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WHO ने माना, कोरोना के नये वेरिएंट्स के लिए मौजूदा टीके पर्याप्त नहीं, ज्यादा प्रभावी Vaccines की जरुरत

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दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साफ चेतावनी दी है कि मौजूदा टीके या उनकी बूस्टर डोज नये वैरिएंट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में इसके संक्रमण से बचाव के लिए दुनिया को इनसे ज्यादा प्रभावी वैक्सीन विकसित करने की जरूरत है। ये बात WHO की टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में कही है। इन विशेषज्ञों ने आगाह किया कि ऑरिजिनल कोविड टीकों की बूस्टर खुराक को दोहराने से उभरते हुए वेरिएंट के प्रसार को रोकना मुश्किल है। ऑमिक्रॉन के म्यूटेशनल प्रोफाइल और शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा वैक्सीन इसे रोकने में उतने प्रभावी नहीं है, लेकिन इसके गंभीर परिणामों से जरुर बचाते हैं।

कोविड -19 वैक्सीन संरचना पर WHO टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ( (TAG-Co-VAC ) ने एक बयान में कहा कि मूल वैक्सीन संरचना की बूस्टर खुराक (Booster Dose) के आधार पर वैक्सीनेशन रणनीति उचित या फिर टिकाऊ नहीं है। शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मौजूदा टीके उन लोगों में कोविड बीमारी को रोकने में कम प्रभावी थे, जो नए ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Varinat) से संक्रमित हुए हैं। जल्द ही ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है, जो न केवल लोगों को गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचाते हैं, बल्कि पहले ही संक्रमण और संचरण को बेहतर तरीके से रोक सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के विशेषज्ञों के एक समूह ने कोरोना वैक्सीन के कंपोजिशन (TAG-Co-VAC) पर कहा कि मौजूदा टीके गंभीर बीमारी और वेरिएंट ऑफ कंसर्न (Variants of Concern) के कारण होने वाली मौतों के खिलाफ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। लेकिन इस वायरस को रोकने के लिए हमें ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है, जो संक्रमण को और मजबूती के साथ रोक सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि अगले छह से आठ हफ्ते के भीतर यूरोपीय आबादी का करीब 50 फीसदी कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित हो जाएगा।

नीति आयोग की चेतावनी, सामान्य Flu नहीं है ओमिक्रॉन, कहा- मास्‍क और वैक्‍सीन जरुरी

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ओमिक्रोन को लेकर सरकार ने फिर जनता को चेताया है। नीति आयोग सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा है कि ओमिक्रोन कोई सामान्य सर्दी नहीं है, इसे धीमा करना हमारी जिम्मेदारी है। आइए मास्‍क लगाएं और टीका लगवाएं। यह सच है कि वे (टीके) एक हद तक मददगार होते हैं। टीकाकरण हमारी COVID प्रतिक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्‍सा है।उन्‍होंने कहा, दवा के उपयोग के लिए एक तर्कसंगत दृष्टिकोण होना चाहिए। हम दवाओं के अति प्रयोग और दुरुपयोग के बारे में चिंतित हैं। अति प्रयोग न करें, इसके परिणाम होंगे। गर्म पानी पिएं, घरेलू देखभाल में गरारे करें। इस बीच, महाराष्ट्र कैबिनेट ने कहा है कि कोविड के मद्देनजर इस साल सभी स्कूल बसों को सालाना वाहन कर से शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। 10 से कम श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों सहित सभी प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य होंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, COVID स्थिति पर पीएम द्वारा समीक्षा बैठक के बाद, हमने हल्के और मध्यम मामलों में वर्गीकृत गंभीरता के साथ अपनी डिस्चार्ज नीति को संशोधित किया है। लगातार 3 दिनों तक पॉजिटिव और गैर-आपातकालीन परीक्षण से कम से कम 7 दिनों के बाद माइल्ड केस डिस्चार्ज, डिस्चार्ज से पहले परीक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ाया जाएगा या नहीं, यह बाद में पता चलेगा। चुनाव आयोग ने सभा, रैलियों से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जैसे-जैसे स्थिति होती है हम चुनाव आयोग के साथ समन्वय करेंगे। उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। दूसरी तरफ आईसीएमआर के डीजी डॉ बलराम भार्गव ने कहा है कि सभी रोगसूचक व्यक्तियों का परीक्षण किया जाना आवश्यक है, जिसमें प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि किए गए मामलों के सभी हाई रिस्‍क वाले मामले के संपर्क शामिल हैं। टच मामलों को तब तक परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है जब तक कि वे हाई रिस्‍क में न हों। सभी संपर्कों के लिए 7 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना चाहिये।

