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जगन सरकार की पूरी कैबिनेट ने दिया इस्तीफा

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आंध्र प्रदेश में जगनमोहन सरकार की पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया है। अब मुख्यमंत्री जगन रेड्डी अपने मंत्रिमंडल का नए सिरे से गठन करेंगे। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने साल 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट में बदलाव का फैसला किया है। अब कैबिनेट में एकमात्र सीएम जगन रेड्डी ही बचे हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार शाम राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात की और कथित तौर पर उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में बदलाव की जानकारी दी।

वैसे, मंत्रिमंडल में बदलाव किया जाना तय था, क्योंकि सीएम ने कहा था कि उनका आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद वे अपनी टीम बदल देंगे। यह बदलाव दिसंबर 2021 में होना था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसे टालना पड़ा। इससे पहले गुरुवार को सचिवालय में सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में कैबिनेट की अंतिम बैठक हुई। इसके बाद सीएम ने कैबिनेट भंग की और सभी मंत्रियों ने सीएम रेड्डी को अपना इस्तीफा सौंपा।

साल 2024 विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए जगन मोहन रेड्डी, प्रदेश कैबिनेट में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले रेड्डी कुछ नए चेहरों को अपने मंत्रीमंडल में जगह दे सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 11 अप्रैल को जगन मोहन रेड्डी नई कैबिनेट का गठन करेंगे।

पाक सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनाएगा फैसला

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पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने और उसके बाद संसद को भंग किए जाने के मामले में अपना फैसला सुनाने वाला है। कोर्ट ने चुनाव आयोग भी तलब किया है, जिसके बाद चुनाव आयोग की टीम सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। इससे पहले पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बंदियाल ने गुरुवार को कहा कि यह स्पष्ट है कि नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी का 3 अप्रैल का फैसला, जिसने प्रधान मंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, गलत था। चौथे दिन की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने रेखांकित किया कि प्रथम दृष्टया उपाध्यक्ष का द्वारा सदन में दी गई व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 95 का उल्लंघन हैं। इस फैसले पर पूरे पकिस्तान की निगाहें टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शीर्ष अदालत के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है।

नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम खान सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को गिराने की तथाकथित विदेशी साजिश से जुड़े होने का हवाला देते हुए रविवार को उसे खारिज कर दिया था। कुछ मिनट बाद, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री खान की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।

अदालती निर्णय न केवल अविश्वास प्रस्ताव के भाग्य का फैसला करेगा बल्कि नेशनल असेंबली को भंग किये जाने और आगामी चुनावों का भी फैसला करेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि फैसला अगर खान के अनुकूल होता है तो 90 दिनों के भीतर चुनाव होंगे, और अगर अदालत उपाध्यक्ष के खिलाफ फैसला सुनाती है तो संसद का सत्र फिर से बुलाया जाएगा और खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आएगा.

मध्‍य प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए 25 अप्रैल तक तैयार होगी मतदाता सूची

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भोपाल । मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के परिसीमन का काम पूरा हो गया है। पंचायतों की संख्या 22 हजार 699 से बढ़ाकर 22 हजार 985 हो गई है। दो हजार वार्ड बढ़ गए हैं। अब पंचायत चुनाव के लिए 25 अप्रैल तक मतदाता सूची तैयार होगी। वहीं, सरकार पंचायतों का आरक्षण करेगी। इसके लिए अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या सहित अन्य जानकारियां राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने जुटा ली है। इसका परीक्षण करके प्रतिवेदन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आरक्षण तय होगा।

प्रदेश में वर्ष 2014 के बाद से पंचायत चुनाव नहीं हुए हैं। कमल नाथ सरकार में परिसीमन कराया गया था लेकिन चुनाव नहीं हो पाए थे। सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सरकार ने 2019-20 में कराए गए परिसीमन को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश के माध्यम से निरस्त करके पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नए सिरे से परिसीमन करने के निर्देश दिए थे।

इस परिसीमन में रोटेशन का पालन नहीं किया गया। प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक गया और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित स्थानों को अनारक्षित श्रेणी में अधिसूचित करते हुए चुनाव कराने के आदेश दिए गए। सरकार इसके लिए प्रक्रिया करने तैयार नहीं हुई और अंतत: राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम निरस्त कर दिया। इसके साथ ही पंचायतों का परिसीमन नए सिरे से करने के आदेश दिए थे।

