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मंदसौर में BJP को मिली एक तरफा जीत

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मध्य प्रदेश में रविवार को आए नगर निकाय के प्रथम चरण के नतीजों में भाजपा ने कुछ जगहों पर अपना परचम लहराया है, तो वहीं कई जगह पर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। प्रदेश में भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले मालवा क्षेत्र में भाजपा ने अपनी जीत कुछ क्षेत्रों में प्रभावी तरीके से दर्ज करवाई है, जबकि कांग्रेस यहां संतुलित आंकड़ों में ही बढ़ता बना पाई है।

बीजेपी और कांग्रेस में सबसे अधिक कांटे की टक्कर नीमच नगर पालिका के नतीजों में देखने को मिल रही है। वहीं, मंदसौर में भाजपा ने वर्षों का रिकॉर्ड तोड दिया है। यहां पहले से ही 40 वर्षों से नगर पालिका पर कब्जा कर बैठी भाजपा ने इस बार फिर कांग्रेस को जबर्दस्त पटखनी दी है। वहीं, रतलाम की ताल नगर परिषद की 15 सीट में से 6 सीटों पर निर्दलियों की जीत ने दोनों पार्टियों के कान खड़े कर दिए हैं।

मंदसौर में इस स्थिति में कभी नहीं दिखी कांग्रेस, सांसद के वार्ड से हार गई भाजपा

मंदसौर नगर पालिका के 40 वार्डों में से 29 सीट पर भाजपा पार्षदों ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस मात्र 8 सीटों पर ही कब्जा कर पाई है। इसके अलावा 3 वार्ड निर्दलियों के खाते में गए हैं, जिनमें से दो वार्ड भाजपा के पुश्तैनी माने जाते थे। भाजपा की सीटें जरूर ज्यादा आई हैं, लेकिन बीजेपी अपने सांसद सुधीर गुप्ता के वार्ड क्रमांक 7 से ही 683 मतों से हार गई है। बड़ी बात यह भी है कि मंदसौर नगर पालिका में वर्तमान में कांग्रेस की जितनी सीटें आई हैं, उतनी दयनीय स्थिति में कांग्रेस यहां कभी नहीं दिखी। इसके अलावा ग्राम नगरी नगर परिषद में भी भाजपा ने 15 में से 10 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 4 और 1 वार्ड निर्दलीय के खाते में गया है।

रतलाम के ताल नगर परिषद में निर्दलियों ने बिगाड़ा दोनों पार्टियों का समीकरण

प्रथम चरण की मतगणना में रतलाम जिले की ताल और आलोट नगर परिषदों के भी नतीजे सामने आए हैं, जिसमें आलोट नगर परिषद की 15 सीटों में से 9 पर बीजेपी, 4 पर कांग्रेस और 2 पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं, जबकि ताल नगर परिषद में तो निर्दलियों ने अपना डंका बजाया है। यहां 6 निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं, जबकि 5 पर कांग्रेस और मात्र 4 वार्डों में ही बीजेपी उम्मीदवार जीत दर्ज कर पाए हैं। ऐसे में स्थिति साफ है कि यहां का अध्यक्ष निर्दलीय उम्मीदवार ही तय करेंगे।

नीमच की नगर पालिका में कांग्रेस आगे, एक परिषद पर भाजपा का कब्जा

नीमच में भी नगर पालिका नीमच और जीरन नगर परिषद के कुल 55 वार्डों की मतगणना में जीरन के 15 वार्डों के नतीजे आ चुके हैं। यहां जीरन नगर परिषद के 15 वार्डों में से 6 पर बीजेपी, 5 पर कांग्रेस और 4 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि अब तक सामने आए नीमच नगर पालिका के 40 में से 10 वार्डों के नतीजे में कांग्रेस के 5, बीजेपी के 3 और निर्दलीय 2 उम्मीदवार जीते हैं। मतगणना धीमी गति से चलने के कारण यहां अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन हालिया स्थिति को देखते हुए यहां बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

