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बुल्ली बाई एप के खिलाफ शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई – गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल । मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने वाले बुल्ली बाई एप पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह एप बंद कर दिया गया है लेकिन कोई शिकायत मिलती है तो हम भी कड़ी कार्रवाई करेंगे।

गृह मंत्री डा.मिश्रा ने कहा कि हमारे लिए नारी पूज्यनीय है । वह किसी भी धर्म , समाज की हो सदा सम्मानीय है । बुल्ली बाई एप को लेकर जानकारी मिली है कि उसमे मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट डाले गए थे । इसकी शिकायत मिलते ही केंद्र की मोदी सरकार ने इस एप को प्रतिबंधित कर दिया। जिन लोगो ने भी यह हरकत की है उनके खिलाफ केंद्र और अन्य राज्य कार्रवाई कर रहे हैं। इसको लेकर कोई शिकायत मिलती है तो मध्य प्रदेश पुलिस भी कड़ी कार्रवाई करेगी।

डा. मिश्रा ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की इस तरह की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। जो भी ऐसा करेगा उसे सजा भुगतनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के लिए महिलाओं का सम्मान सबसे पहले है, चाहे वह किसी भी धर्म की हों। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए ट्रिपल तलाक खत्म करने का कानून लागू किया।मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर व शिक्षित करने केंद्र व प्रदेश की शिवराज सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। गृह मंत्री ने उन लोगो को चेतावनी दी, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ सोशल मीडिया को टूल की तरह उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा काम अगर कोई करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

भाजपा और कांग्रेस के लिए मुसीबत बना ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा

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भोपाल। भाजपा और कांग्रेस के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा मुसीबत बन गया है। पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण न होने से दोनों इस मुद्दे से किनारा करने की कोशिश में हैं, वहीं एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने के चलते मामला ठंडा पड़ने के बजाय गरमा रहा है। इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच कमल नाथ अपनी तरफ से की गई कवायद को हमेशा सामने रखते हैं। हालांकि, अब भाजपा सरकार को इस मोर्चे पर दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है।

हला तो सरकारी भर्ती में 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शासन की कई भर्तियों में ओबीसी के लिए आरक्षण की जानकारी विधानसभा सत्र में भी दे चुके हैं। इन आंकड़ों के आधार पर दावा करते हैं कि उनकी सरकार ही ओबीसी की असली हितैषी है।

इधर, दूसरा संकट यह है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण खत्म करने से नाराजगी की आशंका है। पंचायत चुनाव के लिए जिन लोगों ने मैदान में ताल ठोक दी थी, उनकी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। ऐसे में सरकार के निर्णय को संगठन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की चुनौती है। दोनों ही मोर्चों पर सरकार की राह आसान नहीं है।

कांग्रेस के सामने भी दोहरा संकट है। वह खुद को ओबीसी हितैषी कैसे साबित करे, इस पर पार्टी की कवायद ठंडी है। कांग्रेस ने पंचायत चुनाव के खिलाफ याचिका लगाई तो ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया। यह मामला कानूनी दांवपेच में उलझ गया है। कांग्रेस इन आरोपों को तकनीकी पहलुओं की आड़ में गलत साबित करना चाहती है। कांग्रेस के सामने दूसरा बड़ा सकट ओबीसी वर्ग के नेताओं की कमी है। भाजपा जहां प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री तक कई बड़ेे पदों पर ओबीसी को मौका देने का तथ्य सामने रखती है, वहीं कांग्रेस के पास संगठन में ही ओबीसी चेहरों का अभाव है। अरुण यादव जैसे नेता संगठन में हैं, तो उपेक्षा के शिकार हैं।

भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया : पटेल

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने शासकीय नौकरियों में पहले 14 और फिर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। पंचायत चुनाव में 25 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया। रामजी महाजन आयोग बनाया और पिछड़ा वर्ग के हित में कदम उठाए।

कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है : भूपेंद्र सिंह

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है। दरअसल, पिछड़ा वर्ग के हित में भाजपा के लगातार कामों से कांग्रेस की कलई खुलने लगी है। मेरा संपूर्ण ओबीसी समाज से आग्रह है कि कांग्रेस की साजिश को समझें और कांग्रेस से बचकर रहें । यह वह कांग्रेस है, जिसने पिछड़ा वर्ग को छलने और उसे वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का ही काम किया है।

