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अरुणाचल प्रदेश में IAF हेलीकॉप्टर क्रैश

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अरुणाचल प्रदेश में भारतीय नौसेना का हेलीकॉप्टर एमआई-17 क्रैश हो गया है। यह हादसा पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में हुआ। हेलीकॉप्टर में दो पायलट और तीन क्रू सदस्य थे और सभी सुरक्षित हैं।

जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय हेलीकॉप्टर इलाके की गश्ती कर रहा था। हादसे की वजह क्या थी, यह जानने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

बता दें कि बीते महीने ही मध्य प्रदेश के भिंड में एयरफोर्स का मिराज विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान के क्रैश होने से पहले ही चीफ पायलट अभिलाष पैराशूट से सुरक्षित बाहर निकल आए थे।

सितंबर माह में ही जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में पटनीटॉप के पास भी आर्मी हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था, जिसमें दो पायलटों की मौत हो गई थी।

पेटीएम का स्टॉक मार्केट में कमजोर डेब्यू

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नई दिल्ली: देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO (Initial Public Offering) लेकर आई डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm गुरुवार को स्टॉक बाजार में लिस्ट हो गई. हालांकि, कंपनी के शेयर मार्केट डेब्यू कमजोर रहा. पेटीएम की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में ही 20 फीसदी से ज्यादा गिर गए. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी के शेयर अपने इशू प्राइस 2,150 से 9.3 फीसदी या 200 रुपये गिरकर 1,950 रुपये पर खुले. हालांकि इसके बाद शेयर की कीमतों में और गिरावट आई और स्टॉक 21 फीसदी तक गिर गए. इस दौरान ये 1,705 के इंट्रा डे लो यानी कि दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए. कंपनी के शेयर सुबह 11.03 बजे 1,633.95 की कीमत पर दर्ज हो रहे थे. हालांकि, कमजोर डेब्यू के बावजूद कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया.
मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि पेटीएम का एक्सपेंसिव वैल्यूएशन यानी ऊंची कीमत इसके स्टॉक प्राइस में गिरावट की वजह रही है. Macquarie Research फर्म के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि कंपनी के बिजनेस मॉडल में ‘फोकस और डायरेक्शन की कमी है.’ कंपनी ने यह भी कहा कि कंपनी के लिए प्रॉफिटेबल बनना अभी बड़ी चुनौती है.
डिजिटल मोबाइल पेमेंट सेक्टर की शीर्ष की कंपनी Paytm देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आया था. 18,300 करोड़ का यह आईपीओ अब तक के सबसे बड़े आईपीओ- Coal India के 15,000 करोड़ के आईपीओ- से भी बड़ा था. नवंबर 10 को कंपनी का आईपीओ बंद हुआ था, जिसके बाद आज शेयर मार्केट में इसका ट्रेडिंग डेब्यू हुआ है. पेटीएम के आईपीओ को बिडिंग प्रोसेस के खत्म होने तक 1.89 गुना तक सब्सक्राइब किया गया था.
आईपीओ खुलने के बाद ही दिखी थी कमजोर प्रतिक्रिया
कंपनी के आईपीओ को शुरुआत में बहुत मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, वहीं कई रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रे मार्केट में भी इसकी कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 2,080 से 2,150 रुपये प्रति शेयर रखा था. रिटेल इन्वेस्टर्स न्यूनतम छह शेयरों के एक लॉट से लेकर 15 लॉट तक के लिए बोली लगा सकते थे. अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट की कीमत 12,900 रुपये आ रही थी.
कैसा रहा आईपीओ का सब्सक्रिप्शन?
पेटीएम के 18,300 करोड़ रुपये के आईपीओ को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इसे हाथों हाथ लिया. शेयर बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, पेटीएम की मूल कंपनी One97 Communications Ltd. के आईपीओ को 4.83 करोड़ शेयरों के प्रस्ताव आकार के मुकाबले 5.24 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. शुरुआती दो दिन में आईपीओ को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह ना दिखाने वाले योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) ने अपने लिए आरक्षित शेयरों से 1.59 गुना ज्यादा के लिए सब्सक्राइब किया.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने क्यूआईबी के लिए आरक्षित 2.63 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.17 करोड़ शेयरों के लिए अभिदान दिया. रिटेल निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित 87 लाख शेयरों से 1.46 गुना ज्यादा के लिए सब्सक्राइब किया. वहीं गैर संस्थागत निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित 1.31 करोड़ शेयरों में से केवल आठ प्रतिशत के लिए बोलियां दीं.
पेटीएम ने अपने 8,235 करोड़ के शेयर 100 से ज्यादा संस्थागत निवेशकों को अलॉट किया था. इसमें सिंगापुर की सरकार भी शामिल रही. Paytm के IPO में 8,300 करोड़ के शेयरों का फ्रेश इशू और बिक्री पेशकश (ओएफएस) से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव था.

