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राहुल द्रविड़ की जगह 7 मैचों के लिए टीम इंडिया के हेड कोच बन सकते हैं वीवीएस लक्ष्मण

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नई दिल्ली : टीम इंडिया का बिजी शेड्यूल एक बार फिर से देखने को मिलेगा, जब एक साथ दो टीमें फिर से एक्शन में नजर आएंगी। सफेद गेंद वाली टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपनी सरजमीं पर मुकाबला खेलेगी, जबकि आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज भी टीम इंडिया को खेलनी है। इसी दौरान टीम इंडिया टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड के दौरे पर जाएगी। ऐसे में दो कोचिंग स्टाफ देखने को मिल सकते हैं। ऐसा दूसरी बार होगा, जब एक नियमित और एक पार्ट टाइम कोचिंग स्टाफ होगा।

राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाला कोचिंग स्टाफ अगले महीने इंग्लैंड का दौरा करेगा। टीम इंडिया के मुख्य कोच की अनुपस्थिति में वीवीएस लक्ष्मण को दक्षिण अफ्रीका और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए मुख्य कोच की भूमिका निभानी पड़ सकती है। इनसाइडस्पोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई लक्ष्मण को द्रविड़ के स्थान पर सीमित समय के लिए टीम इंडिया का हेड कोच बनाएगी, जो इस समय नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) के प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “अब हमारे पास बर्मिंघम टेस्ट से पहले 24 जून को लीसेस्टरशायर के खिलाफ अभ्यास मैच है। राहुल द्रविड़ और टीम 15 या 16 जून को रवाना होगी। हम वीवीएस (लक्ष्मण) से भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 सीरीज और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में कोच की भूमिका निभाने के लिए कहेंगे।” दिलचस्प बात यह है कि राहुल द्रविड़ जब एनसीए प्रमुख थे तो उन्होंने श्रीलंका के दौरे पर मुख्य कोच की भूमिका निभाई थी, क्योंकि रवि शास्त्री मुख्य टीम के साथ इंग्लैंड में थे।

टीम इंडिया 9 से 19 जून तक 5 T20I मैचों में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करने वाली है। घरेलू सीरीज के बाद टीम 26 और 28 जून को 2 T20I खेलने के लिए आयरलैंड रवाना होगी। वहीं, इस टी20 सीरीज के बीच में सीनियर टीम यूके के लिए रवाना होगी, जहां जुलाई में एक टेस्ट, तीन वनडे और इतने ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। इससे पहले टेस्ट मैच के अभ्यास के लिए टीम इंडिया को लीसेस्टरशायर के खिलाफ अभ्यास मैच खेलना है। इसके लिए अगले हफ्ते टीम का ऐलान होगा।

MP में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने की मंजूरी

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भोपाल : मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचाचत चुनाव को लेकर राज्य सरकार को एतिहासिक सफलता मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने  पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश में पचास फीसदी आरक्षण रखते हुए  मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को एक सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा सरकार पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दे सकती है। लेकिन आरक्षण किसी भी हालत में पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022 में किए गए परिसीमन को भी मान लिया है। कोर्ट ने  कहा है कि सरकार और चुनाव आयोग इस मामले में एक सप्ताह में अपनी स्थिति स्पष्ट करे और चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करे। कोर्ट के फैसले के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, आज का दिन एतिहासिक है।  सत्य की जीत हुई है। ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को प्रणाम है। ओबीसी आरक्षण को रुकवाकर कांग्रेस ने पाप किया था।

मजबूती से रखा पक्ष: भूपेंद्र सिंह
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगरीय विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार ने कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा है। प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की वस्तृत रिपोर्ट रखी है। कोर्ट ने कुछ और जानकारी मांगी। वह उपलब्ध करा रहे हैं।

2022 का परिसीमन भी मंजूर
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग 2022 के परिसीमन के आधार पर अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तय करेंगे। यह आरक्षण किसी भी हालत में पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। राज्य निर्वाचन आयोग आरक्षण की मौजूदा वैधानिक स्थिति के आधार पर चुनावों के लिए अधिसूचना जारी करेगा। निकायों के चुनाव पहले और पंचायतों के चुनाव उसके बाद कराए जाएंगे। एक सप्ताह में आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी कर देगा और प्रदेश में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावशील हो जाएगी।