ग्वालियर में ओमिक्रोन की दस्तक, चंडीगढ़ से लौटे डीआरडीई के वैज्ञानिक हुए संक्रमित

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ग्वालियर। ग्वालियर में कोरोना के म्यूटेंट वायरस ओमिक्रोन की दस्तक हो गई है। इसकी पुष्टि डीआरडीई की वायरोलॉजिकल लैब में कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच में हुई है। एक सप्ताह पहले डीआरडीई के एक वैज्ञानिक चंडीगढ़ से लौटे थे। जिन्हें सर्दी, जुकाम व बुखार के लक्षण थे। उन्होंने कोरोना की जांच कराई तो वे पाजिटिव आ गए। उसके बाद सैंपल को डीआरडीई लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा, ताकि वायरस का पता लगाया जा सके। जिसमें वैज्ञानिक के ओमिक्रोन वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वहीं शहर में कौनसा वायरस फैल रहा है इसका पता लगाने के लिए डीआरडीई के डायरेक्टर ने जीआर मेडिकल कालेज के डीन को पत्र लिखकर संक्रमित मरीजों के सैंपल की मांग की है। जिससे जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की जा सके। जीआर मेडिकल कालेज के डीन डा. समीर गुप्ता का कहना है कि भोपाल से अनुमति मिलने पर ही डीआरडीई को सैंपल उपलब्ध कराए जाएंगे। डीआरडीई के डायरेक्टर का कहना है कि यदि सैंपल मिले तो वह एक सप्ताह में जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे।

क्या होता है जीनोम सिक्वेंसिंग

हमारी कोशिकाओं के अंदर आनुवांशिक पदार्थ होता है। इसे डीएनए, आरएनए कहते हैं। इन सभी पदार्थों को सामूहिक रूप से जीनोम कहा जाता है। एक जीन की तय जगह और दो जीन के बीच की दूरी व उसके आंतरिक हिस्सों के व्यवहार तथा उसकी दूरी को समझने के लिए कई तरीकों से जीनोम मैपिंग या जीनोम सिक्वेंसिंग की जाती है। जीनोम मैपिंग से पता चलता है कि जीनोम में किस तरह के बदलाव आए हैं। यानी ओमिक्रोन की जीनोम मैपिंग होती है तो उसके जैनेटिक मटेरियल की स्टडी करके यह पता किया जाता है कि इसके अंदर किस तरह के बदलाव हुए हैं। यह पुराने कोरोना वायरस से कितना अलग है। जीनोम में एक पीढ़ी से जुड़े गुणों और खासियतों को अगली पीढ़ी में भेजने की काबिलियत होती है। इसलिए अलग-अलग वैरिएंट मिलकर नया कोरोना वैरिएंट बनाते हैं। इनके अंदर पुरानी पीढ़ी के जीनोम व नए वैरिएंट की खासियत होती है। जीनोम के अध्ययन को ही जीनोमिक्स कहा जाता है।

16 सैंपल भेजे, रिपोर्ट अब तक नहीं मिली

नवंबर-दिसंबर में मिले 16 मरीजों का सैंपल दिल्ली की लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया। सैंपल जांच के लिए भेजे हुए डेढ़ माह हो गया है, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

