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गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 50 साल पुराने असम-मेघालय सीमा विवाद का अंत

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पिछले 50 सालों से चल रहा असम और मेघालय के बीच का सीमा विवाद अब खत्म हो गया है। राजधानी दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ने इससे जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर किया। मंगलवार को गृह मंत्रालय में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा पहुंचे और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सीमा विवाद से जुड़े समझौते को अंतिम रुप दिया। इस दौरान दोनों राज्यों के प्रमुख सचिव और अन्य अफसर भी मौजूद थे। समझौते के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि दोनों राज्यों के बीच विवाद के 12 बिन्दुओं में से 6 पर सहमति बन गई है और बाकी पर जल्द सहमति बनाई जाएगी।

असम-मेघालय के बीच कुल 884.9 किलोमीटर का बॉर्डर है जिसमें 12 विवादित क्षेत्र है। इनमें से 6 पर सहमति बन गई है, जो कुल विवादित हिस्से का 70 फीसदी है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने सीमा विवाद को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को जो सिफारिशें सौंपी थीं, उसके मुताबिक कुल 36.79 वर्ग किलोमीटर ज़मीन में से असम अपने पास लगभग आधी यानी 18.51 वर्ग किलोमीटर विवादित भूमि रखेगा और बाकी 18.28 वर्ग किलोमीटर ज़मीन मेघालय को देगा।

31 जनवरी को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गृह मंत्री अमित शाह को एक समझौता पत्र विचार के लिए सौंपा था। पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों ने 12 विवादित स्थानों में से छह में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए इसी साल 29 जनवरी को एक अंतर-राज्य सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ संयुक्त बैठक की थी और तय किया गया कि 29 मार्च को होनेवाली अगली बैठक में इस सीमा विवाद समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर फ़ैसला लिया जाएगा। उम्मीद है कि इस समझौते से इस दोनों राज्यों के बीच चली आ रही दशकों पुरानी दुश्मनी और हिंसक झड़पों का अंत हो जाएगा।

ट्रांसपेरेंट ड्रेस पहन शहनाज गिल ने कराया ऐसा फोटोशूट

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एक्ट्रेस शहनाज गिल ने एक ऐसी अदाकारा हैं, जिन्होंने अपने ट्रांसफॉर्मेशन से हर किसी को चौंका दिया है। रिसेन्टली, शहनाज गिल ने फेमस फोटोग्राफर डब्बू रतनानी से अपना हॉट फोटोशूट कराया है! शहनाज ने इस ड्रेस को फैशन लेबल Ken Ferns से पिक किया था, जो उनके समर कलेक्शन का पार्ट था। इस ट्यूल फैब्रिक से बनी ड्रेस पर हैंड एंब्रॉइडरी की गई थी, जिसमें मल्टीकलर मिरर्स और सीक्वेंस नजर आ रहे थे। शहनाज ने अपने इस बॉडीकॉन सिल्हूट के साथ कुछ एक्स्ट्रा एलिमेंट्स ऐड किए थे।

प्रमोद सावंत ने दूसरी बार ली गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ

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प्रमोद सावंत ने लगातार दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके नेतृत्व में भाजपा ने विधानसभा चुुनाव में जीत दर्ज की है। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में सुबह 11 बजे यह शपथ-ग्रहण समारोह हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्रमोद सावंत के साथ ही विश्वजीत राणे, माविन बुदिन्हो, रवि नाईक, नीलेश कब्रल, सुभाष शिरोडकर ने भी शपथ ली। समारोह में 10,000 से अधिक लोग शामिल हुए। यह दूसरी बार है जब गोवा के मुख्यमंत्री राजभवन परिसर के बजाय अन्य जगह पर शपथ ली है। वर्ष 2012 में मनोहर पर्रीकर ने पणजी के कैंपल मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने 29 मार्च से नई विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुलाया है। इस सत्र के दौरान सावंत को विश्वास मत हासिल करना होगा। सत्र के दौरान नए विधानसभा अध्यक्ष का भी चुनाव होगा। इस बीच भाजपा के रमेश तावड़कर ने गोवा विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले गोवा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी उनके साथ थे। रमेश तावड़कर गोवा के कानाकोना शहर से भाजपा विधायक हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने विधायक अलेक्सो सिकेरा को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया है।
हाल ही में संपन्ना राज्य चुनावों में, भाजपा ने 20 सीटों पर जीत हासिल की, जो 40 सदस्यीय सदन में बहुमत से एक कम है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा को समर्थन दिया है। सावंत (48) उत्तरी गोवा के सैंकलिम से विधायक हैं। 2017 में जब मनोहर पर्रीकर के नेतृत्व में भाजपा ने अपनी सरकार बनाई तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष चुना गया था। पर्रीकर के निधन के बाद उन्होंने मार्च 2019 में पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

