Home Blog Page 71

उद्धव के फैसलों को तेजी से पलट रहे हैं शिंदे

0

भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने के बाद एकनाथ शिंदे एक्शन में आ गए हैं। एक तरफ जहां उन्हें उद्धव ठाकरे गुट ने शिवसेना से बाहर करने का दावा किया तो दूसरी ओर शिंदे उद्धव के पुराने फैसलों को पलटने में जुट गए हैं। कहा जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट के बाद शिंदे कैबिनेट की बैठक करेंगे। इसमें सबसे पहले देवेंद्र फडणवीस के उन योजनाओं को फिर से लागू करने का फैसला होगा जिनपर उद्धव ठाकरे ने सत्ता में आने के रोक लगाई थी।

देवेंद्र फडणवीस की इन योजनाओं को फिर से लागू कर सकते हैं शिंदे 
देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री रहते चलाई गई जलयुक्त शिवार योजना को फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि डिप्टी सीएम फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना को फिर से शुरू करने की तैयारी की जाए। इसके अलावा, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही फैसला लिया है कि आरे के जंगलों में ही मेट्रो कारशेड बनाया जाएगा। उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली महाविकास अघाड़ी सरकार ने इन दोनों योजनाओं पर रोक लगा दी थी।

जलयुक्त शिवार योजना भी फिर से शुरू होगी
जलयुक्त शिवार योजना को फिर से शुरू किया जा सकता है। इसके लिए जल्द प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री रहते हुए देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से बचने के लिए पानी बचाने और खेत वाले तालाबों पर जोर दिया था। ये योजना इसी से संबंधित है। सरकार बदलने पर इस योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू हो गई और मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने इसे भी बंद कर दिया था।

क्या थी जलयुक्त शिवार योजना?
महाराष्ट्र में सूखे की समस्या को दूर करने के लिए देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इसके तहत राज्य के पांच हजार गांवों में पानी की कमी दूर करने के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय करने और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। सबसे पहले उन क्षेत्रों का चयन किया गया था जहां पानी की भारी समस्या थी और जहां के किसान सबसे ज्यादा आत्महत्या कर रहे थे।

इस योजना के तहत गांवों में बरसात के पानी को रोकने के लिए सीमेंट और कंक्रीट के बांध बनाए गए। इसके अलावा, नहरों और तालाबों की खुदाई करके उन्हें गहरा करने का काम शुरू किया गया था। बाद में उद्धव ठाकरे की सरकार ने इस योजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच शुरू कर दी और योजना को बंद कर दी थी।

मेट्रो कार शेड को लेकर क्या विवाद थे?
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे 1,287 हेक्टेयर में फैली आरे कॉलोनी को मुंबई के प्रमुख हरित पट्टी के रूप में जाना जाता है। 2019 में, भाजपा-शिवसेना सरकार यहां चल रही मेट्रो परियोजना के लिए साइट पर एक शेड का निर्माण करना चाह रही थी। इस कदम के खिलाफ कुछ स्थानीय नागरिकों और हरित कार्यकर्ताओं ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग वाली इन याचिकाओं को खारिज कर दी थी। इसके बाद मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पेड़ काटना शुरू कर दिया।

मुंबई नागरिक निकाय ने मेट्रो अधिकारियों को 2,700 पेड़ गिरने की अनुमति दी थी। मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पेड़ों की कटाई का बचाव करते हुए कहा कि यह केवल आरे कॉलोनी में एक छोटे से क्षेत्र तक ही सीमित है और मुंबईकरों के लिए एक आधुनिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। ऐसी भी खबरें थीं कि मुंबई मेट्रो रेल के अधिकारियों ने आशंका व्यक्त की थी कि मेट्रो लाइन तीन परियोजना में तीन साल की देरी हो सकती है और अगर लाइन के लिए कार शेड को आरे कॉलोनी से स्थानांतरित कर दिया गया तो इसकी लागत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