भोपाल नगर निगम में 25% प्रत्याशियों को 1000 से कम वोटों के अंतर से मिली जीत

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भोपाल नगर निगम (बीएमसी) के वार्ड पार्षदों के चुनाव में एक चौथाई विजेताओं के लिए जीत का अंतर 1,000 से कम वोटों का रहा। बीएमसी में 85 वार्ड हैं। रविवार को घोषित परिणामों में करीबी मुकाबलों में बीजेपी ने कांग्रेस को 3:1 से पीछे कर दिया।

भाजपा ने 13 सीटों पर 1000 से कम वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस ने सात सीटों 1000 से कम वोटों के अंतर से जीती। खास बात यह रही कि बीएमसी की 42 सीटों पर जीत का अंतर 2000 वोटों से कम रहा। 2000 से कम वोटों के अंतर से जीत की बात करें तो भाजपा ने 42 में से 30 पर, कांग्रेस ने 10 पर और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दो पर जीत हासिल की।

10% विजेताओं ने 500 से कम वोटों के अंतर से लहराया जीत का परचम
वार्ड नंबर 4 में भाजपा के राजेश हिंगोरानी ने 25 मतों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। जानकारों के मुताबिक गांधीनगर और बैरागढ़ भाजपा के गढ़ माने जाते हैं। इन जगहों पर भाजपा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही, जिसे देखते हुए अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नेता अब चिंतित हैं। वॉर्ड नंबर 33 में अमित शर्मा जैसे बड़े नेता का भाजपा के आर के सिंह से 783 वोटों से हारना कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गया है। वार्ड 79 से अंजू राजपूत और वार्ड 9 से नाहिद खान ने क्रमशः 6,070 और 6,017 मतों के सबसे बड़े अंतर से जीत हासिल की।

‘असली टाइगर तो यहां बैठा है’ – CM शिवराज

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भोपाल में चाय पर चर्चा की। चाय पर चर्चा कार्यक्रम में कई लोग मौजूद थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को कई सख्त आदेश भी दिये हैं। मंच पर अपने अंदाज में मुख्यमंत्री ने गुंडे-बदमाशों को चेताया है और पुलिस को कहा है कि जल्द से जल्द वो इनपर कार्रवाई करें।

भोपाल में आय़ोजित इस कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान जब मंच पर आए तो उन्होंने मंच पर लगे कूलर को बंदा करा दिये। सीएम ने कहा कि कूलर बंद करो, जनता कूलर के बिना बैठी है तो मुख्यमंत्री भी बिना कूलर के बोलेगा…।

इसके बाद सीएम ने मंच से ही पूछा कि यहां पुलिसवाले कौन हैं। कार्यक्रम के दौरान किसी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके इलाके में टाइगर नाम के किसी गुंडे का आतंक बढ़ रहा है। इसके बाद तो सीएम ने मंच से पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि वो जल्द से जल्द इसपर कार्रवाई करें।

सीएम ने कहा, मुझे बताया गया है कि यहां की जनता गुंडे-बदमाशों से परेशान है। यहां परमानेंट चौकी बनाएं और डंडा लेकर निकल पड़ो, सही कर दो…, मैं निर्देश दे रहा हूं… आगे कोई शिकायत आई तो फिर..! यह जरा देख लें, कौन है- टाइगर-फाइगर। असली टाइगर तो यहां बैठा है …तो काहे के टाइगर-फाइगर?’ सीएम ने मंच से कहा कि पूरे राज्य के गुंडे-बदमाशों के लिए यह चेतावनी है।

इसके बाद सीएम शिवराज ने ऐलान किया कि जनता के पीने के पानी की समस्या दूर होगी। उन्होंने मंच से ही कलेक्टर को निर्देश दिए कि यहां ओवरहेड टैंक बनाकर घरों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा टेंडर के चक्कर में देरी नहीं होना चाहिए।

सीएम ने कू पर लिखा, ‘भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना और जीतना नहीं है, जनता की जिंदगी बदलना है। आज से ही हमने नये सिरे से जनता की जिंदगी को बदलने का अभियान प्रारंभ किया है। यहां लोगों ने जो समस्याएं बताई है, उसके तत्काल समाधान के निर्देश दिये हैं। जनता की जिंदगी बदलना है, चेहरे पर मुस्कुराहट लाना है। इसलिए रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई, लिखाई, दवाई, रोजगार का अभियान हम नये सिरे से प्रारंभ कर रहे हैं।’