मध्‍य प्रदेश में मतांतरण की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हो : सीएम शिवराज

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भोपाल । प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के आधार पर भी जिलों की अलग से रैकिंग होगी। इसमें जिलों में होने वाले अपराध और उन पर की गई कार्रवाई के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। पुलिस भर्ती प्रति वर्ष होगी। थाने में अभी जब्त वाहनों का अंबार लगा रहता है। इससे ये कबाड़ की जगह नजर आते हैं। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। मतांतरण की घटनाएं हो रही हैं। एनजीओ की आड़ में चलने वाली ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को गृह विभाग की समीक्षा के दौरान दिए।

पुलिस की धमक और जनता का विश्वास होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की धमक होनी चाहिए। आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में खौफ होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी कितने दौरे करते हैं। वरिष्ठ अधिकारी इसका ब्योरा रखें और जांच भी करें। जटिल प्रकरणों की गुत्थियां सुलझाने में फारेंसिक साइंस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए सक्षम संस्थान और अनुसंधान प्रणाली विकसित की जाए। पुलिस थानों की भी ग्रेडिंग (सर्वश्रेष्ठ, बेहतर, नंबर दो और फिसड्डी) की जाए। साइबर क्राइम, ड्रग्स, नक्सलवाद, महिला और बच्चों के प्रति हो रहे अपराध को रोकने पर विशेष ध्यान रहे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को पुलिस में भर्ती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जनसंवाद करें और सूचना प्रौद्योगिकी में पुलिसकर्मियों को दक्ष किया जाए।

फिटनेस का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री ने भोपाल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सचिन अतुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की फिटनेस ऐसी ही होनी चाहिए। पेट बाहर निकला हुआ है और ढीला-ढाला शरीर नहीं होना चाहिए। एक आकर्षण होना चाहिए।

जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाएं रोकें

जेल विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाओं को से गंभीरता लें। ऐसे घटनाएं नहीं होनी चाहिए। कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग करें। हमें पांच साल में कितने जेल भवन बनाने हैं, यह तय कर लें। कुछ जगहों पर जेल शहर के बीच में हैं। इनकी जगह दूसरे स्थान पर जेल बनाई जाए। इससे जेल भवन भी बन जाएंगे और भूमि का सदुपयोग भी हो जाएगा। जेल भवन दो और तीन मंजिल बनाए जा सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। विचाराधीन कैदियों की संख्या भी कम हो। कैदियों के अस्वस्थ होने पर निजी चिकित्सकों से भी इलाज की व्यवस्था करें।

दो दिन मनेगी मकर संक्रांति, राशि के अनुसार करें इन सामग्रियों का दान

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इंदौर । सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर सक्रांति इस बार 14 जनवरी को होगा।इस दिन सूर्य देवता धनु राशि निकलकर मकर राशि में दोपहर 2.32 बजे प्रवेश करेंगे। इसके चलते पुण्यकाल सूर्य अस्त 5.55 बजे तक 3.37 मिनिट रहेगा। इस बार सक्रांति का वाहन बाघ, उपवाहन अश्व और हाथों में गदा रूपी शस्त्र है। ज्योतिर्विदों के मुताबिक मकर सक्रांति का सामान्य फल विद्वान और शिक्षित के लिए लाभ दायक रहेगी। अनिष्टकारी न होने के बावजूद भय और चिंता का वातावरण भी निर्मित होगा।साथ ही महंगाई पर नियंत्रण बना रहेगा।

मतमतांतर के साथ सक्रांति का पर्वकाल 15 जनवरी को भी माना जाएगा।ज्योतिर्विद् आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार मकर सक्रांति इस बार पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन 14 जनवरी को शुक्ल और ब्रह्म योग के मंगलकारी संयोग में मनाई जाएगी।इस दिन रोहणी नक्षत्र भी रहेगा।