46 की उम्र में जुड़वा बच्चों की मां बनीं Priety Zinta

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90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेस में से एक मानी जाने वाली प्रीति जिंटा (Preity Zinta) भले ही बड़े पर्दे पर ना नजर आती हों. लेकिन आए दिन किसी ना किसी कारण से सुर्खियां बटोरती रहती हैं. अब हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने फैंस के संग गुडन्यूज शेयर की है. 46 की उम्र में प्रीति जिंटा जुड़वा बच्चों की मां बन चुकी हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट शेयर कर प्रीति जिंटा ने इस बारे में बताया है. जैसे ही सोशल मीडिया पर प्रीति जिंटा ने ये खुशखबरी (Preity Zinta Shared Good News) शेयर की चारों तरफ से उन्हें बधाइयां मिलनी शुरू हो गई.

पति जीन गुडइनफ (Gene Goodneough) के संग फोटो शेयर हुए प्रीति जिंटा ने पोस्ट शेयर किया. इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने जुड़वा बच्चों से जुड़ी गुडन्यूज फैंस संग साझा की है. प्रीति जिंटा के जुड़वा बच्चों में एक लड़का है और एक लड़की. लड़की का नाम प्रीति ने जिया गुडइनफ रखा है और बेटे का नाम जय गुडइनफ रखा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि प्रीति जिंटा सेरोगेसी के जरिए मां बनीं हैं. हालांकि अपने पोस्ट में एक्ट्रेस ने इस बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी है.

मध्य प्रदेश में कोरोना से जुड़े प्रतिबंध हटाए गए तो पूर्व सीएम कमलनाथ ने कसा तंज

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स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल खोलने के सरकार ने दिया आदेश

भोपाल। कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इससे जुड़े सभी प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है। लगभग आठ माह बाद अब प्रदेश में रात का कर्फ्यू भी नहीं होगा। विवाह, अंतिम संस्कार और चल समारोह के लिए व्यक्तियों की अधिकतम उपस्थिति की सीमा का भी कोई बंधन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रतिबंधों को हटाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। उधर, देर शाम गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया। मप्र सरकार के इस निर्णय के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है। मप्र के पूर्व सीएम कमलनाथ ने माइक्रोब्लागिंग साइट कू पर पोस्ट कर कहा कि कोरोना महामारी के तमाम प्रतिबंध भाजपा के लिये तो पहले से ही नही थे, अब भाजपा के पिछले दिनों संपन्न भोपाल के जम्बूरी मैदान के मेगा आयोजन के बाद आज से मध्यप्रदेश की आम जनता के लिये भी यह तमाम प्रतिबंध हटा लिये गये है। ऐसा लग रहा है कि शिवराज सरकार ने जल्दबाज़ी में यह निर्णय लिया है।   कोरोना महामारी के तमाम प्रतिबंध भाजपा के लिये तो पहले से ही नही थे, अब भाजपा के पिछले दिनो संपन्न भोपाल के जम्बूरी मैदान के मेगा आयोजन के बाद आज से मध्यप्रदेश की आम जनता के लिये भी यह तमाम प्रतिबंध हटा लिये गये है। ऐसा लग रहा है कि शिवराज सरकार ने जल्दबाज़ी में यह निर्णय लिया है।   स्कूल, मॉल, सिनेमा हाल सहित सबकुछ खोलने के निर्देश

