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इंदौर की सेंट्रल जेल में बंदी ने लगाई फांसी

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इंदौर। सेंट्रल जेल में बंदी ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लोवर की नाड़ी से बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मामले में न्यायिक जांच के लिए जेल अधीक्षक ने पत्र लिखा है।बंदी पिछले दिनों जेल में तंबाखू बेचते हुए पाया गया था और इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही थी।

जेल अधीक्षक अलका सोनकर के मुताबिक बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात सवा बारह बजे उन्हें सूचना मिली कि बंदी 36 वर्षीय कालू उर्फ ललित पुत्र श्यामलाल ने बैरक में लोहे के गेट पर लोवर की नाड़ी से फांसी लगा ली है।मौके पर तैनात प्रहरी ने उसे फंदे से उतारा।गले में नाड़ी दो-तीन बार लपटी हुई थी।

जेल के मेडिकल स्टाफ ने जांच की तो उसकी पल्स चल रही थी।जिस पर उसे एमवायएच में भर्ती कराया गया, जहां रात में उसकी मौत हो गई।जेल अधीक्षक के अनुसार रात को 11 बजे तक वह ठीक था,प्रहरियों से उसकी बातचीत भी हुई थी।इसके बाद वह सोने चला गया और घटना हो गई।

जेल में वर्ष 2008 के बाद से सजा काट रहा था।उस पर दो हत्या के अलावा अन्य मामले भी दर्ज थे।8 अप्रैल को वह जेल में तंबाखू बेचते हुए मिला था।उसे अन्य बंदियों से अलग रखा गया था। मामले में उससे पूछताछ की जा रही थी। तंबाखू कहां से लाया किसने दी, प्रहरियों की भूमिका के बारे में भी उससे पूछा गया था, लेकिन इस बीच उसने फांसी लगाकर जान दे दी।बैरक में गेट पर लोहे की रॉड पर लटक लोवर की नाड़ी से फांसी लगाने को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे है।मामला संदिग्ध मानते हुए जेल अधीक्षक ने भी न्यायिक जांच के लिए पत्र लिख दिया।जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

खरगोन में दंगे में जिनके घर जले हैं, उनके घर मध्‍य प्रदेश सरकार फिर से बनवाएगी

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भोपाल। भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती के उपलक्ष्य में मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। यह अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्‍य में मनाया गया। अध्यक्षता जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की मंत्री मीना सिंह ने की।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेशाध्‍यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मंत्री तुलसी सिलावट, जगदीश देवड़ा, डॉ. प्रभुराम चौधरी, विश्वास सारंग, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री और कृष्णा गौर उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्‍ज्‍लित कर की। मंत्री मीना सिंह ने तुलसी का पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आने वाले समय में हनुमान जयंती हो, गुड फ्राइडे हो, ईद हो प्रेम से भाई चारे से मनाइए, सरकार सबके साथ हैं। खरगोन दंगे में जिनने घर जलाये हैं उनके खिलाफ़ कार्रवाई होगी। लेकिन जिनके घर जले हैं, वो चिंता न करें, मामा फिर से घर बनवाएगा। अभी तो हम करेंगे,लेकिन बाद में जिन्होंने जलाये हैं उनसे वसूल करूँगा छोडूंगा नहीं।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर को संसद में जाने से रोका, वह कांग्रेस थी। प्रदेश के वित्‍त मंत्री मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए 1920 करोड़ का बजट दिया इससे पहले किसी कांग्रेस की सरकार ने नहीं दिया। आज अनुसूचित जनजाति के 114 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं उनके लिए 50 करोड़ सरकार ने दिए।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि आज बाबा साहब की जयंती है। दो साल बाद मना पा रहे हैं। कोरोना के बाद आज फिर खुली हवा में सांस ले रहे हैं। बाबा साहब की जयंती मना रहे हैं। उन्‍होंने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी, मेरा बेटा-बेटियों जब बाबा साहब ये चमत्कार कर सकते हैं तो तुम भी कर सकते हो, भारत का संविधान बनना था, पूरे देश ने कहा- एक ही व्यक्ति है हमारे पास बाबा साहेब आंबेडकर। अद्भुत संविधान दिया बाबा साहेब ने, किसी भी तरह के भेदभाव से रहित। उपेक्षितों के आर्थिक, शैक्षणिक विकास के सबसे प्रबल प्रकाशपुंज थे तो वह थे बाबासाहब आंबेडकर। विविधता होते हुए भी एकता और समानता का अधिकार किसी ने दिलाया तो वह थे बाबासाहब आंबेडकर। पढ़ाई के क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे बेटा-बेटियो, बाबा साहब ने कहा था- शिक्षित बनो, ये पहला मंत्र था उनका और तुम शिक्षित बनो इसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