ये न्याय नहीं: नाथ
सुप्रीम कोर्ट से ओबीसी आरक्षण को लेकर फैसला आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने दिल्ली में कहा कि यह अन्याय है। न्याय नहीं हुआ। इस व्यवस्था से ओबीसी को 14 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं मिलेगा। भाजपा सरकार ने ओबीसी को लेकर सही से कोर्ट में पक्ष नहीं रखा। ट्रीपल टेस्ट की रिपोर्ट भी सही से नहीं पेश की। हमारी अभी भी मांग है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

सीआरपीएफ ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने की सुरक्षा करेगी

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वाराणसी : वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने को प्रशासन ने 9 ताले लगाकर सील कर दिया है. इसके साथ ही वजूखाने की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ को सौंप दी गई है. सीआरपीएफ के दो जवान 24 घंटे सील किए गए वजूखाने की रखवाली करेंगे. सीआरपीएफ के दोनों जवानों की ड्यूटी शिफ्ट के हिसाब से चौबीसों घंटे लगी हुई.

यानी हर शिफ्ट में दो-दो जवान वहां मुस्तैदी से डटे रहेंगे ताकि शिवलिंग के उस स्थान को कोई नुकसान ना पहुंचाया जा सके. हर शिफ्ट में मंदिर सुरक्षा के प्रमुख डिप्टी एसपी रैंक के मंदिर सुरक्षा अधिकारी और सीआरपीएफ के कमांडेंट औचक निरीक्षण करेंगे और शिवलिंग के स्थान की सुरक्षा देखेंगे. कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है.

वाराणसी प्रशासन के मुताबिक, वजू के उस स्थान पर छोटा सरोवर है जिसे सील कर लिया गया है क्योंकि यह इलाका पहले से लोहे के बैरिकेड और जालों से घिरा हुआ है. यह वही स्थान है, जहां हिंदू पक्ष ने शिवलिंग मिलने का दावा किया है. हालांकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वजूखाने में शिवलिंग नहीं बल्कि फव्वारा मिला है.

वजूखाने का एक और वीडियो, शिवलिंग या फव्वारा?

इस बीच मस्जिद के वजूखाने से जुड़ा एक और वीडियो सामने आ गया है. ये दूसरा वीडियो भी पुराना बताया जा रहा है. इसे लेकर अब तक कुल दो वीडियो वायरल हैं. प्रशासन का कहना है कि दोनों वीडियो एक-दो महीने पुराने हैं. खैर अब सबके मन में सवाल है कि वजूखाने में मिली पत्थरनुमा आकृति वाकई में क्या है शिवलिंग है या फव्वारा?

अगर ये साबित हो गया कि ये वाकई शिवलिंग ही है तो मंदिर के अस्तित्व को लेकर अंधेरे की गुंजाइश ही खत्म हो जाएगी, लेकिन ये तय कर पाना आसान नहीं. इसे वैज्ञानिक और पुरातत्विक पैमाने पर परखना-जांचना होगा. अभी तो सिर्फ मोटे तौर पर तर्क -वितर्क चल रहे हैं. हिंदू पक्ष इसे शिवलिंग बता रहा है तो मुस्लिम पक्ष इसे फव्वारा.

हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के अपने-अपने तर्क

दरअसल -हिंदू पक्ष कह रहा है आकृति साफ-साफ बता रही है ये शिवलिंग है. मुस्लिम पक्ष कह रहा है उपरी हिस्से की बनावट बता रही ये फव्वारा है. हिंदू पक्ष तर्क दे रहा है कि ये एक ही पत्थर से बनी संरचना है, शिवलिंग ऐसे ही बनते हैं. मुस्लिम पक्ष की दलील है कि ये अभी कैसे तय हो गया कि ये एक ही पत्थर से बना है.

हिंदू पक्ष का सवाल है कि फव्वारा है तो इससे पानी क्यों नहीं निकलता? पानी का प्रवाह क्यों नहीं दिख रहा? मुस्लिम पक्ष का जवाब है कि गहरे सुराख दिख रहे हैं इसलिए ये फव्वारा ही है. खैर ज्ञानवापी में बाबा मिले या नहीं, ये तो कोर्ट को तय करना है, लेकिन जिन महिलाओं की अर्जी पर ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे हुआ, उन्होंने अदालत में नई अर्जी दाखिल कर दी है.