सुप्रीम कोर्ट में नूपुर शर्मा ने फिर दायर की याचिका

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बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी मामले में अपने ऊपर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) दिल्ली ट्रांसफर करने का अनुरोध किया है। नुपूर शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद उनकी जान को खतरा और अधिक बढ़ गया है। उन्हें रेप और हत्या की धमकी मिल रही है। इनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

पिछली बार नूपुर शर्मा की इसी याचिका को सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने खारिज कर दिया था। जस्टिस जेबी पारदीवाला जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अपने बयान को लेकर उन्हें टीवी पर जाना चाहिए था और पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए थी। शीर्ष अदालत ने कहा था, “जिस तरह से नूपुर ने पूरे देश में भावनाओं को भड़काया है, देश में जो हो रहा है उसके लिए यह महिला अकेले जिम्मेदार है।”

नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट शो में पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं। इसे लेकर उनके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई। कोलकाता पुलिस की तरफ से उन्हें कई बार समन भी जारी हो चुका है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

मध्‍य प्रदेश के कांग्रेस विधायक सचिन बिरला ने की क्रास वोटिंग

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राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में मध्य प्रदेश में एक कांग्रेस विधायक ने क्रास वोटिंग की। बड़वाह से विधायक सचिन बिरला ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा में हूं। हम सबके लिए यह ऐतिहासिक क्षण था। देश के सबसे गरीब वर्ग को मौका मिला है। बिरला खंडवा लोकसभा उपचुनाव के समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर चुके हैं। कांग्रेस उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा में दो बार आवेदन कर चुकी है। हालांकि, दोनों बार विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम आवेदन निरस्त कर चुके हैं, इसलिए वे तकनीकी आधार पर कांग्रेस विधायक दल के ही सदस्य माने जाते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सुबह दस बजे से विधानसभा भवन स्थित समिति कक्ष में बनाए गए मतदान केंद्र पर मतदान प्रारंभ हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने सबसे पहले मतदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, नेता प्रतिपक्ष डा. गोविन्द सिंह सहित अन्य विधायकों ने मतदान किया। दलीय स्थिति के अनुसार मध्य प्रदेश में भाजपा के 127, कांग्रेस के 96, बसपा दो, सपा एक और चार निर्दलीय विधायक है।

सपा के राजेश्ा शुक्ला और निर्दलीय विक्रम सिंह राणा पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बसपा के एक अन्य विधायक रामबाई शनिवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में मौजूद थीं। वहीं, सचिन बिरला ने राजग प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है। वे कांग्रेस विधायकों से भी मिलने नहीं पहुंचे और न ही विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेते हैं। संसदीय कार्य मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू को मध्य प्रदेश से भरपूर समर्थन प्राप्त होगा। निर्धारित मतों से कुछ अधिक मत राजग प्रत्याशी को मिलेंगे। वहीं, पूर्व मंत्री बाला बच्चन ने बताया कि हमारे दल के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी लाइन के अनुसार ही मतदान हुआ है।

हार्दिक पांड्या ने एक बार फिर बनाई अपनी अलग पहचान

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भारत के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपने करियर के सबसे सुनहरे फॉर्म से गुजर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में उन्होंने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। गेंद से उन्होंने पहले 4 विकेट झटके और फिर 55 गेंदों में 71 रन की पारी खेली। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने ऋषभ पंत के साथ पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी निभाई।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे हार्दिक पांड्या ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दिखाया है कि किस तरह उनके चोटिल कमर का ऑपरेशन होने के बाद उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर वापसी की और इस दौरान जिन लोगों ने उनका साथ दिया। उनका इस ऑलराउंडर ने धन्यवाद दिया है।

