Home Blog Page 145

राजगढ़ में दबंगों ने दलित दूल्‍हे को घोड़ी पर चढ़ने से रोका, मारपीट कर खाना फेंका, 38 पर एफआइआर, तीन के लाइसेंस निरस्त

0

राजगढ़। जिले के माचलपुर थाने के गांव कचनारिया में दबंगों ने एक दलित परिवार की शादी में न केवल खाने की सामग्री फेंक दी, बल्कि दूल्‍हे को घोड़ी पर न चढ़ने के लिए भी धमकाया था। ऐसे में पुलिस ने न केवल खुद की उपस्थिति में दूल्‍हे की बारात निकलवाई, बल्कि 38 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया व तीन के शस्‍त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

पुलिस के मुताबिक कचनारिया गांव में राजेश पिता मदनलाल अहिरवार की शादी थी। ऐसे में शनिवार को विवाह स्थल पर महमानों व समाजजनों का खाना उन्होंने बनवाया था। शादी में डीजे बज रहा था। जिसको लेकर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति लेते हुए डीजे बन्द करवा दिया। बाद में फिर डीजे शुरू किया तो फिर करीब आधा सैकड़ा लोग वहां पहुंच गए व कुछ लोगों के साथ मारपीट की। साथ ही गांव में वर निकासी नही निकालने की धमकी दे डाली व बाद में विवाह स्थल पर शादी के लिए बना खाना फेंक दिया। इसकी सूचना परिजनों ने माचलपुर थाने पर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों की शिकायत पर 38 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है।

चार थानों की पुलिस लेकर पहुंचे कलेक्टर, एसपी

घटना की जानकारी लगने के बाद देर रात को कलेक्टर हर्ष दीक्षित व एसपी प्रदीप शर्मा अपने साथ खिलचीपुर एसडीएम पल्लवी वैध, एसडीओपी निशा रेड्डी व माचलपुर सहित खिलचीपुर, जीरापुर व भोजपुर थाने के करीब आधा सैंकड़ा पुलिसकर्मियों को लेकर गांव पहुंचे। वहां पहुंचकर पीड़ित परिवार के सदस्यों से बात की व हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। कहा कि किसी से भयभीत होने की जरूरत नही है पुलिस-प्रशासन आपके साथ है।

तीन लोगों के शस्त्र के लाइसेंस किए निलंबित

शादी वाले परिवार को परेशान करने में लाइसेंसधारी तीन लोगों के भी नाम सामने आने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने तीनों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

पुलिस के साये में निकली बारात, बल तैनात

घटना के बाद से ही गांव में पुलिसबल तैनात है। रात को ही करीब 20 पुलिसकर्मियों को गांव में ही तैनात कर दिया गया था। सुबह पुलिस की उपस्थिति में ही दूल्हा राजेश की निकासी हुई। दूल्हे को घोड़ी पर बेठाकर परिजनों ने बाकायदा बारात निकाली। देर शाम को बारात राजस्थान के इकलेरा के लिए रवाना होगी। जब तक बारात रवाना होगी, तब तक पुलिसबल गांव में तैनात रहेगा।

मध्य प्रदेश में बढ़ने लगा तापमान, मंगलवार से बारिश होने के आसार

0

भोपाल। एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। इसके असर से दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इस वजह से हवाओं का रुख बदलकर उत्तर-पश्चिमी हो गया है। इस वजह से तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी दो-तीन दिन तक तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इस दौरान मंगलवार को पूर्व मध्य प्रदेश में रीवा, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं।

तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला दो-तीन दिन तक जारी रहेगा

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि रविवार को मध्य प्रदेश में सबसे कम पांच डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया एवं नौगांव में दर्ज किया गया। मंडला, मलाजखंड, खजुराहो, धार एवं खंडवा में शीतलहर चली। हवाओं का रुख बदलने से मध्य प्रदेश में दिन एवं रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। इसी क्रम में रविवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री से. दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा। यह शनिवार के अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री से. की तुलना में 1.6 डिग्री से. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री से. रिकार्ड किया गया। जो शनिवार के न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री से. के मुकाबले 0.8 डिग्री से. अधिक रहा। साहा के मुताबिक तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला दो-तीन दिन तक जारी रह सकता है।