मुख्‍यमंत्री ने इसी दौरान प्रदेश में डा आंबेडकर के नाम पर आर्थिक कल्‍याण योजना शुरू करने का ऐलान किया। उन्‍होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना हमने प्रारंभ करने का फैसला किया है। अगर किसी को छोटा उद्योग शुरू करना है तो उसके लिए एक लाख रुपए तक का लोन, जिसके ब्याज की भरपाई सरकार करेगी। साथ ही मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वरोजगार, कौशल उन्नयन, नवाचार के लिए दो करोड़ रुपए तक लोन और अनुदान दिया जाएगा। उन्‍होंने महिलाओं से भी स्‍वरोजगार के जरिए आत्‍मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि तेजी से आजीविका मिशन के साथ जुड़ो मेरी बहनों, ताकि हम गरीबी दूर कर सकें, अगर धरती पर आए हैं तो अपने परिश्रम और सरकार की योजनाओं के माध्यम से अच्छा जीवन जीने का प्रयास करेंगे।

शोपियां में आतंकियों और सुरक्षाबलों में मुठभेड़

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में 4 आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। शोपियां के बड़गाम के जैनपुरा इलाके में 3-4 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान घिर जाने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरु कर दी और ये अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। कश्मीर के आईजी ने बताया कि एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के 4 आतंकियों को मार गिराया गया। इलाके में अभी भी कुछ आतंकियों के छिपे होने की आशंका है और सुरक्षाबल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।

इसी मुठभेड़ से जुडे़ एक अन्य हादसे में सेना के दो जवान शहीद हो गये हैं, जबकि दो अन्य जवानों के घायल होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक 44 RR चौगाम कैंप से सैनिकों को लेकर मुठभेड़ स्थल की ओर जा रही एक गाड़ी बुडिगाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह सड़क से नीचे फिसल गई। इस हादसे में चार जवान घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल शोपियां ले जाया गया। लेकिन इनमें से दो की मौत हो गई। बाकी दो घायल जवानों को श्रीनगर के 92 बेस आर्मी अस्पताल में पहुंचाया गया है।

इन दिनों दक्षिणी कश्मीर में आये दिन सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं। आतंकियों ने सुरक्षाबलों के अलावा आम लोगों को भी निशाना बनाना शुरु कर दिया है। बुधवार 13 अप्रैल को आतंकियों ने एक स्थानीय ड्राइवर सतीश कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सतीश कुलगाम के कुकरान के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने इलाके की घेराबंदी कर दी है। पुलिस ने बताया कि इस भीषण अपराध में शामिल आतंकवादियों का जल्द ही सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

ICC T20 टॉप 10 में के एल राहुल इकलौते भारतीय

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बल्लेबाज केएल राहुल आईसीसी की टी20 रैंकिंग में टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। राहुल बैट्समैन की लिस्ट में 10वें स्थान पर है। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम टॉप पर है। वहीं मोहम्मद रिजवान नंबर 3 पर है। भारत के कप्ताह रोहित शर्मा 14वें रैंक पर है। जबकि विराट कोहली 16वें स्थान पर हैं।