हार्दिक पांड्या ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन दिया, “उतार-चढ़ाव के दौरान, मेरे लोगों जो मेरे साथ रहे। हर सुबह उठकर जाने का जुनून, मजबूत बनने की इच्छा के साथ और फिट होकर देश के लिए लिए खेलना। हमेशा मेरे साथ खड़े रहने वालों के लिए आभारी, जिन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया, जिन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया।”

2019 में कमर के ऑपरेशन के बाद हार्दिक पांड्या का फॉर्म ज्यादा अच्छा नहीं रहा था और वह अपना सौ प्रतिशत गेम को नहीं दे पा रहे थे। वह इस दौरान चोट से जूझ रहे थे और इसका असर उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी पर भी पड़ रहा था। 2021 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में हार्दिक को बतौर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज टीम में जगह दी गई थी। लेकिन वहां भी वह कुछ कमाल नहीं कर सके और एक समय ऐसा लग रहा था कि ये स्टार ऑलराउंडर शायद ही भारतीय टीम में वापसी कर पाएगा।

सुष्मिता सेन गोल्ड डिगर नहीं वो लव डिगर है – विक्रम भट्ट

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन और ललित मोदी के रिश्तों को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की खबरें आ रही हैं। दोनों की रोमांटिक फोटोज वायरल होने के बाद चर्चांओं का सिलसिला तेज हो गया था। दोनों के रिश्ते को लेकर जब तरह-तरह की खबरें आने लगीं तो पहले सुष्मिता सेन और फिर ललित मोदी ने इस रिश्ते को लेकर चुप्पी तोड़ी। अब सुष्मिता सेन के एक्स बॉयफ्रेंड विक्रम भट्ट ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है।

गोल्ड डिगर नहीं लव डिगर हैं सुष्मिता सेन
इंडिया टुडे के साथ बातचीत में विक्रम भट्ट ने उन सभी लोगों को लताड़ लगाई है जो एक्ट्रेस को गोल्ड डिगर कह रहे हैं। विक्रम भट्ट ने ट्रोल्स को लताड़ते हुए कहा कि किसी को प्यार करने से पहले उसका बैंक बैलेंस चेक करने वालों की लिस्ट में शायद सुष्मिता सेन आखिरी शख्स होंगी। विक्रम भट्ट ने सुष्मिता सेन को गोल्ड डिगर नहीं बल्कि लव डिगर कहा।

विक्रम भट्ट ने याद किया सुष्मिता के साथ वाला
मालूम हो कि सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट के एक दूसरे को डेट करने की खबरें एक वक्त पर काफी चर्चा में रही थीं। दोनों की नजदीकियों के बारे में एक वक्त पर काफी चर्चाएं रह चुकी हैं। विक्रम भट्ट ने अपना अतीत याद करते हुए कहा कि उस वक्त मेरे पास कोई पैसे नहीं थे। मैं गुलाम मूवी डायरेक्ट कर रहा था और तब वह मुझे US लेकर गई थीं। विक्रम ने बताया कि सुष्मिता पहली शख्स थीं जो उन्हें अमेरिका लेकर गईं और सारा खर्च उठाया।

‘किसी का मजाक बनाना अब एंटरटेनमेंट है’
विक्रम भट्ट ने बताया कि जब वह अमेरिका पहुंचे तो वहां एक लिमोजीन कार खड़ी थी जो सुष्मिता ने उनके लिए मंगवाई थी। सुष्मिता विक्रम भट्ट की अमेरिका में एंट्री खास बनाना चाहती थीं। सुष्मिता सेन को ट्रोल कर रहे लोगों पर गुस्सा करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि लोगों के लिए किसी की जिंदगी का मजाक बनाना एंटरटेनमेंट हो गया है। जब किसी की जिंदगी में ट्रैजिडी होती है तो लोगों के लिए ये एंटरटेनमेंट होता है।

कैसा था सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट का रिश्ता?
जहां तक सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट के रिश्ते की बात है तो उन्होंने बताया कि वह साल 2006-2007 में आखिरी बार एक दूसरे से मिले थे। पिछले 15 साल से दोनों एक दूसरे के संपर्क में नहीं हैं। विक्रम ने कहा कि उनकी सुष्मिता से बातचीत नहीं है लेकिन फिर भी वह हमेशा उनके प्रति आभार महसूस करते हैं और कहा कि वह कभी भी गोल्ड डिगर महिला नहीं हो सकती हैं और वह हमेशा उनके लिए खड़े रहेंगे।