इस दौरा हवाओं के साथ नमी आने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में मंगलवार को बादल छा सकते हैं। साथ ही जबलपुर, शहडोल, रीवा संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश भी होने के आसार हैं। उधर 17 फरवरी को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इस तीव्र आवृत्ति वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज गड़बड़ हो सकता है। जगह-जगह गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।

कटनी कलेक्‍टर ने कहा- टनल से अब नहीं आ रही आवाज, डाक्‍टरों की टीम भी नीचे उतरेगी

0

कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद में शनिवार रात भूमिगत नहर की मिट्टी धंसने से नौ मजदूर दब गए। रविवार सुबह तक इनमें से सात को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और अंदर फंसे दो मजदूरों को निकालने का प्रयास जारी है। कटनी कलेक्‍टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि टनल में से अब कोई कॉल (आवाज) नहीं आ रहा है। इसलिए डाक्‍टरों की टीम को भी नीचे उतारा जा रहा है। जो मजदूर अभी दबे हुए हैं। उन्‍हें बचाने वहीं प्रयास शुरू कर दिए जाएंंगे।

विदित हो कि रात करीब साढ़े सात से आठ के बीच जब मजदूर काम कर रहे थे, तभी मिट्टी बगल से धंसकने लगी और मजदूर उसके नीचे दब गए। इसकी सूचना नर्मदा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों ने जिला प्रशासन को दी। इसके बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा व एसपी सुनील जैन मौके पर पहुंचे। रात में ही सुरक्षित निकाले गए तीन मजदूर दीपक, नर्मदा व मुन्नीदास पड़कुर गांव, जिला सिंगरौली के रहने हैं। फंसे मजदूर सिंगरौली के चितरंगी, महाराष्ट्र के नागपुर व झारखंड के बताए जा रहे हैं।

मोतीलाल कोल और नंद लाल यादव आख़िरी 2 मज़दूरों के नाम जो सुबह सुरक्षित निकाले गए हैं। कल रात और आज सुबह निकाले सात मज़दूर ख़तरे से बाहर हैं तथा अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इस प्रकार अब तक कुल 9 मज़दूरों में से 7 को सकुशल बचाया जा चुका है। शेष बचे 2 मज़दूर ग़ोरेलाल कोल और रवि (सुपरवाइज़र) अभी भी फ़ंसे हुए हैं तथा दोनो से संंपर्क (कम्यूनिकेशन) नहीं हो पाया है। एनडीआरएफ की टीम शेष बचे दोनों मज़दूरों (ग़ोरेलाल कोल और सूपर्वायज़र रवि) को निकालने का प्रयास कर रही है। एसडीईआरएफ दमोह और सतना की टीमें भी पहुंच गयी हैं। बचाव कार्य जारी है।

मध्य प्रदेश में पूरी क्षमता से खुलेंगे उच्च शिक्षण संस्थान, समय पर होंगी परीक्षा

0

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब उच्च शिक्षण संस्थान पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे। सरकार ने रात्रिकालीन कर्फ्यू को छोड़कर बाकी सभी प्रतिबंध समाप्त कर दिए हैं। अभी तक कालेज और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन आधी क्षमता के साथ किया जा रहा था। वार्षिक परीक्षाएं समय पर हों, इसकी तैयारी के लिए उच्च शिक्षा मंत्री कुलपतियों के साथ इसी सप्ताह बैठक करेंगे।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। अब स्थिति नियंत्रण में हैं और अब कालेज और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी क्षमता के साथ संचालित होंगी। परीक्षाएं शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए आफलाइन होंगी। इसकी तैयारियों के लिए सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जल्द ही बैठक करेंगे।

विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम संबंधी दिशानिर्देशों का पालन अवश्य करना होगा। कोरोना संक्रमण के वजह से पिछले दो शिक्षण सत्र प्रभावित हुए हैं। ओपन बुक पद्धति से परीक्षाएं ली गई थीं। विश्वविद्यालयों ने प्रश्न पत्र तैयार करके वेबसाइट पर अपलोड कर दिए थे और विद्यार्थियों ने घर से ही परीक्षा दी और उत्तर पुस्तिका जमा कर दी थी।