इसके अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने परिसीमन करा लिया है। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने के लिए एक जनवरी 2022 की स्थिति में मतदाता सूची तैयार कराना प्रारंभ कर दिया है। आयोग के सचिव बीएस जामौद ने बताया कि 16 अप्रैल तक दावे-आपत्ति आमंत्रित किए गए हैं। इनका निराकरण करते हुए 25 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। आरक्षण की प्रक्रिया शासन के स्तर से होगी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन की प्रतीक्षा की जा रही है।

बीजेपी दस स्थापना दिवस पर PM मोदी बोले परिवारवादी पार्टियां लोकतंत्र की दुश्मन

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भारतीय जनता पार्टी आज अपना 42वां स्थापना दिवस देशभर में पूरे उत्साह के साथ मना रही है। इस अवसर पर हर राज्य व जिले में पार्टी मुख्यालय पर कार्यक्रम आयोजित कर भाजपा के झंडे फहराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि मेरी प्रार्थना है कि मां स्कंदमाता का आशीर्वाद देशवासियों पर, भाजपा के प्रत्येक कर्मठ कार्यकर्ता और प्रत्येक सदस्य पर हमेशा बना रहे। आज नवरात्रि की पांचवीं तिथि भी है, आज के दिन हम सभी मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम सबने देखा है कि मां स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं और अपने दोनों हाथों में कमल का फूल थामे रहती हैं। मैं देश और दुनिया भर में फैले भाजपा के प्रत्येक सदस्य को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी, कच्छ से कोहिमा तक भाजपा एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को निरंतर सशक्त कर रही है। इस बार का स्थापना दिवस 3 और वजहों से महत्वपूर्ण हो गया है। पहला कारण है कि इस समय हम देश की आजादी के 75 वर्ष का पर्व मना रहे हैं, आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये प्रेरणा का बहुत बड़ा अवसर है। दूसरा कारण है- तेजी से बदलती हुई वैश्विक परिस्थितियां, बदलता हुआ ग्लोबल ऑर्डर। इसमें भारत के लिए लगातार नई संभावनाएं बन रही हैं। तीसरा कारण भी उतना ही अहम है। कुछ सप्ताह पहले चार राज्यों में भाजपा की डबल इंजन की सरकारें वापस लौटी हैं। तीन दशकों के बाद राज्यसभा में किसी पार्टी के सदस्यों की संख्या 100 तक पहुंची है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक दृष्टिकोण से देखें या राष्ट्रीय दृष्टिकोण से, भाजपा का दायित्व, भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता, देश के सपनों का प्रतिनिधि है, देश के संकल्पों का प्रतिनिधि है। इस अमृत काल में भारत की सोच आत्मनिर्भरता की है, लोकल को ग्लोबल बनाने की है, सामाजिक न्याय और समरसता की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन्हीं संकल्पों को लेकर एक विचार बीज के रूप में हमारी पार्टी की स्थापना हुई थी। इसलिए ये अमृत काल भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए कर्तव्य काल है। आज दुनिया के सामने एक ऐसा भारत है जो बिना किसी डर या दबाव के, अपने हितों के लिए अडिग रहता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया दो विरोधी ध्रुवों में बंटी हो, तब भारत को ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है, जो दृढ़ता के साथ मानवता की बात कर सकता है। हमारी सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है। आज देश के पास नीतियाँ भी हैं, नियत भी है। आज देश के पास निर्णय शक्ति भी है, और निश्चित शक्ति भी है। इसलिए, आज हम लक्ष्य तय कर रहे हैं, उन्हें पूरा भी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले ही देश ने 400 बिलियन डॉलर यानि तीस लाख करोड़ रुपए के उत्पादों के export का target पूरा किया है। कोरोना के इस समय में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना, भारत के सामर्थ्य को दिखाता है। गरीबों को पक्के घर से लेकर शौचालय के निर्माण तक, आयुष्मान योजना से लेकर उज्ज्वला तक, हर घर जल से लेकर हर गरीब को बैंक खाते तक ऐसे कितने ही काम हुए हैं, जिनकी चर्चा में कई घंटे निकल सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने ये देखा कि अपने नागरिकों का जीवन आसान बनाना भाजपा सरकारों की, डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता रही है। सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ हम सबका विश्वास प्राप्त कर रहे हैं। देश के विकास के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया देख रही है कि इतने मुश्किल समय में भारत 80 करोड़ गरीबों, वंचितों को मुफ्त राशन दे रहा है। 100 साल के इस सबसे बड़े संकट में गरीब को भूखा न सोना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। लेकिन भाजपा ने इस वोटबैंक की राजनीति को ना सिर्फ टक्कर दी है, बल्कि इसके नुकसान, देशवासियों को समझाने में भी सफल रही है। हमारे देश में दशकों तक कुछ राजनीतिक दलों ने सिर्फ वोटबैंक की राजनीति की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को ही वादा करो, ज्यादातर लोगों को तरसा कर रखो, भेदभाव-भ्रष्टाचार ये सब वोटबैंक की राजनीति का साइड इफेक्ट था। स्वार्थ के आधार पर लाभ पहुंचाने की प्रवृत्ति को खत्म करना और समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचे, ये सुनिश्चित करना।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के इस अमृत काल में हमने सैचुरेशन यानी जनकल्याण की हर योजना को शत प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया है, वो बहुत विराट है। सैचुरेशन तक पहुंचने के इस अभियान का मतलब है- भेदभाव की सारी गुंजाइश को खत्म करना, तुष्टिकरण की आशंकाओं को समाप्त करना।