मेरे जवानों के पास ऐसे हथियार होंगे जिनके बारे में विरोधी सोच भी नहीं सकते: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत में एक नया रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है जहां आयात कम किया जा रहा है और निर्यात बढ़ रहा है। भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित NIIO (नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन) संगोष्ठी ‘स्वावलंबन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ये बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य, 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत जरूरी है। आत्मनिर्भर नौसेना के लिए पहले स्वावलंबन सेमिनार का आयोजन होना, इस दिशा में अहम कदम है।

नौसैनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, मोदी ने कहा, “हमने सरलतम उत्पादों के लिए भी विदेशों पर निर्भर रहने की आदत सी डाल ली है। नशा करने वालों की तरह हम भी विदेशों से उत्पाद मंगाने के आदी थे। इस मानसिकता को बदलने के लिए ‘सबका प्रयास’ की मदद से रक्षा का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए हमने 2014 के बाद एक मिशन मोड पर काम किया।” उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि हमारे पास टैलेंट नहीं। हमारे पास टैलेंट है। मेरे सैनिकों को उन्हीं 10 हथियारों के साथ मैदान में जाने देना जो दुनिया के पास हैं… मैं ऐसा जोखिम नहीं उठा सकता। मेरे जवान के पास वो हथियार होगा जो विरोधी सोच भी नहीं पाएगा।”

पीएम मोदी ने भारत के आत्मविश्वास और उसकी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ युद्ध तेज करने का आह्वान करते हुए सोमवार को कहा कि ऐसी हर कोशिश को नाकाम करना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक मंच पर खुद को स्थापित कर रहा है, वैसे-वैसे दुष्प्रचार के माध्यम से लगातार हमले हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘खुद पर भरोसा रखते हुए भारत के हितों को हानि पहुंचाने वाली ताकतें चाहे देश में हों या फिर विदेश में, उनकी हर कोशिश को नाकाम करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश की रक्षा के लिए हमें एक और अहम पक्ष पर ध्यान देना चाहिए। हमें भारत के आत्मविश्वास को, हमारी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाले ताकतों के विरुद्ध युद्ध तेज करना है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बहुत व्यापक है इसलिए हर नागरिक को इसके लिए जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे आत्मनिर्भर भारत के लिए ‘होल ऑफ द गवर्नमेंट एप्रोच’ के साथ आगे बढ़ रहे हैं वैसे ही राष्ट्र रक्षा के लिए भी ‘होल ऑफ द नेशन अप्रोच’ समय की मांग है। भारत के कोटि-कोटि जनों की की यही सामूहिक राष्ट्र चेतना ही सुरक्षा और समृद्धि का सशक्त आधार है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे भी व्यापक हो गए हैं और युद्ध के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ भूमि, समुद्र और आकाश तक ही रक्षा की कल्पना की जाती थी लेकिन अब इसका दायरा अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और आर्थिक व सामाजिक स्पेस की तरफ बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 8 वर्षों में केंद्र की सरकार ने सिर्फ रक्षा का बजट ही नहीं बढ़ाया है बल्कि ये बजट देश में ही रक्षा निर्माण इकोसिस्टम के विकास में भी काम आए, यह भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए तय बजट का बहुत बड़ा हिस्सा आज भारतीय कंपनियों से खरीद में ही लग रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘बीते चार-पांच सालों में हमारा रक्षा आयात लगभग 21 प्रतिशत कम हुआ है। आज हम सबसे बड़े रक्षा आयातक के बजाय एक बड़े निर्यातक की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग और शिक्षा जगत को जोड़ना है।

द्रौपदी मुर्मू या यशवंत सिन्हा, कौन होगा देश का 15वां राष्ट्रपति?