एबीजी शिपयार्ड स्कैम में अधिकतम रिकवरी की होगी कोशिश, बैंकों की बैलेंस शीट पर नहीं पड़ेगा असर: SBI

0

देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले एबीजी शिपयार्ड मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एमडी जे स्वामीनाथन ने कहा कि इस घोटाले का बैंकों की बैलेंस शीट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं हम ज्यादा से ज्यादा वसूली की कोशिश करेंगे। SBI ने इस मामले में रविवार को बयान जारी कर बताया कि आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के नेतृत्व में 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को कंसोर्टियम अरेंजमेंट के तहत लोन दिया गया था। बेहद खराब प्रदर्शन के कारण नबंवर 2013 में ही कंपनी का अकाउंट NPA बन गया था। एसबीआई ने कहा कि कंपनी को दोबारा चलाने के लिए कई बार कोशिशें की गईं लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

जोखिम अनुपालन और तनाव संपत्ति समाधान समूह ((Risk Compliance & Stress Assets Resolution Group) के एमडी जे स्वामीनाथन ने कहा कहते हैं, “एबीजी शिपयार्ड 2001 से लगभग 28 बैंकों से ऋण सुविधाओं का आनंद ले रहा था। कंपनी लंबे समय तक खुद को बनाए नहीं रख सकी।” उन्होंने कहा “सबसे बड़े पीएसबी होने के नाते, एसबीआई को अन्य बैंकों द्वारा सीबीआई शिकायत दर्ज करने के लिए अधिकृत किया गया था। पहली शिकायत नवंबर 2019 में दर्ज की गई थी। दिसंबर 2021 में, एक व्यापक शिकायत दर्ज की गई थी। यह आम तौर पर बड़े मूल्य के कॉर्पोरेट ऋणों में होता है। मुझे कोई देरी नहीं दिख रही है। यह 2013 से एनपीए है।”

इस मामले में लीड बैंक आईसीआईसीआई द्वारा एक ऑडिट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट 2019 में आई थी। इसमें संबंधित पक्षों को धन के हस्तांतरण और अन्य उद्देश्यों के लिए धन के उपयोग का संकेत दिया गया था। चर्चा के बाद, सभी बैंकों ने 2019 में खाते को फ्रॉड घोषित किया। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के एक संघ ने कथित रूप से 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के संबंध में 8 नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई।

करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की। CBI ने इस मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एजेंसी ने अग्रवाल के अलावा तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों – अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कथित रूप से आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए मुकदमा दर्ज किया है। शनिवार को सूरत, भरूच, मुंबई, पुणे आदि में एक निजी कंपनी, निदेशकों सहित आरोपियों के परिसरों में 13 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। इस मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

दूसरे चरण में 9 जिलों की 55 विधानसभा क्षेत्रों में होगी वोटिंग, 586 प्रत्‍याशी मैदान में

0

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 का दूसरा चरण 14 फरवरी को उत्तराखंड और गोवा में मतदान के साथ होगा। इस चरण में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक नौ जिलों के 55 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, 2,01,42,441 मतदाता – 1,07,61,476 पुरुष, 93,79,704 महिला और 1,261 तृतीय लिंग मतदाता – इस चरण में 586 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। 2017 के पिछले चुनावों में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 55 विधानसभा क्षेत्रों में से 40 पर जीत हासिल की थी। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को क्रमश: 13 और दो सीटें मिली थीं। आइये 9 जिलों में फैले 55 विधानसभा क्षेत्रों पर एक नजर डालते हैं जहां 14 फरवरी को मतदान होगा।

“मैं अपने भाई के लिए जान दे सकती हूं”, BJP के ‘दरार’ वाले आरोपों पर बोलीं प्रियंका गांधी