शिंदे सरकार ने उद्धव सरकार के आरे कालोनी में मेट्रो शेड बनाने पर रोक वाले फैसले को पलट दिया है। अब शिंदे सरकार ने एलान किया है कि, मेट्रो कार शेड आरे कालोनी में ही बनेगा। उद्धव सरकार ने आरे कालोनी में मेट्रो शेड के भारी विरोध के बाद शेड को ट्रांसफर करने का फैसला लिया था। लेकिन अब उस फैसले को शिंदे सरकार ने पलट दिया है। लिहाजा इस पर सियासत शुरू हो गई है।

KCR ने फिर बनाया बहाना, ताकि PM मोदी से न हो सामना

0

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक हैदराबाद में हो रही है, जिसका उद्घाटन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया। इस बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज शाम को हैदराबाद पहुंच रहे हैं, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेकर राव (KCR) ने इस बार फिर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी करने नहीं पहुंचेंगे। आमतौर पर प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री ही प्रधानमंत्री मोदी का वेलकम करते हैं, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव 5 महीने में तीसरी बार उनसे नहीं मिलेंगे।

2 और 3 जुलाई को भाजपा का मंथन

हैदराबाद में भाजपा की 2-3 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं। आपको बता दें कि हैदराबाद में 18 साल बाद भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है, जिसमें करीब 350 सदस्य शामिल होंगे।

पहले भी PM मोदी का सामना करने से कतराए KCR

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी जब हैदराबाद में ISB के 20वें वार्षिक दिवस समारोह और बिजनेस स्कूल के स्नातक समारोह में हिस्सा लेने के लिए 26 मई को हैदराबाद पहुंचे थे, तब भी KCR प्रधानमंत्री मोदी से नहीं मिले थे। तब KCR देवगौड़ा से मिलने बेंगलुरु चले गए थे। निकल गए थे। वहीं जब 5 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी मुचिन्तल में Statue of Equality मूर्ति का अनावरण करने के लिए हैदराबाद पहुंचे थे तो केसीआर ने कहा था कि वे कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।

भाजपा से इसलिए नाराज है KCR

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) लंबे समय से छोटे दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी में केसीआर ने उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाकात की थी, लेकिन महाराष्ट्र की सरकार गिरने के बाद उनकी उम्मीद टूट गई। केसीआर छोटे दलों को एकजुट कर देश में तीसरा मोर्चा बनाना चाहते हैं। केसीआर की पार्टी TRS ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। टीआरएस के 9 लोकसभा सदस्य, 7 राज्यसभा सदस्य और 101 विधायक हैं।

जसप्रीत बुमराह ने तोड़ा ब्रायन लारा का रिकॉर्ड

0

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में स्टुअर्ट ब्रॉड ने एक शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया है। ब्रॉड अब टेस्ट मैच में सबसे महंगा ओवर करने वाले बॉलर बन गए हैं। स्टुअर्ट ब्रॉड ने टीम इंडिया की पहली पारी में एक ओवर में 35 रन लुट दिए। इनमें 29 रन कप्तान जसप्रीत बुमराह ने बनाएं। बुमराह ने तीन चौके और दो छक्के जड़े। बाकी के छह दिन अतिरिक्त के खाते में आए।

बुमराह ने की शानदार बल्लेबाजी

पहली बॉल पर जसप्रीम बुमराह ने फाइन लेग पर चौका लगाया। फिर ब्रॉड की बाउंसर गेंद विकेटकीपर सैम बिलिंग्स के ऊपर से निकल गई। कुल पांच रन आए। तीसरी गेंद पर सात रन बनें, क्योंकि बुमराह ने छक्का लगाया और एक रन नो बॉल का मिला। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने लगातार तीन चौके जड़े। फिर पांचवीं गेद पर बुमराह ने डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग पर छक्का लगाया। आखिरी गेंद पर बुमराह ने सिंगल लिया।

महापौर प्रत्‍याशी मालती राय के समर्थन में सीएम शिवराज सिंह ने गोविंदपुरा में किया रोड शो