इनका कहना है

डीआरडीई से पत्र मिला है। पत्र में जीनोम सिक्वेंसिंग कर वायरस का पता लगाने की बात बताई गई है। इसके लिए कोरोना मरीजों के सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया है, लेकिन हम सैंपल बिना आइसीएमआर की अनुमति के डीआरडीई को उपलब्ध नहीं करा सकते। इसलिए भोपाल में विभाग के आला अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगेंगे और जो पत्र मिला है वह भी भेजा जाएगा। अनुमति मिलने पर ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल दे सकेंगे।

जावेद अख्तर कलाकारी न करें तो अच्छा रहेगा-डा. नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल। । गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने गीतकार जावेद अख्तर द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा चूक पर दिए बयान की निंदा करते हुए कहा कि वे एक कला जगत से आते हैं, उसी पर ध्यान दें। कलाकारी न करें तो अच्छा रहेगा। वे मंगलवार को मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे।

डॉ मिश्रा ने कहा कि सच तो यह है कि जावेद अख्तर जैसे लोग टुकड़े टुकड़े गैंग के स्लीपर सेल के सदस्य हैं इसलिए समय-समय पर इस तरह की बयानबाजी करते हैं। गुजरात में गोधरा कांड होता है, मुंबई में बम धमाके होते हैं, तब जावेद अख्तर का मुंह क्यों नहीं खुलता है। जब देश या प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलना हो तो अख्तर साहब सामने आ जाते हैं।इससे उनकी कलई खुल रही है।

अख्तर ने बयान दिया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद पर काल्पनिक बताए जा रहे खतरे पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से मुलाकात की। जबकि, वे बुलेटप्रूफ गाड़ी में बैठे थे और बाडीगार्ड ने उन्हें घेरा हुआ था। उन्होंने बीस करोड़ भारतीयों पर नरसंहार के खतरे पर एक शब्द भी नहीं कहा।

कांग्रेस देश के लिए दीमक की तरह

गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश के लिए और दिग्विजय सिंह जैसे नेता कांग्रेस के लिए दीमक की तरह है। दिग्विजय सिंह तो प्रदेश में कांग्रेस को ही चट कर गए हैं। आज जो जर्जर और लड़खड़ाती कांग्रेस दिख रही है, वह इन्हीं की देन है। कांग्रेसी भले ही न कह पा रहे हों कि दिग्गी जैसे लोग दीमक की तरह कांग्रेस को चाट रहे हैं लेकिन हकीकत यही है। एक समय मजबूत रही कांग्रेस को इन्होंने जर्जर हालात में पहुंचा दिया हैं। लगता है वह कांग्रेस के ताबूत में आखिरी कील ठोक कर ही मानेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे राष्ट्रवादी व सेवाभावी संगठन के खिलाफ दिग्विजय सिंह जैसे नेता हमेशा से बयान देते रहते है लेकिन इससे कोई फर्क नही पड़ता है। देश की जनता सच जानती है।

चुनाव से पहले एक मंत्री, तीन विधायकों के इस्‍तीफे से मचा हड़कंप, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से एक महीने से भी कम समय पहले बीजेपी को बड़ा झटका मिला है। यूपी के श्रम, रोजगार और समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बांदा की तिंदवारी सीट से भाजपा विधायक ब्रजेश प्रजापति तथा बिल्हौर से भाजपा विधायक भगवती सागर ने भी इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करके कहा कि आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है मैं नहीं जानता हूँ उनसे अपील है कि बैठकर बात करें जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं। समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य और अन्य नेताओं का अपनी पार्टी में स्वागत किया। इस बीच एक और बीजेपी विधायक रोशन लाल वर्मा (शाहजहांपुर) ने भी बीजेपी से इस्‍तीफा दे दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने शनिवार को 403 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा की, जिसमें पहले चरण का मतदान 10 फरवरी से शुरू हो रहा है। उत्तर प्रदेश में मतगणना चार अन्य के साथ 10 मार्च को होगी। जिन राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा की गई थी। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान 10 फरवरी, 14, 20, 23, 27 और 3 और 7 मार्च को होगा।