ओबीसी मामले की आगामी सुनवाई जबलपुर हाई कोर्ट ने 27 अप्रैल को निर्धारित की

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जबलपुर। हाई कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती के मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित कर दी है। ओबीसी आरक्षण विरोध में 23 याचिकाएं व ओबीसी के आरक्षण के समर्थन में 35 सहित कुल 58 याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई। प्रशासनिक न्यायमूर्ति शील नागू व एमएस भट्टी की युगलपीठ में पक्ष रखा गया।

इसलिए निरस्‍त कर दिया था आवेदन : सर्व प्रथम अखिल भारतीय ओबीसी महासभा की ओर से उदय कुमार आधिवक्ता द्वारा दाखिल आवेदन पर सुनवाई की गई। उक्त आवेदन प्रकरणों के ओआइसी द्वारा जून 2021 में दाखिल शपथ पत्र में कुछ असत्य जानकारी कोर्ट में दाखिल करने के सम्बन्ध में था। ओआइसी के विरूद्ध दाण्डिक कार्रवाई करने हेतु दाखिल आवेदन को कोर्ट ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि अखिल भारतीय ओबीसी महासभा प्रकरण में इन्टरवींनर नहीं है। इसलिए उक्त आवेदन पर कोर्ट विचार नहीं कर सकता।

राज्य सरकार को निर्देशित किया कि मेडिकल में ओबीसी के 27% आरक्षण के मान से दिए गए प्रवेश में 13% याचिका के निर्णयाधीन रहेगा : इसके बाद कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका में पारित आदेश का अवलोकन किया व राज्य सरकार को निर्देशित किया कि मेडिकल में ओबीसी के 27% आरक्षण के मान से दिए गए प्रवेश में 13% याचिका के निर्णयाधीन रहेगा। शासन की ओर से महाधिवक्ता द्वारा कोर्ट को बताया कि शासन द्वारा प्रकरणों में समुचित आवेदन दाखिल किया जाना है इसलिए कोर्ट ने उक्त प्रकरणों को 27 अप्रैल 2022 फाइनल सुनवाई नियत की है। बिसेन आयोग द्वारा कलेक्ट किए डाटा न्यायालय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह व विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, विनायक प्रसाद शाह के पक्ष रखा तथा इन्टरवीनर्स की ओर से उदय कुमार, परमानंद साहू, आरजी वर्मा व त्रिलोकी नाथ सोनकर ने पक्ष रखा। प्रकरणों की आगामी सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होगी, 11 अप्रैल से होंगे ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन

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जम्मू-कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा दो साल के अंतराल के बाद अब 30 जून से फिर शुरू होने जा रही है। इस दौरान यात्रा में कोरोना महामारी को लेकर सभी प्रकार के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। यात्रा परंपरा के अनुसार रक्षा बंधन के दिन – 11 अगस्त को समाप्त होगी। 43 दिवसीय इस तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन 11 अप्रैल से शुरू होने वाले हैं। रविवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिमालय के अमरनाथ मंदिर की तीर्थयात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल ट्रैक दोनों से एक साथ शुरू होगी।