शास्त्रों में उल्लेख है कि सूर्य अस्त होने से पहले जिस दिन सूर्य राशि परिवर्तन करता है उसी दिन उसका पर्व माना जाता है। इसके चलते विश्वविजय, निर्णय सागर, चिंताहरण आदि पंचांगों में पर्व 14 जनवरी का बताया गया है। इसके अलावा उदया तिथि की महत्ता के अनुसार 15 जनवरी को भी सक्रांति स्नान-दान मत-मतांतर के साथ लोग करेंगे।

ऐसा होगा संक्रांति का स्वरूप

-वाहन : बाघ

-उपवाहन : अश्व

-वस्त्र : पीले

-गमन : पूर्व दिशा

-शस्त्र : गद्दा

-पात्र : रजत

-गंधद्रव्य : कुमकुम

-वय : कुमारी

राशिनुसार इन सामग्री का करें दान

– मकर व कुंभ राशि वालों को इस दिन काले तिल और जरूरतमंद को कंबल दान करना चाहिए। इससे राहु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।

– मेष, तुला, सिंह और मिथुन राशि के जातकों को अशुभ प्रभाव से निजात के लिए कंबल दान करना चाहिए।

– वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को खिचड़ी और फल का दान करना चाहिए।इससे शनि की प्रसन्नता प्राप्त होती है।

– वृषभ, कर्क और कन्या राशि वालों को वस्त्र दान करना हितकर होगा।वस्त्र पुराने या इस्तामल किए नहीं होना चाहिए।

24 घंटों में मिले कोरोना के 33 हजार नए मरीज, 123 की मौत

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देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। ओमिक्रोन के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ओमिक्रोन के मामलों में भी तेज बढ़ोतरी हो रही है। कुल मामले बढ़कर 1,757 हो गए हैं। इनमें से 687 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ओमिक्रोन के मामले 23 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सामने आ हैं। सबसे अधिक महाराष्ट्र में 510, दिल्ली में 351 और केरल में 181 मामले मिले हैं। सोमवार को शाम छह बजे तक मिली सूचना के मुताबिक केरल में 29, कर्नाटक में 10 और गोवा में चार और नए मामले मिले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 33,750 नए मामले मिले हैं और 123 और मौतें हुई हैं। एक दिन पहले 27 हजार से कुछ ज्यादा केस मिले थे। सक्रिय मामलों में 22,781 की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सक्रिय मामले बढ़कर 1,45,582 हो गए हैं जो कुल मामलों का 0.42 प्रतिशत है। कोविन पोर्टल के शाम छह बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना रोधी वैक्सीन की 146.63 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं।.

जान्हवी कपूर बैकलेस टॉप में दिखा हॉट अवतार

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जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड अभिनेत्रियों में से एक है। जान्हवी अपनी एक्टिंग के साथ फैशन सेंस के कारण भी सुर्खियों में रहती है। हाल ही में एक्ट्रेस को न्यू ईयर पार्टी में जाते हुए देखा गया। हमेशा की तरह जान्हवी बेहद हॉट लग रही थीं। हालांकि कई नेटिजन्स ने उन्हें ट्रोल भी किया है।

विरल भयानी ने शेयर की फोटोज

जान्हवी कपूर की फोटोज को मशहूर सेलिब्रिटी फोटोग्राफर विरल भयानी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। जिसमें एक्ट्रेस ब्लैक कलर की वन शोल्डर बैकलेस टॉप और ब्लू रिब्ड जींस पहने नजर आ रही है। उन्होंने अपने लुक को एक बैग, स्नीकर्स, गोल्डन हूप इयररिंग्स और मास्क से पूरा किया है।

फैंस के करे कमेंट

खबर लिखे जाने तक पोस्ट को 35,982 यूजर्स लाइक कर चुके थे। कई यूजर्स ने जान्हवी की फोटोज पर जमकर प्यार बरसाया है। वहीं कुछ लोगों ने जमकर ट्रोल किया। एक ने कमेंट कर लिखा कि इसको ठंड नहीं लगती क्या। जबकि एक ने पहलवान और वजन कम करने की सलाह दी। एक ट्रोल ने कपड़े को लेकर एक्ट्रेस की जमकर क्लास लगाई। वहीं कई फैंस ने उन्हें हॉट, ग्लैमरस और स्टनिंग बताया।