कोर्ट में महिला वादियों ने दी नई अर्जी

नई अर्जी में कहा गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद के पूर्वी हिस्से में नंदीजी के सामने व्यासजी के तहखाने में एक अस्थायी दीवार है, उसे हटाकर शिवलिंग तक पहुंचने का रास्ता बनाया जाए. साथ ही शिवलिंग वाली जगह के आसपास का मलबा हटाया जाए. महिला वादियों का कहना है कि चूंकि ज्ञानवापी में बाबा मिल गए हैं इसलिए पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए.

हमने नर्मदा को बर्बाद करने का महापाप किया – सीएम

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारे देश में समस्या है कि विद्वान ज्ञान बहुत देते हैं। समस्याएं बहुत बताते हैं पर जब खुद काम करने की बारी आए तो बुद्धि विलास तक सीमित रह जाते हैं। स्व. अनिल माधव दवे ने अपना जीवन देश के लिए जिया। वे अपना काम अधूरा छोड़ गए हैं, जिसे पूरा करने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यह उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि वे रोज एक पौधा लगाते हैं और अब अपने खेतों में एक छोटी सी नर्सरी भी बनाएंगे।

राजधानी के नेहरू नगर स्थित मैपकास्ट के सभागार में स्व. अनिल माधव दवे की स्मृति में आयोजित नदी उत्सव में सीएम चौहान ने कहा कि मेरी दो मां हैं, एक जन्म देने वाली और दूसरी नर्मदा मां है। सतपुड़ा और विन्ध्याचल नर्मदा मां के दो भाई हैं। मैंने नर्मदा का विध्वंस अपनी आंखों से देखा है। यह हम सबने किया है। खासतौर पर जिन किसानों की जमीन नर्मदा के किनारे थी। हमने नर्मदा को बर्बाद करने का महापाप किया है। विनाश के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं।

कई लोगों ने नर्मदा के किनारे ही बड़े आश्रम तान दिए। नर्मदा को बचाना है तो सिर्फ गुडी-गुडी बोलने से काम नहीं चलेगा। हम नर्मदा किनारे सारे शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहे हैं। नर्मदा किनारे कोई नया निर्माण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल वालों ने टायलेट में फ्लश करके कलियासोत और बड़े तालाब में फेंक दिया है।

सभी जिलों में शुरू होंगे प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा है कि फसलों में उपयोग किए जा रहे कीटनाशकों से केवल कीट नहीं मरते हैं, बल्कि अन्न और सब्जियों के साथ मनुष्य के शरीर में जाकर ये मनुष्य को भी बीमार करते हैं। इस धरती को आने वाली पीढ़ियों के रहने लायक रहने देना है, तो हमें अभी से रासायनिक खेती की बजाय धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा।

नदी मरती है तो एक संस्कृति भी मरती है: पटेल
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि जब एक नदी मरती है तो एक संस्कृति भी मरती है। नदियों के मरने से संस्कृतियों का अंत होता है। हमने न जाने कितनी ऐसी नदियों को मरते देखा है। ऐसी कितनी संस्कृतियों की हत्या की है। हमें इस ओर ध्यान देना होगा और अपनी गलतियों को सुधारना होगा। मंत्री पटेल ने ये बातें नदी उत्सव 2022 को लेकर आयोजित कार्यक्रम खेती किसान-नदी की जुबानी कार्यक्रम में मैपकास्ट के सभागार में कहीं। इस मौके पर प्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा भी मौजूद रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा। शाम की इसी तारतम्य में नदी का घर (स्व दवे का निवास) में भजन संध्या होगी। कल दिन में मैपकास्ट सभागार में खुला सत्र चर्चा के लिए आयोजित किया गया है।

उपजाऊ क्षमता बढ़ाती है प्राकृतिक खेती
सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज से प्रदेश के 17 जिलों में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हुआ है। यह प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती पूरी तरह से कुदरती खेती है। यह भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ाती है। इसमें रासायनिक खाद, कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें पानी भी कम लगता है। बाहर से किसी भी प्रकार की खाद या अन्य सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। प्राकृतिक खेती केवल कर्मकांड नहीं है, धरती को बचाने का अभियान भी है। नदियों को बचाने का अभियान है। इंसान की जिंदगी को बचाने का भी अभियान है। ये धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है, पशु-पक्षी, कीट-पतंगे, जीव-जंतुओं के लिए भी है।

भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए SA की टीम घोषित

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नई दिल्लीः भारत में पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम की घोषणा की गई है. टीम का नेतृत्व टेम्बा बावुमा करेंगे. यह टीम 2021 के अंत में आईसीसी टी20 विश्व कप के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेगी. सीरीज 9 से 19 जून के बीच होगी.

21 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स को पहली बार मौका दिया गया है. ट्रिस्टन स्टब्स आईपीएल 2022 में मुंबई इंडियंस के स्क्वॉड में शामिल हैं. इस फ्रेंचाइजी में शामिल ‘बेबी एबी’ डिवॉल्ड ब्रेविस को लेकर भी चर्चा हो रही थी, लेकिन उन्हें दक्षिण अफ्रीकी टीम में डेब्यू का मौका नहीं मिला.

‘बल्लेबाजी से किया था सबको प्रभावित’
मध्यक्रम के बल्लेबाज ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) टी20 चैलेंज में पिछले सीजन में अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया था, जिसमें उन्होंने सात पारियों में 48.83 के औसत और 183.12 के स्ट्राइक रेट से 23 छक्कों सहित 293 रन बनाए थे. आईपीएल 2022 के लिए मुंबई इंडियंस कैंप में बुलाए जाने से पहले वह जिम्बाब्वे में दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ टीम का भी हिस्सा थे.

एनरिक नॉर्खिया की टीम में वापसी
अन्य चयनित खिलाड़ियों में तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्खिया की वापसी हुई है, जो दिसंबर 2021 से चोट से उबर रहे हैं और बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स और हेनरिक क्लासेन को भी टीम में शामिल किया गया है.

वेन पार्नेल की भी हुई वापसी
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने कहा, “नॉर्खिया को खेलने के लिए चिकित्सकीय रूप से मंजूरी दे दी गई है और वर्तमान में वह आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं.” वेन पार्नेल भी 2017 में टीम के इंग्लैंड दौरे के बाद पहली बार टी20 के लिए वापसी कर रहे हैं.

केशव महाराज और नंबर 1 टी20 गेंदबाज तबरेज शम्सी के अलावा, बाकी टीम आईपीएल खिलाड़ियों से बनेगी, जिसमें क्विंटन डी कॉक, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, ड्वेन प्रिटोरियस, कगिसो रबाडा, रॉस्सी वैन डेर डूसन और मार्को जेनसन शामिल हैं.

‘अच्छे खिलाड़ी हैं ट्रिस्टन स्टब्स’
सीएसए के चयनकर्ताओं के संयोजक विक्टर म्पित्सांग ने कहा, “ट्रिस्टन स्टब्स एक अच्छे खिलाड़ी हैं और हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि वह कैसी बल्लेबाजी करते हैं और हम टेम्बा की टीम में रीजा हेंड्रिक्स, क्लासी (हेनरिक क्लासेन), वेन पार्नेल, तबरेज शम्सी और केशव महाराज को खेलते देखने का इंतजार कर रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “देश भी हमारे साथ सामूहिक रूप से एनरिक नॉर्खिया की वापसी पर खुश हैं, जो एक चोट से उबरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. दुनिया की नंबर एक टी20 टीम के खिलाफ राष्ट्रीय चयन पैनल और मैं प्रोटियाज को बेहतर करते देखने के लिए वास्तव में उत्साहित हैं. हम टेम्बा बावुमा और कोच मार्क बाउचर को शुभकामनाएं देते हैं.”