बोर्ड ने हेलीकॉप्टर से यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को छोड़कर, 10,000 की दैनिक मार्ग-वार तीर्थयात्रियों की सीमा निर्धारित करने का भी निर्णय लिया है। इसने यात्रियों के लिए 2.75 किलोमीटर लंबी बालटाल से डोमेल तक मुफ्त बैटरी कार सेवा का विस्तार करने का भी निर्णय लिया। बैठक के दौरान सिंह ने यह भी निर्देश दिया कि साधुओं और संत समाज की सुविधा के लिए अखाड़ा परिषदों, आचार्य परिषदों को विशेष निमंत्रण भेजा जाए।

राज्‍यपाल के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट भी किया गया है कि आज श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। 43-दिवसीय पवित्र तीर्थयात्रा 30 जून को सभी कोविड प्रोटोकॉल के साथ शुरू होगी और रक्षा बंधन के दिन परंपरा के अनुसार समाप्त होगी। हमने आगामी यात्रा पर भी विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की।

श्रद्धालुओं के लिए ये होंगे इंतज़ाम

इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी सभी प्रयास किए जाएंगे। यात्रियों के लिए संचार सुविधाएं भी बेहतर होंगी। विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों में तालमेल के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में श्राइन बोर्ड के सीईओ नितेश्वर कुमार ने यात्रा मार्ग और भवन में श्राइन बोर्ड द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।

कई नई पहल के साथ तैयारियां

इस वर्ष की यात्रा को लेकर अहम तैयारियां की ली गई हैं। अवास की क्षमता में वृद्धि के साथ, नए यात्री निवास भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं, बेहतर ट्रैक, दूरसंचार सुविधाएं, हेलीकाप्टर सेवाएं, श्राइन बोर्ड की ऐप, घोड़े वालों के लिए साल भर का वीमा, यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के लाभ के लिए कई पहल की गई हैं।

MP में बसे कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर जाना चाहते हैं तो सरकार करेगी मदद

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भोपाल। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में रह रहे कश्मीरी पंडित भाई-बहन अगर वापस कश्मीर जाना चाहते हैं, तो वे गृह विभाग को सूचित करें। सरकार‌ उनकी वापसी सुनिश्चित कराने के साथ-साथ भेजने की व्यवस्था भी करेगी। उन्होंने कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म नहीं देखने की बात कहने वाले कांग्रेस ‌सांसद विवेक तन्खा से निवेदन है कि वह मध्य प्रदेश में रह रहें, उन कश्मीरी पंडितों की सूची उपलब्ध करा दें जो वापस जाना चाहते हैं।

दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना

गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि कोर्ट से सजा होने के बाद दिग्विजय सिंह खुद को फंसाने की बात कहकर संघ और भाजपा का नाम ले रहे हैं। अगर उनका नाम बाद में जोड़ा गया‌ तो पहले क्यों नहीं कहा? दिग्विजय सिंह ऐसे अविश्वसनीय व्यक्ति है, जिन्हें सजा होने के बाद न्यायपालिका पर, चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं रहता। लोकतंत्र की इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि मध्यप्रदेश का बंटाधार करने वाले दिग्विजय सिंह बिजली समस्या पर जनता की राय मांग रहे हैं। फर्क इतना ही है कि दिग्विजय सरकार के समय बिजली कभी-कभी ही आती थी और भाजपा सरकार के समय बिजली कभी-कभी ही जाती है।

इमरान खान की पार्टी पर नया संकट

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पाकिस्तान में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। विपक्ष ने इमरान खान सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा है। तमाम विपक्षी दल इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। इस बीच, पंजाब प्रांत में भी इमरान खान की पार्टी की सरकार खतरे में पड़ती नजर आ रही है। यहां भी विपक्षी दलों ने पाकिस्तान तहरिक-ए-इंसाफ के अगुवाई वाली सरकार के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है।

इमरान खान ने इस्तीफा दिया, तो कौन बनेगा प्रधानमंत्री

कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं जो पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान की जगह ले सकते हैं। खान की जगह लेने वाले पहले उम्मीदवार पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ हैं, जो पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ के भाई हैं। सिंध के कृषि मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता मंजूर वासन भविष्यवाणी कर चुके हैं कि शाहबाज शरीफ देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे।