काम करने की इच्छा

हाल ही में एक इंटरव्यू में सारा अली खान ने जान्हवी कपूर के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर करण जौहर मेरे,जान्हवी और विजय देवरकोंडा के साथ ‘कुछ कुछ होता है’ बनाए, तो यह बहुत अच्छा होगा।

मीडिया से खुद बात करेंगे विराट कोहली

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पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में छाये रहने के बावजूद विराट कोहली खुद मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं। कप्तान होने के बावजूद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले विराट ने साउथ अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उठे विवादों के बाद से कोहली ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ऐसे में मीडिया में लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं कि आखिर विराट कोहली मीडिया के सामने आने से क्यों बच रहे हैं? अब इस सवाल का जवाब मिल गया है। टीम को कोच राहुल द्रविड़ ने ही इसका खुलासा किया। टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि दरअसल कोहली अपने मीडिया मैनेजर की सलाह पर मीडिया से दूर हैं और वो अपने 100वें टेस्ट मैच के मौके पर मीडिया से मुखातिब होंगे।

जोहानिसबर्ग में सोमवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच से पहले रविवार को आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राहुल से पूछा गया कि कोहली क्यों प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आ रहे हैं तो राहुल ने बताया, “अभी उनका 100वां टेस्ट होने वाला है तो तब विराट सामने आएंगे। आनंद लोग (मीडिया) ने मुझे बताया कि उनको इसलिए रोक के रखा है ताकि 100वें टेस्ट से पहले उन्हें मीडिया के सामने लाया जाए। तब वह आपके सामने आएंगे और तब आप उनसे सवाल पूछ सकते हैं।”

विराट कोहली ने अभी तक 98 टेस्ट मैच खेले हैं। जोहानिसबर्ग में खेला जाने वाला अगला मैच उनके करियर का 99वां टेस्ट मैच होगा। इसके बाद इस सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच केपटाउन में खेला जाएगा, जो कोहली के करियर का 100वां टेस्ट मैच होगा। इस मैच से पहले विराट कोहली मीडिया से बात करेंगे। उनके अभी तक के आंकड़े देखे जाएं तो 98 मैचों में कोहली ने 7854 रन बनाए हैं, जिसमें 27 शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल हैं। कोहली ने हालांकि बीते दो साल से टेस्ट में कोई शतक नहीं जमाया है। उम्मीद है कि इस सीरीज में विराट कोहली अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करेंगे। कोच राहुल द्रविड़ ने भी भरोसा जताते हुए कहा कि कोहली के बल्ले से जल्दी बी बड़ा स्कोर आनेवाला है।

मध्‍य प्रदेश में दिवंगत 70 शिक्षक परिवारों को अध्यापक-शिक्षक संघ ने दिया संबल

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भोपाल । शिक्षक पति या पिता के दिवंगत होने के बाद आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे उनके स्वजन का जब मामूली पेंशन से काम नहीं चला और आर्थिक तंगी के कारण वे किसी समस्या में उलझे तब आजाद अध्यापक-शिक्षक संघ ने उन्हें संबल दिया। संघ ने 20-20 हजार रुपये देकर ऐसे 70 परिवारों की मदद की है। इनमें से कुछ परिवारों को नवंबर और कुछ को दिसंबर 2021 में सहयोग किया गया।

ज्ञात हो कि इन परिवारों को ही ध्यान में रखकर संघ ने पुरानी पेंशन प्रणाली की बहाली का अभियान छेड़ा है। मनोकामना यात्रा इसी अभियान का हिस्सा थी। संघ पुरानी पेंशन की बहाली की मांग पर अड़ा है और राज्य सरकार पर दबाव बनाने की नई रणनीति तय कर रहा है। संभवत: प्रदेश का यह पहला कर्मचारी संघ है, जिसने अपने सदस्यों का इस तरह से सहयोग किया है।