शाहीन अफरीदी का जलवा रहा

बॉलर्स की टी20 रैंकिंग में पाकिस्तान के शाहीन अफरीगी चार पायदान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर पहुंच गए है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड नंबर 3 पर हैं। इंग्लैड के आदिल राशिद रैंक 2 पर मौजूद हैं।

टेस्ट में अश्विन-रवींद्र जडेजा को फायदा

ऑलराउंडरों की टेस्ट रैंकिंग में रवींद्र जडेजा और आर अश्विन टॉप-2 पर बने हुए हैं। गेंदबाजों के लिए टेस्ट रैंकिंग में अश्विन और जसप्रीत बुमराह दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। पहली स्थान पर ऑस्ट्रेलिया कप्तान पैट कमिंस है। टेस्ट रैंकिंग में रोहित शर्मा 8वें और विराट कोहली 10वें रैंक पर हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन टॉप पर हैं।

जबरदस्त एक्शन और दमदार एक्टिंग का सुपरहिट कॉम्बीनेशन है KGF Chapter 2

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साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित एक्शन फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। फिल्म ‘केजीएफ 2’ अपनी मूल भाषा कन्नड़ के अलावा हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम में रिलीज हो चुकी है। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले लोग सोशल मीडिया पर ‘केजीएफ चैप्टर 3’ की मांग कर रहे हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर संजय दत्त और रवीना टंडन स्टारर फिल्म को रिव्यू देना भी शुरू कर दिया है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि उनकी यह फिल्म काफी आकर्षक और दमदार होने वाली है। फिल्म दस हजार स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है । केजीएफ 2 का क्रेज भारत के साथ-साथ विदेश में भी चल रहा है।

KGF2 की कहानी है दमदार

कहानी को डायरेक्टर प्रशांत नील ने शानदार अंदाज में पेश किया है। फिल्म का एक-एक फ्रेम जबरदस्त है। मूवी की एक डार्क टोन है, उसी तरह का सेटअप है, इमोशंस और एक्शन मूवी को बांधे रखते हैं। साथ ही रोमांस का थोड़ा सा तड़का भी है। डायलॉग्स पर अच्छी मेहनत हुई है जो ऑडियंस का इंट्रेस्ट बनाए रखते हैं। जैसे ‘नेपोटिज्म से नहीं मेरिट से आए’, ‘जब मेरे बाप से दूसरा रॉकी पैदा नहीं हुआ तो और किसी से क्या होगा’। ‘सांप-सीढी के खेल में अब नेवला उतर चुका है’।

अभिनय भी शानदार

रवीना और संजय दत्त दोनों के ही रोल दमदार हैं, लेकिन आज दौर यश का है, ये मूवी खासतौर पर उसी के लिए लिखी गई है। उसका किरदार इस तरह खड़ा किया गया है कि उसके आगे सब फीके लगते हैं। वैसे सभी कलाकारों ने अपने रोल के साथ न्याय किया है और एक्टिंग में कोई कमी नहीं दिखती। म्यूजिक साधारण है, लेकिन एक्शन मूवी में वैसे ही संगीत का ज्यादा रोल नहीं होता।

यहां रह गई कमी

हालांकि कहानी में एक चूक साफ समझ आती है कि जिन सुबूतों के भरोसे रॉकी देश की पीएम तक को पीछे हटने को मजबूर कर देता है, बाद में वो सुबूत डायरेक्टर किनारे क्यों कर देता है? रॉकी उनको मीडिया आदि को देकर पीएम रमिका को क्यों नहीं पीछे हटने पर मजबूर करता है? कह सकते हैं कि बड़ी मूवीज में बड़े बड़े स्टार्स के आगे कहानी की छोटी-छोटी गलतियां दब जाती हैं। वैसे पूरी फिल्म दमदार है और उम्मीद है कि दर्शकों को ये पसंद आएगी।