एक और नाम जो प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आता है, वह है पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी। वह पाकिस्तान की पूर्व प्रधान मंत्री बेनज़ीर भुट्टो के बेटे हैं। उन्होंने हाल ही में दावा किया था कि इमरान खान सरकार जाने वाली है।

BJP-TMC विधायक बीरभूम हिंसा मुद्दे पर आपस में भिड़े, सुवेंदू अधिकारी समेत 5 सस्पेंड

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बीरभूम हिंसा के मुद्दा पर सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने हिंसा के बहाने प्रदेश के हालात पर टिप्पणियां की और राष्ट्रपति शासन की मांग तो टीएमसी के विधायक भड़क गए। सदन में ही दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए सुवेंदू अधिकारी समेत 5 भाजपा विधायकों को सस्पेंड कर दिया। भाजपा विधायक बीरभूम हिंसा पर चर्चा की मांग कर रहे थे। तभी हंगामा शुरू हो गया और भाजपा विधायक मनोज तिग्गा के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। टीएमसी विधायक असित मजूमदार ने भी दावा किया कि अराजकता में उन्हें चोटें आईं।

इस बीच, भाजपा नेता अमित मालवीय द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में विधायकों के एक समूह को एक-दूसरे को धक्का देते और चिल्लाते हुए दिखाया गया है। वहीं एक अन्य वीडियो में एक विधायक अन्य विधायकों पर उन्हें धक्का देने और उनकी शर्ट फाड़ने का आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझे धक्का दिया…मेरी कमीज फाड़ दी।’

भाजपा के ये पांच विधायक सस्पेंड

1. सुवेंदू अधिकारी

2. मनोज तिग्गा

3. नरहरि महतो

4. शंकर घोष

5. दीपक बर्मन

बंगाल के बीरभूम में 22 मार्च को घरों में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी। अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार तड़के बोगटुई गांव में पेट्रोल बम फेंके और कुछ 10 घरों में आग लगा दी थी। यह घटना स्थानीय पंचायत के एक सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उप प्रमुख की कथित हत्या के बाद हुई।

ग्वालियर में जल्द होगा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच- केंद्रीय मंत्री सिंधिया

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ग्वालियर। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री और ग्वालियर डिवीजन किक्रेट एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के क्रिकेट प्रेमी जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के साक्षी बनेंगे। ग्वालियर में निर्माणाधीन अत्याधुनिक स्टेडियम अगले 10 से 11 माह के अंदर तैयार हो जाएगा। इसके बाद मध्यप्रदेश के कोटे का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच ग्वालियर में खेला जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ग्वालियर चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन की एजीएम (वार्षिक साधारण सभा ) को संबोधित कर रहे थे।

रविवार को यहां एमआइटीएस के सभागार में आयोजित हुई साधारण सभा की संयुक्त बैठक में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दोनों क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा कि क्षेत्र की क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रभावी तरीके से क्रिकेट शिविर आयोजित करें। उन्होंने कहा कि जड़ मजबूत होने पर ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट तक पहुंचा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने पिछले दो साल में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वैंकटेश अय्यर व आवेश खान अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं और वर्तमान में आइपीएल में खेल रहे हैं। ग्वालियर व चंबल संभाग के क्रिकेट खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा वैश्विक महामारी कोविड की वजह से खेल गतिविधियां भी कठिन दौर से गुजरी हैं। अब फिर से स्वतंत्र वातावरण में क्रिकेट खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्सुक हैं। क्रिकेट एसोसिएशन खिलाड़ियों को हर संभव मदद करेगी। सिंधिया ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और श्रेष्ठतम खिलाड़ी ही टीम में शामिल किए जाएंगे।

चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने सिंधियाः चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में केंद्रीय मंत्री सिंधिया को सर्व सम्मति से एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। अभी तक प्रशांत मेहता चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