मौनी रॉय ने बॉडीकॉन ड्रेस में दिखाईं अदाएं

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छोटे पर्दे से लेकर बॉलीवुड तक अपने हुस्न के जलवे बिखेर चुकीं खूबसूरत एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं रह गई हैं. एक्ट्रेस हमेशा किसी न किसी कारण लाइमलाइट में रहती हैं. वह अक्सर अपने बोल्ड अंदाज से लोगों के होश उड़ा देती हैं. मौनी ने अपनी अदाकारी से तो दर्शकों का दिल जीता ही है, इसके अलावा लोग उनके स्टाइलिश अंदाज के दीवाने रहते हैं.
मौनी अपने चाहने वालों के साथ जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया साइट्स पर भी खूब एक्टिव रहती हैं. वह आए दिन तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर फैंस के होश उड़ाती रहती हैं. मौनी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां फैंस उनकी एक झलक पाने के लिए बेकरार रहते हैं. उनके फैंस भी मौनी के लेटेस्ट पोस्ट का बेसब्री से इंतजार करते हैं.
अब मौनी एक बार फिर से अपने लेटेस्ट फोटोशूट की वजह से सुर्खियों में हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह क्रीम बॉडीकॉन ड्रेस में नजर आ रही हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक्ट्रेस पार्क में बैठकर दिलकश अदाएं दिखा रही हैं.
मौनी ने एक साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह अलग-अलग पोज देती नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस ने एक बार फिर से सभी को दीवाना बना दिया है. तस्वीरों में एक्ट्रेस का सिजलिंग अवतार देखने को मिल रहा है. फैंस यहां उनकी तारीफें करते नहीं थक रहे हैं. कुछ ही घंटों में मौनी के इस पोस्ट पर एक लाख से ज्यादा लाइक्स आ चुके हैं. दूसरी ओर, कमेंट बॉक्स में भी लगातार लोग रिएक्शन दे रहे हैं. फैंस के साथ-साथ तमाम यूजर्स के लिए तस्वीरों से नजरें हटाना मुश्किल हो गया है.

सुप्रीम कोर्ट पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आकलन के बाद आरक्षण पर सुनाएगा फैसला

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भोपाल।  मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)आरक्षण के साथ होंगे या नहीं इसके लिए अभी प्रदेशवासियाें काे इंतजार करना पड़ेगा। क्याेंकि सुप्रीम काेर्ट ने सभी पक्षाें काे सुनने के बाद फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुप्रीम काेर्ट पिछड़ा वर्ग आयाेग की रिपाेर्ट का आकलन करने के बाद फैसला सुनाएगा। इस मामले में बुधवार काे सुबह 10 बजे और गुरुवार काे दाेपहर 2 बजे का समय तय किया गया है।

वहीं मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सुप्रीम काेर्ट ने कुछ और जानकारी मांगी हैं, जिसे जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। गाैरतलब है कि शिवराज सरकार सुप्रीम कोर्ट में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की वार्डवार रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। साथ ही पुनर्विचार आवेदन में 2022 के परिसीमन से चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी।सुप्रीम कोर्ट ने दस मई को राज्य निर्वाचन आयोग को दो सप्ताह के भीतर चुनाव की अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए हैं। आयोग अपने स्तर पर तैयारी कर चुका है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग से उन निकायों की जानकारी मांगी गई है, जहां कार्यकाल पूरा हो चुका है और चुनाव कराए जाने हैं। वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से नए परिसीमन के आधार पर आरक्षण करने के लिए कहा गया है।

दोनों विभागों ने अपने स्तर पर तैयारियां भी कर ली हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल, सरकार ने चुनाव कराने के लिए आरक्षण सहित अन्य प्रक्रिया करने के लिए दो-तीन सप्ताह का समय मांगा है। सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट यदि राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट को मान्य कर लेता है तो फिर ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। आयोग ने सरकार से ओबसी को 35 प्रतिशत आरक्षण देने की अनुशंसा की है। आयोग का दावा है कि प्रदेश के कुल मतदाताओं में 48 प्रतिशत ओबीसी हैं।

27 प्रतिशत टिकट देने की घोषणा

उधर, भाजपा और कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव होने की स्थिति में 27 प्रतिशत टिकट ओबीसी को देने की घोषणा कर दी है। दरअसल, प्रदेश में ओबीसी कई विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका में हैं और अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दोनों प्रमुख दल इस वर्ग की नाराजगी मोल लेना नहीं चाहते हैं।