0

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने आज बीजेपी (BJP) के एक आरोप के जवाब में कहा, “मैं अपने भाई के लिए अपनी जान दे सकती हूं और वह मेरे लिए अपनी जान दे सकता है.” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा था कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के बीच “दरार” कांग्रेस को नीचे लाएगी. इस पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूछा, “हमारे बीच टकराव कहां है?”
उन्होंने मुस्कुराते हुए और तर्क को पलटते हुए कहा, “योगी जी के दिमाग में संघर्ष और टकराव है. ऐसा लगता है कि वह भाजपा में उनके (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदीजी और (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह जी के बीच दरार के कारण ऐसा कह रहे हैं.” चुनाव प्रचार के दौरान एक हेलीकॉप्टर में बैठते हुए कांग्रेस नेता ने एक सवाल के जवाब में ये बातें कहीं.
उत्तर प्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव वाड्रा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान में सबसे आगे रही हैं. राजनीतिक रैलियों से लेकर ‘लड़की हूं, लड़ शक्ति हूं’ जैसे अभियानों तक, कांग्रेस नेता अपनी पार्टी के अभियान की अगुवाई कर रही हैं. वह अपने नए अभियानों से सत्तारूढ़ भाजपा और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी को टक्कर दे रही हैं.
पिछले महीने, वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के लिए चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार पर अटकलों पर तब विराम लगा दिया था, जब उन्होंने इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में यह कहा था कि क्या आपको उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसी और का चेहरा दिख रहा है. “आप मेरा चेहरा हर जगह देख सकते हैं, है ना?”
अगले दिन, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इसे “थोड़ा अतिरंजित तरीके से” कहा था क्योंकि उनसे एक ही प्रश्न बार-बार पूछा जा रहा था. उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कह रही हूं कि मैं अकेला चेहरा हूं, मैंने इसे थोड़ा बढ़ा-चढ़ाकर कहा क्योंकि आप बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे थे.”

‘यह मुस्लिम लड़कियों को चार दीवारों में कैद करने की साजिश’, हिजाब विवाद पर केरल के राज्यपाल बोले

0

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने हिजाब विवाद पर अपना पक्ष रखा है. उन्होंने कहा है कि मुझे लगता है कि यह कोई विवाद नहीं है,बल्कि मुस्लिम युवतियों को उनके घरों की चार दीवारों में धकेलने की एक जान-बूझकर की गई साजिश है. ये सब मुस्लिम लड़कियों को हतोत्साहित करने का प्रयास है. केरल के राज्यपाल ने कहा कि मुस्लिम लड़कियां लड़कों की तुलना में बेहतर कर रही हैं. उन्होंने
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि अरब समाज में ऐसे लोग थे जो जन्म के तुरंत बाद अपनी बच्चियों को दफना देते थे. इस्लाम ने इसे समाप्त किया, खत्म कर दिया, लेकिन कुछ लोगों में वह मानसिकता आज भी अभी भी कायम है. पहले उन्होंने तीन तलाक का आविष्कार किया, फिर हिजाब और फिर मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित करने के लिए अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया.
केरल के राज्यपाल एएम खान ने कहा कि भारत को यह मानने के लिए कहा जा रहा है कि हिजाब इस्लाम का आंतरिक मामला है. अगर हम उस तर्क को स्वीकार करते हैं, तो मुस्लिम लड़कियों को फिर से उनके घरों में धकेल दिया जाएगा. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि अगर लड़कियां घरों की चार दीवारों में रहेंगे और बाहर नहीं निकल पाएंगी तो उनकी शिक्षा में रूचि कम हो जाएगी.

