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स्टील सेक्टर को लेकर CM साय का बड़ा निर्देश, डाउनस्ट्रीम और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस

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छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में उत्पादित स्टील का अधिकतम मूल्य संवर्धन राज्य के भीतर ही करने पर जोर दिया है। ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य को केवल लौह अयस्क और स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना होगा।

स्टील से तैयार हों ऑटो, रेलवे और रक्षा क्षेत्र के उत्पाद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में तैयार होने वाले स्टील को प्राथमिक रूप में बाहर भेजने के बजाय यहीं ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जाना चाहिए। इससे उद्योगों की पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ग्रीन स्टील पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम में ग्रीन स्टील के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से कम कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ग्रीन स्टील की मांग आने वाले समय में बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ की बिजली उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक दरें ऊर्जा-आधारित उद्योगों के लिए प्रदेश को मजबूत स्थिति में रखती हैं।

₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ के दौरान प्रदेश को करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का जोर निवेश को केवल पूंजी तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय रोजगार और औद्योगिक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर है।

18 महीनों में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें पारंपरिक खनन और इस्पात क्षेत्र के साथ-साथ AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्र भी शामिल हैं।

नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर जोर
राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राजनांदगांव में करीब 306 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) विकसित किया जा रहा है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश और करीब 9,000 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नीतियां स्पष्ट और प्रक्रियाएं पारदर्शी रखी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर तैयार करना है।

बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव का संबोधन, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर दिया जोर

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के किसानों को कृषि क्षेत्र की रीढ़ बताते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन और उत्पादकता दोनों को बढ़ाया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती के साथ-साथ कृषि आधारित अन्य गतिविधियों से भी जोड़ा जाए।

किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक उपकरणों और बेहतर उत्पादन पद्धतियों की जानकारी देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में कृषि से जुड़े विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने भी किसानों को विभिन्न योजनाओं और तकनीकों के बारे में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को बदलते समय के साथ नई तकनीकों को अपनाना होगा। इससे खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।

कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों की समृद्धि और प्रदेश के कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के संकल्प पर भी चर्चा हुई।

किसानों के लिए योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर फोकस
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने किसानों को फसल उत्पादन, कृषि यंत्रों, सिंचाई, उन्नत बीज और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और उन्हें खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग मिले। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जागरूक करने के साथ कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं से परिचित कराना भी रहा।

बार काउंसिल ने वापस लिया अपना आदेश, CJI का विरोध करने वाले छात्रों पर से हटाई एनरोलमेंट रोक

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अपने फैसले से यू-टर्न लेते हुए हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स के एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट पर लगाई गई रोक हटा दी है। यह फैसला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने के विरोध से जुड़े विवाद के बीच लिया गया है।

दरअसल, BCI ने पहले सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया था कि NALSAR के 2026 बैच के किसी भी लॉ ग्रेजुएट को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न किया जाए। साथ ही यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की पहचान करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई थी, जो CJI की दीक्षांत समारोह में भागीदारी के विरोध में चलाए गए अभियान में प्रमुख रूप से शामिल थे।

हालांकि, बाद में BCI ने मामले पर विचार-विमर्श के बाद अपने पुराने निर्देश में बदलाव कर दिया। काउंसिल ने कहा कि उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक NALSAR के 2026 बैच के ज्यादातर छात्र इस मामले में निर्दोष हैं और वे विरोध अभियान में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। ऐसे में सभी छात्रों को अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल होने का अधिकार दिया गया है।

BCI ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने तक छात्रों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले के बाद NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को बड़ी राहत मिली है और उनके वकालत के करियर पर मंडरा रहा तत्काल संकट फिलहाल टल गया है।

‘आवारापन 2’ की रिलीज से पहले धुआंधार कमाई, एडवांस बुकिंग ने चौंकाया

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‘आवारापन 2’ ने सिनेमाघरों में दस्तक देने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इमरान हाशमी और दिशा पाटनी स्टारर इस फिल्म की एडवांस बुकिंग को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होने जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज से पहले ही ‘आवारापन 2’ की एडवांस बुकिंग से इतनी कमाई हो चुकी है कि इसने 2007 में रिलीज हुई पहली फिल्म ‘आवारापन’ की पूरी लाइफटाइम बॉक्स ऑफिस कमाई को पीछे छोड़ दिया है। ओपनिंग डे के लिए फिल्म के 1.30 लाख से ज्यादा टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है।

करीब 18 साल बाद आ रहे इस सीक्वल को लेकर इमरान हाशमी के फैंस में खासा उत्साह नजर आ रहा है। एडवांस बुकिंग के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि फिल्म रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत कर सकती है।

‘आवारापन 2’ का मुकाबला स्वतंत्रता दिवस वीकेंड पर सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से भी है। ऐसे में दोनों फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस पर दिलचस्प टक्कर देखने को मिल सकती है।

हरियाली तीज पर इन फूलों से करें शिव-पार्वती का श्रृंगार, पूजा का मिलेगा शुभ फल

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हरियाली तीज का पर्व इस साल 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसलिए हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