मप्र सरकार ने तय किया गया कि सिनेमा हाल, मॉल, स्विमिंग पूल, जिम, योग केंद्र और रेस्टोरेंट अब पूरी क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे। स्कूल, कालेज, छात्रावास और कोचिंग संस्थान पूरी क्षमता से संचालित होंगे। सभी मेलों में दुकानदार दुकान लगा सकेंगे लेकिन उन्हें कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगी होना अनिवार्य होगा। वहीं, छात्रावासों में 18 साल से अधिक उम्र के विद्यार्थी तथा सभी कर्मचारियों को दोनों डोज लगवानी अनिवार्य है। सिनेमाघरों में स्टाफ को दोनों और दर्शकों को कम से कम एक डोज लगी होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करने का काम संचालक का होगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की आम लोगों से अपील

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आम नागरिकों से कोविड अनुकूल व्यवहार यानी मास्क लगाना, शारीरिक दूरी के पालन सहित बचाव के अन्य साधन अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में है। हम सभी तरह की गतिविधियां प्रारंभ कर रहे हैं पर कोरोना पर नियंत्रण करने के लिए सावधान रहना है। टीकाकरण अवश्य कराएं। इसी बीच, उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भी भस्मारती दर्शन के लिए सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। मंदिर प्रशासन द्वारा अब तक 1000 लोगों को दर्शन की अनुमति दी जा रही थी। अब प्रतिदिन 1500 लोगों को अनुमति दी जाएगी।  हमें कोविड को लेकर सतर्क भी रहना है। बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन जारी रखें, जैसे मास्क लगाना, हाथ स्वच्छ रखना, मामूली लक्षण पर तत्काल जांच आदि। दूसरा टीका सभी अवश्य लगवा लें। 31 दिसंबर तक हम सभी को मिलकर मध्यप्रदेश के सम्पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त करना है।

जब दोस्त संजय गांधी के लिए जज से लड़कर तिहाड़ जेल चले गए थे

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संजय गांधी और कमलनाथ की मित्रता को लेकर कई किस्से भी मशहूर है

देश और मध्यप्रदेश की सियासत में जब भी अहम किरदारों की बात होती है, तो कमलनाथ का नाम शीर्ष नेताओं की लिस्ट में गिना जाता है. उन्होंने मध्यप्रदेश में 15 वर्षों के वनवास को खत्म कर एक बार फिर कांग्रेस को सत्ता दी थी, हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों की बगावत के बाद उनकी सरकार गिर गई थी. 18 नवंबर 1946 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में जन्मे कमलनाथ आज मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस का एक जाना माना चेहरा हैं.

कमलनाथ की शुरूआती शिक्षा कानपुर में हुई. पिता महेंद्र नाथ की इच्छा थी कि बेटा वकील बने, किन्तु कमलनाथ की किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था. कमलनाथ देहरादून स्थित दून स्कूल के छात्र रहे हैं. कहा जाता है कि दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही वह पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी के संपर्क में आए थे और वहीं से उनकी सियासत में एंट्री की नींव तैयार हुई थी. सियासी जानकार बताते हैं कि वक़्त के साथ ही कमलनाथ और संजय गांधी की मित्रता दिन व दिन गहरी होती चली गई, मगर एक वक्त ऐसा आया जब दोनों की दोस्ती में दूरियां आ गईं, वो समय था जब कमलनाथ कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ने चले गए. हालांकि दोनों के दूर होने के बाद उनकी दोस्ती कम नहीं हुआ. ये दोस्ती सियासत में भी चर्चे में रहती थी, वजह थी दोनों का हरदम साथ रहना.

संजय गांधी और कमलनाथ की मित्रता को लेकर एक किस्सा भी मशहूर है कि ‘जब आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनी थी. तब एक मामले में संजय गांधी को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. उस वक़्त इंदिरा गांधी को संजय गांधी की सुरक्षा की चिंता थी. ऐसे में कमलनाथ, संजय गांधी के पास जेल जाने के लिए जानबूझकर एक जज से लड़ लिए थे. जिसके बाद अवमानना के आरोप में कमलनाथ को तिहाड़ जेल में डाल दिया गया था.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सिडनी संवाद’ में ‘प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति’ पर देंगे मुख्य भाषण

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सिडनी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे सिडनी संवाद में मुख्य भाषण देंगे. प्रधानमंत्री देश के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति के विषय विचार व्यक्त करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री आरंभिक भाषण देंगे. बता दें, सिडनी संवाद 17 से 19 नवंबर तक आयोजित किया गया है. ये ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान की एक पहल है.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का भी होगा संबोधन

दरअसल, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजनेताओं, उद्दोग हस्तियों समेत सरकारी प्रमुखों का व्यापक चर्चा, नए विचार पेश करना है. साथ ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न अवसरों व चुनौतियों की सामान्य समझ विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए एक मंच सभी को लेकर आएगा. वहीं, इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन समेत जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भी संबोधन होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में उन्होंने हिंद-प्रशांत सहित द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की थी. वहीं, इस बैठक से पहले दोनों ने फोन पर बातचीत की थी और उस दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक पर बातचीत हुई थी.