0

राजधानी में नगरीय निकाय चुनाव की गहमागहमी चरम पर है। प्रचार के लिए बस तीन दिन शेष रह गए हैं। दोनों की प्रार्टियों के प्रमुख नेता अपने प्रत्‍याशियों के समर्थन में जगह-जगह सभाएं और रोडशो कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा की महापौर प्रत्‍याशी मालती राय के समर्थन में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में रोड शो पर निकले। जनआशीर्वाद यात्रा के रूप में उनका यह रोडशो मिसरोद इलाके से शुरू हुआ। इस दौरान उनके साथ गोविंदपुरा की विधायक कृष्‍णा गौर, महापौर प्रत्‍याशी मालती राय और स्‍थानीय पार्षद प्रत्‍याशी के अलावा बड़ी संख्‍या में पार्टी कार्यकर्ता साथ हैं। रोड शो के दौरान जगह-जगह बड़ी संख्या में नागरिकों ने उनका स्वागत, अभिनंदन किया।

रोड शो से पहले मिसरोद इलाके में एक सभा का आयोजन किया गया। मुख्‍यमंत्री ने इस जनसभा में उपस्‍थित समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि विकास के जितने भी आयाम हैं, जैसे पुल, पुलिया, सड़क, पार्क सहित सभी जरूरी नागरिक सुविधाओं को मिसरोद में सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही गरीब कल्याण की योजनाओं जैसे मुफ्त राशन से लेकर पक्के मकान तक दिए जाएंगे। सीएम शिवराज ने आगे कहा कि गुंडे, बदमाश, माफियाओं के कब्जे से मैंने 21000 एकड़ जमीन मुक्त करा ली है, जिसे गरीब कल्याण के कार्यों में उपयोग किया जाएगा। गरीब कल्याण और विकास के कार्य भाजपा ही कर सकती है।

कन्हैयालाल के हत्यारों की पेशी पर भड़का जनाक्रोश

0

कन्हैयालाल की हत्या से जुड़े चार आरोपियों को आज (शनिवार) जयपुर एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान आरोपियों की गुस्साई भीड़ ने पिटाई कर दी। वहीं सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों दोषियों को 12 जुलाई तक एनआईए की कस्टडी में भेज दिया। अब दस दिन तक एनआईए की टीम कन्हैयालाल के हत्यारों से कड़ी पूछताछ करेगी।

कोर्ट में पेशी के दौरान पिटाई

जयपुर की एनआईए अदालत में पेशी के दौरान हमला हुआ। आरोपियों को भारी सुरक्षा व्यावस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया था, लेकिन चारों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आरोपियों के अदालत में जाने के बाद कुछ घंटों के लिए दरवाजा बंद कर दिया गया। हालांकि जब वो बाहर निकले तो डंडों और जूते-चप्पल से पिटाई हुई। जब पुलिस उन्हें गाड़ी पर चढ़ा रही थी। उस दौरान भी लोगों ने धुलाई कर दी।

एनआईए को ट्रांसफर किया गया केस

कन्हैयालाल के हत्यारों को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को उदयपुर कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया था। साथ ही डीजे कोर्ट ने शुक्रवार को केस एनआईए को ट्रांसफर कर दिया है।

3 जुलाई तक नेटबंदी

इधर जयपुर में नेटबंदी को 3 जुलाई शाम तक बढ़ा दिया गया है। वहीं शनिवार को प्रशासन ने उदयपुर में कर्फ्यू में चार घंटे ढील देने का एलान किया। जिला मजिस्ट्रेट ताराचंद मीणा के आदेश के मुताबिक दोपहर 12 से शाम 04 बजे तक छूट रही।

पंत का शतक, जडेजा के साथ मिलकर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से उबारा

0

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबले खेला जा रहा है। बर्मिंघम में दोनों टीम पांच मैचों की सीरीज के आखिरी मैच में आमने-सामने हैं। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीता है। वह पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 98 रन के स्कोर पर 5 विकेट गवां दिए थे। ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा ने छठे विकेट के लिए 180+ रनों की साझेदारी कर डाली। पंत ने 89 बॉल पर 15 चौके और 1 सिक्सर की मदद से शतक पूरा किया। यह उनके करियर का 5वां टेस्ट शतक है। इससे पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर फेल रहे। ओपनर शुभमन गिल 17 और चेतेश्वर पुजारा 13 रन बनाकर जेम्स एंडरसन का शिकार हुए। हनुमा विहारी 20, विराट कोहली 11 और श्रेयस अय्यर 15 रन बनाकर आउट हुए।