मध्‍य प्रदेश की शिवराज सरकार लोक सुरक्षा के मद्देनजर बना रही नया कानून

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भोपाल। मतांतरण को रोकने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली का कानून बनाने के बाद अब शिवराज सरकार लोक सुरक्षा के मद्देनजर नया कानून बनाने जा रही है। इसके तहत ऐसे सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, जहां भी भीड़ एकत्र होती है। इसमें माल, बैंक, स्कूल, कालेज, बाजार, सिनेमाघर आदि शामिल रहेंगे।

इन्हें कम से कम दो माह तक डाटा सुरक्षित रखना होगा और कानून व्यवस्था की दृष्टि से जब भी इसकी मांग की जाएगी तो संस्थान इन्कार नहीं कर सकेंगे। सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने पर दस से लेकर बीस हजार रुपये तक जिला प्रशासन लगा सकेगा। इस संबंध में गृह विभाग विधानसभा के फरवरी-मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र में विधेयक प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सुरक्षा के मद्देनजर नवंबर 2020 में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान इस व्यवस्था को बनाने के निर्देश दिए थे। इसके मद्देनजर गृह विभाग ने अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करा रहा है। तय किया गया है कि उन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाएगा, जहां भीड़-भाड़ होती है। इसमें माल, स्कूल, कालेज, बैंक, सिनेमाघर, बाजार सहित अन्य स्थान शामिल रहेंगे।

संस्थानों को स्वयं के व्यय पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इसके साथ ही डाटा दो माह तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी करनी होगी। जब भी सुरक्षा कारणों से पुलिस या जिला प्रशासन द्वारा इसकी मांग की जाएगी तो संस्थान को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। अभी इस तरह का कोई बंधन नहीं है। इसके कारण पुलिस को अभी सीसीटीवी कैमरे का डाटा प्राप्त करने के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं।

कानूनी प्रविधान होने से न सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे बल्कि कोई भी डाटा देने से इन्कार नहीं कर सकेगा। कानून लागू होने के एक माह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि इस संबंध में विधेयक तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और विवेचना में मदद मिलेगी।

भोपाल, इंदौर सहित बड़े शहरों में लागू होगी व्यवस्था

गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह व्यवस्था भोपाल, इंदौर सहित सिर्फ बड़े शहरों में लागू होगी। इसमें ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन शामिल रहेंगे। इस व्यवस्था के विस्तार पर बाद में विचार किया जाएगा।

कानून बनाने वाला दूसरा राज्य होगा मध्य प्रदेश

सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसका डाटा सुरक्षित रखने संबंधी कानून अभी देश में सिर्फ तेलंगाना में है। मध्य प्रदेश इसे बनाने वाला दूसरा राज्य होगा। गृह विभाग द्वारा तेलंगाना के प्रविधान का पुलिस मुख्यालय और विधि विभाग के अधिकारियों से अध्ययन करवाया जा रहा है।

उच्च स्तर पर चल रहा है विचार

अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजोरा का कहना है कि लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम बनाने को लेकर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है।

ओंकारेश्वर में मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान प्रतिबंधित

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खंडवा । कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने ओंकारेश्वर सहित आसपास के तीर्थ स्थलों पर मकर संक्रांति पर मेला, नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन एक दिन के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। ओंकारेश्वर में मकर संक्रांति पर 14 से 15 जनवरी तक बाहरी श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे। संक्रांति पर यहां उमड़ने वाली भीड़ को रोकने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी किए है।

उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर और मोरटक्का घाट पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचते हैं। भीड़ से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका से पुनासा एसडीएम और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट के सीईओ सीएस सोलंकी के प्रस्ताव पर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने मंगलवार शाम आदेश जारी किए है।

राजधानी दिल्ली में 25.65 % हुई पॉजिटिविटी रेट, दर्ज हुए 21 हजार से ज्यादा नये मामले

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ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 21,259 नये मामले सामने आये हैं। वहीं कोरोना से 23 लोगों की मौत हुई है। राजधानी में संक्रमण की दर (Positivity Rate) बढ़कर 25.65 फीसदी हो गई है। दिल्ली सरकार ने सभी निजी दफ्तरों में भी ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश जारी कर दिया है। कई और प्रतिबंध लगाये गये हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन लगाने से साफ इंकार कर दिया है।

