मचारियों की कमी पड़ती है तो केंद्र शासन, बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकती हैं। तीन साल से अधिक सेवा वाले संविदा कर्मचारियों को भी मतदान दल में शामिल किया जा सकता है, पर इन्हें पीठासीन या मतदान अधिकारी के पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

गोवा पुलिस ने पूनम पांडे के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

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जानी-मानी मॉडल और एक्ट्रेस पूनम पांडे इस बार एक बड़ी मुसीबत में फंस गई हैं। गोवा पुलिस ने अश्लील वीडियो शूट करने के मामले में पूनम पांडे और उनके पति सैम बॉम्बे के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। गोवा के काणकोण पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई चार्जशीट में कहा गया है कि अभिनेत्री ने दो साल पहले यानी 2020 में गोवा के चपाेली डैम के पास न्यूड फोटोशूट कराया था। इसके बाददोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। काणकोण थाना पुलिस के मुताबिक अश्लीलता और अश्लील वीडियो प्रसारित करने संबंधी विभिन्न धाराओं के तहत काणकोण न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष हफ्तेचार्जशीट दायर किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में 39 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनसे मामले की सुनवाई के दौरान अदालत पूछताछ करेगी।

क्या था मामला?

दो साल पूनम पांडे अपने पूर्व पति सैम बॉम्बे के साथ गोवा वेकेशन के लिए गई थीं। वहां उन्होंने एक फोटोशूट किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो को देखने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस स्टेशन जाकर पूनम पांडे और उनके एक्स हस्बैंड के खिलाफ कंप्लेंट दर्ज कराई। शिकायत में अभिनेत्री पब्लिक प्लेस पर गलत तरीके से घूमने, वल्गर वीडियोग्राफी बनाने, डांस और गाना गाने का आरोप लगाया गया था।

इसी मामले में पूनम पांडे और सैम बॉम्बे पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 447 (क्रिमिनल ट्रेसपास), 292, 293 (अश्लीलता) और 294 (सार्वजनिक स्थान पर किसी भी अश्लील गीत या शब्दों का उच्चारण) के साथ-साथ अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

पति से अलग रह रही हैं पूनम

अक्सर विवादों की वजह से लाइम लाइट में रहने वाली एक्ट्रेस पूनम पांडे ने सैम बॉम्बे के साथ सितंबर 2020 में शादी की थी। अगले साल नवंबर 2021 में उन्होंने अपने पति सैम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज करवाया था। खबरों के मुताबिक, पूनम पांडे को कुछ गंभीर चोट भी आई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उस वक्त पुलिस ने सैम को गिरफ्तार भी किया था। इसके बाद दोनों में सुलह हो गई थी, लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते बिगड़ते चले गए।

मुख्यमंत्री चौहान ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चौहान के निधन पर किया शोक व्यक्त

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं गोवा मुक्ति आंदोलन में सहभागी शत्रुघन शोभाराम चौहान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने शोक संदेश में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शत्रुघन शोभाराम चौहान के निधन से मध्यप्रदेश ने एक अनमोल रत्न खो दिया है। मुख्यमंत्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चौहान मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के रहने वाले थे। उन्हें 9 अगस्त 2011 को राष्ट्रपति  प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया था।

राज्यसभा के लिए BJP से कविता और सुमित्रा ने भरा नामांकन

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भोपाल : भाजपा के दोनों ही राज्यसभा प्रत्याशी कविता पाटीदार और सुमित्रा बाल्मीकि ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर दोनों ही उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया। इसके पहले दोनों उम्मीदवार प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और दीनदयाल परिसर में पार्टी के पितृपुरुष कुशाभाऊ ठाकरे, पंडित दीनदयाल, राजमाता विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

मंगलवार को नामांकन दाखिले का अंतिम दिन था और भाजपा ने अपने दूसरे प्रत्याशी सुमित्रा बाल्मीकि के नाम का ऐलान सोमवार को देर रात किया था जिसके बाद वे नामांकन भरने के लिए आज जबलपुर से भोपाल पहुंचीं।

राजनीति में सेवाभाव, सादगी सुमित्रा की पहचान
जबलपुर से तीन बार पार्षद रहीं और पिछले नगर निगम परिषद के कार्यकाल में नगर निगम सभापति की जिम्मेदारी निभा चुकीं सुमित्रा बाल्मीकि सादगी और सेवाभाव वाली महिला हैं। बताते हैं कि इसी कारण कई बार सभापति की जिम्मेदारी निभाने के दौरान उनका भाजपा की महापौर रही स्वाति गोडबोले से नगर विकास के मुद्दों पर मतभेद भी होता रहा है। सुमित्रा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी की करीबी रही हैं लेकिन अब उनके बेटे और विधायक अशोक रोहाणी से उतने अच्छे ताल्लुकात नहीं हैं। संगठन ने उनकी ड्यूटी यूपी चुनाव में भी लगाई थी जिसे सुमित्रा ने जिम्मेदारी से निभाया है।

भेरूलाल की बेटी कविता अपनी काबिलियत से बढ़ रहीं आगे
भाजपा से राज्यसभा प्रत्याशी घोषित की गईं कविता पाटीदार के पिता भेरूलाल पाटीदार विधानसभा (1993-1998) के अध्यक्ष रहे हैं। कविता पाटीदार ने एलएलएम तक शिक्षा हासिल की है और इंदौर जिला पंचायत रह चुकीं कविता इस समय प्रदेश भाजपा संगठन में महामंत्री के पद की जिम्मेदारी निभा रही हैं। पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाली कविता महिलाओं के लिए काम करती हैं। उनके पिता भेरूलाल पाटीदार का 13 नवम्बर 2005 को देहावसान हो गया था। तब से अपनी योग्यता के आधार पर लगातार आगे बढ़ रही हैं।