पिछले साल अगस्त-सितंबर में खेली गई श्रृंखला में भारत 2-1 से आगे है। तब पांचवां टेस्ट कोरोना वायरस के कारण टल गया था। संयोग से इस मैच से पहले भी भारतीय टीम में पॉजिटिव का मामला सामने आया है। रोहित शर्मा कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उनकी जगह बुमराह को कमान मिली है।

रोहित की जगह चेतेश्वर पुजारा को ओपनिंग के लिए उतारा गया है। जो पिछले साल इस सीरीज में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। वहीं बॉलिंग में भारतीय टीम चार पेसर्स और एक स्पिनर के साथ उतरी है। दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को प्लेइंग में जगह नहीं मिली है। रवींद्र जडेजा स्पिन ऑलराउंडर के तौर पर टीम में शामिल हुए हैं।

कभी क्वीन तो कभी गैंगस्टा हैं तारक मेहता शो की अंजली उर्फ सुनयना फौजदार

0

तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो की अंजली मेहता यानी कि सुनयना फौजदार ने एक बार फिर अपनी खूबसूरती से सभी को हैरान कर दिया है। शो में उनके किरदार अंजली मेहता से उन्होंने बहुत ही कम समय में दर्शकों के दिलों में जगह बना ली है। शो में उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। इसके पहले शो में अंजली के किरदार में नेहा मेहता थी। जिनके रिप्लेसमेंट में सुनयना ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा में एंट्री ली थी। सुनयना टेलीविजन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। वे अपनी खूबसूरत तस्वीरें फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने एक बार फिर फैशन गोल सेट कर दिया है। सुनयना ने अपना एक स्टनिंग वीडियो शेयर किया है।

सुनयना का बाॅस बेब लुक

सुनयना ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है। जिसमें उनका बॉस बेब लुक देखने को मिल रहा है। उन्होंने अपने लुक में क्लासी मरून रेड कलर का पैंट सूट पहन रखा है। जिसके साथ उन्होंने अपने स्ट्रेट खुले बाल रखे हैं। साथ ही उन्होंने मिनिमल मेकअप किया है और चिक ज्वेलरी के साथ अपने लुक को कम्प्लीट किया है। उनका यह डिजाइनर लुक उनके परफेक्शन को दिखा रहा है। सुनयना का यह ड्रेसअप उनके फैंस को भी काफी पसंद आ रहा है। एक्ट्रेस का यह लुक और उनके एक्सप्रेशन देखते ही बन रहा है।

फैंस को पसंद आया सुनयना का लुक

सुनयना के इस बाॅस बेब वाले लुक को फैंस की भर-भर के तारीफें मिल रही हैं। एक्ट्रेस अपनी काफी सारी बोल्ड फोटोज इंस्टाग्राम पर शेयर करती रहती हैं। सुनयना के हाल ही के इस वीडियो को देखकर फैंस अपने रिएक्शन दे रहे हैं। एक्ट्रेस ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि ‘थोड़ी सी क्वीन और थोड़ी से गैंगस्टा को मिलाकर पूरी मैं बन जाती हूं।’ फैंस उनकी इस पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। वहीं एक ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘सुनयना मैम आप सबसे खूबसूरत क्वीन हो।’ वहीं दूसरे ने लिखा कि ‘आप बहुत ही खूबसूरत दिख रही हैं।’

केंद्रीय अधिकारियों और कर्मियों की अब नहीं लगेगी चुनाव ड्यूटी

0

हाई कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि वैधानिक रूप से केंद्रीय अधिकारी व कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के लिए बाध्य नहीं हैं। लिहाजा, आगे की तारीखों में इनकी चुनाव ड्यूटी न लगाई जाए। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि चुनाव आयोग केंद्रीय कर्मियों व अधिकारियों के स्थान पर राज्य सरकार के कर्मियों व अफसरों की चुनाव ड्यूटी लगाने स्वतंत्र है।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से शुक्रवार को एक आवेदन हाई कोर्ट में पेश किया गया।

इसमें कहा गया कि हाई कोर्ट की अन्य बेंचों ने 24 व 27 जून को पारित आदेशों के तहत केंद्रीय कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात करने पर रोक लगाई है। इसे हटाया जाए। वहीं ईपीएफओ, जबलपुर डिवीजन व सेंट्रल जोन इंश्योरेंस कर्मी संघ की ओर से याचिकाएं दायर की गईं।