प्रदेश में दो लाख 85 हजार शिक्षक हैं। यह वर्ष 2018 में अध्यापक से शिक्षक बने हैं। इन्हें वर्तमान में अंशदायी पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है, पर इससे फायदा नहीं है। हालात यह हैं कि सेवानिवृत व दिवंगत शिक्षकों के स्वजनों को पेंशन के नाम पर हर माह 1200 से तीन हजार रुपये मिल रहे हैं। संघ इस राशि को भरण-पोषण के लिए नाकाफी मानता है और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है।

संघ के पदाधिकारी कहते हैं कि सरकार पिछले तीन साल में कोरोना एवं अन्य कारणों से दिवंगत हुए शिक्षकों के स्वजन की ही सुध ले। मनोकामना यात्रा में भी हमने यही बात की है। इतने परिवारों का सहयोग करने पर सरकार पर ज्यादा आर्थिक भार नहीं आएगा, पर सरकार सुन नहीं रही है।

आजीवन सदस्यों के स्वजन को मिली आर्थिक मदद

संघ ने उन्हीं दिवंगत सदस्यों के स्वजन की आर्थिक मदद की है, जिन्होंने आजीवन सदस्यता ली है। संघ को पांच सौ रुपये देकर आजीवन सदस्यता लेने वाले 22 हजार शिक्षक हैं। इन सदस्यों से इकठ्ठा की गई राशि में से 14 लाख रुपये दिवंगत सदस्यों के स्वजन को दी गई है। संघ आजीवन सदस्यता शुल्क में से 50 प्रतिशत राशि जिला इकाई को देता है और शेष राशि में से किसी सदस्य की आर्थिक सहायता सहित विभिन्न् कार्यक्रमों पर खर्च करता है।

चंबल की पहचान बदल रहा 13 साल के यशवर्धन

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इंदौर। क्रिकेट के भगवान पुकारे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की चमक दुनिया ने करीब 33 साल पहले तब देखी थी जब उन्होंने 14 साल की उम्र में नाबाद 326 रनों की पारी खेली थी और विनोद कांबली (349 नाबाद) के साथ 664 रनों की साझेदारी की थी। तब सचिन ने सिर्फ एक तिहरा शतक लगाया था, लेकिन मध्य प्रदेश के चंबल संभाग के 13 साल के यशवर्धन चौहान के बल्ले से लगातार ऐसी पारियां फूट रही हैं। रविवार को उन्होंने इंदौर संभाग के खिलाफ 391 रन बनाए। इसके पहले वे 425 और 235 रनों की पारियां भी खेल चुके हैं। साथ ही गेंद से भी कमाल दिखाते हुए हैट्रिक ली।

चंबल का नाम सुनते ही आंखों के सामने बीहड़ के दृश्य अनायास ही आ जाते हैं। बंदूक लिए बागियों के इस इलाके से अब हाथों में बल्ला लिए एक बच्चा नाम कमा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) द्वारा आयोजित एडब्ल्यू कनमड़ीकर ट्राफी (अंडर-13) में यशवर्धन लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं। कम उम्र में विकेट पर टिककर दो दिनों तक बल्लेबाजी करते हैं। रविवार को इंदौर संभाग जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 391 रनों की पारी खेलने के बाद गेंदबाजी करते हुए छह विकेट लिए। इसमें हैट्रिक शामिल है।

मैं रोज साढ़े तीन घंटे फिटनेस के लिए देता हू। इस कारण लगातार दो दिन तक बल्लेबाजी करते हुए भी थकान महसूस नहीं होती। मैं दिन में अधिकांश समय क्रिकेट का ही अभ्यास करता हूं। फिटनेस के बाद फील्डिंग और फिर बल्लेबाजी व गेंदबाजी का अभ्यास करता हूं। दाएं हाथ से आफ ब्रेक गेंदबाजी करने वाले यशवर्धन अब तक टूर्नामेंट में चार मैचों में 13 विकेट ले चुके हैं।

अब तक चार मैचों में 1098 रन बना चुके हैं। इसमें 200 से ज्यादा चौके हैं। मगर छक्का एक भी नहीं है। इतने रन किसी बल्लेबाज ने इस टूर्नामेंट में नहीं बनाए। इस बारे में यशवर्धन ने बताया मैं जब क्रीज पर पहुंचता हूं तो सोचता हूं कि 100 रन सिर्फ सिंगल या डबल से बनाना हैं। चौका लगाने की तुलना में छक्का मारने में सिर्फ दो रन ज्यादा मिलते हैं और आउट होने का जोखिम होता है। मैं अपने विकेट की कीमत समझता हूं। इसलिए मैदानी शाट खेलकर चौके लगाता हूं।