राहत नहीं मिली तो इसी सप्ताह अधिसूचना

सरकार के आवेदन पर यदि सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती है तो राज्य निर्वाचन आयोग इसी सप्ताह चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। आयोग ने इसके लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। कलेक्टरों के साथ वीडियो कांफ्रेंस और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर समीक्षा की जा चुकी है। सरकारी प्रेस को मतपत्र सहित अन्य प्रपत्र मुद्रण के लिए कागज सहित अन्य तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

महापौर और अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की तैयारी

सरकार नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराना चाहती है। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि संशोधन अध्यादेश का प्रारूप तैयार करके राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के लिए भेज दिया है। माना जा रहा है कि इसे मंगलवार को अनुमति मिल सकती है।

प्रत्यक्ष प्रणाली में नगर निगम के महापौर, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के माध्यम से कराया जाएगा। कमल नाथ सरकार ने नगर पालिक विधि अधिनियम में संशोधन करके महापौर और अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षदों के माध्यम से कराए जाने की व्यवस्था लागू कर दी थी, जो प्रभावी है।

सीएम शिवराज ने किया मिशन नगरोदय का शुभारंभ

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भोपाल । राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिशन नगरोदय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कामों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है। प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के हिताग्रहियों को गृह प्रवेश कराने के साथ 30 हजार आवासों का भूमि पूजन किया। एक लाख 65 हजार हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 210 करोड़ रुपये वितरित किए है।

मुख्‍यमंत्री ने कहा आज का दिन अद्भुत है। लगभग ₹22 हजार करोड़ के विकास कार्यों का प्रारंभ, लोकार्पण विजन के साथ प्रस्तुतीकरण हुआ है। एक वैभवशाली, गौरवशाली, सम्पन्न, विकसित भारत के निर्माण कार्य में प्रधानमंत्रीजी लगे हैं। भारत को अगर आत्‍मनिर्भर बनाना है तो बिना शहरों के हो नहीं सकता। शहर प्रदेश का चेहरा होते हैं। ​शहर ग्रोथ का इंजन होते हैं। शहर रोजगार प्रदान करते हैं। शहर सुंदर, सुविधायुक्त होने चाहिए। मुझे गर्व है स्वच्छता में 20 टाप शहरों में चार मध्यप्रदेश के हैं। हमारे छोटे-छोटे शहरों ने भी चमत्कार किया। उन्होंने अपना अलग स्थान बनाया है। अब 411 शहरों में गंदा मल जल का पानी खुले नालों में नहीं बहेगा। पेयजल भी सभी 411 शहरों में, ये पैसा विशेष प्रकार के कार्यों के लिए है। शुद्ध पीने का पानी हमारा संकल्प है हमारी विजन और सोच का प्रकटीकरण है जो प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम कर रहे है।

उन्‍होंने कहा कि शहर है तो गरीबों के लिए भी, निम्न मध्यम वर्गीय के लिए भी है, नौजवानों का भी शहर है। शहरी गरीबों के लिए लगातार मकान बनाने का काम जारी है। ये हमारी विजन और सोच का प्रकटीकरण है जो प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम कर रहे है। शहर है तो गरीबों के लिए भी, निम्न मध्यम वर्गीय के लिए भी है, नौजवानों का भी शहर है। शहरी गरीबों के लिए लगातार मकान बनाने का काम जारी है।

एक तरफ रहने की जगह मिले, दूसरी तरफ ₹10 में भरपेट भोजन निम्न मध्यम वर्गीय को मिल जाए। अभी सौ केंद्र चल रहे हैं, लेकिन इन्हें और बढ़ाने पड़ेंगे। बड़े शहरों में भी जहां जरूरत होगी वहां ऐसे केंद्र बढ़ाते रहेंगे। कोई गरीब भूखा ना रहे ये हमारा संकल्प है।

शहरों में रोजगार की जरूरत है। शहरों में लोग रोजगार के लिए आते हैं। पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में धीरे-धीरे हर स्ट्रीट वेंडर को काम धंधा चलाने के लिए सबको लाभांवित करेंगे। स्ट्रीट वेंडर योजना में मप्र पहले नंबर एक पर है।

कालोनी विकास नियम 2021 के अंतर्गत जिनको अवैध कॉलोनी कहा जाता है उनको भी हम बिजली के वैध कनेक्शन देंगे। कॉलोनी विकास नियम 2021 के अंतर्गत जिनको अवैध कॉलोनी कहा जाता है उनको भी हम बिजली के वैध कनेक्शन देंगे।