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत के नाम जुड़ा स्पेशल रिकॉर्ड

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नए कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने बुधवार को न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 1-0 की बढ़त पा ली। टीम को जिताने में रोहित और सूर्यकुमार यादव ने अहम भूमिका निभाई। रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस मैच में टी-20 फॉर्मेट की अपनी 50वीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि इससे पहले कोई भी टीम ऐसा नहीं कर सकी थी। इस मैच से पहले तक रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एकसमान 49 मैचों में जीत दर्ज की थी, लेकिन अब भारतीय टीम आगे निकल गई है।

टी-20 फॉर्मेट में रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा मैच जीतने के मामले में इन तीनों टीमों के बाद इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड का आता है, जिनके नाम क्रमश: 42, 35 और 32 जीत दर्ज हैं। इस मैच में भारत के कप्तान रोहित ने दूसरे सेशन में ओस की आशंका को देखते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कीवी टीम की शुरुआत खराब नही और टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले डेरिल मिचेल बिना खाता खोले भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। टीम ने इसके बाद मार्टिन गप्टिल और मार्क चैपमैन की जोरदार फिफ्टी के दम पर 164 रन बनाए।

165 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित और सूर्यकुमार की पारियों का सहारा मिला, जिसके दम पर टीम ने यह लक्ष्य पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच में लंबे समय बाद टीम में वापसी करने वाले श्रेयस अय्यर और डेब्यूटेंट वेंकटेश अय्यर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने डेरिल मिचेल की गेंद पर चौका जड़कर भारत की जीत पर मुहर लगाई।

पदोन्नति की आड़ में तबादलो से नहीं बच पाएंगे तीन साल से जमे पुलिस अफसर

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भोपाल: प्रदेश में होंने वाले त्रिस्तरीय और नगरीय निकायों के चुनावों में पदोन्नति के बाद उसी जिले में पदस्थ किए गए अफ सर नवीन पद के कार्यकाल के आधार पर तीन साल के क्राइटएरिया में तबादले से नही बच सकेंगे।
चुनाव आयोग ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि ऐसे अफसरों के पूर्व के पद और नवीन पद दोनो के कार्यकाल को जोड़कर तीन साल की पदस्थापना की गणना की जाए। कोई भी अफसर नए पद के कार्यकाल के आधार पर तबादलों से बचे ना यह सुनिश्चित किया जाए।

प्रदेश में होंने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और नगरीय निकायों के चुनावों में आयोग के पत्र के बाद पिछले चार साल के कार्यकाल में तीन साल से एक ही स्थान पर जमे पुलिस अधिकारियों के तबादलों को लेकर मचे हड़कंप के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा था।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिन अधिकारियोें को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाना प्रस्तावित है। उनमें जिलों के प्रभार में वरिष्ठतम अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी,ए एसपी,एसडीओपी, सीएसपी,टीआई, एस आई के लिए यह निर्देश लागू होंगे। ऐसे अधिकारी जो अगले छह माह के भीतर सेवानिवृत्त हो रहे है तथा आयोग के निर्देशों की सीमा के अंतर्गत आ रहे हो तो उन्हें इन निर्देशों से पृथक रखा जाए।

प्रदेश में फिर से वैक्सीनेशन महाअभियान

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दूसरे डोज पर किया जाएगा फोकस..