रोजगार खोजने नहीं नौकरी देने वाले बने – पीएम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र सरकार के 8 साल पूरे होने पर जश्न समारोह में शामिल होने शिमला पहुंचे। इस दौरान पीएम ने रोड शो किया। लोगों ने रास्ते में पुष्प वर्षा कर पीएम का स्वागत किया। पीएम यहां पर एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने इस दौरान केेंद्र सरकार की योजनाओं के 17 लाख लाभार्थियों से भी संवाद की। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त भी जारी की। किसान सम्मान निधि के तहत हिमाचल के साढ़े 9 लाख किसानों को 1532 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं देशभर के 11.78 किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने आवास योजना, जल जीवन मिशन के साथ ही दूसरी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की।  एक लाभार्थी से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप अब रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन गए हैं। यह बहुत अच्छी बात है। पीएम को सुनने के लिए यहां भारी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं।  इस दौरान पीएम ने किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त भी जारी की।  इससे पहले शिमला में पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने रोड शो किया।

इस दौरान पीएम ने गाड़ी से उतरकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। वहीं पीएम के कार्यक्रम को लेकर बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। लोगों की भीड़ को देखते हुए कुछ रास्ते बंद करने पड़े हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री वर्चुअली रूप से जुड़े हुए हैं।

त्रिपुरा के पंकज साहनी ने पीएम मोदी से कहा घर, शौचालय, बिजली, पानी सब मिला। वन नेशन, वन राशन कार्ड का लाभ मिला। कर्नाटक कलबुर्गी से संतोषी ने कहा कि गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुल गया है। दवाई मुफ्त मिल रही है। हमारी माता जी अब स्वस्थ हैं। पीएम ने कहा अगर मैं कर्नाटक में होता तो मैं आपको चुनाव लड़वा देता। आप गांव की सबसे बड़ी लीडर बन सकती हो। आपके भीतर बोलने की बहुत ही शानदार कला है। लदाख के लाभार्थी ताशी तुंदुप से पीएम मोदी ने पूछा कि लद्दाख में टूरिस्ट आना शुरू हुआ कि नहीं।

व्यवस्थाएं बदलने से बढ़ेगा चुनावी खर्च, पंच के लिए सफेद, सरपंच के लिए नीले मतपत्र छपेंगे

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भोपाल : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार पंच-सरपंच से लेकर जिला और जनपद पंचायत सदस्यों के चुनाव मतपत्रों और मतपेटियों के जरिए कराए जाएंगे। इसके चलते पूरे पंचायत चुनाव में कई व्यवस्थाएं बदली जाएंगी। ईवीएम से चुनाव कराए जाते तो खर्च कम आता लेकिन अब अलग-अलग जिलों में मतपत्रों की कागज पर छपाई करवाना होगा। इससे मतपत्रों की छपाई का खर्च काफी ज्यादा आएगा। इन्हें रखने के लिए विशेष प्रकार की मतपेटियां भी तैयार कराना होगा। इन मतपेटियों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम करने होंगे। मतपत्रों की संख्या बढ़ने पर मतपेटियों की संख्या भी बढ़ जाएंगी। इन मतपेटियों को मतदान केन्द्र पर पहुंचाने  के लिए  परिवहन पर भी ज्यादा खर्च आएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि पंचायत चुनावों के लिए प्रत्येक मतपेटी इस तरह से डिजाईन की जाए जिसमें मतपत्र डाले  तो जा सके किन्तु मतपेटी खोले बिना और सील तोड़े बिना उन्हें निकाला न जा सके। इस वर्ष त्रिस्तरीयस पंचायत आम चुनाव में पंच-सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के पद के निर्वाचन हेतु मतपेटी और मतपत्र के जरिए ही मत डाले जा सकेंगे।

प्रदेश में 52 जिलों में जिला पंचायत सदस्य के 875 और  313 जनपदों में जनपद पंचायत सदस्य के 6771 पदों के लिए चुनाव होने है। इसी तरह प्रदेशभर में सरपंचों के 22 हजार 921 और पंच पद के 3 लाख 63 हजार 726 पदों के लिए चुनाव होने है। नामांकन पत्र जमा करने का सिलसिला जारी है। उम्मीदवारों की संख्या और प्रतीक चिन्ह आवंटन के बाद सभी जिलों मेेंं कलेक्टर वहां मतपत्रों की छपाई करवाने के निर्देश जारी करेंगे। इन मतपत्रों को रखने के लिए मतपेटियां का इंतजाम भी करना होगा।

सफेद पर पंच और नीले मतपत्र पर सरपंच के लिए होगी वोटिंग
पंच, सरपंच और जिला तथा जनपद पंचायत पद के सदस्यों के लिए अलग-अलग रंगों में मतपत्र छपवाए जाएंगेञ पंच पद के लिए जहां निर्वाचन होगा वहां सफेद रंग के मतपत्र  मुद्रित कराए जाएंगे। सरपंच पद के लिए नीले रंग के मतपत्र छपवाए जाएंगे। जनपद पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए पीले रंग के मतपत्र छपेंगे तो वहीं जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र छपवाए जाएंगे।