बेहद अनुशासित खिलाड़ी

कोच नावेद खान के अनुसार यशवर्धन बेहद अनुशासित हैं। अभ्यास के लिए समय पर मैदान पहुंचता है। कोई भी मौसम हो, वह अभ्यास नहीं छोड़ता। यदि बारिश में मैदान पर नहीं आ पाता तो फिटनेस पर वक्त बिताता है। इनका परिवार मूलत: भिंड जिले का है और वर्तमान में ग्वालियर में निवास करता है। कोरोनाकाल के पहले भी यशवर्धन इस टूर्नामेंट में खेले थे, लेकिन तब ऐसी सफलता नहीं मिली थी। इसके बाद उसने गलतियों में सुधार किया।

मेरठ मे पीएम मोदी ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी

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विधानसभा सीटों के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मेरठ दौरे पर हैं। पीएम ने यहां मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी। इससे पहले पीएम मोदी औघड़नाथ मंदिर और शहीद स्मारक गए। नीचे देखिए तस्वीरें। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, विश्वविद्यालय मेरठ सलावा और कैली गांवों को कवर करने वाले क्षेत्र में लगभग 700 करोड़ की अनुमानित लागत से स्थापित किया जाएगा। चुनाव वाले राज्य में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रधानमंत्री के देश के सभी हिस्सों में खेल संस्कृति को विकसित करने और विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे की स्थापना के दृष्टिकोण के अनुरूप होगी।

पीएम ने मेरठ की रैली में कही ये बातें

साल की शुरुआत में मेरठ आना अपने आप में मेरे लिए बहुत अहम है। भारत के इतिहास में मेरठ का स्थान सिर्फ एक शहर का नहीं है, बल्कि मेरठ हमारी संस्कृति और सामर्थ्य का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

मेरठ, देश की एक और महान संतान, मेजर ध्यान चंद जी की भी कर्मस्थली रहा है। कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार का नाम दद्दा के नाम पर किया था। आज मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यान चंद जी को समर्पित की जा रही।

मेरठ के इस क्षेत्र ने स्वतंत्र भारत को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राष्ट्र रक्षा के लिए सीमा पर बलिदान हो या फिर खेल के मैदान में राष्ट्र के लिए सम्मान, राष्ट्र भक्ति की अलख को इस क्षेत्र ने सदा सर्वदा प्रज्ज्वलित रखा है।

नूरपुर ने चौधरी चरण सिंह जी के रूप में देश को एक विजनरी नेतृत्व भी दिया।मैं इस प्रेरणास्थली का वंदन करता हूं, मेरठ और इस क्षेत्र का अभिनंदन करता हूं।

मैं उत्तर प्रदेश के नौजवानों को यूपी की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये आधुनिक दुनिया की श्रेष्ठ स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में से एक होगी।

प्रधानमंत्री ने खेल उत्पादों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन, कसरत भी की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर खिलाडिय़ों से बातचीत के बाद मेरठ में बनने वाले विभिन्न खेल उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान पीएम खेल कंपनियों के प्रत्येक स्टाल पर गए और खेल उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली। पीएम ने एक स्टाल पर कसरत भी की। उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे।

UP assembly election: AAP का चुनावी शंघनाद, लखनऊ में केजरीवाल की रैली

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार दोपहर लखनऊ के स्मृति उपवन मैदान में एक रैली को संबोधित करेंगे। यूपी चुनावों में AAP नेता भी दम लगा रहे हैं और प्रदेशभर में रैलियां करने के साथ ही 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 10 लाख नौकरी और बेरोजगारी भत्ता जैसे वादों पर लोगों से समर्थन पत्र ले रहे हैं। केजरीवाल की यह रैली पहले 28 नवंबर, 2021 को होनी थी, लेकिन टीईटी परीक्षा के कारण रद्द कर दी गई।