रणबीर कपूर और आलिया भट्ट एक-दूजे के हुए

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रणबीर कपूर और आलिया भट्ट शादी के बंधन में बंध चुके हैं और आज से अपनी जिंदगी का नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में रणबीर और आलिया ने सात फेरे लिए और शादी के बंधन में बंध गये। शादी के बाद कपूर फैमिली ने बाहर मौजूद मीडिया में भी लड्डू बंटवाए। शादी के बाद न्यूली-वेड कपल रणबीर-आलिया सबसे पहले सिद्धिविनायक मंदिर जाकर गणपति बप्पा के दर्शन करेंगे। इसके बाद शानदार रिसेप्शन पार्टी होगी, जिसमें बॉलीवुड के तमाम सितारे और बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। आलिया ने शादी के बाद खुद सोशल मीडिया पर रणबीर के साथ अपनी शादी की तस्वीरें शेयर की हैं।

रणबीर कपूर और आलिया भट्ट चार साल से एक दूसरे को डेट कर रहे थे। इस तरह अब कपूर खानदान और भट्ट फैमिली एक दूसरे के रिश्तेदार हो गए हैं। हालांकि शुरू में इस शादी को लेकर काफी सस्पेंस रखा गया था, और सिर्फ एक दिन पहले यानी मेहंदी के दिन ही नीतू कपूर ने शादी की तारीख बताई थी। रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी में मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। आकाश अंबानी और श्लोका अंबानी पहुंच गए हैं। करीना कपूर भी पति सैफ अली खान के साथ पहुंची हैं। वहीं भट्ट और कपूर खानदान के सभी सदस्य वास्तु में मौजूद हैं।

दंगे प्रायोजित, कुछ मुस्लिम संगठन भी भाजपा के साथ मिलकर खेलते हैं- दिग्विजय सिंह

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इंदौर । रामनवमी पर मध्यप्रदेश के खरगोन और देशभर में भड़के दंगों को कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रायोजित करार दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ मुस्लिम संगठन भाजपा के साथ मिलकर खेल रहे हैं। हालांकि सिंह ने ऐसे संगठनों के नाम नहीं बताए।

विभिन्न् आयोजनों में भाग लेने के लिए सिंह बुधवार दोपहर बाद इंदौर पहुंचे थे। एक दिन पहले ही प्रदेश मेें अलग-अलग जगहों पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है। उनके द्वारा किए गए एक ट्वीट को मुद्दा बनाते हुए सिंह पर धार्मिक उन्माद भड़काने का आरोप लगाया है।

खुद पर दर्ज हुए मुकदमों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने यह भी कहा कि मैंने जीवनभर भाईचारे और अहिंसा की बात की। मेरे खिलाफ ही उन्माद और दंगे भड़काने का केस दर्ज किया जा रहा है। सिंह ने यह भी कहा कि मैंने क्या किया था सिर्फ सवाल ही तो पूछे थे। भीकनगांव का भाषण भी भड़काने वाला है।

उन्‍होंने कहा कि मैंने जिंदगी भर भाईचारे की बात की। मैंने सवाल ही तो पूछे थे। क्या किसी के पूजा स्थल पर बिना उनकी इजाजत के धर्मस्थल धर्मस्थल पर झंडा फहराना उचित है? किसी भी जूलूस में हथियार प्रदर्शन करने पर मेरे शासनकाल में रोक लगाई थी। आर्म्स एक्ट में तीन इंच से बड़ी ब्लेड के लिए भी लाइसेंस जरूरी है। खंडवा में धार्मिक जुलूस में तलवार और हथियार लहराए गए। इन अवैध हथियारों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की? साफ है कि दंगे प्रायोजित हैं।