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार ने की 20 मिनट की बैठक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को आमने-सामने की बैठक की। इससे महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। 20 मिनट तक चली यह बैठक संसद में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। विशेष रूप से, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को हिरासत में लेने के एक दिन बाद यह बैठक आयोजित की गई थी।

हालांकि, शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने इस तरह की खबरों को खारिज कर दिया और कहा कि राकांपा प्रमुख ने “विकास कार्यों” पर चर्चा करने के लिए पीएम मोदी से मुलाकात की होगी। पत्रकारों द्वारा बैठक के बारे में पूछे जाने पर अजीत ने कहा कि इस मुद्दे पर टिप्पणी करना उनके लिए सही नहीं होगा।

देश के प्रधानमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास कार्यों को लेकर मिल सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर संसद सत्र के दौरान चर्चा की जानी चाहिए। ऐसे मुद्दे हो सकते हैं।”

एमवीए गठबंधन, विशेष रूप से शिवसेना और राकांपा ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर रही है।

पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख 11 अप्रैल तक के लिए CBI कस्टडी में भेजे गये

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सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 11 अप्रैल तक के लिए सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया है। सीबीआई ने अनिल देशमुख को भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में मुंबई की आर्थर रोड जेल से हिरासत में लिया था। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को उनके खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के बाद भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारियों को शहर के रेस्तरां और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये लेने के लिए कहा था। जहां देशमुख ने आरोपों का खंडन किया था, वहीं उन्होंने पिछले साल अप्रैल में पद से इस्तीफा दे दिया था।

राकांपा नेता ने सीबीआई को उन्हें हिरासत में लेने की अनुमति देने वाले विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। देशमुख ने अपनी याचिका में सीबीआई द्वारा उनकी हिरासत की मांग करने वाली याचिका को भी चुनौती दी थी। सीबीआई ने पहले उनके सहायक कुंदन शिंदे, सचिव संजीव पलांडे को हिरासत में लिया था और अब सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।

इससे पहले कल, सीबीआई ने आरोप लगाया था कि देशमुख जानबूझकर एजेंसी की हिरासत से बचने की कोशिश कर रहा था और इसी उद्देश्य के लिए उसे सरकारी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देशमुख को आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कराया गया था और उन्हें कल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा नेता को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया था।

मध्‍य प्रदेश में कोरोना काल का बिजली बिल होगा माफ

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भोपाल । कोरोना काल में बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए उपभोक्ताओं को अब राशि जमा करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री विद्युत बिलों में राहत-2022″ योजना लागू कर दी है। इसके तहत 31 अगस्त 2020 की स्थिति में बिजली बिल की बकाया मूल और अधिभार राशि माफ की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को कटनी जिले के स्लीमनाबाद से योजना का शुभारंभ कर रहे हैं। इस मौके पर वे उपभोक्ताओं को राहत का प्रमाण पत्र देंगे।

कार्यक्रम का दूरदर्शन, आकाशवाणी के माध्यम से सीधा प्रसारण होगा। ऊर्जा विभाग की ‘समाधान योजना” में उपभोक्ता जितनी राशि का भुगतान कर चुके हैं, उतनी राशि उनके अगले महीनों के बिलों में समायोजित कर वापस की जाएगी। योजना का लाभ प्रदेश में 88 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा। सरकार उन्हें छह हजार 414 करोड़ 32 लाख रुपये की राहत देगी।