इनमें कहा गया कि मध्य प्रदेश नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 17 व मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 24 के तहत इन चुनावों में केवल राज्य सरकार, स्थानीय निकायों व राज्य सरकार के लोक उपक्रमों के कर्मियों को ही तैनात किया जा सकता है। इसके बावजूद याचिकाकर्ता केंद्रीय व बीमा कम्पनियों के कर्मियों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई है।

बहस के दौरान तर्क दिया गया कि न तो वे राज्य सरकार के किसी भी विभाग या उपक्रम के कर्मी हैं और न ही उनकी संस्थाओं को राज्य सरकार प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक मदद करती है। ऐसे में उनकी निकाय चुनावों में ड्यूटी लगाना सर्वथा अनुचित है।

चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के कहने पर स्थगन के बावजूद याचिकाकर्ता संगठनों के तीन-चार कर्मियों को छोड़कर अन्य केंद्रीय कर्मियों ने एक जुलाई को ड्यूटी करने की सहमति दी। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से बाध्य न होने पर भी याचिकाकर्ता संगठनों के कर्मियों ने एक जुलाई को चुनाव ड्यूटी करने की सहमति देकर उदारता प्रदर्शित की है। लेकिन इस अपवाद को चुनाव आयोग अपना अधिकार न समझे। आगे के चुनाव कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार के अधिकारी व कर्मी तैनात किए जा सकते हैं।।

हैदराबाद में जेपी नड्डा का रोड शो

0

शनिवार से हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने जा रही है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे। इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रयी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हैदराबाद में रोड शो किया और पार्टी की शक्ति का प्रदर्शन किया। इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से ऊब चुकी है और परिवर्तन चाहती है।

क्या है कार्यक्रम

2 जुलाई की शाम 4 बजे से बीजेपी राष्ट्रीय कार्यसमिति शुरू होगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति के 340 डेलीगेट्स के साथ प्रधानमंत्री मोदी पूरे समय हर बैठक और हर सत्र में रहेंगे। 3 जुलाई को शाम 4 बजे राष्ट्रीय कार्यसमिति समाप्त होगी और उसके बाद प्रधानमंत्री जी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

क्या होगा एजेंडा?

इसके बारे में जानकारी देते हुए बीजेपी के नेताओं ने बताया कि यह एक बड़ी और अहम बैठक होगी और इसमें आनेवाले दिनों के लिए पार्टी की कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। आपको बता दें कि पिछले 18 साल में ये पहला मौका है, जब हैदराबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। कार्यकारिणी बैठक के दौरान तेलंगाना में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के अलावा 2024 में प्रस्तावित लोकसभा चुनावों के मद्देनजर रणनीति तैयार की जाएगी।

SC की फटकार के बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस, नूपुर शर्मा को फिर भेजेगी नोटिस

0

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एक तरफ नूपुर शर्मा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस भी एक्शन के मूड में दिख रही है। मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को फिर से पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है। पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान को लेकर नूपुर शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने 41A के तहत नूपुर शर्मा को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था और वह जांच में शामिल हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 18 जून को नूपुर शर्मा का बयान दर्ज किया था। अब दिल्ली पुलिस दोबारा नूपुर शर्मा से पूछताछ कर सकती है और उन्हें फिर से नोटिस भेजा जा सकता है।

दिल्ली पुलिस को फटकार

दरअसल सर्वोच्च अदालत ने अपनी टिप्पणी में पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि FIR दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सुप्रीम कोर्ट इस दौरान दिल्ली पुलिस पर तल्ख टिप्पणी की। बेंच ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नूपुर शर्मा शिकायत पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन कई एफआईआर दर्ज होने के बावजूद नूपुर खिलाफ अभी तक दिल्ली पुलिस ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की।

नूपुर शर्मा पर कड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी मामले में नूपुर शर्मा को भी कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने सख्त टिप्पणियों के साथ नूपुर शर्मा की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने देशभर में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को दिल्ली ट्रांसफर करने की गुहार लगाई थी।