इंदौर में भी तीन मामले दर्ज

उधर धार्मिक उन्माद भड़काने के मामले में इंदौर जिले में भी पूर्व मुख्यमंत्री सिंह के खिलाफ तीन प्रकरण दर्ज हुए हैं। जिले के किशनगंज, खुड़ैल और महू थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किए हैं। इसी तरह बैतूल में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट में उठा पाकिस्तान में कैद भारतीय सैनिकों का मामला

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सुप्रीम कोर्ट में 50 साल पुराने मामले को फिर से उठाया गया है। खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस गंभीरता से लिया है। दरअसल 1971 में पाकिस्तान में युद्धबंदी बने मेजर कंवलजीत सिंह के साथ पूर्व सैनिक बीर बहादुर सिंह की ओर से एक याचिका दाखिल की है। मेजर कंवलजीत सिंह की पत्नी जसबीर कौर ने याचिका में कहा गया है कि 54 POW को अभी भी पाकिस्तान सरकार द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। याचिका में इन POWs की रिहाई की मांग की गई है। साथ ही POWs के अधिकारों की रक्षा के लिए घरेलू और एक अंतरराष्ट्रीय तंत्र की स्थापना की मांग भी की गई है। याचिका में कैप्टन सौरभ कालिया और जाट रेजीमेंट के 4 सिपाहियों की हत्या की भी जांच की मांग की गई है।

कोर्ट में मामले को बताया महत्वपूर्ण

याचिका में रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सेना प्रमुख को प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और सूर्य कांत की बेंच ने याचिका में कही गई बातों महत्वपूर्ण माना। जजों ने पाकिस्तान में बंद भारतीय सैनिकों की लिस्ट मांगने और उन्हें वापस लाने के लिए कदम उठाने की मांग पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह याचिका में कही गई बातों पर 3 हफ्ते में अपना रुख बताए। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कोर्ट भारत सरकार को अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस से पाकिस्तान में बंद भारतीय सैनिकों की लिस्ट देने को कहे और उसके आधार पर कार्रवाई करे। याचिका में कहा गया है इस महान देश के सैनिक लगभग 50 वर्षों से दयनीय जीवन जी रहे हैं। वहीं भारत सरकार का दावा है कि वे POW की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं।

पाकिस्तान ने नहीं लौटाए 1971 के युद्धबंदी

याचिका में बताया गया है कि युद्ध के बाद यह बात सामने आई थी कि पाकिस्तान 54 भारतीय युद्धबंदियों को भारत भेजेगा। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। बीच-बीच में यह सुना जाता रहा कि पाकिस्तानी जेल में इन सैनिकों को बहुत यातनापूर्ण परिस्थितियों में रखा गया है. लेकिन भारत सरकार और सेना ने कभी भी इन लोगों की रिहाई के लिए उचित प्रयास नहीं किए।

1999 में शहीद कैप्टन का मामला

याचिकाकर्ता ने 1999 में पाकिस्तान की क्रूरता का शिकार हुए जाट रेजिमेंट के कैप्टन सौरभ कालिया समेत 6 सैनिकों की हत्या की जांच की भी मांग की है। कारगिल युध्द से पहले मई 1999 में लद्दाख से सटे लाइन ऑफ कंट्रोल में गश्त कर रहे इन 6 सैनिकों को घुसपैठिए पाकिस्तानी सैनिकों ने कैदी बना लिया था। उन्हें बहुत तकलीफ देकर जान से मारा गया। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि पाकिस्तानी सेना के नायक गुले खानदान ने सार्वजनिक कार्यक्रम में भारतीय सैनिकों के साथ की गई क्रूरता के बारे में बताया है। भारत सरकार ने मामले की जांच और कार्रवाई के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। गौरतलब है कि कैप्टन सौरभ कालिया के पिता ने भी 2012 में इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन उसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

मध्‍य प्रदेश का यह शहर है संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली

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:इंदौर । भारत के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती गुरुवार को पूरे देश में मनाई जाएगी। देश में वर्णभेद को समाप्त करने की अलख जगाने वाले इस महानायक का जन्म इंदौर के समीप महू (मिलिट्री हेडक्वार्टर आफ वार) में 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। हालांकि महू में डा. आंबेडकर बहुत कम समय रहे, लेकिन उनकी जन्मभूमि को पूजने के लिए गुरुवार को मानों पूरा देश यहां इकट्ठा होगा।

इस बार उल्लास इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि कोरोनाकाल के दो साल तक डा. आंबेडकर के अनुयायी उनकी जयंती मनाने के लिए महू नहीं पहुंच सके थे। गुरुवार को यहां होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे।

बाबा साहेब पुकारे जाने वाले डा. आंबेडकर के पिता रामजी मालोजी सकपाल ब्रिटिश सेना में सूबेदार थे और मां भीमाबाई गृहणी थीं। वर्ष 1894 में पिता सेना से सेवानिवृत्त हो गए और पूरा परिवार महाराष्ट्र के सतारा में रहने चला गया। दो साल बाद ही बाबा साहेब की मां का निधन हो गया और ननिहाल में ही उनका पालन-पोषण हुआ। हालात मुश्किल थे, लेकिन तपिश के बीच वे सोना बनकर निकले और पूरे राष्ट्र के नायक बन गए।

महू में बाबा साहेब की के जन्म स्थान पर मप्र सरकार ने भव्य स्मारक का निर्माण किया है। करीब 4.52 एकड़ भूमि स्मारक से जुड़ी है। यहां प्रतिवर्ष होने वाले आयोजनों में देश के गणमान्य नागरिक शामिल होते हैं।

संतोष पाटिल केस में फंसे मंत्री ईश्वरप्पा

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कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा और उनके सहयोगियों बसवराज और रमेश पर ठेकेदार संतोष पाटिल की आत्महत्या का केस दर्ज किया गया है। मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने ईश्वरप्पा को तलब किया है। इस मामले में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर भी प्रदर्शन हुआ। हालांकि ईश्वरप्पा ने ठेकेदार संतोष पाटिल से किसी भी मुलाकात से इन्कार किया। साथ ही कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। ईश्वरप्पा और उनके सहयोगियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पाटिल के भाई प्रशांत की शिकायत पर उदीपी में मामला दर्ज किया गया था। कर्नाटक के मंत्री केएस ईश्वरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले ठेकेदार संतोष पाटिल मंगलवार को उडुपी के एक लॉज में मृत पाए गए। संतोष पाटिल के भाई प्रशांत पाटिल ने अपने भाई की मौत के लिए ईश्वरप्पा को जिम्मेदार ठहराया है।

अमेरिका में चार सिखों ने दाढ़ी रखने से मना करने पर मरीन कोर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इनमें से एक मरीन कोर में कैप्टन सुखबीर सिंह तूर भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले एक साल से दाढ़ी और पगड़ी पहनने को लेकर अभियान चलाया था, जिसके बाद मरीन कोर ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी थी। परंतु, हाल ही में मरीन कोर ने लड़ाई के मोर्चे पर तैनाती या बूट कैंप के दौरान तूर समेत किसी भी सिख को दाढ़ी रखने की छूट देने से इन्कार कर दिया। मरीन कोर ने कहा कि दाढ़ी कोर के काम करने की क्षमता को प्रभावित करती है और जान को भी जोखिम में डालती है। सोमवार को तूर और तीन अन्य सिखों ने मरीन कोर के खिलाफ अमेरिका के कोलंबिया जिला अदालत में मामला दर्ज कराया। इन्होंने कहा कि कोर द्वारा धार्मिक छूट देने से इन्कार करना मनमाना और भेदभावपूर्ण है और उनके धर्म के मुक्त पालन के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है। तूर के साथ वाद दायर करने वाले तीनों सिखों का कहना है कि उनसे बूट कैंप के दौरान दाढ़ी कटवाने को कहा गया था। बूट कैंप में अमेरिकी मरीन को बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है।