सरकार ने वर्ष 2020 में कोरोना के कारण निम्न आय वर्ग वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल का भुगतान स्थगित कर दिया था। यह राशि बाद में वसूल की जानी थी, पर मुख्यमंत्री ने राशि माफ करने का निर्णय लेते हुए योजना लागू करने की घोषणा की थी। इस योजना का लाभ एक किलोवाट भार वाले उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनकी 31 अगस्त 2020 की स्थिति में बकाया मूल एवं अधिभार राशि स्थगित की गई थी।

ऐसे उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में विद्युत वितरण कंपनी को आवेदन देना होगा। अधिभार की पूरी एवं मूल बिल की 50 प्रतिशत राशि विद्युत वितरण कंपनी और मूल बिल की शेष 50 प्रतिशत राशि सरकार वहन करेगी। इसके एवज में वितरण कंपनियों को अनुदान दिया जाएगा। कंपनी उपभोक्ताओं को बिल माफी का प्रमाण पत्र जारी करेंगी। वहीं जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्थाई रूप से काट दिए गए हैं। उन्हें फिर से कनेक्शन जुड़वाने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

विद्युत केंद्रों पर लगाए जाएंगे शिविर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि राहत प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम प्रत्येक जिला मुख्यालय में भी होगा। इनमें जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। वहीं सभी विद्युत वितरण केंद्रों पर शिविर लगाकर बिल माफी प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। जिन स्थानों पर सात अप्रैल को शिविर नहीं लग पाएंगे, वहां आठ अप्रैल को शिविर लगाए जाएंगे।

मुंबई में मिला देश का पहला कोरोना वायरस XE संक्रमण का मामला

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कोरोना से जुड़ी पाबंदियों के हटने के बाद राहत की सांस ले रहे देश के लोगों के लिए फिर एक नई मुसीबत दस्तक दे रही है। मुंबई में कोविड-19 के ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट XE का पहला केस मिला है। इसके अलावा ओमिक्रॉन के कप्पा वैरिएंट का भी एक केस मिला है। आपको बता दें कि ये नया वेरिएंट कोरोना वायरस के पिछले वेरिएंट के मुकाबले बहुत तेजी से फैलता है। राहत की बात ये है कि नए वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में फिलहाल कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। आपको बता दें कि जिन 376 नमूनों का परीक्षण किया गया था, उनमें से 230 मुंबई के निवासी हैं। इन 230 मरीज़ों में से 21 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इनमें वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों में 9 लोग भी शामिल हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती 12 मरीज ऐसे थे, जिन्होंने वैक्सीन की कोई खुराक नहीं ली थी। अस्पताल में भर्ती मरीजों में से किसी को भी ऑक्सीजन या गहन देखभाल की जरूरत नहीं पड़ी।

अब तक कोविड के तीन हाइब्रिड या रिकॉम्बिनेंट स्ट्रेन का पता चला है, जिसमें से पहला- XD, दूसरा- XF और तीसरा- XE है। इनमें से पहले और दूसरे वेरिएंट डेल्टा और ओमिक्रोन के कॉम्बिनेशन से पैदा हुए हैं, जबकि तीसरा ओमिक्रोन सबवेरिएंट का हाइब्रिड स्ट्रेन है। XE वेरिएंट के बारे में 19 जनवरी 2022 को सबसे पहले ब्रिटेन में पता चला। इस हाइब्रिड स्ट्रेन के अब तक 600 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। XE के लिए शुरुआती विकास दर BA.2 से काफी अलग नहीं थी, जिसे स्टेल्थ ओमिक्रोन भी कहा जाता है। मौजूदा समय में ब्रिटेन में स्टेल्थ ओमिक्रोन के मुकाबले XE वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अगर इसकी रफ्तार जारी रही, तो ये फिर से पूरी दुनिया के लिए खतरा बन सकता है।

लोकसभा में विदेश मंत्री ने यूक्रेन मामले पर स्पष्ट की स्थिति

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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर भारत का स्टैंड बताया है। बुधवार को यूक्रेन की स्थिति पर लोकसभा में चर्चा करते उन्होंने कहा कि भारत संघर्ष के पूरी तरह से खिलाफ है और तत्काल हिंसा समाप्त करने के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने इस मुद्दे पर कोई पक्ष चुना है तो वह शांति का पक्ष है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना ​​है कि खून बहाकर और मासूमों की जान की कीमत पर कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है। नियम 193 के तहत निचने सदन में यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए जयशंकर ने कहा, ”भारत का रुख राष्ट्रीय विश्वास एवं मूल्यों, राष्ट्रीय हितों और राष्ट्रीय रणनीति के तहत निर्देशित है। हम संघर्ष के पूरी तरह से खिलाफ हैं। हम मानते हैं कि हिंसा एवं निर्दोष लोगों के जीवन की कीमत पर कोई समाधान नहीं निकल सकता। संवाद और कूटनीति ही एकमात्र उपाय है।”