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देश के 15वें राष्ट्रपति के लिए चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस दौरान ओडिशा से असम तक क्रॉस वोटिंग देखने को मिली। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी क्रॉस वोटिंग हुई। यूपी में बरेली के सपा विधायक शहजील इस्लाम ने पार्टी लाइन से हटकर द्रौपदी मुर्मू को वोट किया। बता दें कि मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ था और शाम के 5 बजे तक चला। एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू तो विपक्ष की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंति सिन्हा मैदान में हैं।

मतपेटी में कैद हुई किस्मत
दोनों ही उम्मीदवारों की किस्मत मत पेटी में कैद हो गई है। हालांकि माना जा रहा है कि द्रौपदी मुर्मू की जीत सुनिश्चित है। एनडीए के घठक दलों के साथ बीजू जनता दल, जेडीयू और शिवसेना जैसे क्षेत्रीय दलों ने भी मुर्मू के समर्थन में मतदान किया है। वहीं क्रॉस वोटिंग भी जमकर देखने को मिली। बताया जा रहा है कि असम में लगभग 20 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।

27 दलों के समर्थन के साथ द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी है। वहीं यशवंत सिन्हा को करीब 14 दलों का समर्थन मिला है। वहीं क्रॉस वोटिंग ने भी खेल बिगाड़ दिया है। 21 जुलाई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा। दरअसल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।

आलोचकों पर भड़के ललित मोदी, सोशल मीडिया पर दिया कड़ा जवाब, सुष्मिता संग रिश्ते को लेकर हुए थे ट्रोल

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हाल ही में सुष्मिता सेन के साथ फोटो पोस्ट करने के बाद ललित मोदी सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल होने लगे। उनकी लव लाइफ से लेकर पिछली शादी तक को लेकर खबरें पोस्ट होने लगीं। ललित मोदी ने बॉलीवुड अभिनेत्री और मिस यूनिवर्स रहीं सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया था। जिसके बाद से ये दोनों ही लोगों के निशाने पर हैं और आए दिन ट्रोल हो रहे हैं। ऐसे में भड़के ललित मोदी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ संबंध को लेकर आई प्रतिक्रियाओं पर एतराज जताते हुए लिखा, ‘मीडिया मुझे ट्रोल करने के लिए इतना जुनूनी क्यों है? क्या कोई समझा सकता है, मैंने इंस्टा पर केवल 2 तस्वीरें क्यों पोस्ट की हैं? मुझे लगता है कि हम अभी भी मध्य युग में जी रहे हैं कि 2 लोग दोस्त नहीं हो सकते। अगर केमिस्ट्री सही है और समय अच्छा है तो हम अच्छे दोस्त क्यों नहीं बन सकते?’

दिवंगत पत्नी को लेकर दिया जवाब

मीडिया में ये खबर चल रही थी कि उन्होंने अपनी मां की सहेली के संग शादी की। इस पर उन्होंने कहा,'” मेरी सलाह है, जियो और दूसरों को जीने दो। सही खबर लिखें न कि झूठी खबर फैला दें। मैं आपको एक बात और बता दूं कि मेरी पत्नी दिवंगत मीनल मोदी मेरी बहुत अच्छी दोस्त थीं। वह मेरी मां की दोस्त नहीं थी. हम लोगों में अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी, इसलिए हम लोगों ने एक-दूसरे से शादी की थी।”

भगौड़ा कहे जाने पर जताई आपत्ति

साथ ही उन्होंने मीडिया से यह भी गुजारिश की कि उन्हें भगौड़ा कहना बंद करें। उन्होंने कहा कि वह कोई भगौड़ा नहीं हैं। किसी भी कोर्ट ने उन्हें दोषी करार नहीं दिया है। अपने योगदान के बारे बताते हुए ललित मोदी ने कहा कि जब वह 29 नवंबर 2005 को अपने जन्मदिन पर बीसीसीआई में पदाधिकारी बने, तो BCCI के अकाउंट में केवल 40 करोड़ रुपये थे, और जब 2013 में मुझे प्रतिबंधित किया गया, तो ये बढ़कर 47,680 करोड़ रुपये हो गए थे।