भवन अनुज्ञा, मकान बनाने की परमीशन की सीमा पहले तीस दिन थी अब घटाकर 15 दिन कर दी है, जिससे लोगों को दिक्कत ना हो।

अनेक नए इनिशिएटिव शुरू करने का फैसला किया है। कुपोषण दूर करने के लिए हमने मूंग वितरण करने का फैसला किया है। हम 6 सौ करोड़ से ज्यादा का मूंग बच्चों को बांट रहे हैं। अब ये मूंग दाल सभी राशन की दुकानों से निरंतर बटेगी।

बेटियों की शादी का अभियान हमने शुरू किया है। हमने ₹55 हजार का प्रावधान कर दिया है। बेटी की शादी धूमधाम से होती है। संबल योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का अभियान प्रारंभ हो रहा है। इसमें भी आप भाग लें।

इस दशक के अंत तक देश में 6जी सर्विस शुरू होगी

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि इस दशक के अंत तक देश में 6जी सर्विस शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार की ओर से कोशिशें आरंभ हो गई हैं। देश में 3जी और 4जी सेवा उपलब्ध है और अगले कुछ महीनों में 5जी सेवा की शुरुआत किए जाने की तैयारी है। ट्राई के सिल्वर जुबली समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि अगले डेढ़ दशकों में 5जी से देश की अर्थव्यवस्था में 450 अरब डॉलर का योगदान होने वाला है और इससे देश की प्रगति और रोजगार निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में संपर्क यानी कनेक्टिविटी देश के विकास की गति को निर्धारित करेगी।

21वीं सदी में कनेक्टिविटी ही तय करेगी विकास की रफ्तार
उन्होंने कहा, ‘21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी, देश की प्रगति की गति को निर्धारित करेगी। इसलिए हर स्तर पर कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाना ही होगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी देश के शासन में, जीवन की सुगमता में और व्यापार की सुगमता में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है तथा इससे खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना और हर क्षेत्र में प्रगति को बल मिलेगा। एक अनुमान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘आने वाले डेढ़ दशकों में 5जी से भारत की अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का योगदान होने वाला है। इससे प्रगति और रोजगार निर्माण की गति बढ़ेगी।’

एक दौर था, जब भ्रष्टाचार के लिए बनी थी सरकार की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्द से जल्द 5जी बाजार में आए, इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘इस दशक के अंत तक 6जी सेवा आरंभ हो पाए, इसके लिए एक टास्क फोर्स ने काम करना शुरू कर दिया है।’ मोदी ने 2जी को हताशा और निराशा का पर्याय बताते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और कहा कि वह कालखंड भ्रष्ट्राचार और नीतिगत पंगुता के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा, ‘इसके बाद 3जी, 4जी, 5जी और 6जी की तरफ तेजी से हमने कदम बढ़ाए हैं। ये बदलाव बहुत आसानी और पारदर्शिता से हुए और इसमें ट्राई ने बहुत भूमिका निभाई।’

पीएम मोदी ने लॉन्च किया 5जी टेस्ट बेड
प्रधानमंत्री ने इस अवसर एक डाक टिकट भी जारी किया और आईआईटी मद्रास के नेतृत्व में कुल आठ संस्थानों द्वारा बहु-संस्थान सहयोगी परियोजना के रूप में विकसित 5जी टेस्ट बेड की भी शुरुआत की। इस परियोजना से जुड़े शोधार्थियों और संस्थानों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे देश को अपना, खुद से निर्मित 5जी टेस्ट बेड राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला है। ये दूरसंचार क्षेत्र में क्रिटिकल और आधुनिक टेक्नॉलॉजी की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक अहम कदम है।’ मोदी ने कहा कि 5जी के रूप में जो देश का अपना 5जी मानदंड बनाया गया है, वह देश के लिए बहुत गर्व की बात है और यह देश के गांवों में 5जी प्रौद्योगिकी पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई तक सुनवाई स्थगित

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नई दिल्ली : काशी में ज्ञानवापी मस्जिद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और कहा कि यदि वहां कोई शिवलिंग है तो हम कहते हैं कि डीएम यह सुनिश्चित करें कि मुसलमानों के प्रार्थना करने के अधिकार को प्रभावित किए बिना शिवलिंग की रक्षा की जाए. हम नोटिस जारी कर रहे हैं. और निचली अदालत को निर्देश देना चाहते हैं कि जहां शिवलिंग मिला है, उस जगह को सुरक्षित रखा जाए. लेकिन, लोगों को नमाज से ना रोका जाए.