मध्यप्रदेश में सभी लोगों का वैक्सीनेशन हो, इसके लिए प्रदेश सरकार लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में आज फिर वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया जाएगा। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए आभियान का 5वां चरण चलाया जाएगा। आज 11 हजार 159 केन्द्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। सुबह 9 बजे से टीकाकरण अभियान शुरु हो जाएगा। वहीं 24 नवंबर और 1 दिसंबर को भी महाअभियान चलाया जाएगा।

दूसरे डोज पर दिया किया जायेगा फोकस

10 नवंबर से वैक्सीनेशन महाअभियान एक बार फिर शुरू हो चुका है। प्रदेश में दूसरे डोज की रफ्तार कम होने से पेंडेंसी भी 1 करोड़ से ज्यादा हो गई है। वहीं अब सरकार दूसरे डोज का 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 4 बुधवार को वैक्सीनेशन महाअभियान दोबारा शुरू कर रही है। यह अभियान 10 नवंबर, 17 नवंबर, 24 नवंबर और 1 दिसंबर प्रत्येक बुधवार को होगा। वहीं 17 नवंबर को वैक्सीनेशन महाअभियान का दूसरा दिन है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 16 नवंबर को प्रदेश में उन लोगों को चिन्हित किया है जिन्होंने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। वहीं टीम वार्ड में घर-घर जाकर सर्वे भी कर रही है। बता दें कि प्रदेश में अब तक 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहला डोज लग चुका है। वहीं सरकार ने 18 वर्ष के उपर के लोगों में दोनों डोज का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए दिसंबर 2021 तक का समय तय किया है और उम्मीद है कि इस लक्ष्य को जल्द हासिल कर लिया जाएगा।

मप्र जनसम्पर्क विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म कू पर पोस्ट करते हुए लिखा- प्रदेश में आज एक बार फिर #MPVaccinationMahaAbhiyan के तहत द्वितीय डोज़ से छूटे हुए नागरिकों का कोविड टीकाकरण किया जाएगा। मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र का लाभ अवश्य लें . प्रदेश में आज एक बार फिर #MPVaccinationMahaAbhiyan के तहत द्वितीय डोज़ से छूटे हुए नागरिकों का कोविड टीकाकरण किया जाएगा।

मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र का लाभ अवश्य लें:

दिल्ली प्रदूषण के कारण स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद

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नई दिल्‍ली :देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्‍तर के चलते स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद, कर दिए गए हैं. साथ ही सरकारी विभाग में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू कर दिया गया है.दिल्‍ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि देश की राजधानी में में 21 नवंबर तक निर्माण कार्य पर प्रतिबंध रहेगा, साथ ही सरकारी विभागों में 100% वर्क फ्रॉम होम लागू होगा. यहां ज़रूरी सेवाओं के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री बैन कर दी गई है. दिल्ली में 1000 CNG प्राइवेट बसों को कल से हायर किया जाएगा. DDMA से मेट्रो और बस में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति मांगी गई है.
दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल, 15 साल पुरानी गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है.वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट की सघन जांच होगी. दिल्ली में 372 वॉटर टैंकर से छिड़काव हो रहा है, फायर ब्रिगेड की मदद से 13 हॉट स्पॉट पर पानी का छिड़काव किया जाएगा.दिल्ली में गैस के अलावा अन्य इंडस्ट्री को बैन किया गया इसके साथ ही ट्रैफिक कंजेन्शन की जांच के लिए ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया गया है.
दिल्‍ली और इसके आसपास के इलाकों में दिनों दिन बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्‍ली सरकार को आड़े हाथों लिया है. सु्प्रीम कोर्ट में हाल ही में केंद्र सरकार ने बताया था कि राजधानी में गंभीर प्रदूषण में पराली जलने से होने वाले धुएं का योगदान केवल 10 फीसदी ही है. दिल्ली के वायु प्रदूषण में खेत के कचरे को जलाने का योगदान 10 प्रतिशत है, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से ​कहा था कि वायु प्रदूषण में उद्योग और सड़क की धूल की बड़ी भूमिका है. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने केंद्र से सवाल किया था , “क्या आप सैद्धांतिक रूप से इस बात से सहमत हैं कि पराली जलाना कोई प्रमुख कारण नहीं है और यह “हल्ला” वैज्ञानिक और कानूनी आधार के बिना था.” जब केंद्र के वकील ने इसे स्वीकार कर लिया, तो न्यायाधीश ने कहा कि “दिल्ली सरकार के हलफनामे का कोई मतलब नहीं है” क्योंकि वे “केवल किसानों को दोष दे रहे हैं”.