पीएफ पर ब्याज दर की बढ़ोतरी होगी या नहीं, केंद्रीय मंत्री ने दिया जबाब

0

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) देश में कर्मचारी भविष्य निधि (PF) जमा पर 2021-22 के लिए दी जाने वाली ब्याज दर पर फैसला करेगा। इसकी बैठक अगले माह 2021-22 के लिए EPF ब्याज दर के बारे में केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) CBT की बैठक मार्च में गुवाहाटी में होगी, जहां 2021-22 के लिए ब्याज दर के प्रस्ताव को सूचीबद्ध किया जाएगा क्योंकि यह वित्तीय वर्ष के अंत है।”
पीएफ पर ब्याज दरों की बढ़ोतरी पर ये जवाब
यह पूछे जाने पर कि क्या EPFO 2021-22 के लिए 8.5 प्रतिशत ब्याज दर बनाए रखेगा जैसा कि उसने 2020-21 में किया था। इस सवाल पर केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव जवाब दिया कि कमाई के अनुमान के आधार पर फैसला लिया जाएगा।
सीबीटी के प्रमुख हैं भूपेंद्र यादव
भूपेंद्र यादव CBT के प्रमुख भी हैं। CBT ने मार्च 2021 में 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 फीसदी की ब्याज दर तय की थी। इसके बाद अक्टूबर 2021 में वित्त मंत्रालय ने इसे मंजूरी दी, जिसके बाद EPFO ने फील्ड को निर्देश जारी किया। कार्यालय 2020-21 के लिए लाभार्थियों के खाते में 8.5 फीसदी ब्याज आय जमा करेंगे।
सीबीटी वित्त मंत्रालय से लेगा सहमति
एक बार जब CBT एक वित्तीय वर्ष के लिए EPF जमा पर ब्याज दर तय करता है, तो इसे वित्त मंत्रालय को सहमति के लिए भेजा जाता है। EPFO सरकार द्वारा वित्त मंत्रालय के माध्यम से इसकी पुष्टि करने के बाद ही लाभार्थियों के खाते में ब्याज दर भेजता है। मार्च 2020 में EPFO ​​ने भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को 2019-20 में 7 साल के निचले स्तर पर घटाकर 8.5 फीसदी कर दिया था, जबकि 2018-19 में ब्याज दर 8.65 फीसदी थी।
बीते सालों में EPFO ने दिया था इतना ब्याज
ईपीएफओ ने लाभार्थियों को 2016-17 में 8.65 प्रतिशत और 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दर प्रदान की थी। 2015-16 में ब्याज दर 8.8 प्रतिशत से थोड़ी अधिक थी। इसने 2013-14 के साथ-साथ 2014-15 में 8.75 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया था, जो 2012-13 में 8.5 प्रतिशत था। 2011-12 में भविष्य निधि पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत थी।

कासगंज में PM मोदी की विशाल चुनावी जनसभा, कहा – अयोध्या में लता मंगेशकर के नाम पर होगा चौराहा

0

आज उत्तर प्रदेश के कासगंज में पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा हो रही है। इस मौके पर उमड़ी विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने डबल इंजन सरकार के तहत प्रदेश में हुए विकास और योगी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कल यूपी में पहले चरण का मतदान पूरा हुआ है। लोगों ने भारी संख्या में घरों से निकलकर यूपी को सुरक्षित रखने के लिए, यूपी के विकास के लिए, भारी मात्रा में कमल को वोट दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साल 2017 के बाद विकास कार्य बहुत तेजी से हुआ है। उन्होंने ये भी ऐलान किया कि अयोध्या में लताजी के नाम पर एक चौराहे का नामकरण किया जाएगा।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें

  • यहां कई ज़िलों से आप लोग डबल इंजन की सरकार को आशीर्वाद देने आए हैं। मेरी नज़र जहां तक पहुंचती है, उससे भी आगे तक लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं।
  • परिवारवादियों ने अपना घर, तिजोरी तो भरी लेकिन कभी गरीब की चिंता नहीं की। गरीब का जीवन आसान बने, ये लोग न पहले चाहते थे, न आज चाहते हैं।
  • ये अफवाहवादी पूरी कोशिश कर रहे थे कि कोरोना का मुफ्त टीका गरीब परिवारों को न लगे। लेकिन गरीबों की सरकार ने इन्हें सफल नहीं होने दिया।
  • अयोध्या में चौराहे का नाम लता मंगेशकर के नाम पर किया जाएगा। मैं समझता हूं जो भी राम मंदिर के दर्शन के लिए आएगा, वो यहीं से निकलेगा तो लता मंगेशकर जी के भजन भी याद आएंगे और उनके लिए गर्व भी होगा।
इस जनसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या मे राम जन्मभूमि की तरफ जाने वाले एक प्रमुख चौराहे का नाम भी भारत रत्न लता मंगेशकर के नाम पर होना चाहिए। ये हमारा संकल्प है। हम इस रूप में लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।