पूजा के दौरान भगवान शिव को जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित किए जाते हैं, जबकि माता पार्वती को सुहाग सामग्री के साथ फूल चढ़ाने की परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की कामना की जाती है।

माता पार्वती को चढ़ाएं लाल गुड़हल या गुलाब
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज पर माता पार्वती को लाल गुड़हल या लाल गुलाब का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा में इन फूलों को श्रद्धापूर्वक चढ़ाकर माता पार्वती से अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।

भगवान शिव को अर्पित करें बेलपत्र और पुष्प
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व माना जाता है। इसके साथ पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है। इसके बाद माता पार्वती को फूल, कुमकुम, मेहंदी और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।

श्रद्धा से करें पूजा
हरियाली तीज का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना है। इसलिए पूजा में सामग्री से अधिक महत्व भक्ति और श्रद्धा का माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने वाली महिलाएं अपने दांपत्य जीवन की सुख-शांति और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं, जबकि अविवाहित लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की प्रार्थना करती हैं।

पीपलकोटी में बड़ा हादसा, THDC टनल धंसने से 3 की मौत; 10 मजदूर घायल

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उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। टनल में अचानक मलबा और पानी घुसने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।

बताया जा रहा है कि टनल में भूस्खलन के बाद मलबा और पानी तेजी से अंदर पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ के अंदर फंसे होने की सूचना थी।

हादसे में घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रखा गया है। उत्तराखंड सरकार भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

2027 वर्ल्ड कप पर डेविड मिलर की नजर, खिताब जीतकर संन्यास लेने की जताई इच्छा

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दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी बल्लेबाज डेविड मिलर ने अपने करियर के भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। मिलर की नजर 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप पर है और वह इस टूर्नामेंट को अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के शानदार अंत के रूप में देख रहे हैं।

मिलर ने कहा कि वह 2027 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलना चाहते हैं और इस टूर्नामेंट को जीतकर अपने करियर का अंत करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने अपने घर में वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने की इच्छा भी जाहिर की है।

2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किया जाएगा। ऐसे में दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए घरेलू परिस्थितियों में खिताब जीतने का यह बड़ा मौका होगा। मिलर भी इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं।

मिलर का यह बयान उनके संन्यास की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं है, बल्कि उन्होंने 2027 वर्ल्ड कप के बाद अपने करियर को विराम देने की इच्छा जाहिर की है। अगर दक्षिण अफ्रीका इस टूर्नामेंट में चैंपियन बनता है, तो मिलर के लिए यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का यादगार अंत हो सकता है।

स्वतंत्रता दिवस पर यूपी के मंत्रियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी, CM योगी लखनऊ में फहराएंगे तिरंगा

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उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के बीच योगी सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंप दी है। 15 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी ध्वजारोहण करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होकर तिरंगा फहराएंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रयागराज और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को शाहजहांपुर, सूर्य प्रताप शाही को देवरिया, स्वतंत्र देव सिंह को गोरखपुर, बेबी रानी मौर्य को आगरा, लक्ष्मी नारायण चौधरी को मथुरा और जयवीर सिंह को मैनपुरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा धर्मपाल सिंह को बरेली, नंद गोपाल गुप्ता नंदी को प्रतापगढ़, अनिल राजभर को वाराणसी, राकेश सचान को कानपुर देहात और अरविंद कुमार शर्मा को मऊ में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी जिलों में भव्य और व्यवस्थित कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की है। मंत्रियों को जिलों की जिम्मेदारी दिए जाने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

अहमदाबाद में गूंजा मध्यप्रदेश के निवेश का संदेश, CM मोहन यादव ने उद्योगपतियों को बताईं राज्य की खूबियां

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद सत्र में प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से चर्चा की। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और राज्य की सुविधाओं को उद्योग जगत के सामने रखा। इस कार्यक्रम में गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं वाली भूमि है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश करने वालों को सरकार की ओर से हरसंभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

निवेशक संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, अनुकूल औद्योगिक नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विनिर्माण, ऊर्जा, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, केमिकल और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की।

अहमदाबाद में आयोजित संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में कुल 8,635 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5,785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के उद्योग जगत के पास अनुभव है और मध्यप्रदेश के पास अवसर; दोनों का मेल प्रदेश में विकास की नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।

मुख्यमंत्री निवास में हरेली की धूम, लोक परंपराओं और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सराबोर हुआ माहौल

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रायपुर के नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ का पहला लोकपर्व हरेली तिहार बुधवार को पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंगों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना की।

हरेली के मौके पर मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश की जीवंत झांकी के रूप में सजाया गया। यहां कृषि उपकरणों, लोक संस्कृति से जुड़े प्रतीकों और पारंपरिक गतिविधियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में मिट्टी की सोंधी महक, लोकगीत, मांदर की थाप और गेड़ी से जुड़े पारंपरिक रंग देखने को मिले।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है।

हरेली तिहार सावन अमावस्या के दिन मनाया जाता है और इसे छत्तीसगढ़ का पहला लोकपर्व माना जाता है। किसान इस दिन कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल, वर्षा, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हैं। गेड़ी चढ़ना और पारंपरिक खेल इस पर्व के प्रमुख आकर्षण हैं।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और ग्रामीण संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की।