वार्षिक क्रिकेट कैलेंडर सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई चर्चाः ग्वालियर एवं चंबल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन की अलग-अलग बैठकों में प्रस्तावित वार्षिक कैलेंडर पर चर्चा हुई। साथ ही अगले साल के बजट का अनुमोदन किया गया। जीडीसीए के चैयरमैन प्रशांत मेहता ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जीडीसीए के खिलाड़ीः बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020-21 में ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के विक्रांत भदौरिया ने अंडर-19 इंडिया ए चैलेंजर ट्राफी, अमन भदौरिया ने अंडर-19 चैलेंजर ट्राफी, शुभम कुशवाह ने अंडर-19 चैलेंजर ट्राफी इंडिया डी एवं यतेन्द्र प्रजापति ने अंडर-18 चैलेंजर ट्राफी में प्रतिनिधित्व कर ग्वालियर का नाम रोशन किया। इसी तरह महिला क्रिकेट में अनुष्का शर्मा ने गर्ल्स अंडर-19 चैलेंजर ट्राफी खेली। साथ ही अंडर-18 इंडिया बी टीम की कप्तानी भी की।

महाकोशल, विंध्‍य के देवी मंदिरों में शुरू हो गई नवरात्र पर्व की तैयारी

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जबलपुर । नवरात्र पर्व आते ही देवी मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। दो अप्रैल से यह पर्व भक्‍त अपनी आस्‍था की थाल लेकर दरबार में पहुंचते हैं। महाकोशल और विंध्‍य क्षेत्र में ऐसे कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां नौ दिन मातारानी के दरबार में भक्‍तों का मेला भरता है। पर्व के लिए मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। मैहर की मां शारदा के दरबार में देशभर के श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में यहां आने वाले भक्‍तों के लिए कई विशेष ट्रेनों का विशेष ठहराव भी तय किया है। इसी तरह अन्‍य शहरों में भी भक्‍तों की व्‍यवस्‍था के लिए तैयारी शुरू हो गई है।मैहर में मां

शारदा के दरबार में पहुंचते हैं लाखों भक्त :

मां शारदा के दरबार मैहर में इस वर्ष 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जिसे लेकर सतना और मैहर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए खुद कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा जो कि मां शारदा प्रबंध समिति के अध्यक्ष भी हैं वे तैयारियों की मानीटरिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस वर्ष चैत्र नवरात्र के पूरे नौ दिनों में 15 लाख श्रद्धालुओं के मैहर पहुंचकर मां शारदा के दर्शन करने की संभावना है। मां शारदा का दरबार पूरे मध्य प्रदेश सहित देशभर में विख्यात है। जहां त्रिकुट पर्वत पर विराजित आदिशक्ति का रूप मां शारदा के दर्शन करने लोग 1063 सीढियां चढ़कर जाते हैं। जहां भक्तों की हर मन्नत पूरी होती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों के अलावा वैन और रोपवे से भी जाया जा सकता है। सतना जिला मुख्यालय से मैहर की दूरी 35 किलोमीटर है।

यहां मिला था मां को अमरत्व का वरदान, आज भी होते हैं चमत्कार: मैहर में मां शारदा के मंदिर को चमत्कार के रूप में भी जाना जाता है। कहा जाता है कि मां के अनन्य भक्त आल्हा ऊदल को मां ने अमरत्व का वरदान दिया था जिसके बाद से आज तक मां की पहली पूजा आल्हा ही करते हैं। आज भी सुबह पुजारी जब मां के दरबार का ताला खोलते हैं तो वहां फूल चढ़ा हुआ मिलता है। कई बार मंदिर की घंटियां अपने आप बजती सुनाई देती हैं। त्रिकुट पर्वत के नीचे अल्हादेव का मंदिर और अखाड़ा भी बना है।

माई के हार के नाम पर पड़ा मैहर का नाम: मैहर नगरी का नाम मां शारदा के नाम पर ही पड़ा है। बताया जाता है कि इस स्थान पर माता सती का गले का हार गिरा था जिसके बाद इस नगरी का नाम माई के हार पर मैहर पड़ा और यह माता के 52 शक्ति पीठों में से एक है।