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूक्रेन से वापस लौटे भारतीय छात्रों के भविष्य के बारे में सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों का करियर बचाने के लिए यूक्रेन सरकार के साथ-साथ हंगरी, रोमानिया, चेक रिपब्लिक, कजाकिस्तान और पोलैंड से भी बातचीत की जा रही है। कोशिश है कि यहां कि यूनिवर्सिटीज में छात्रों को एडमिशन मिल जाए, क्योंकि इन देशों की मेडिकल शिक्षा का पैटर्न यूक्रेन से मिलता-जुलता है।

विदेश मंत्री ने चर्चा में कुछ विपक्षी सदस्यों की टिप्पणियों के परोक्ष संदर्भ में यह भी कहा कि यूक्रेन की स्थिति के संबंध में भारत के कदमों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। विदेश मंत्री ने कहा, ”हम ने रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति स्तर से लेकर हर स्तर पर संवाद किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं बात की। यूक्रेन के बूचा में काफी संख्या में शव मिलने से जुड़ी घटना पर जयशंकर ने कहा, ”हम इस रिपोर्ट से काफी परेशान हैं। हम इन हत्याओं की निंदा करते हैं। हम इस घटना की स्वतंत्र जांच कराने के आह्वान का समर्थन करते हैं।” उन्होंने कहा, ”भारत ने अगर कोई पक्ष चुना है, तो वह शांति का पक्ष है। हम तत्काल हिंसा समाप्त करने के पक्ष में हैं। यह रुख संयुक्त राष्ट्र सहित सभी मंचों पर हमने रेखांकित किया है।”

मध्य प्रदेश सरकार अब क्राफ्ट आधारित पर्यटन पर काम कर रही

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भोपाल। धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, नैसर्गिक और वन्यजीव पर्यटन के बाद मध्य प्रदेश सरकार क्राफ्ट आधारित पर्यटन पर काम कर रही है। इसका मकसद हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट, माटीकला सहित अन्य) को बढ़ावा देना है। पर्यटन विभाग प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों को इससे जोड़ेगा, जहां मिट्टी, धातु और रेशम का काम किया जाता है। विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में पर्यटक आएंगे, तो उन्हें प्रदेश की कला देखने और समझने का मौका तो मिलेगा ही। यहां के उत्पाद विश्व स्तर पर प्रसिद्ध भी होंगे। इसमें भारत सरकार का वस्त्र मंत्रालय भी साथ देगा। मंत्रालय ने इस क्षेत्र में काम के लिए सहमति दे दी है।

महेश्वर-चंदेरी में रेशम के धागों से साड़ियां बनाई जाती हैं, जो विश्व प्रसिद्ध हैं। टीकमगढ़ में पीतल एवं सतना के पास कांसे के बर्तन और शो पीस, बुरहानपुर में केले के तने से दोने-पत्तल सहित अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। गोंड-भील पेंटिंग भी काफी प्रसिद्ध है।

प्रदेश की इसी प्रसिद्धि को पर्यटन विभाग भुनाने की तैयारी कर रहा है। विभाग ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाएं विकसित करेगा, जो पर्यटक इन क्षेत्रों में जाना चाहते हैं, वे तो जाएंगे ही, अन्य पर्यटकों को भी वहां तक लाने के प्रयास किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि पर्यटक कारीगरों के बीच रुकेंगे, तो क्राफ्ट आर्ट को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटक कुछ उत्पाद खरीदेंगे भी, जिससे इससे जुड़े ग्रामीणों की आमदनी बढ़ेगी।

आनलाइन भी बेचे जा सकेंगे उत्पाद

ग्रामीण अपने उत्पादों को आनलाइन बेच पाएं, इसके लिए पर्यटन विभाग ने गाथा डाट काम वेबसाइट से संपर्क किया है। इस पर प्रमाणिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद उपलब्ध रहते हैं। ग्रामीण अपने उत्पाद इस पर अपलोड कर सकेंगे और फिर विश्व के किसी भी कोने से उन्हें आर्डर मिल सकेगा। वहीं ई-कामर्स साइट पर भी ये उत्पाद डाले जा सकेंगे।