कोरोना में कमी

भारत में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमितों के नए मामलों में 6.5 फीसदी की कमी दिखी है। पिछले 24 घंटे में 1,68,063 नए कोविड केस दर्ज किए गए हैं। देश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 35,875,790 पहुंच गई है। वहीं, एक्टिव मरीजों की बात करें तो उनकी संख्या 8 लाख पार हो गई है। देश में रिकवरी रेट 96.36% है, वहीं, पॉजिटिविटी रेट 10.64% हो गई है। वहीं, 24 घंटे में 277 लोगों की मौत दर्ज की गई है। अब तक कुल 484,231 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है।

बढ़ रहा है ओमिक्रॉन

उधर, भारत में कोरोना का ओम‍िक्रॉन वेर‍िएंट भी तेजी फैल रहा है। बीते 24 घंटे में देश में ओम‍िक्रॉन संक्रमण के 400 से अध‍िक मामले सामने आए हैं। इस तरह देश में कोरोना के नए वेरि‍एंट ओम‍िक्रॉन से संक्रमि‍त होने वाले कुल लोगों की संख्‍या 4 हजार के पार पहुंच गई है। मंगलवार तक देश में ओमि‍क्रॉन के 4,461 मामले सामने आ चुके हैं। ज‍िसमें महाराष्‍ट्र में सबसे अध‍िक मामले सामने आए हैं। कोरोना का ओमि‍क्रॉन वेरिएंट अब देश के 28 राज्‍यों व केंद्र शास‍ित प्रदेशों तक फैल चुका है।

हरियाणा सरकार ने लागू किया ESMA, 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे स्वास्थ्यकर्मी

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प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में ESMA लागू कर दिया है। आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (Essential Services Maintenance Act- ESMA) के तहत राज्य के स्वास्थ्य कर्मी अगले 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर पाएंगे। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की रोकथाम में बाधा डालने के लिए डॉक्टरों के एक ग्रुप द्वारा हड़ताल पर चले जाने के कारण ESMA लगाने का फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर कहा, “हरियाणा में एस्मा लागू कर दिया गया है, अब 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे स्वास्थ्य कर्मी।”

मध्य प्रदेश में कोरोना को लेकर नया प्रतिबंध नहीं, अभी बंद नहीं होंगे स्‍कूल, सीएम शिवराज ने ली अ‍धिकारियों की बैठक

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश में कोरोना की स्थिति का जायजा लेने और इस पर नियंत्रयण के लिए किए जा रहे टीकाकरण के लिए समीक्षा बैठक ली। बैठक में तय किया गया कि अभी प्रदेश में कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। सरकार हालातों पर नजर रखे हुए है। बैठक में स्‍कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार के आठवीं तक स्‍कूल बंद करने के मसले पर सीएम ने कहा कि अभी इसकी आवश्‍यकता नहीं है। सीएम ने कहा कि केस बढ़ रहे हैं जरूरत हुई तो कड़े कदम उठाएंगे। उन्‍होंने कहा कि अनावश्‍यक कड़े प्रतिबंध से बचा जाना चाहिये, केस बढ़ रहे हैं पर हालात अभी इतने चिंताजनक नहीं हैं।

इस बैठक में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिविल डिस्पेंसी प्रोफेसर कालोनी में टीकाकरण केंद्र का अवलोकन किया। जहां आज से प्रिकाशन डोज लगाई जा रही हैं। सीएम ने कहा कि अभी नाइट कर्फ्यू जारी है। स्कूलों को 50% उपस्थिति के साथ संचालित करने के निर्देश हैं। आज हम फिर से ही स्थिति की समीक्षा कर निर्णय लेंगे। मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का अवश्य पालन करें। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बेटे-बेटियों से मेरी अपील है कि जिन्होंने कोरोना से बचाव के डोज नहीं लगाए हैं, वह भी जल्द ही टीकाकरण करा लें। 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गजनों को अब जो टीका लगना है