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वजूखाने में शिवलिंग मिला है, जो हाथ-पैर धोने की जगह है. नमाज की जगह अलग होती है. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी है.

कोर्ट ने कहा कि हम निचली अदालत को आपकी याचिका का निपटारा करने का निर्देश देते हैं. इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि लेकिन आप परिसर को कैसे सील करते हैं? आप यथास्थिति को बदल रहे हैं. यह हमें सुने बिना IA में पास हो गया है. ये सभी अवैध आदेश हैं. यह हमारी बात सुने बिना संपत्ति को सील करने जैसा है. आप मस्जिद में नमाज की जगह को भी सीमित कर रहे हैं.

स्थानीय कोर्ट को कोई आदेश नहीं देना था: मुस्लिम पक्ष

मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वाराणसी की अदालत को मामले में कोई आदेश नहीं देना चाहिए था. सिविल प्रक्रिया में कहा गया है कि यदि अपील दायर है तो वाद पर विचार नहीं किया जा सकता है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि दीवानी अदालत को किसी भी आगे की कार्यवाही से पहले मामले की स्थिरता पर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने का निर्देश दिया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में निचली अदालत में सुनवाई चल रही है.

ज्ञानवापी परिसर सील करने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में यह भी बताया कि परिसर को सील करने का अदालत का आदेश ‘काफी जगह के धार्मिक केरेक्टर को बदल रहा है’, जो पूजा स्थल अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले का उल्लंघन करता है. सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने भी परिसर को सील करने के सिविल कोर्ट के सोमवार के आदेश के खिलाफ एक याचिका दायर की है.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मीटिंग बुलाई

इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी कार्यकारी समिति की आज ही बैठक बुलाई है. इसमें सभी सदस्यों से जूम के जरिए बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है. इस मीटिंग में ज्ञानवापी, टीपू सुल्तान मस्जिद समेत देश के मौजूदा मसलों पर चर्चा की जाएगी. ये बैठक शाम 7 बजे रखी गई है.

इसके अलावा, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भविष्य की कार्रवाई के बारे में फैसला लेगा. बोर्ड का कहना है कि असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी ने मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने का अभियान चलाया है.

बता दें कि ज्ञानवापी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इससे पहले ज्ञानवापी केस में आज वाराणसी कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 2 दिन का वक्त मांगा है, जिस पर कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. सर्वे पूरा हो गया, लेकिन अभी रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने से पहले हिंदू पक्ष ने मस्जिद के बाकी हिस्सों के सर्वे की मांग कर दी है. मंगलवार को याचिका दायर करते हुए कथित शिवलिंग के चारों ओर की दीवार को हटाने और पूरब दीवार को खोलने की मांग की गई. इस पर कोर्ट का फैसला नहीं आया.

वाराणसी कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट सब्मिट करने के मसले पर सुनवाई चल रही है. याचिकाकर्ता सीता साहू और मीनू व्यास और रेखा पाठक ने कथित शिवलिंग के चारों ओर बनी दीवार को हटाने की मांग की. उनका कहना है कि शिवलिंग के चारों तरफ की दीवार हटाई जाए, क्योंकि शक है कि उसको (शिवलिंग) सीमेंट और पत्थरों से जोड़ दिया गया है.

वहीं, ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, लेकिन मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह फव्वारा है. दरअसल ज्ञानवापी में जिस जगह शिवलिंग मिलने का दावा किया है, वहां का वीडियो सामने आया है. ज्ञानवापी का ये वीडियो पुराना जरूर है, लेकिन उसी जगह का है, जिसे लेकर अपने-अपने दावे हो रहे हैं. हिंदू पक्ष इसे शिवलिंग बता रहा है, जो 3 फीट ऊंचा है और व्यास 12 फीट 8 इंच है. हालांकि, विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने साफ किया है कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह सर्वे के दिन का नहीं है, यह पहले का हो सकता है.